विधानसभा में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन,नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों के प्रटोकाल पर उठाया सवल
मप्र वाधानसभा (mp vidhan sabha) में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम ओम बिड़ला (om birla) के अलाव उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाले प्रबोधन कार्यक्रम में नए चुन कर आए विधायकों को विधानसभा की बारीकियों के बारे में बताया जाना है। प्रबोधन के माध्यम से विधायकों को सदन में सवाल करने की ट्रेनिंग भी दी जानी है। प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने (umang singhar) कुछ गंभीर बातें कही हैं। उन्होने कहा कि अब विधायक विधानसभा में सवाल लगाते हैं तो अधिकारी कर्मचारी ठीक तरीके से जवाब नहीं देते। कुछ भी गलत जानकारी भेज देते हैं और उसी गलत जानकारी को संबंधित विभाग के मंत्री विधानसभा में प्रस्तुत कर देते हैं। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधायकों के प्रटोकाल में भी काफी लापरवाही बरती जा रही है। जातने विधायक आते हैं वो अपने क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधि हैं लिहाजा उनको सम्मान मालना जरुरी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ने भी प्रबोधन कार्यक्रम में विधायकों की सुख सुविधा के मामले का प्रबोधन में उल्लेख किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जो पुराने विधायक विश्राम गृह हैं वो अनुपयोगी हो चुके हैं लिहाजा अब उनकी जगह पर नए विधायक विश्राम गृह का निर्माण किया जाना चाहिए। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने सहस्त्र स्वीकार करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो मांग की है उसका पालन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

📷 MP Vidhansabha
मप्र वाधानसभा (mp vidhan sabha) में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम ओम बिड़ला (om birla) के अलाव उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाले प्रबोधन कार्यक्रम में नए चुन कर आए विधायकों को विधानसभा की बारीकियों के बारे में बताया जाना है। प्रबोधन के माध्यम से विधायकों को सदन में सवाल करने की ट्रेनिंग भी दी जानी है। प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने (umang singhar) कुछ गंभीर बातें कही हैं। उन्होने कहा कि अब विधायक विधानसभा में सवाल लगाते हैं तो अधिकारी कर्मचारी ठीक तरीके से जवाब नहीं देते। कुछ भी गलत जानकारी भेज देते हैं और उसी गलत जानकारी को संबंधित विभाग के मंत्री विधानसभा में प्रस्तुत कर देते हैं। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधायकों के प्रटोकाल में भी काफी लापरवाही बरती जा रही है। जातने विधायक आते हैं वो अपने क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधि हैं लिहाजा उनको सम्मान मालना जरुरी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ने भी प्रबोधन कार्यक्रम में विधायकों की सुख सुविधा के मामले का प्रबोधन में उल्लेख किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जो पुराने विधायक विश्राम गृह हैं वो अनुपयोगी हो चुके हैं लिहाजा अब उनकी जगह पर नए विधायक विश्राम गृह का निर्माण किया जाना चाहिए। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने सहस्त्र स्वीकार करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो मांग की है उसका पालन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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