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मध्य प्रदेश

बीएल संतोष और सीएम के बीच हुई बंद कमरे की मुलाकात से बढ़ी नेताओं की धड़कनें

Sep 1, 2025 2 min read
बीएल संतोष और सीएम के बीच हुई बंद कमरे की मुलाकात से बढ़ी नेताओं की धड़कनें
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मप्र की राजनीति अब नए दौर से गुजर रही है। प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर निगम-मंडलों की नियुक्ति होनी है। इतना ही नहीं मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की अटकलें भी तेज चल रही हैं। सोमवार को राष्ट्रीय महामंत्री भोपाल दौरे पर थे। इस दौरान उन्होने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के मुद्दे में पार्टी की तरफ से चलाए जाने वाले सेवा पखवाड़े पर चर्चा तो हुई ही लेकिन इस बीच प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर काफी विचार मंथन हुआ। इस बीच सीएम मोहन यादव प्रदेश कार्यालय पहुंचे तो सियासी सुइबुगाहट का दौर तेज हो गया। कुछ नेताओं की धड़कने उस वक्त और तेज हो गई जब सीएम मोहन यादव और बीएल संतोष बंद कमरे में चर्चा करते रहे। कमरे के बाहर चर्चाओं का दौर चलता रहा। लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। दरअसल उज्जैन में सिंघस्त के नाम पर जिस प्रकार से किसानों की जमीन का बंदरवाट किया जा रहा है उसकी भनक अब दिल्ली तक पहुंच गई यही कारण है कि दिल्ली नेतृत्व की तरफ से बीएल संतोष को भोपाल भेजा गया था। क्योंकि उज्जैन के विवाद अब भोपाल तक पहुंचने लगे हैं। लिहाजा मामले को विपक्ष न लपकने पाए इसलिए अब दिल्ली का नेतृत्व पूरे मामले का पटाक्षेप करना चाहता है। इसी लिए बीएल संतोष को दिल्ली से भोपाल भेजा गया। लेकिन कमरे के बाहर खड़े नेता यही अंदाजा लगाते नजर आ रहे थे कि मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा हो रही है। हांलाकि ऐसा भी नहीं है कि मंत्रिमंडल के लिए यहां पर कोई बात न हुई हो लेकिन हकीकत यह भी है कि इस मामले में भोपाल में सब क्लियर नहीं होने वाला है। यह सब मामले दिल्ली नेतृत्व की तरफ से ही निपटाए जाएंगे लेकिन कार्यकर्ता है कि सारी बैठकों और मुलाकातों को खुद से ही जोड़ कर देख रहे हैं।

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