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मोहन के बजट में शासकीय कर्मचारियों के लिए नहीं स्थान,नहीं मिलेगा कर्मचारियों को डीए
भोपाल

मोहन के बजट में शासकीय कर्मचारियों के लिए नहीं स्थान,नहीं मिलेगा कर्मचारियों को डीए

मप्र में शासकीय सेवकों का चार फीसदी डीए लंबे समय से लंबित है। जबकि केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को कई महीने से 46 फीसदी डीए मिल रहा है। एमपी सरकार (mp government) सोमवार को अपना अर्ध बजट पेश करने है। लेकिन पता चल रहा है कि इस बजट में शासकीय कर्मचारियों (mp government employees) के डीए के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। मंत्रालय में मौजूद सूत्रों के मुताबिक जो बजट तैयार किया गया है उसमें फिलहाल एमपी के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलने वाली है। ऐसा नहीं है कि सरकार को कर्मचारियों के लंबित डीए की जानकारी नहीं है। पिछली कैबिनेट में इस मामले पर चर्चा भी हुई थी लेकिन वहां पर मौजूद प्रमुख सचिव वीरा रामा का तर्क था कि अगर शासकीय सेवकों को चार फीसदी डीए की राशि दी जाएगी तो सरकार के खजाने पर अतिरिक्त भार आएगा। पहले से ही लाड़ली बहना योजना के कारण सरकार को हर महीने कर्ज लेना पड़ रहा है। ऊपर से कर्मचारियों का डीए दिया जाता है तो उसकी राशि की ब्यवस्था करना सरकार के लिए टेढ़ी खीर हो जाएगा। इसी लिए फिलहाल जो बजट पेश होने वाला है उसमें राज्य के शासकीय सेवकों को डीए के लिए किसी प्रकार का प्राविधान नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि कर्मचारियों को डीए देना भी जरुरी है नहीं तो उनमें नारागी बढ़ जाएगी। इन सभी बातों के बाद यह भी फैसला लिया गया है कि लोकसभा चुनाव के बाद शासकीय सेवकों के डीए पर विचार किया जाएगा।

8/2/2024467
कांग्रेस में फिर बीजेपी ने लगाई सेंध,लीगल सेल के अध्यक्ष शशांक शेखर बीजेपी में हुए शामिल
भोपाल

कांग्रेस में फिर बीजेपी ने लगाई सेंध,लीगल सेल के अध्यक्ष शशांक शेखर बीजेपी में हुए शामिल

कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर लगातार जारी है। अब कांग्रेस के एक और महत्वपूर्ण नेता कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष और पूर्व महाअधिवक्ता शशांक शेखर (shashank shekhar)ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और ज्वाइनिंग टोली के प्रमुख डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra),उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और विधायक संजय पाठक (sanjay pathak) की मौजूदगी में थामा उन्होने बीजेपी की सदस्यता ली। पता चला है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं। कई नेता बीजेपी का दामन थामना चाहते हैं। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में ज्वाइनिंग कमेटी बनाई गई है जो अच्छे लोगों को बीजेपी में लाने का काम करती है। पीएम मोदी ने भी कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखा है और उसी सपने को सार्थक करते हुए भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भाजपा में लगातार शामिल करवा रही है।

8/2/2024143
कांग्रेस मुक्त भारत,कांग्रेस युक्त भाजपा,कांग्रेस के सैकड़ों लोग एकसाथ भाजपा में हुए शामिल
भोपाल

कांग्रेस मुक्त भारत,कांग्रेस युक्त भाजपा,कांग्रेस के सैकड़ों लोग एकसाथ भाजपा में हुए शामिल

कांग्रेस पार्टी से पलायल का दौर लगातार जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm modi) ने जिस प्रकार से कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है उसी को चरितार्थ करने के लिए भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल करने का सिलसिला शुरु कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू (jagat bahadur singh), डिण्डौरी जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष अंजू जितेन्द्र ब्यौहार, सिंगरौली जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह, डिण्डौरी के पूर्व जिला अध्यक्ष बीरेन्द्र बिहारी शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, पूर्व जनपद सदस्य, यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी सहित समाज सेवियों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इन सभी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,प्रहलाद पटेल और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा का अंगवस्त्र पहना कर ज्वाइनिंग कराई (mp bjp)। गौरतलब है कि जीतू पटवारी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ली है।

7/2/2024238
हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लाष्ट पर क्या बोल गए मुख्यमंत्री मोहन यादव
भोपाल

हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लाष्ट पर क्या बोल गए मुख्यमंत्री मोहन यादव

