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सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर भाजपा में विद्रोह,सभी ने स्थानीय उम्मीदवार की उठाई मांग,बात नहीं मानी तो होंगे सामूहिक इस्तीफे
हाल ही में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के नाती सिद्धार्थ (राज) तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल स्थिति भाजपा कार्यालय में भाजपा की सदस्यता ली है। सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हे भाजपा त्योंथर से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर रकती है। और यही कारण है कि त्योंथर विधानसभा के सभी भाजपा पदाधिकारियों ने बगावती तेवर अपनाते हुए इस्तीफा देने का मन बना लिया है। गुरुवार को त्योंथर भाजपा के तीनों मंडल अध्यक्षों सहित ब्लाक के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने वर्तमान विधायक श्यामलाल द्विवेदी (Shyamlal Dwivedi) के निवास पर बैठक की थी। बैठक में सभी ने प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ,सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के नाम पर एक आवेदन तैयार किया है जिसमें उन्होने लिखा है कि कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए सिद्धार्थ तिवारी और उनके परिवार ने भाजपा और RSS के विरुद्ध हमेशा काम किया है। तिवारी खानदान के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध बहुत सारे प्रकरण दर्ज कराने के साथ-साथ प्रताड़ित भी किया गया था। पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर मांग करते हुए कहा है कि उन्हे स्थानीय और पार्टी के किसी मूल कार्यकर्ता में से ही उम्मीदवार का चयन करके दिया जाना चाहिए। बैठक में मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी,जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा प्रशांत पाठक,कौशलेश तिवारी जिला कार्यकारिणी सदस्य,विभव कुमार जायसवाल,अध्यक्ष नगर परिषद चाकघाट। सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए और सभी ने एकमत होते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मूल और स्थानीय कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जाना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर सभी पदाधिकारी सामूहिक रुप से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होंगे। पत्र की जानकारी सभी पदाधिकारियों ने मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को भी दी है,बैठक के दौरान मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को फोन लगाया गया और उन्हे बताया गया कि सिद्धार्थ तिवारी को टिकट दिया जाता है तो भाजपा के मूल कार्यकर्ता भाजपा के उम्मीदवार का साथ नहीं देंगे।

'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र
विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता के नाम पर एक पत्र भेजा है (PM Modi letter)। पत्र में पीएम मोदी ने बड़े ही भावनात्मक तरीके से बीजेपी सरकार के बीस साल का जिक्र करते हुए लिखा है कि मप्र बीमारु राज्य के अपने अतीत से निकल कर सशक्त,समृद्ध और स्वाबलंबी बना है (MP Government)। मोदी आगे लिखते हैं कि पिछले 20 वर्षो से जो भरोसा आपने हम पर दिखाया है उसके चलते मध्यप्रदेश टॉप टेन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में हुए पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण,16 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर,65 लाख से अधिक घरों में नल से जल,28 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन को देख कर मुझे गर्व होता है। यह 20 वर्ष न सिर्फ मध्य प्रदेश के विकास रहे हैं बल्कि यह आपके हम पर विश्वास के भी रहे हैं। आज मध्य प्रदेश का विकास मॉडल (MP model) पूरे देश के लिए गरीब कल्याण महिला उत्थान एवं समग्र प्रोत्साहन का मॉडल बन गया है। पीएम मोदी के इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर पहुंचेंगे और पीएम मोदी का भावनात्मक पत्र लोगों को देकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और यही कारण है कि पीएम मोदी के नाम पर यह पत्र हर घर में भेजा जा रहा है जिससे जनता पीएम मोदी के ऊपर विश्वास करके एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने में मदद करे (MP Elections)।

