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भोपाल

सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा

भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

Oct 21, 2023 3 min read
सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा

📷 BJP

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भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

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