हरदा की ब्लास्ट वाली पटाखा फैक्ट्री में बुधवार को दूसरे दिन भी मलबा हटाया जा रहा है (harda blast)। मध्यप्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 11 लोगों की मौत हो गई। 217 लोग घायल हो गए, इनमें फैक्ट्री के 51 मजदूर शामिल हैं। 73 लोग हरदा, इंदौर, भोपाल और नर्मदापुरम के अस्पतालों में भर्ती हैं (harda firecracker factory blast)। इतनी दुखद घटना के बाद बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस के दो महापौर सहित कई पार्षदों की ज्वाइनिंग कराई गई। इस दौरान सीएम मोहन यादव (cm mohan yadav) ने नए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि घटना दुखद है लेकिन सरकार जो कर सकती थी सरकार ने किया। लेकिन मुख्यमंत्री ने जो चौकाने वाली बात कही वो ये है कि ऐसी घटना पर किसी का वश नहीं है। सवाल इस बात का उठता है कि रिहायशी क्षेत्रों में पटाखा फैक्ट्री लगाने के लिए अनुमति कौन देता है। क्या अनुमति देते समय मौके का मुआयना नहीं किया जाता है। और फिर घटना के बात सरकार ये कह कर इति श्री कर लेती है कि सरकार की तरफ से जो कुछ हो सकता है सरकार ने सबकुछ किया। लेकिन मुख्यमंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान कि घटना पर किसी का बस नही है।

7/2/2024185
आदिवासियों के हिस्से की 207 करोड़ राशि सरकार ने अन्य विभागों में की ट्रांफर,विक्रांत भूरिया ने उठाया मामला
भोपाल

आदिवासियों के हिस्से की 207 करोड़ राशि सरकार ने अन्य विभागों में की ट्रांफर,विक्रांत भूरिया ने उठाया मामला

कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया (vikrant bhuria) ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। डॉ. भूरिया ने कहा है कि भाजपा सरकार (mp government) आदिवासियों के हितों के साथ उनका हक किसी और को देकर खुले रूप से खिलवाड़ कर रही है जिसका ताजा उदाहरण भाजपा सरकार के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा इसी माह फरवरी में एक आदेश जारी किया गया है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि जो राशि आदिवासियों की शिक्षा स्वास्थ्य उनके क्षेत्र में विकास कार्यों एवं शिक्षा स्वास्थ्य पर खर्च होने वाली थी और ट्राइबल सबप्लान की राशि थी। वो 207 करोड़ अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दी गई है। विक्रांत भूरिया यहीं नहीं रुके उन्होने ये भी कहा कि भाजपा सरकार द्वारा आदिवासियों के साथ कुठाराघात कर खुले तौर पर उनके साथ अन्याय किया गया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि भाजपा आदिवासियों को एक वोट बैंक तक ही सीमित रखती है। आदिवासियों के विकास के लिए कार्य योजना बनाना तो दूर उनके हिस्से की राशि की बंदरबांट कर भ्रष्टाचार का नंगा नाच खेला जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में आदिवासियों के वोट हासिल करने के लिए 11 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आदिवासियों को गुमराह करने आ रहे हैं, अपने चुनावी वादों में आदिवासी किसान गरीब महिलाओं बेरोजगारों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने का दावा किया था लेकिन इन्हीं वर्गों के वास्तविक और समुचित उत्थान के लिए बजट में कोई व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई।

6/2/2024164
हरदा ब्लास्ट पर सख्त हुए सीएम मोहन यादव,बुलाई बैठक,दिए सख्त निर्देश
भोपाल

हरदा ब्लास्ट पर सख्त हुए सीएम मोहन यादव,बुलाई बैठक,दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना (harda blast) के संबंध में मंत्रालय में आपात बैठक ली, अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हरदा के आसपास के क्षेत्र से एंबुलेंस हरदा पहुंचाई जा रही हैं इसके साथ ही हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था के लिए सेना से संपर्क किया गया है।भोपाल, इंदौर में मेडिकल कॉलेज और aiims भोपाल में बर्न यूनिट को तैयारी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। होशंगाबाद में भी अस्पतालों में घायलों के उपचार के लिए व्यवस्था की गई है। बैठक में बताया गया कि हरदा में होशंगाबाद सहित आसपास के क्षेत्र से 14 डॉक्टर तत्काल रवाना किए गए हैं। हरदा में 20 एम्बुलेंस मौजूद हैं, तथा 50 और पहुंच रही है। भोपाल इंदौर स बैतूल, होशंगाबाद भेरूंदा, रेहटी सहित अन्य नगरीय निकायों तथा संस्थाओं से फायर ब्रिगेड हरदा भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, ACS अजीत केसरी, डीजी होमगार्ड को तत्काल हेलीकॉप्टर से हरदा जाने के निर्देश दिए हैं। NDRF, SDRF की टीमों को भेजा जा रहा है।बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे, प्रमुख सचिन नगरी प्रशासन एवं विकास नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राघवेंद्र सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

6/2/2024126
शासकीय कर्मचारियों के दबाव में मोहन सरकार,रिटायरमेंट सीमा 65 करने पर फंसी सरकार,शिक्षकों ने दी धमकी
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों के दबाव में मोहन सरकार,रिटायरमेंट सीमा 65 करने पर फंसी सरकार,शिक्षकों ने दी धमकी

