रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।

📷 MP BJP
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।
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