बेरोजगार जनसेवा मित्रों ने दिया धरना,न्याय के लिए सीएम हाउस गए तो पुलिस ने लाठियां बरसाई
शनिवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में हजारों की संख्या में जनसेवा मित्र (janseva mitra) न्याय की आस लेकर धरने पर बैठे। दरअसल जनसेवा मित्रों की तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) के द्वारा ज्वाइनिंग कराई गई थी। प्रदेश के हर जिलों में पदस्थ जनसेवा मित्रों से सरकार जनहित की योजनाओं को कराने का काम करती थी। लेकिन जनवरी के महीने में जनसेवा मित्रों का अनुबंध खत्म हो गया और वो बेरोजगार हो गए। बेरोजगारी से आर्थिक तंगी की मार झेल रहे जनसेवा मित्रों ने राजधानी के जंबूरी मैदान में दिन भर धरना दिया। और जब वहां उनकी खोई खोज खबर लेने नहीं पहुंचा तो हजारों की संख्या में मौजूद जनसेवा मित्रों ने सीएम हाउस की तरफ कूंच कर दिया।सीएम हाउस की तरफ जा रहे सभी कर्मचारियों को रास्ते में पुलिस ने पहले रोकने का प्रयास किया जब वो नहीं माने तो पुलिस ने उन जनसेवकों पर हल्का बल प्रयोग भी किया जिसके कारण उन्हे खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। गौरतलब है की जनसेवा मित्र के रुप में काम कर रहे इन कर्मचारियों से लाड़ली बहन योजना के साथ-साथ अन्य योजनाओं के लाभ दिलाना एवं उसकी जानकारी लोगों को प्रदान करना उनके डॉक्यूमेंट की केवाईसी करना जैसे काम दिया जाता था। राज्य सरकार के दमनकारी नीति के कारण फिलहाल जनसेवा मित्रों ने अपने कदम पीछे कर लिया है लेकिन वो जल्द भी एक बड़ा जन आंदोलन सरकार के खिलाफ करने की योजना बना रहे हैं।

शनिवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में हजारों की संख्या में जनसेवा मित्र (janseva mitra) न्याय की आस लेकर धरने पर बैठे। दरअसल जनसेवा मित्रों की तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) के द्वारा ज्वाइनिंग कराई गई थी। प्रदेश के हर जिलों में पदस्थ जनसेवा मित्रों से सरकार जनहित की योजनाओं को कराने का काम करती थी। लेकिन जनवरी के महीने में जनसेवा मित्रों का अनुबंध खत्म हो गया और वो बेरोजगार हो गए। बेरोजगारी से आर्थिक तंगी की मार झेल रहे जनसेवा मित्रों ने राजधानी के जंबूरी मैदान में दिन भर धरना दिया। और जब वहां उनकी खोई खोज खबर लेने नहीं पहुंचा तो हजारों की संख्या में मौजूद जनसेवा मित्रों ने सीएम हाउस की तरफ कूंच कर दिया।सीएम हाउस की तरफ जा रहे सभी कर्मचारियों को रास्ते में पुलिस ने पहले रोकने का प्रयास किया जब वो नहीं माने तो पुलिस ने उन जनसेवकों पर हल्का बल प्रयोग भी किया जिसके कारण उन्हे खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। गौरतलब है की जनसेवा मित्र के रुप में काम कर रहे इन कर्मचारियों से लाड़ली बहन योजना के साथ-साथ अन्य योजनाओं के लाभ दिलाना एवं उसकी जानकारी लोगों को प्रदान करना उनके डॉक्यूमेंट की केवाईसी करना जैसे काम दिया जाता था। राज्य सरकार के दमनकारी नीति के कारण फिलहाल जनसेवा मित्रों ने अपने कदम पीछे कर लिया है लेकिन वो जल्द भी एक बड़ा जन आंदोलन सरकार के खिलाफ करने की योजना बना रहे हैं।
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