बीस मंत्रियों का भविष्य कैद दस मंत्रियों की किस्मत का आज होगा फैसला मंत्रिमंडल विस्तार में दिखेगा नतीजा

रविवार की रात मोहन सरकार के मंत्रियों के लिए काफी भारी रही। दरअसल मोहन सरकार अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे कर चुकी है और अब अगले चुनाव की तैयारी में जुट गई है। ऐसी स्थिति में सभी मंत्रियों के विभागों की समीक्षा की जा रही है। रविवार शाम से शुरु हुआ क्रम देर रात तक चला। मंत्रियों से जिस प्रकार से सवाल किए गए उससे एसी में बैठे मंत्रियों के पसीने छूट रहे थे। सवाल का जवाब देने से ज्यादा उनके दिमाग में यह डर समाया था कि उनका आगे क्या होगा। जिस प्रकार से सवाल पूछे गए हैं उसके आधार पर सभी मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट खराब है। पहले दिन बीस मंत्रियों का सीएम हाउस में साक्षात्कार हुआ है। प्रश्न पूछने वालों के पैनल में सीएम मोहन यादव,भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश,प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल थे। सभी मंत्रियों से एक-एक करके वन टू वन इंटरव्यू हुआ। सीएम हाउस में ऐसा माहौल क्रिएट किया गया था जैसे नौकरी पाने के लिए अभ्यर्थी अपनी पारी का इंतजार करते बैठे रहते हैं और एक दूसरे से पूछते हैं कि तुमसे क्या पूछा। कुछ ऐसे ही हालात रविवार को सीएम हाउस में देखने को मिले जहां एसी कमरों से निकले मंत्री अपना पसीना पोंछने नजर आ रहे थे और होंठों पर पपड़ियां जमीं नजर आ रहीं थीं। जिस प्रकार से सवाल पूछे गए उसके तहत पूछा गया कि प्रभार के जिलों में आपने क्या काम किया,कितनी बार दौरे पर गए,कितनी बार कोर कमेटी की बैठक की,कितनी बार जिला कार्यालय में बैठे,कितनी बार कार्यकर्ताओं से भेंट की,कितनी बार प्रभार के जिलों के सांसद,विधायकों के साथ बैठ कर भोजन किया और कितनी बार प्रभार के जिलों में रात्रि विश्राम किया। मंत्रियों से ये भी पूछा गया कि आपने अपने विभाग में ऐसा कोई नवाचार किया जिससे विभाग में कसावट आई हो और समाज में बदलाव दिखा हो। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार प्रश्न पूछने से पहले सभी मंत्रियों से एक पत्रक भी भरवाया गया था। उसी के आधार पर उन्हें सवाल जवाब भी किए गए। सीएम हाउस में शुरु दोपहर एक बजे से शुरु हुआ समीक्षा बैठकों का दौर कुल आठ घंटे तक चला। सरकार और संगठन की तरफ से आयोजित इस समन्वय समीक्षा में संगठन द्वारा दिए गए कामों की भी समीक्षा हुई। इंटरव्यू की शुरुआत डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल से हुई थी। वहीं लू लगने से बीमार हुए डिप्टी सीएम इस इंटरव्यू में शामिल नहीं हो पाए। रविवार को बीस मंत्रियों का साक्षात्कार हो चुका है बांकी के दस मंत्रियों से सवाल जवाब होना बांकी है। मुखबिरों से मिली जानकारी के अनुसार वन टू वन में मंत्रियों की बेहद खराब स्थिति पाई गई है। पूछे गए सवालों का मंत्री ठीक से जवाब भी नहीं दे पा रहे थे। बैठे तो ऐसी कमरे में थे लेकिन बार-बार पसीना पोंछने और पानी पीते नजर आ रहे थे। वन टू वन के डर से कुछ मंत्री बार-बार बाथरुम भी जाते पाए गए। गौरतलब है कि इस इंटरव्यू के बल पर ही मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ होगा। जिनकी परफार्मेंस ठीक नहीं होगी उनकी छुट्टी होना तय माना जा रहा है। फिलहाल सभी के नतीजे गुप्त रखे गए हैं।
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