'अबकी बार फिर भाजपा सरकार' रथ होंगे 50 हजार,'विकास की बात करेंगे बार-बार
भारतीय जनता पार्टी ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय से हाईटेक रथों को प्रदेश के हर जिलों के लिए रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने हाईटेक रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है । इसके अलावा सामूहिक एवं वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा संभागीय मुख्यालयों से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर हाईटेक प्रचार रथों (BJP hitech rath) को रवाना किया गया है। भारतीय जनता पार्टी हाईटेक रथों से प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों के गांव-कस्बों, गली-मोहल्लों में डबल इंजन की सरकार के विकास, गरीब कल्याण और जन हितैषी कार्यों को जनता को बताने के साथ आगामी पांच वर्षों में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी जनता को बताएगी। पार्टी प्रतिदिन लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान 10 रथ सभाएं करेगी। प्रदेश भर में प्रतिदिन लगभग 2300 रथा सभाओं के जरिए भाजपा जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएगी। पूरे चुनाव प्रचार की अवधि में प्रदेश में करीब 50 हजार रथ सभाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होना है उसके पहले भाजपा इन रथों के माध्यम से यह बताने का प्रयास करेगी कि भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है (MP Elections)। रथों के माध्यम से भाजपा 2003 से अब तक के विकास कार्यों को तो बताएगी ही साथ में 2003 से पहले यानि दिग्विजय सरकार के दौरान की सड़कें, और बिजली ब्यवस्थाओं के बारे में भी आज के युवा वोटरों को बताया जाएगा कि भाजपा से पहले प्रदेश की क्या स्थिति हुआ करती थी।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

सिद्धार्थ तिवारी के बीजेपी ज्वाइन करते ही 'इस्तीफों' की झड़ी,राजेन्द्र शुक्ला के पास पहुंचे मंडल अध्यक्ष
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने ली बीजेपी की सदस्यता,त्योंथर से लड़ेंगे चुनाव
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के पोते और सुंदरलाल तिवारी (Sundar Lal Tiwari) के बेटे सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सिद्धार्थ तिवारी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने पार्टी का अंग वस्त्र पहनकर भाजपा की सदस्यता दिलाई है। इस दौरान सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि वह भाजपा की विकास गाथा से प्रभावित होकर भाजपा में आए हैं। सिद्धार्थ तिवारी ने कहा की उन्होंने 2003 का दौर देखा है और 2023 का दौर भी देख रहे हैं। पहले सड़कों में सिर्फ गड्ढे हुआ करते थे और आज की नेशनल हाईवे सबके सामने है। हालांकि सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन यह बातें मानी जा रही है कि वह रीवा की त्योंथर विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अभी तक भाजपा ने त्योंथर से भाजपा ने अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है और कांग्रेस पार्टी त्योंथर से रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) का ऐलान कर चुकी है।

भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'
प्रदेश की 94 वे सीटें भाजपा के गले की फांस बनती चली जा रही हैं (MP Elections)। भाजपा ने अब तक चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है लेकिन 94 वे सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आकर ठहर गया है (bjp candidate list)। क्योंकि पार्टी के पास दावेदार हैं कार्यकर्ता हैं लेकिन सूची जारी करने की हिम्मत नहीं है। दरअसल भाजपा ने पहली 39 नामों की सूची अगस्त के महीने में जारी की थी, दूसरी 39 नामों की सूची सितंबर के महीने में जारी की जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया, इस दौरान जिन दावेदारों के नाम काटे गए वो और उनके समर्थक बगावत के मूड में आ गए, तीसरी सूची में एक ही नाम आया जिसका जमकर विरोध हुआ, चौथी सूची 57 नामों की आई जिसमें ज्यादातर नेताओं को रिपीट कर दिया गया और यहां समझ में आया की भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व कितने डर में फैसले ले रहा है। अब 94 वे नामों पर भाजपा का लगातार मंथन चल रहा है जिसमें 27 हारी हुई भी सीटें शामिल हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा करीब 20 सिटिंग एमएलए के टिकट काटने के मूड में है क्योंकि उनकी परफॉर्मेंश ठीक नहीं बताई जा रही है। अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस दुविधा में है कि अगर इन सीटों पर विधायकों के नाम काटे गए तो पार्टी के कार्यकर्ता विद्रोह की स्थिति में आ जाएंगे और उन्हे डैमेज कंट्रोल करते-करते मतदान का समय आ जाएगा ऐसी स्थिति में भाजपा की तैयारियां कमजोर हो सकती हैं। हांलाकि अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जल्द ही फैसले लेने वाला है और माना जा रहा है कि एक दिन के अंदर भाजपा अपने बचे हुए 94 वे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी।

भाजपा स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में जुटी,फिल्म अभिनेता सन्नी देओल और गौतम गंभीर की बढ़ी मांग
मिशन 2023 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी इन दिनों स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में लगी है (BJP Star Campaigners)। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से हर उम्मीदवार से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं,भाजपा के उम्मीदवार जिन स्टार प्रचारकों को आने के लिए मांग करेंगे भाजपा का नेतृत्व उन्ही स्टार प्रचारकों से संपर्क कर चुनावी सभा के लिए बुलाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार गदर फिल्म रिलीज होने के बाद फिल्म अभिनेता और भाजपा सांसद सन्नी देओल (Sunny Deol) की स्टार प्रचारकों के रुप में डिमांड बढ़ गई है,दूसरे स्टार प्रचारकों में नाम क्रिकेटर गौतम गंभी (Gautam Gambhir) का आता है। इस वक्त क्रिकेट का विश्वकप भारत में ही चल रहा है (ICC Cricket World Cup)और उसकी खुमारी प्रदेश के हर गांव के युवाओं में जमकर चढी है उसका फायदा हर नेता उठाना चाहता है। युवाओं का रुझान क्रिकेट और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों की ओर काफी होता है। लिहाजा युवाओं के वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए भाजपा के उम्मीदवार गौतम गंभीर की मांग जमकर हो रही है। विधानसभा के इस चुनाव में भाजपा किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती है इसी लिए भाजपा की ओर से उम्मीदवारों से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं (MP Elections)। स्टार प्रचारकों की सूची में और कई चौकाने वाले नाम हैं जिसमें फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी (Hema Malini),सहित कई सेलीब्रिटी की मांग की जा रही है।

बसपा के वर्चश्व वाली 69 सीटों पर भाजपा की नजर
मप्र के विधानसभा चुनाव में बसपा हमेशा छुपी रुस्तम साबित होती रही है (bsp mp)। आंकड़ो के हिसाब से उसके पास सीटें एक या दो ही रहती हैं लेकिन प्रदेश में 69 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जिनमें बसपा का हमेशा वर्चश्व रहा है। जिसके कारण कांग्रेस और भाजपा को संतुलन बनाने में काफी दिक्कतें होती रही हैं। प्रदेश के एससी वर्ग का झुकाव भी बसपा की तरफ रहा है। प्रदेश में लगातार नौ फीसदी वोट भी बसपा को मिलता रहा है। कुछ सालों में बसपा के कमजोर होने से उसका वोट बैंक छिटकने लगा है लेकिन यह भाजपा को ना मिल कर कांग्रेस को जाता है। साल 2013 में भाजपा के पास एससी वर्ग की 28 सीटें थीं, जबकि साल 2018 में घट कर 18 रह गई। भाजपा की यही चिंता है, ऐसे में बसपा के वोट बैंक पर भाजपा की नजर लगातार बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए संत रविदास मंदिर (sant Ravidas) और सुमित्रा वाल्मीकि (Sumitra Valmiki) को राज्यसभा सदस्य बनाने जैसे निर्णय को प्रचारित कर भाजपा बसपा के वोट बैंक में सेंध लगा रही है। भाजपा ने साल 2018 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए और कुछ जातियों का साथ पाने के लिए इस वर्ग के कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उत्तरप्रदेश सहित मध्यप्रदेश में अहिरवार,चौधरी,साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट बैंक रही हैं। वर्ष 2023 के चुनाव में भी इनके वोट निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।इस बीच भाजपा ने बसपा के कई नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। भाजपा की चिंता यह है की उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश में अहिरवार, चौधरी, साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट रही है आप पार्टी के कमजोर पढ़ने के बाद भी यह जातियां बसपा को छोड़ कांग्रेस का साथ दे रही हैं। भाजपा ने इन जातियों के नेताओं को टिकट दिया तो भी जीत नहीं दिला पाई। ग्वालियर- चंबल और विंध्य में इन जातियों के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। यही कारण है कि अब बीजेपी इन जातियों का साथ पाने के लिए छोटे-छोटे नेताओं को तोड़ रही है। बसपा की पूर्व विधायक उषा चौधरी, सत्य प्रकाश सकवार जैसे नेताओं को भाजपा में शामिल कराया गया है। भिंड से बसपा विधायक संजीव कुशवाहा को भाजपा में शामिल तो कर लिया है लेकिन अभी उनका टिकट घोषित नहीं किया गया है। कांग्रेस भी एससी वोट के लिए पूरी कोशिश कर रही है। पार्टी ने वर्ष 2018 में बसपा से चुनाव लड़ने वाले कैलाश कुशवाहा को पहरी और सब सिंह गुर्जर को ग्वालियर ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है।

'शक्ति' के भरोसे भाजपा,प्रदेश भर में तीन दिनों तक आयोजित होंगे शक्ति सम्मेलन
नवरात्रि के मौके पर भारतीय जनता पार्टी शक्ति की आराधना करने जा रही है। मतलब प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी सभी दस हजार मंडलों में तीन दिवसीय शक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन का आगाज 17 अक्टूबर को होगा जिसका समापन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। कल 12 बजे प्रदेश के सभी दस हजार मंडलों में शक्ति सम्मेलन (Shakti Sammelan) की एकसाथ शुरुआत की जाएगी। अगले तीन दिन तक चलने वाले शक्ति सम्मेलनों में भाजपा के सभी दिग्गज एकसाथ जुटेंगे, जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे। शक्ति सम्मेलनों के माध्यम भाजपा 51% वोट के लक्ष्य को पाने की कोशिश करेगी जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रहने वाली है (mp women voters)। भाजपा इस सम्मेलन के माध्यम से एक बार फिर प्रदेश की जनता के बीच पहुंच कर उन्हे यह बताना चाहती है कि केन्द्र और राज्य की सरकार मिल कर उनके लिए क्या-क्या योजनाएं संचालित कर रही है और फिर से भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है।

विंध्य की राजधानी का चुनावी सर्वे: क्या कहता है विंध्य,अबकी बार किसकी सरकार...
मप्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीति पूरे शबाब पर है (MP Elections)। विंध्य में हर व्यक्ति यही बात कर रहा है अबकी बार किसकी सरकार। विंध्य की तासीर भी ऐसी है कि वहां का एक छोटा सा बच्चा भी राजनीति की बात करता है और उसका राजनीतिक ज्ञान भी कमाल का ही रहता है (Vindhya Range)। गांव में ठंड के सीजन में अलाव जलता है वहां बैठे लोग प्रदेश की राजनीति तय कर देते हैं वो यहां तक बता देते हैं कि इस बार प्रदेश का मुखिया कौन होगा। अब बात करते हैं विंध्य में कौन किस पर भारी पड़ सकता है (Vindhya Politics)। रीवा की त्योंथर विधानसभा सीट में बसपा अथवा भाजपा का वर्चश्व रहता है जब भी कांग्रेस और भाजपा ने त्योंथर से ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारा है तब हमेशा बसपा ने जीत दर्ज की है। पिछले दो चुनाव से बीजेपी ही जीत दर्ज कर रही है क्योंकि कांग्रेस रमाशंकर पटेल (कुर्मी) को अपना उम्मीदवार बना रही है। और इस चुनाव में फिर कांग्रेस ने भाजपा को वाकओवर देते हुए दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Rama Shankar Patel) को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतार दिया है। देवतालाव की बात करें तो कुर्मी बाहुल सीट है यहां से गिरीश गौतम (Girish Gautam) तीन बार से विधायक हैं लेकिन बसपा यहां से मजबूत रहती है यहां भी अगर भाजपा के बाद कांग्रेस ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारती है बसपा का उम्मीदवार देवतालाव से जीत दर्ज करता है। मनगंवा आरक्षित सीट है पहले श्रीनिवास तिवारी फिर गिरीश गौतम और अब पंचूलाल प्रजापति (Panchulal Prajapati) वहां से विधायक हैं माना जा रहा है कि गिरीश गौतम ने पंचूलाल प्रजापति को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी ली है इसलिए उन्हे भाजपा एक बार फिर टिकट दे सकती है। मऊगंज आम तौर पर कांग्रेस अथवा बसपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है यहां का मतदाता हमेशा चौकाने वाले फैसले करता है। कभी लक्ष्मण तिवारी (Laxman Tiwari) जैसे नेता लोकजन शक्ति पार्टी से चुनाव जीत जाते हैं तो कभी सुखेन्द्र सिंह बन्ना (Sukhendra Singh Banna) कांग्रेस से चुनाव जीत जाते हैं पिछली बार भाजपा उम्मीदवार प्रदीप पटेल (Pradeep Patel) ने मऊगंज से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनका भारी विरोध है,और माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता सुखेन्द्र सिंह बन्ना का दावा ज्यादा मजबूत है। गुढ़ की बात करें तो यहां से भाजपा उम्मीदवार नागेन्द्र सिंह (Nagendra Singh) जीतते रहे हैं और इस चुनाव में उन्होने फिर दावा ठोंक रखा है कांग्रेस की तरफ से कपिध्वज सिंह (Kapidhwaj Singh) का टिकट फायनल हो चुका है,दोनों तरफ से ठाकुर नेता होने के कारण यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। सिरमौर से बीजेपी की तरफ से दिब्यराज सिंह (Divyaraj Singh) हैं जो दो बार के विधायक हैं,यहां से तीन ब्राम्हण चुनाव मैदान में हैं इसलिए माना जा रहा है कि दिब्यराज एकबार फिर फतह हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं।

कांग्रेस में 'धारा 144 लागू' 96 वे विधायकों में 69 को मिला टिकट,सूची में मजबूत उम्मीदवारों की कमी
कांग्रेस पार्टी ने 144 नामों की सूची जारी करते हुए धारा 144 की यादों को ताजा कर दिया है (Congress Candidate list)। इसके उलट भारतीय जनता पार्टी ने चार सूची जारी की जिसमें 39-39,01 और 57 नामों की सूची जारी कर कुल 136 उम्मीदवारों की घोषणा की है (BJP Candidate list)। कांग्रेस पार्टी की सूची में मोहब्बत की दुकान चलाने के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार अरिफ मसूद (Arif Masood) को मौका दिया गया है। कांग्रेस की सूची में यह स्पष्ट नजर आया है कि उनके पास दावेदारों की भारी कमी थी,पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) कहते थे कि दो बार से ज्यादा हारे उम्मीदवारों को टिकट नही दिया जाएगा लेकिन इनमें त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से रमाशंकर पटेल (Rama shankar patel) ऐसे उम्मीदवार हैं जो दो बार पहले चुनाव हार चुके हैं और उन्हे तीसरी बार फिर मौका दिया गया है,जबकि यह सीट ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और 35 साल से यहां कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है। कांग्रेस की पहली सूची में 96 वे विधायकों में 69 को टिकट दिया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के सामने अवधेश नायक (Avdesh Nayak) को चुनाव मैदान में उतारा,अवधेश नायक भाजपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे हैं। सिंधिया के साथ बीजेपी में गए और फिर वापस कांग्रेस में लौटे बैजनाथ यादव (Baijnath Yadav) को कोलारस से टिकट दिया। सुरखी से परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के ख़िलाफ़ जनपद अध्यक्ष नीरज शर्मा (Neeraj Sharma) को प्रत्याशी बनाया है। नरयावली से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी पर ही दांव लगाया है। कांग्रेस ने हारे हुए नेताओं को भी टिकट दिया।विजयपुर पूर्व विधायक रामनिवास रावत, जौरा में उपचुनाव हारे पंकज उपाध्याय, अटेर में पूर्व विधायक हेमंत कटारे, मेहगांव में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे राहुल भदौरिया को प्रत्याशी बनाया… गुना की बमोरी सीट पर पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल के बेटे ऋषि अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया,कन्हैया लाल पिछला चुनाव भाजपा के महेन्द्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodiya) से हार गए थे। मुंगावली सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक रहे स्व. राव देशराज सिंह यादव के बेटे राव यादवेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया,कांग्रेस ने बसपा से चुनाव लड़े नेताओं को भी प्रत्याशी बनाया, ग्वालियर ग्रामीण सीट पर बहुजन समाज पार्टी से पिछला चुनाव लड़े साहब सिंह गुर्जर, भांडेर में पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया, पोहरी सीट पर पिछला उपचुनाव लड़े कैलाश कुशवाह, शिवपुरी जिले की पिछोर सीट पर केपी सिंह की जगह शैलेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया,शैलेंद्र के पिता भानु प्रताप सिंह पहले विधायक रह चुके हैं, वर्तमान में शैलेंद्र सिंह नगर पालिका अध्यक्ष हैं। कांग्रेस ने 5 सीटों पर बदलाव किया। कटंगी से टामलाल सहारे की जगह पूर्व सांसद बोध सिंह भगत, गोटेगांव में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की जगह शेखर चौधरी, गुनौर से विधायक शिवदयाल बागरी की जगह जीवन लाल सिद्धार्थ, भगवानपुरा में निर्दलीय विधायक केदार डाबर और झाबुआ में वर्तमान विधायक कांतिलाल भूरिया की जगह बेटे विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuria) को उम्मीदवार बनाया।