कमलनाथ पर अजय सिंह का 'अजेय' वार,सिद्धार्थ कुशवाहा की नहीं करेंगे मदद
कांग्रेस (MP Congress) विंध्य में काफी कमजोर है और उसकी विंध्य में अगर कोई उम्मीद हैं तो पूर्व मंत्री अजय सिंह (राहुल) भैया (Ajay Singh Rahul)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार से अजय सिंह की उपेक्षा हुई है उससे वो खुद परिचित हैं यही कारण है कि राहुल सिंह इस वक्त पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय खुद की विधानसभा में मेहनत करना ज्यादा जरुरी समझते हैं। मामला अजय सिंह (राहुल) भैया और कमलनाथ (Kamal Nath) के बीच का है। दरअसल कमलनाथ ने अजय सिंह को बुलाकर कहा कि आपको सतना से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा (Siddharth Kushwaha) की मदद करनी है जिसके बाद अजय सिंह ने कमलनाथ से सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद करने से साफ इंकार कर दिया। अजय सिंह ने कहा कि जब रैगांव में विधानसभा का उपचुनाव चल रहा था तब उन्होने सिद्धार्थ कुशवाहा से मदद करने के लिए कहा था जबकि उसके रैगांव में करीब दस हजार वोट हैं लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा ने कांग्रेस उम्मीदवार कल्पना वर्मा की किसी भी सूरत में मदद नहीं की। अजय सिंह (राहुल) भैया ने कमलनाथ से यहां तक कहा कि आप चाहो तो मेरा टिकट काट दो अथवा प्रदेश में किसी के भी पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए कहो मैं करुंगा लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद नहीं करुंगा। अजय सिंह के इस प्रकार बात करने से पीसीसी चीफ कमलनाथ भी टेंशन में आ गए हैं। सही मायने में कहा जाए तो कांग्रेस के पास विंध्य में कोई मजबूत नेता नहीं है। साल 2013 के बाद विंध्य में कांग्रेस लगातार कमजोर पड़ती चली गई है। अजय सिंह खुद चुनाव नहीं जीत पाए माना यह भी जा रहा है कि विंध्य में अजय सिंह ने सही तरीके से मेहनत नहीं की तो फिर कांग्रेस पार्टी विंध्य (Vindhya)में ठीक तरीके से परफार्मेंश नहीं कर पाएगी।

📷 MP Congress
कांग्रेस (MP Congress) विंध्य में काफी कमजोर है और उसकी विंध्य में अगर कोई उम्मीद हैं तो पूर्व मंत्री अजय सिंह (राहुल) भैया (Ajay Singh Rahul)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार से अजय सिंह की उपेक्षा हुई है उससे वो खुद परिचित हैं यही कारण है कि राहुल सिंह इस वक्त पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय खुद की विधानसभा में मेहनत करना ज्यादा जरुरी समझते हैं। मामला अजय सिंह (राहुल) भैया और कमलनाथ (Kamal Nath) के बीच का है। दरअसल कमलनाथ ने अजय सिंह को बुलाकर कहा कि आपको सतना से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा (Siddharth Kushwaha) की मदद करनी है जिसके बाद अजय सिंह ने कमलनाथ से सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद करने से साफ इंकार कर दिया। अजय सिंह ने कहा कि जब रैगांव में विधानसभा का उपचुनाव चल रहा था तब उन्होने सिद्धार्थ कुशवाहा से मदद करने के लिए कहा था जबकि उसके रैगांव में करीब दस हजार वोट हैं लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा ने कांग्रेस उम्मीदवार कल्पना वर्मा की किसी भी सूरत में मदद नहीं की। अजय सिंह (राहुल) भैया ने कमलनाथ से यहां तक कहा कि आप चाहो तो मेरा टिकट काट दो अथवा प्रदेश में किसी के भी पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए कहो मैं करुंगा लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद नहीं करुंगा। अजय सिंह के इस प्रकार बात करने से पीसीसी चीफ कमलनाथ भी टेंशन में आ गए हैं। सही मायने में कहा जाए तो कांग्रेस के पास विंध्य में कोई मजबूत नेता नहीं है। साल 2013 के बाद विंध्य में कांग्रेस लगातार कमजोर पड़ती चली गई है। अजय सिंह खुद चुनाव नहीं जीत पाए माना यह भी जा रहा है कि विंध्य में अजय सिंह ने सही तरीके से मेहनत नहीं की तो फिर कांग्रेस पार्टी विंध्य (Vindhya)में ठीक तरीके से परफार्मेंश नहीं कर पाएगी।
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What is your reaction to this story?'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे
रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
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