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सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंत्रिमंडल विस्तार कर पार्टी की अंदरुनी कलह को खत्म करने का प्रयास किया है (MP Assembly elections)। चुनाव के लिए महज डेढ महीने का वक्त बचा है ऐसे समय में मंत्रिमंडल (shivraj cabinet expansion) का विस्तार कर भाजपा ने पार्टी की कलह को खत्म करने का प्रयास किया है लेकिन साथ में विपक्षी दलों के लिए मुद्दा भी दे दिया है। दरअसल जिस प्रकार से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है वो सियासी पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है। खास कर जिस प्रकार से तीन विधायकों को मंत्री की शपथ दिलाई गई है और जिस वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं वो लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज थी खासकर सीधी पेशाब कांड (Sidhi Urination case) के बाद जिस प्रकार से आरोपी प्रवेश शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चला था उसके बाद विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज चल रही थी। संघ और संगठन के सर्वे में भी विंध्य की जनता भाजपा से नाराज चल रही थी यही कारण है कि राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। लेकिन ओबीसी वर्ग से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री बनाया जाना लोगों के समझ में नहीं आ रहा है । लोगों को उम्मीद थी कि एक एससी वर्ग के विधायक को भी मंत्री बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ। भाजपा में कुछ नेताओं से बात हुई तो उनका कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया गया है। लेकिन कुछ विधायकों से बात हुई तो वो इस मंत्रिमंडल विस्तार से और ज्यादा नाराज नजर आए। मतलब साफ है भाजपा की सरकार ने कुछ नेताओं को खुश करने के चक्कर में बहुत से नेताओं को नाराज कर दिया है। जिस प्रकार से तीन मंत्रियों के शपथ में दो ओबीसी वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाया गया है उससे भाजपा की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी वर्ग को भाजपा लगातार साधने का प्रयास कर रही है। एससी वर्ग को खुश करने के लिए भाजपा ने एससी वर्ग के संत सिरोमणि रविदास जी के मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है। भाजपा मान कर चल रही है कि संत रविदास जी का मंदिर बनने के बाद एससी वर्ग भाजपा की ओर ही आएगा। भाजपा की योजना के मुताबिक राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बनाए जाने के बाद विंध्य का ब्राम्हण खुश हो जाएगा तो गौरीशंकर बिसेन और राहुल लोधी को मंत्री बनाए जाने के बाद बुंदेलखंड का ओबीसी वर्ग खुश हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ओर से जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास किया है अब देखना यही दिलचश्प होगा कि दो महीने बाद होने वाले विधानसभा में भाजप का यह दांव कितना सही साबित होता है।

भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान
भारतीय जनता पार्टी ने नए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का काम शुरु कर दिया है (new voter membership campaign)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) ने नव मतदाता सदस्यता अभियान (Nav Matdata Sadasyata Abhiyan) का आगाज किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख नव मतदाता जुड़े हैं और ये वो मतदाता हैं जिन्होने अभी 18 साल की उम्र पार की है। लिहाजा युवा शक्ति को अपनी तरफ करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है (bjp masterplan) विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा है और उस प्रतिशत को पाना है तो भाजपा को युवाओं के साथ की जरुरत पड़ेगी। युवा वर्ग को भाजपा विकास की बात बताएगी,18 साल में सरकार द्वारा किए कामों को बताएगी और फिर 2003 के पहले की तस्वीर भी भाजपा युवाओं को दिखाएगी । यानि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) कार्यकाल की बातें युवाओं को बताई जाएंगी। उस दौरान की वीडियो क्लिपिंग भी युवाओं को दिखाई जाएंगी। जिससे उन्हे भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का अंतर समझ में आ सके। भारतीय जनता पार्टी का मक्शद साफ है कि युवाओं को महिलाओं को और शासकीय कर्मचारियों को अपनी तरफ कर लिया गया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा भाजपा ने मौके पर चौका मारने का प्रयास किया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाजपा की रीति नीति बताई जाएगी काम करने का तरीका बताया जाएगा तो युवा वर्ग भाजपा में जरुर जुड़ेंगे। और जब युवा जुड़ेगा तो वो अपने घर के वोट भी पार्टी में लेकर आएगा। नव मतदाता अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया है इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।

तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार
शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार फिलहाल अटक गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) दो दिन के लिए राजधानी से बाहर हैं। हांलाकि मंत्री बनने की आस में दो विधायक राजधानी में रुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दो विधायकों के नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण फिलहाल विस्तार नहीं हो पाया। गौरतलब है कि कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिन से चल रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के कहने पर रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे हैं। इसी तरह टीकमगढ़ के खरगापुर विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) भी बुधवार को देर रात भोपाल पहुंचे थे। उन्हे उम्मीद थी कि गुरुवार को कभी भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका गुरुवार सुबह सीएम हाउस में तकरीबन डेढ़ घंटे संभावित नाम को लेकर चर्चा भी चली किंतु तीसरे और चौथा नाम पर सहमत नहीं बन सकी जिससे आम सहमति बनाए जाने तक बिस्तर डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो तो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya) की ओर से विधायक रमेश मेंदोला (Ramesh Mendola) को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इधर विधायक संजय पाठक (Sanjay Pathak) को भी मंत्री बनाए जाने के लिए भी कुछ नेताओं द्वारा पैरवी भी की गई है। लेकिन इन दोनों नाम पर सहमत नहीं बन पाई है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर भोपाल लौटेंगे जबकि राज्यपाल 26 अगस्त की दोपहर को 2 दिन के लिए राजधानी से बाहर रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अब राज्यपाल के वापस लौटने के बाद हो सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वापस लौटने से लेकर शनिवार को राज्यपाल के भोपाल से बाहर जाने तक का समय है जिसमें विस्तार किया जा सकता है।

कार्यकर्ता महाकुंभ की तैयारियों में जुटी भाजपा,प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक
चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को लेकर तैयारियां तेज कर दी है (BJP MP)। महाकुंभ को सफल बनाने के लिए बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बैठक आयोजित की गई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,अश्वनी वैष्णव सहित भोपाल के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। गौरतलब है कि 25 सितंबर को विकास यात्राओं (vikas yatra) का समापन होने जा रहा है लिहाजा यात्रा के समापन को यादगार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता महाकुंभ (bjp karyakarta mahakumbh) का आयोजन कर रही है। इस महाकुंभ में पीएम मोदी,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केन्द्रीय नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस महाकुंभ में भाजपा प्रदेश भर से करीब चार लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने की योजना तैयार कर रही है। इस महाकुंभ के माध्यम से भाजपा प्रदेश भर में अपना शक्ति प्रदर्शन दिखा कर पार्टी के प्रति माहौल क्रिएट करने की तैयारी में है। गौरतलब है कि दो सितंबर से भाजपा प्रदेश में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही है। हर यात्रा में अलग-अलग नेता क्षेत्रवार पार्टी का नेतृत्व करेंगे।

एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
प्रदेश में पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एग्रेसिव मूड में आ गई है (BJP MP)। चुनावी रणनीति से लेकर डैमेज कंट्रोल और एंटीइनकमबेंसी जैसी बाधाओं के लिए पार्टी जहां नतीजे कारक नर्णय ले रही है तो वहीं अपने प्रत्याशियों के नामों पर भी जल्द मोहर लगाने की तैयारी में है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले लगभग सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर देगी। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दिनों 39 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर पार्टी ने यह बता दिया है कि वो हर मोर्चे में अव्वल है,पता चला है कि 27 से 30 अगस्त के मध्य 64 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। उसी दौरान भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके बाद 15 सितंबर तक भाजपा की तीसरी सूची जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने तक भाजपा कुछ सीटों को छोड़ कर बांकी सभी सीटों में अपने प्रत्याशियों के ऐलान की योजना बना चुकी है। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि कहीं भी प्रत्याशियों को लेकर विवाद या विरोध है या उन्हे लेकर गुटवाजी है तो समय रहते उसे दूर किया जा सके। जिससे पार्टी को चुनाव के दौरान किसी तरह का नुकसान ना हो। भाजपा हारी सीटों पर जल्द ही दूसरी सीट जारी करने वाली है लिहाजा उसके लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव संचालन से जुड़े बड़े नेता बुधवार से लेकर 25 अगस्त तक भोपाल प्रदेश कार्यालय में मंथन करेंगे। तीन दिनों में प्रत्याशियों के नामों पर विचार कर संभावित सूची तैयार की जाएगी। जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केन्द्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।

जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार की जन आशीर्वाद यात्राएं दो सितंबर से प्रारंभ हो सकती हैं (Jan Ashirwad Yatra)। इस संबंध में ग्वालियर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच संभागों में एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसके लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव से पहले अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता से आशीर्वाद लेने यात्राएं निकालती है (BJP MP)। इसी क्रम में यात्राएं निकाली जानी हैं,लेकिन इस बार पांच अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसमें वरिष्ठ नेता जनता के पास जाकर एक बार फिर से भाजपा को समर्थन देने का आग्रह करेंगे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की यात्रा ग्वालियर से,महाकौशल क्षेत्र की जबलपुर से,मालवा की उज्जैन और खंडवा से और विंध्य क्षेत्र की यात्रा रीवा से निकाली जाएगी। शुभारंभ में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)भोपाल में करेंगे। यहां मोदी की जनसभा होगी। यात्राओं को लेकर सोमवार को चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव,चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में नव गठित केन्द्रीय और संभागीय टोली की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हाल ही में बनाए गए भाजपा प्रत्याशी भी शामिल थे। इन सभी को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधे रु-ब-रु होने का मौका मिलता है जो नेताओं और जनता के लिहाज से बढ़िया होता है।

भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन
भाजपा समर्थित जन प्रतिनिधि रोशनी यादव (Roshni Yadav) ने भाजपा को छोड़ कांग्रेस में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने लंबे नोट में कहा कि भाजपा की रीति, नीति और नेतृत्व से वो काफ़ी समय से नाखुश हैं। रोशनी का कहना है कि भाजपा सिर्फ महिलाओं को ठगने का काम करती है। जनता में प्रदेश और केंद्र की नेतृत्व दोनों से नाराजगी है, जिस दल से जानता खुश नही है उससे जुड़ा कर भला सेवा का कार्य कैसे हो सकता है। रोशनी यादव ने कहा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता दोनो का अपार समर्थन और स्नेह उनके साथ है। हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैं दिनांक 24 अगस्त को कांग्रेस ज्वाइन करूंगी। रौशनी यादव ने कहा बहुत दुखी मन से मै भाजपा की सदस्यता त्याग रही हूं। मेरे राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे भाजपा में रहते मिला जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी लेकिन कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता, महिलाओं के प्रति दिखावटी योजना एवं उनके प्रति बढ़ते अत्याचार को देखकर मैं आहत हूं, भाजपा की सदस्य होकर रोजाना जनता से उठ रहे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई के सवालों का उत्तर देने में असमर्थ हूं। कार्यकर्ता केंद्रित दल अब नेता केन्द्रित है। गौर करने वाली बात ये है कि एक तरह से यह रोशनी की घर वापसी है क्योंकि इनका परिवार पुराना कांग्रेसी परिवार के रूप में देखा जाता है, रोशनी कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की पुत्रवधु है इसलिए इन्हे विरासत में राजनीति प्राप्त है जिसका इन्हें अच्छा अनुभव है। जानता का ना प्रदेश सरकार में विश्वास है ना केंद्र सरकार पर, जिस दल से जनता खुश नहीं है उस दल में रहकर सेवा नही किया जा सकता है। भाजपा सरकार में भाजपा संगठन के ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्योवहार के चलते प्रदेश में भाजपा की लगातार छवि खराब हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता (MP BJP) जब भी संगठन के उच्च अधिकारियों से या सरकार के मंत्रियों और नेताओं से अपनी समस्या साझा करते हैं, तो मंत्री और नेता तथा पदाधिकारी निराकरण तो दूर उनकी बात तक नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं की इस स्तर की उपेक्षा से रौशनी यादव आहत हैं। निवाड़ी की जनता लगातार भाजपा शासन में स्वयं को पीड़ित महसूस कर रही है। चूंकि जनता की पीड़ा मेरी अपनी भी पीड़ा है।इसलिए नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौप रही हूं।

अबकी बार धर्मेश चतुर्वेदी पर विश्वास
पंडित दीन दयाल के आदर्शों पर चलने वाली भारतीय जनता पार्टी आज ब्राम्हण वर्ग के साथ किस प्रकार का ब्योहार करती है उसकी बानगी सतना के जनसेवक धर्मेश चतुर्वेदी (Dharmesh Chaturvedi) के साथ देखने को मिली। धर्मेश चतुर्वेदी सतना (Satna) के उन जनसेवकों में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे जनता की सेवा में जुटे रहते हैं। लेकिन लोकतंत्र में अगर जनता की ठीक से सेवा करनी है तो उसके लिए चुनाव लड़ना और जीतना जरुरी है। क्योंकि जन आकाक्षाओं को पूरा करना जरुरी होता है यही कारण है कि धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता की सेवा के लिए राजनीति में आना स्वीकार किया। धर्मेश चतुर्वेदी ने 2009 में बीएसपी से टिकट लेकर चुनाव लड़ा राजनीति का नया अनुभव होने के कारण वो चुनाव में तो जीत दर्ज नहीं कर पाए लेकिन धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता का दिल जीत लिया। स्थानीय जनता ने धर्मेश चतुर्वेदी पर इतना विश्वास जताया कि धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता की सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। सतना में धर्मेश चतुर्वेदी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस नेताओं ने भी उनसे करीबता बनाई लेकिन कहानी में ट्विस्ट उस वक्त आया जब भाजपा नेता अरविंद मेनन ने धर्मेश चतुर्वेदी से मुलाकात की और उन्हे भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) में काम करने के लिए कहा। इस आफर पर जब धर्मेश चतुर्वेदी ने ज्यादा ध्यान नहीं किया तब अरविंद मेनन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से धर्मेश चतुर्वेदी की फोन पर बात करवाई। फोन का स्पीकर खोल कर रखा गया और कई नेताओं के बीच मुख्यमंत्री ने धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा में काम करने के लिए कहा उन्ये यह भी आश्वासन दिया गया कि चुनाव के बाद निगम मंडल में अध्यक्ष बनाया जाएगा।जिसके बाद वो भाजपा में काम करने के लिए राजी हो गए। दरअसल धर्मेश चतुर्वेदी सतना में ब्राम्हण नेता के रुप में पहचान रखते हैं,ब्राम्हणों के बीच उनकी लोकप्रियता को भाजपा लोकसभा चुनाव में गणेश सिंह के लिए भुनाना चाहती थी।सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह को चुनाव जिताने के लिए यह सब रणनीति तैयार की गई थी क्योंकि 2009 के बाद से धर्मेश चतुर्वेदी ने सतना की स्थानीय जनता और ब्राम्हणों के दिल में जिस प्रकार से अपने लिए जगह बनाई थी तो उसका लाभ भाजपा लेना चाहती थी। भाजपा को इस बात का शुरु से अहसास था कि गणेश सिंह को चुनाव जिताना है तो ब्राम्हणों का समर्थन जरुरी है। और धर्मेश चतुर्वेदी ब्राम्हणों के दिल में बसते हैं फिर क्या था भाजपा की तरफ से भावनात्मक ड्रामा रचा गया और 2014 में धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा में शामिल करवा दिया गया। भाजपा की रणनीति कामयाब भी हुई धर्मेश चतुर्वेदी के अजय सिंह (राहुल) से संबंध भी अच्छे थे फिर भी उन्होने भाजपा में शामिल होकर पूरी निष्ठा के साथ गणेश सिंह के लिए चुनाव प्रचार किया और गणेश सिंह एक बार फिर चुनाव जीत गए। इस बीच धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा ने कई काम दिए जिसमें उन्हे 27 पोलिंगों का इंचार्ज बनाना शामिल है। इसके बाद बारी आई चित्रकूट उपचुनाव की यहां से धर्मेश चतुर्वेदी की उपेक्षाओं का दौर शुरु हो गया। नतीजा यह निकला कि यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की। कहते हैं कि जनता की सेवा का जिसने संपल्प लिया हो उसके लिए किसी दल या संगठन की जरुरत नहीं होती,जनसेवक धर्मेश चतुर्वेदी ने भाजपा से उपेक्षित होने के बाद हार नहीं मानी और वो केसरिया हिंदुस्तान,विंध्योदय सेना के साथ जुड़ कर लगातार जनता की सेवा करते रहे। जनता की सेवा करते-करते अब स्थानीय जनता की एक ही इच्छा है कि भाजपा इस विधानसभा चुनाव में धर्मेश चतुर्वेदी को टिकट दे जिससे वो विधायक बन कर जनता की और ताकत के साथ मदद कर पाएं।

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।

लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई। इसमें मप्र से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा,संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव शामिल हुए। केन्द्रीय नेताओं के सामने मप्र (MP BJP) ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा। इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सितंबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी,ताकि उन उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी विधानसभा सीटें चुनी गई हैं जिनमें पिछले तीन-चार या इससे अधिक चुनावों में हार रही भाजपा मजबूत तैयारियों के साथ जाना चाहती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल उत्तर और मध्य सीटों की सूची में रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम को बाहर रखा गया है। क्योंकि भाजपा इसे जीती सीट मान कर चल रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही भोपाल में प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी संगठन के प्रमुख लोगों के साथ बैठक लेंगे। बुधवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र के एक मात्र सदस्य सत्यनारायण जटिया शामिल हुए। पहली बार मप्र के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। बीच में अन्य राज्यों पर मंथन किया गया फिर करीब डेढ़ घंटे बाद मप्र को फिर बुलाया गया। जानकारी मिली है कि कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केन्द्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी है। बात स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सक्रिय है और केन्द्रीय नेतृत्व कांग्रेस को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहता जिससे एकबार फिर से एमपी में कांग्रेस को मौका मिल पाए।

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) अब जनता के बीच अपने काम का लेखा-जोखा लेकर जाएगी और फिर उसी के हिसाब से जनता से वोट मांगेगी। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा ना सिर्फ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी बल्कि साल 2003 के पहले वाले मध्यप्रदेश की तस्वीर भी जनता के सामने पेश करेगी। इतने सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के विकास की गति को तेज किया है उसका फल लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी को फ्लैशबैक में जाकर साल 2003 से पहले की तस्वीर से युवा पीढ़ी को अवगत कराएगी। भाजपा के नेताओं का मानना है कि जब भाजपा की सरकार बनी उस वक्त जो बच्चा था वो आज युवा है लिहाजा उसे दिग्विजय सरकार के कार्यकाल की ज्यादा जानकारी नहीं है इस लिए उन युवाओं को यह बताया जाएगा कि दिग्विजय सरकार में प्रदेश की क्या स्थिति थी। यही कारण है कि प्रदेश की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के हाथों अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख कर फिर कांग्रेस के जमाने की बात करेगी। रिपोर्ट कार्ड में सड़क,पुल-पुलिया सहित बिजली की आपूर्ति,सिंचाई का रकवा बढ़ा उसकी जानकारी दी जाएगी,युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए और फिर संविदा कल्चर समाप्त कर उन्हे नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी गई इतना ही नहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की गई जिसके कारण आज प्रदेश में सेक्स रेसियो भी बढ़ा यही कारण है कि अब सरकार चाहती है कि उसने जनता के हित में इतने फैसले लिए हैं तो उसका लाभ भी पार्टी को मिलना चाहिए इसी लिए अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को बताएगी कि इतने सालों में भाजपा की सरकार ने उनके लिए क्या किया। बांकी जो काम रह गए हैं उसके लिए सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र को तैयार करने में जुट गई है। 20 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह भोपाल और ग्वालियर दौरे पर रहेंगे इसी दौरान अमित शाह के हाथों मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर एकबार फिर भाजपा सरकार बनाने की नींव रखेंगे।