'कमलनाथ को अपने नेताओं पर नहीं भरोसा' निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलते ही कमल नाथ के पास होगा जमा
आपरेशन लोटस (operation lotus) एमपी में फिर ना हो इसलिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ी रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की इस रणनीति का यह मतलब भी निकाला जा रहा है कि पीसीसी चीफ कमल नाथ (kamal nath) को अपने नेताओं पर भरोसा नहीं है। यह कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी 230 प्रत्याशियों को फरमान जारी कर निर्देश जारी किया गया है कि मतगणना समाप्त होते ही प्रमाण पत्र को पीसीसी कमलनाथ के पास जमा कराना होगा। मतलब साफ है कि कांग्रेस के जितने संभावित विजेता हैं उनकी जीत होते ही उनको भोपाल आकर अपने प्रमाण पत्र पीसीसी चीफ कमलनाथ के हाथों में सौंपना पड़ेगा। जिससे भाजपा की तरफ से संपर्क करने के अथवा किसी भी लालच अथवा प्रलोभन देने के बाद भी कांग्रेस के विधायक भाजपा की तरफ न जाने पाएं। फिलहाल कांग्रेस के कंट्रोल रुम की तरफ से हर प्रत्याशियों से मिनट टू मिनट संवाद स्थापित किया जा रहा है जिससे उनके मन को समझने में दिक्कत न हो। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार हर जिलों में प्रदेश कांग्रेस की ओर से ऐसे पदाधिकारियों को निगरानी में तैनात किया गया है जिन्हे वहां के स्थानीय नेता अथवा प्रत्याशी ना पहचानते हैं। खैर मतगणना कल है लेकिन कांग्रेस इस बार किसी प्रकार का मौका भाजपा को नहीं देना चाहती है यही कारण है कि कांग्रेस अलग-अलग तरीकों से अपने प्रत्याशियों की निगरानी कर रही है।

📷 kamal nath
आपरेशन लोटस (operation lotus) एमपी में फिर ना हो इसलिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ी रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की इस रणनीति का यह मतलब भी निकाला जा रहा है कि पीसीसी चीफ कमल नाथ (kamal nath) को अपने नेताओं पर भरोसा नहीं है। यह कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी 230 प्रत्याशियों को फरमान जारी कर निर्देश जारी किया गया है कि मतगणना समाप्त होते ही प्रमाण पत्र को पीसीसी कमलनाथ के पास जमा कराना होगा। मतलब साफ है कि कांग्रेस के जितने संभावित विजेता हैं उनकी जीत होते ही उनको भोपाल आकर अपने प्रमाण पत्र पीसीसी चीफ कमलनाथ के हाथों में सौंपना पड़ेगा। जिससे भाजपा की तरफ से संपर्क करने के अथवा किसी भी लालच अथवा प्रलोभन देने के बाद भी कांग्रेस के विधायक भाजपा की तरफ न जाने पाएं। फिलहाल कांग्रेस के कंट्रोल रुम की तरफ से हर प्रत्याशियों से मिनट टू मिनट संवाद स्थापित किया जा रहा है जिससे उनके मन को समझने में दिक्कत न हो। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार हर जिलों में प्रदेश कांग्रेस की ओर से ऐसे पदाधिकारियों को निगरानी में तैनात किया गया है जिन्हे वहां के स्थानीय नेता अथवा प्रत्याशी ना पहचानते हैं। खैर मतगणना कल है लेकिन कांग्रेस इस बार किसी प्रकार का मौका भाजपा को नहीं देना चाहती है यही कारण है कि कांग्रेस अलग-अलग तरीकों से अपने प्रत्याशियों की निगरानी कर रही है।
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भारत ने पाकिस्तान को पछाड़ा,आस्ट्रेलिया पर बनाई अजेय बढ़त
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