Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

सरकार स्थिर है लेकिन जनता के मन में सरकार के प्रति 'अ' स्थिरता का भाव सीएम के खिलाफ 'नैरेटिव' सेट करने में कामयाब रहा विपक्ष

Jun 29, 2026 4 min read
सरकार स्थिर है लेकिन जनता के मन में सरकार के प्रति 'अ' स्थिरता का भाव सीएम के खिलाफ 'नैरेटिव' सेट करने में कामयाब रहा विपक्ष
ADVERTISEMENT
Font Size:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव सहित उनके परिवार पर लगे कथित जमीन खरीदी के आरोपों के बाद प्रदेश की जनता के मन में सरकार के प्रति 'अ' स्थिरता का भाव पनपने लगा है। गौरतलब है कि भाजपा के पास 164 विधायक हैं जबकि सरकार बनाने के लिए सिर्फ 116 विधायकों की जरुरत है। इस हिसाब से सरकार पूरी तरह स्थिर और मजबूत है। लेकिन जिस प्रकार से सीएम पर जमीन खरीदी के आरोप लगे और उनको हटाए जाने की खबर सुर्खियां बटोरने लगी उससे प्रदेश की जनता के मन में सरकार के प्रति अ-स्थिरता का भाव जन्म लेने लगा है। आज हर गली चौराहे में सिर्फ एक ही चर्चा हो रहा है कि सीएम बदलने वाला है। यहां तक कि राजनीतिक विश्लेषक जातीय आंकड़ों और राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से यह गुत्थी भी सुलझाते नजर आ रहे हैं कि अब अगला सीएम कौन होगा और किस वर्ग को पार्टी सीएम पद पर ला सकती है। एमपी में जब से भाजपा की सरकार बनी तो हर बार ओबीसी वर्ग के नेता को ही भाजपा ने सीएम बनाया है। लेकिन अब राजनीतिक विश्लेषकों के आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं। भाजपा जिन सामान्य वर्गों की पार्टी कही जाती थी आज वही सामान्य वर्ग भाजपा से अलग होता जा रहा है। खास कर बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद देश भर में न सिर्फ ब्राह्मण वर्ण बल्कि क्षत्रिय,कायस्थ और बनिया वर्ग भी खुद को भाजपा में असुरक्षित महसूस करने लगा है। देश भर में भाजपा के प्रति सामान्य वर्ग का बढ़ता अविश्वास अब एक अलग ही माहौल पैदा कर रहा है। जिस प्रकार से मध्य प्रदेश के मुखिया पर जमीन खरीदी का आरोप लगा वो जांच का विषय है। सच्चाई क्या है वो भी जांच में ही पता चलेगा लेकिन आज लोगों के मन में अगर कोई सवाल है तो वो ये है कि सीएम के तौर पर मोहन यादव बने रहेंगे या फिर उनकी छुट्टी होगी। सीएम के जमीन खरीदी मामले को लेकर सरकार और संगठन की ओर से चाहे कितनी भी सफाई दी जा रही हो लेकिन जनता के मन में यह बात घर कर गई हैं कि उनके सीएम पर लगे आरोप कहीं सत्य तो नहीं हैं। जनता सच्चाई जानना चाहती है। जनता के मन में अपने मुखिया के प्रति पनपता असंतोष आम नहीं है। क्योंकि अब तक सरकार और संगठन की तरफ से सीएम को लेकर जो भी सफाई दी गई वो नाकाफी साबित हुई है। हकीकत तो यह भी है कि भाजपा के कार्यकर्ता भी अब अपने मन में यह मान कर बैठे हैं कि कुछ तो दाल में काला है। क्योंकि सीएम मोहन यादव ने अब तक अपने बचाव में कुछ नहीं कहा है। लिहाजा प्रदेश की जनता के मन में ऐसे अनेकों सवाल तैर रहे हैं जिसका जवाब भाजपा अथवा सरकार को देना होगा। सिर्फ सरकार स्थिर होने से मतलब नहीं होता जनता के मन में सरकार के प्रति स्थिरता का भाव होना चाहिए तभी प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ सकता है। क्योंकि घर के मुखिया के प्रति ही अगर परिवार में अविश्वास की स्थिति रहेगी तो परिवार के सदस्यों का काम करने में मन कैसे लगेगा। लिहाजा सरकार और संगठन को यह स्पष्ट करना होगा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं और सीएम में बदलाव नहीं होगा। अन्यथा प्रदेश की जनता यह मान कर बैठी है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद मध्य प्रदेश में सीएम बदला जा सकता है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस भले कमजोर है लेकिन जमीन खरीदी मामले में कांग्रेस ने सीएम के प्रति जो नैरेटिव सेट किया है वो भाजपा और उसकी सरकार के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। वहीं सत्ता के मद में चूर भाजपा के नेता खुद पर भले गर्व महसूस कर रहे हों लेकिन हकीकत तो यही है कि जनता के मन में सरकार के प्रति 'अ' स्थिरता का भाव जन्म ले चुका है जिसे पालने पोसने का काम विपक्ष पूरी सिद्दत के साथ कर रहा है।

ADVERTISEMENT

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT
सरकार स्थिर है लेकिन जनता के मन में सरकार के प्रति 'अ' स्थिरता का भाव सीएम के खिलाफ 'नैरेटिव' सेट करने में कामयाब रहा विपक्ष | मुखबिर MP