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भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची की जारी,त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिला टिकट
लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पांचवी लिष्ट जारी कर दिया है (bjp candidate list)। भोपाल में कई बैठकें और फिर दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकों के बाद भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय संगठन ने सूची जारी कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी 92 वे नामों की सूची जारी की गई है दो नाम अब भी होल्ड किए गए हैं। भोपाल की दक्षिण पश्चिम से भाजपा ने प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी पर विश्वास दिलाया है,अब पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और भगवानदास सबनानी के बीच लड़ाई देखने को मिलेगी। त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिरा टिकट,सुभाष वर्मा,देवसर,आष्टा से गोपाल सिंह सहित कुल 92 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। विजयपुर से- बाबूलाल मेवरा,जौरा से सुबेदार सिंह,अंबाह (अजा) से कमलेश जाटव,भिंड से नरेन्द्र सिंह कुशवाह,मेहगांव से राजेन्द्र शुक्ला,ग्वालियर पूर्व से माया सिंह,नेपानगर (अजजा) से मंजू राजेन्द्र दादू को मिला टिकट।

सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ
भारतीय जनता पार्टी की एक और सूची (BJP Candidate list) जारी होते ही सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश ने जो अनुशंसाएं भेजी थी उसी के अनुरूप सूची में घोषित नाम आए हैं। अब हमारे कुल 230 में से 136 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं बाकी सूची भी जल्द ही आएगी। सीएम शिवराज ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस की सूची कहां है अब तो चुनाव की तारीख भी आ गई है लेकिन कांग्रेस की सूची का पता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां चल रही है लेकिन कांग्रेस में तो लट्ठम - लट्ठा मची हुई है। हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनाव के मैदान में उतर चुके हैं। अपने कार्यकर्ताओं के साथ अपने अस्तित्व की संपूर्ण क्षमता झोंककर हम लोग काम करेंगे और निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे। क्योंकि यह प्रदेश के और प्रदेश की जनता के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरिद्वार और ऋषिकेश जा रहा हूं कल दिन भर मुलाकात और चिंतन दोनों करूंगा। परसों सवेरे लौटूंगा और चुनाव अभियान में हम पूरी ताकत के साथ भिड़ जाएंगे। सूची जारी करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व का धन्यवाद। गौरतलब है कि भाजपा ने अब तक अपने 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि पहले कांग्रेस कह रही थी कि वो चुनाव के छह महीने पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी लेकिन अभी तक एक भी सूची जारी नहीं होने के कारण अब भाजपा के नेता कांग्रेस (MP Congress) पर लगातार हमला करने लगे हैं।

भाजपा ने 57 प्रत्याशियों की चौथी सूची की जारी
भारतीय जनता पार्टी ने आदर्श आचार संहिता (Model code of conduct) लागू होते ही 57 नामों की चौथी सूची जार कर दिया है (BJP candidate list)। इस सूची में सीएम शिवराज सिंह चौहान बुंदनी, डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया, भूपेन्द्र सिंह खुरई, मंत्री गोपाल भार्गव,मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर उन्हें क्लीनचिट दे दिया है। अब तक भाजपा 136 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी (MP Congress) में अब भी बैठकों का दौर जारी है लेकिन अभी तक कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। भाजपा ने एक अभियान भी शुरु किया है अबकी दिवाली कमल वाली (abki diwali kamal wali)। मतलब साफ है कि भाजपा विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच एक बार फिर जा रही है। और विकास के आधार पर ही भाजपा जनता से वोट की अपील कर रही है।

रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।

कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने किया शक्ति प्रदर्शन
बीजेपी की दूसरी सूची जारी होते ही प्रदेश की सियासत एकाएक गर्मा गई है (BJP Second List)। कांग्रेस के साथ- साथ खुद बीजेपी में भी हलचल मच गई है। सबसे ज्यादा शोर इंदौर की राजनीति को लेकर हो रहा है (Indore Politics)। कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को इंदौर एक से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। जबकि कैलाश विजयवर्गीय खुद पार्टी के इस फैसले से खुश नहीं हैं। अब कैलाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों को उनके बेटे वर्तमान में इंदौर 3 से बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के टिकट कटने की आशंका लग रही है। इसी आशंका से अब विजयवर्गीय समर्थक पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने लगे हैं (MP BJP)। इसी कड़ी में आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिलाने का दबाव बनाने के लिए उनके समर्थक बड़ी संख्या में भोपाल बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे (BJP office)। इंदौर से पांच बसों और अन्य गाड़ियों से यह समर्थक भोपाल पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय में समर्थकों की चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) से बंद कमरे में मुलाकात हुई। मुलाकात में हुई चर्चा को लेकर सभी खामोश हैं। समर्थक भी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मगर इशारा जरूर कर रहे हैं कि, आकाश विजयवर्गीय को भी टिकट मिलना चाहिए। अब इस मामले में माना जा रहा है कि अगर आकाश विजयवर्गीय का टिकट कटा तो, समर्थक खामोश नही रहेंगे। जिसका नुकसान पार्टी को हो सकता है। गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय पिछले कुछ समय से चुनावी पिच से दूर हैं और वो लगातार संगठन के लिए काम कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्हे पश्चिम बंगाल का प्रभारी भी बनाया गया था जिसमें कुछ हद तक उन्हे सफलता भी मिली है। लेकिन इस चुनाव में जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने अप्रत्याशित फैसला लेते हुए तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा और राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन के लिए काम कर रहे कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर वन से टिकट देकर सबको हैरान कर दिया है। भाजपा के इस फैसले के बाद अब राजनीतिक पंडित अपने-अपने सियासी गड़ित लगाने में जुट गए हैं। कुछ लोगों का यह मानना है कि भाजपा की दूसरी सूची की तर्ज पर ही चौथी सूची में भी चौकाने वाले नाम आ सकते हैं। माना यह भी जा रहा है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भी केन्द्रीय नेतृत्व पन्ना से विधानसभा के चुनावी रण में उतार सकता है।