Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

बीस हजार भाजपा कार्यकर्ताओं को सहकारिता में किया जाएगा समायोजित,प्रशासक और सदस्य बनने का मिलेगा मौका

• Aug 9, 2024• 2 min read
बीस हजार भाजपा कार्यकर्ताओं को सहकारिता में किया जाएगा समायोजित,प्रशासक और सदस्य बनने का मिलेगा मौका
ADVERTISEMENT
Font Size:

हर कार्यकर्ता को विधायक और सांसद नहीं बनाया जा सकता इस लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक नई रणनीति तैयार की है| जिसके तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश सरकार ने सहकारी संस्थाओं में जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है| सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 20 हजार कार्यकर्ताओँ को विभिन्न स्तरों पर समायोजित किया जाएगा| 4,523 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में प्रशासक और सदस्यों के रुप में उनको मौका दिया जाएगा| इसी तरह 28 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, विपणन समितियां, राज्य सहकारी विपणन संघ और महासंघ में भी मौका मिलेगा| इसके लिए पार्टी ने जिलों के सहकारिता से जुड़े नेताओं से नाम मांगे हैं| प्रदेश में सहकारी संस्थाओं के चुनाव साल 2013 के बाद से नहीं हुए हैं| 2018 के बाद प्राथमिक से लेकर शीर्ष सहकारी संस्थाओं में सहकारिता विभाग के अधिकारी प्रशासक हैं| सहकारी अधिनियम में छह माह और विशेष परिस्थिति में इस अवधि को एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है लेकिन चुनाव नहीं होने के कारण अधिकारी प्रशासक बने हुए हैं| अब सरकार ने तय किया है कि अशासकीय व्यक्तियों को प्रशासक और सदस्य बनाया जाएगा| इसके लिए पार्टी से प्रत्येक संस्था के लिए तीन-तीन नाम मांगे गए हैं| इसमें उन लोगों को शामिल किया गया है जो सहकारिता से जुड़े हुए हैं और उन्हे चुनाव लड़ने का अनुभव रहा है| इन्ही के नेतृत्व में आगामी चुनाव कराया जाएगा| ये ही सदस्य सूची तैयार कराएंगे और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए उन कार्यकर्ताओँ को तैयार करेंगे,जिन्हे चुनाव लड़ाया जाना है| प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में एक प्रशासक और उसकी सहायता के दो या तीन सदस्य बनाए जाएंगे| इसी तरह जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक और अपेक्स बैंक में भी प्रशासक के साथ पांच या छह सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी| सही व्यवस्था 450 विपणन समितियों और राज्य सहकारी विपणन संघ के लिए रहेगी|  

ADVERTISEMENT

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT