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रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।

'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे
हर जगह एक ही सवाल किसकी सरकार होगी। सरकार बनेगी तो कैसे बनेगी। हर जगह गुड़ा भाग,राजनीतिक हिसाब लगाए जा रहे हैं सारे सियासी पंडित चार दीवारी में बैठ कर सरकार तय कर रहे हैं कुछ राजनीतिक पंडित टीवी डिवेट में बैठ कर सरकार बना रहे हैं (MP Elections)। कांग्रेस के प्रवक्ता और नेता कहते हैं कि इस बार कांग्रेस 150 से 180 सीटों के आस पास लेकर आएगी। पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) को भी उनके करीबी सलाहकार 180 सीटों का ही सपना दिखा रहे हैं। जब उनके करीबी उनके पास से निकल जाते हैं तो फिर कमलनाथ मन में सोचते हैं कि इसमें अगर कम करो तो 140 सीट तो आ ही जाएगी। लेकिन उसके उलट भाजपा के गणित की बात करें तो वहां कुछ और ही खिचड़ी पक रही है जिस पर कांग्रेस की शायद नजर नहीं पड़ी अथवा पड़ी भी है तो कोई ध्यान नहीं देना चाहता क्योंकि कांग्रेस में विश्वास कम अति विश्वास ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। अब बात भाजपा के गणित की करते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 127 विधायक हैं। भाजपा यह मान कर चल रही है कि 127 में 57 सीट वो हार सकती है मतलब 70 सीट भाजपा 127 वर्तमान की सीटों में बचा पाएगी। इसकी पुष्टि तो कांग्रेस की वो 66 सीटें भी कर रही हैं जहां कांग्रेस लगातार तीन बार से हार रही है और भाजपा की वो सीटें गढ़ बनी हुई हैं। 230 विधानसभा सीटों में 127 विधायक भाजपा के पास हैं। 95 वे विधायक कांग्रेस के पास हैं बांकी अन्य,सपा बसपा के पास हैं। भाजपा ने हारी हुई 103 सीट जिन्हे आकांक्षी विधानसभा सीटों का नाम भी दिया गया था। उन सीटों पर भाजपा ने करीब एक साल से ही मंथन करना शुरु कर दिया था। आकांक्षी सीटों पर भाजपा ने जमकर काम किया,हर दावेदार के हिसाब से पार्टी ने सर्वे भी कराया यही कारण है कि आकांक्षी सीटों पर जहां भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवार नहीं थे वहां पर भाजपा ने नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) और प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) जैसे नेताओं नेताओं को चुनाव मैदान पर उतार दिया। मतलब साफ है सरकार कैसे बनाना है भाजपा को मालूम है। भाजपा का हिसाब है कि 103 आकांक्षी सीटों में भाजपा 50 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। ऐसी स्थिति में 70 और 50 को प्लस करें तो भाजपा को 120 सीट मिल रही है और वो सरकार बना रही है। इससे कुछ ऊपर नीचे होता है तो भाजपा उस पर अलग से विचार कर रही है पार्टी के नेता अलग-अलग आप्शनों पर भी काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो कमलनाथ के करीबी उन्हे 180 सीटों का सपना दिखा रहे हैं जिस पर कमलनाथ 140 सीट का आंकड़ा लेकर चल रहे हैं।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने के बाद नेता खुद पत्र लिख कर चुनाव नहीं लड़ने की जता रहे इच्छा
जब तक भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) जारी नहीं हुई थी तब तक तो सब ठीक था लेकिन सूची जारी होते ही जिस प्रकार वरिष्ठ नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया गया है उसके बीजेपी में कानाफूसी का दौर तेज हो गया है। दरअसल प्रदेश सरकार (Shivraj Government) के खिलाफ एंटीइंकबेंसी का आलम मे है कि अब सभी नेताओं को खुद का भविष्य अंधकार में दिखने लगा है। दूसरी सूची में सात सांसदों सहित तीन केन्द्रीय मंत्रियों को टिकट मिलने के बाद अब अन्य सांसदों के दिमांग में यही चल रहा है कि अगली सूची में उनका नाम तो नहीं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कुछ नेता खुद पत्र लिख कर संगठन से कह रहे हैं कि वो चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं। उन्ही में एक बड़ा नाम है मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया (yashodhara raje scindia) का जिन्होने पत्र लिख कर स्वास्थ कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई है। यशोधरा के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब उसी सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को चुनाव लड़ाया जा सकता है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अभी दस और सांसद ऐसे हैं जिन्हे जिन्हे संगठन चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रहा है। सांसदों और मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारे जाने के बाद भाजपा में ही कानाफूसी का दौर चल रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता दबी जुवान कह रहे हैं कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व एक तीर से कई शिकार कर रहा है। कुछ का कहना है कि जिन नेताओं को केन्द्रीय राजनीति से बाहर करना है उन्ही नेताओं को विधानसभा का चुनाव दिया जा रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि विधानसभा में अगर इन दिग्गज नेताओं को हार मिलती है तो चनका यह आखिरी चुनाव होगा। मतलब साफ है जिस प्रकार से भाजपा की दूसरी सूची जारी हुई है उसको देखते हुए कई नेताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं। भाजपा की सूची पर इस वक्त कांग्रेस के नेता जमकर चुटकी ले रहे हैं। कांग्रेस में साफ कहा जा रहा है कि इन सभी नेताओं को निपटाया गया है।

एमपी कांग्रेस के 95 वे विधायकों में 76 के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट,हारी हुई 66 सीटों पर मंथन जारी
मप्र की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 95 वे विधायक हैं (MP Congress)। इनमें से 76 विधायकों के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट आई है। इसके अलावा संगठन पदाधिकारियों का लगातार फीडबैक ले रहा है। इसके साथ ही उन 66 सीटों पर भी विचार मंथन किया जा रहा है जहां पार्टी लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार पहली सूची में विधायकों के साथ लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं (congress candidate list)। पांच अक्टूबर को धार के मोहनखेड़ा में पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी की जनसभा के बाद प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा प्रत्याशियों की तीन सूची जारी करने के बाद अब कांग्रेस ने भी पहली सूची घोषित करने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने विधायक और लगातार हारने वाली 66 सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया। अब 3 अक्टूबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। 5 अक्टूबर के बाद पार्टी 100 से अधिक प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित कर सकती है। कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम पर विचार करने के लिए 11,12 और 13 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee)की पहली बैठक हुई थी। सर्वे रिपोर्ट और संगठन के फीडबैक के आधार पर पहले उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया गया,जहां अभी पार्टी के विधायक हैं।

कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने किया शक्ति प्रदर्शन
बीजेपी की दूसरी सूची जारी होते ही प्रदेश की सियासत एकाएक गर्मा गई है (BJP Second List)। कांग्रेस के साथ- साथ खुद बीजेपी में भी हलचल मच गई है। सबसे ज्यादा शोर इंदौर की राजनीति को लेकर हो रहा है (Indore Politics)। कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को इंदौर एक से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। जबकि कैलाश विजयवर्गीय खुद पार्टी के इस फैसले से खुश नहीं हैं। अब कैलाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों को उनके बेटे वर्तमान में इंदौर 3 से बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के टिकट कटने की आशंका लग रही है। इसी आशंका से अब विजयवर्गीय समर्थक पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने लगे हैं (MP BJP)। इसी कड़ी में आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिलाने का दबाव बनाने के लिए उनके समर्थक बड़ी संख्या में भोपाल बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे (BJP office)। इंदौर से पांच बसों और अन्य गाड़ियों से यह समर्थक भोपाल पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय में समर्थकों की चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) से बंद कमरे में मुलाकात हुई। मुलाकात में हुई चर्चा को लेकर सभी खामोश हैं। समर्थक भी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मगर इशारा जरूर कर रहे हैं कि, आकाश विजयवर्गीय को भी टिकट मिलना चाहिए। अब इस मामले में माना जा रहा है कि अगर आकाश विजयवर्गीय का टिकट कटा तो, समर्थक खामोश नही रहेंगे। जिसका नुकसान पार्टी को हो सकता है। गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय पिछले कुछ समय से चुनावी पिच से दूर हैं और वो लगातार संगठन के लिए काम कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्हे पश्चिम बंगाल का प्रभारी भी बनाया गया था जिसमें कुछ हद तक उन्हे सफलता भी मिली है। लेकिन इस चुनाव में जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने अप्रत्याशित फैसला लेते हुए तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा और राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन के लिए काम कर रहे कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर वन से टिकट देकर सबको हैरान कर दिया है। भाजपा के इस फैसले के बाद अब राजनीतिक पंडित अपने-अपने सियासी गड़ित लगाने में जुट गए हैं। कुछ लोगों का यह मानना है कि भाजपा की दूसरी सूची की तर्ज पर ही चौथी सूची में भी चौकाने वाले नाम आ सकते हैं। माना यह भी जा रहा है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भी केन्द्रीय नेतृत्व पन्ना से विधानसभा के चुनावी रण में उतार सकता है।

कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव (MP Elections) में भाजपा को जिताने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने प्रवासी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह प्रदेश के सभी जिलों में जाकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संगठन को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं। यहां बुधवार को पलाश होटल में आयोजित कार्यशाला में पार्टी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख मुद्दे, दूसरी पार्टियों की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को जानकारी और जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान प्रदेश के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) मौजूद थे। प्रवासी कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश के 12 मंत्री, एक दर्जन से अधिक सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व मंत्री समेत 50 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी को जिताने में उनका अनुभव काम आएगा। ये संबंधित जिले की सभी विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल सहित विभिन्न पहलुओं पर मैदानी स्थिति का परीक्षण कर अपना फीडबैक देंगे। जिला स्तर पर चुनाव की रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के लिए भी सुझाव देंगे। उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) को भोपाल, बेबी रानी मौर्य (Baby Rank Maurya) को ग्वालियर, दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) को बालाघाट, दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh)को रायसेन, स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को सतना, दयाशंकर मिश्र दयालु (Dayashankar Mishra Dayalu) को दतिया, कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Aggarwal) को दमोह और अनिल राजभर (Anil Rajbhar) को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रवासी कार्यकर्ता देशभर से आए हैं। ये सभी संगठन के काम में पारंगत हैं। चुनाव की रणनीति बनाने में इनका व्यापक अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। ये प्रत्येक जिले और संभाग में जाएंगे। प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनाव में इन सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। हर बूथ पर चुनाव जीतने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है। इसे पूरा करना है।

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

चुनाव से पहले लाड़ली बहना होंगी और सशक्त,मिलेंगे 1500 रुपये
आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लगने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) आखिरी दांव खेलने की तैयारी में हैं। पता चला है कि सीएम शिवराज आदर्श आचार संहिता लगने से पहले 1500 रुपये देने की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले लाडली बहनों (Ladli Behna Yojana) को एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी उसके बाद उन्होने इस योजना को तीन हजार रुपये तक करने का वादा किया था। उसी के तहत अक्टूबर में अब लाड़ली बहनों को बढ़ी हुई राशि 1250 रुपये मिलेगी। लेकिन अब पता चल रहा है कि सीएम शिवराज इस योजना में वृध्दि कर 1500 रुपये करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस राशि में ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास (women and child development) विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में एक करोड़ 31 लाख लाडली बहनों को अभी तक एक हजार रुपये प्रतिमा मिल रहे थे। अक्टूबर से यह राशि ढाई सौ रुपए बढ़ाकर दी जाएगी यानी 1250 रुपए प्रतिमा मिलेंगे। इसमें ढाई सौ रुपए की वृद्धि की घोषणा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में की जा सकती है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी सरकार में आने पर महिलाओं को डेढ़ हजार रुपए प्रतिमा देने के लिए नारी सम्मान योजना (Nari Samman Yojana) लागू करने की गारंटी दी है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने धीरे-धीरे प्रतिमा दी जाने वाली राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक ले जाने की घोषणा की है। 4 अक्टूबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कभी भी विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी और फिर तब कोई घोषणा नहीं हो सकती है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री 1,250 रुपये लाड़ली बहनों के खाते में अंतरित करने के साथ ही राशि में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं।

भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता
भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) ने ना सिर्फ राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है बल्कि कांग्रेस के बड़े रणनीतिकारों को भी टेंशन में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसदों कों चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिसमें चार नेता सीएम उम्मीदवार के रुप में भी देखे जाते हैं। सबसे पहले नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की बात करें तो वो ग्वालियर-चंबल से पार्टी के बड़े चेहरे हैं और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भी हैं। महाकौशल से दो बड़े नेता प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) हैं दोनों नेता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। मालवा की बात की जाए तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार कर सभी को चौंका दिया है। विंध्य से बात करें तो सतना से गणेश सिंह (Ganesh Singh) को चुनावी मैदान में उतारा गया है जिन पर कट्टर जातिवादी होने का ठप्पा भी लगा है और भाजपा का यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक (Riti Pathak) को वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला की जगह मौका दिया गया है। केदारनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी छुट्टी कर दी है माना यह भी जा रहा है कि केदारनाथ ने अगर बगावती तेवर अपना लिया तो रीति पाठक को चुनाव निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब बात करते हैं भाजपा के रणनीति की। साल 2018 में भाजपा को ग्वालियर-चंबल से हार मिली थी इसी लिए 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। अब केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार कर वहां की अलग-अलग सीटों को कवर करने की योजना है। माना जा रहा है कि सभी जगह नरेन्द्र सिंह तोमर को सीएम उम्मीदवार के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों का लाभ भाजपा को मिलेगा। इसी प्रकार महाकौशल से राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल को भी सीएम कैंडीडेट के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों में भाजपा को फायदा होगा। ठीक इसी प्रकार मालवा से कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव मैदान में उतार कर महाकौशल को साधने की रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) को भी चुनाव मैदान में उतार दिया गया है और वो भाजपा की तरफ से बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। भाजपा की इस रणनीति को अब कांग्रेस 'डी-कोड' करने में जुट गई है। दरअसल ये वो सीटें हैं जहां पर भाजपा को हार मिली थी और इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। इन हारी हुई सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीटों का नाम दिया था इसी लिए भाजपा ने इन हारी हुई सीटों पर पहले उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अभी तक भाजपा 79 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमें में हलचल मच गई है। केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस नेता हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस की दिल्ली में लगातार बैठक जारी है और माना जा रहा है कि भाजपा की गुत्थी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार लगे हुए हैं।

भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second List)। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मौका दिया गया है। लेकिन भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस ने खुद से आपा खो दिया है। दरअसल भाजपा की दूसरी सूची में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और राकेश सिंह (Rakesh Singh)जैसे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है (MP Elections)। इन नामों के आते ही कांग्रेस पार्टी ने आपा खो दिया है। एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ऑफिसियल ट्विटर के पोस्ट में लिखा है कि 'हार को सामने देख कर रावण,कुंभकरण,अहिरावण और मेघनाथ को चुनाव मैदान में उतार दिया है' कांग्रेस के ट्वीट से स्पष्ट होता है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे में बौखलाहट की स्थिति निर्मित हो गई। भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है उनसे पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। यही कारण है कि अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा नेताओं की रावण और कुंभकरण से तुलना की जा रही है। कांग्रेस पार्टी को जिस प्रकार से उम्मीद थी उसके ठीक उलट भाजपा की सूची जारी हुई है। जिन नेताओं को भाजपा ने दूसरी सूची में उम्मीदवार बनाया है उन पर खुद की सीट जीतने का दबाव तो है ही बांकी आसपास की अन्य सीटें जितवाने का दबाव भी उन नेताओं पर है। कांग्रेस के कुछ नेता इन सभी नेताओं पर कटाक्ष कर रहे हैं कुछ का कहना है कि इन सभी नेताओं का अंतिम चुनाव है तो वहीं कुछ नेता कह रहे हैं कि अबकी बार लंका दहन होगा।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।