शासकीय सेवकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने के मामले में अब प्रदेश की मोहन सरकार (mohan government) फंसती नजर आ रही है। दरअसल शासकीय सेवकों (mp government employees) की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष की जाती है तो चयनित शिक्षकों की नियुक्ति पर असर पड़ेगा। एक तरफ सरकारी नौकरी नहीं निकल रही है, युवा बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में राज्य की मोहन सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 62 से बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी कर रही है। इधर, इस फैसले से चयनित शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि चार सालों से हम नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में यदि सरकार ऐसा कुछ फैसला लेती है तो चयन के बावजूद हम बाहर हो जाएंगे। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित उम्मीदवार इस कवायद से चिंतित हैं। मंत्रालय में मौजूद सूत्रों के अनुसार सरकार रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने जा रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित शिक्षकों का कहना है कि चयनित होने के बावजूद हम नियुक्ति-पत्र का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में पुराने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने से उनके हाथ में आया यह अवसर भी खत्म हो जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि सरकार ने कुछ साल पहले ही सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 की थी। इस प्रकार से सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से शिक्षित युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है, वहीं बेरोजगारों की लिस्ट बढ़ती जा रही है। इससे चयनित शिक्षक जिन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, वो बेहद चिंतित है। उनका कहना है कि यदि सरकार ऐसा करती है तो चयन के बावजूद हमारे हाथ से सरकारी नौकरी का मौका निकल जाएगा। हजारों चयनित शिक्षकों में से कई ओवरएज हो जाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार बार-बार आयु ही बढ़ाती रहेगी तो युवाओं का भविष्य अंधकार में आ जाएगा। सेवानिवृत्ति की आयु पहले की तरह 60 साल करना चाहिए। प्रदेश में 2018 तक सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 साल थी. 2018 की विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने जून 2018 से इसे बढ़ाकर 62 साल कर दिया था. अब 6 साल बाद फिर से सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी की जा रही है. आयु सीमा बढ़ाए जाने का सरकार को वित्तीय लाभ भी होगा. दरअसल, वित्तीय स्थिति ठीक ना होने से सेवानिवृत्ति पर शासन को एक मुश्त भुगतान की राशि भी कर्मचारियों को नहीं देनी पड़ेगी। उधर इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने वित्त विभाग से अभिमत मांगा है। वित्त विभाग से पूछा गया है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से विभाग की वित्तीय स्थिति पर क्या फर्क पड़ेगा। हांलाकि सरकार अब अपने फैसले पर ही विचार कर रही है क्योंकि आगे लोकसभा चुनाव है और अगर प्रदेश का युवा सरकार के फैसले से नाराज हुआ तो लोकसभा चुनाव में काफी दिक्कतें आ सकती हैं।

6/2/2024984
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा,लंबित मानदेय की मिली सौगात
भोपाल

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा,लंबित मानदेय की मिली सौगात

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (anganwadi workers) को मध्य प्रदेश सरकार (mp government) ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने 3 महीने के लंबित मानदेय भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए 207 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी गई है। यह राशि अनुसूचित जनजाति उप योजना से लिए जायेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भुगतान को विशेष प्रकरण मानते हुए अनुसूचित जाति उप योजना की राशि से मानदेय दिया जाएगा। इसे लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि लंबे समय से आगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय भुगतान की मांग कर रही थी। राज्य

5/2/2024523
युवाओं को रोजगार देने के बजाय एमपी सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 करने की तैयारी में, सरकार के पास नहीं पैसे
भोपाल

युवाओं को रोजगार देने के बजाय एमपी सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 करने की तैयारी में, सरकार के पास नहीं पैसे

आर्थिक तंगी से जूझ रही मध्य प्रदेश की मोहन सरकार (mp government) ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने का प्लान तैयार किया है। बताया जा रहा है कि मोहन यादव (mohan yadav) सरकार इस बार प्रदेश के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 3 साल बढ़ाकर 65 साल कर सकती है। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति ने शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में एकरूपता लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 साल से बढ़ाकर 65 साल करने पर शासन विचार करे। (mp government employees) मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा लाए गए संकल्प पत्र 2023 में मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र में एकरूपता लाने का भी बिंदु शामिल था। राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने अपने पत्र में इस बिंदु का भी हवाला दिया है। उन्होंने लिखा है कि मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में एकरूपता लाई जाए। उन्होंने लिखा है कि सरकार को शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ानी चाहिए क्योंकि पदोन्नति नहीं होने की वजह से सरकारी विभागों में कैडर गड़बड़ा गया है और कई विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। प्रदेश में 2018 तक सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 साल थी। 2018 की विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने जून 2018 से इसे बढ़ाकर 62 साल कर दिया था। अब 6 साल बाद फिर से सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी की जा रही है। आयु सीमा बढ़ाए जाने का सरकार को वित्तीय लाभ भी होगा। दरअसल, वित्तीय स्थिति ठीक ना होने से सेवानिवृत्ति पर शासन को एक मुश्त भुगतान की राशि भी कर्मचारियों को नहीं देनी पड़ेगी। उधर इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने वित्त विभाग से अभिमत मांगा है। वित्त विभाग से पूछा गया है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से विभाग की वित्तीय स्थिति पर क्या फर्क पड़ेगा। हांलाकि रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर कर्मचारी दो खेमे में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए 60 वर्ष की आयु के बाद काम करना और रोज आफिस जाना मुस्किल होता है।

5/2/20241604
अधिकारियों कर्मचारियों को डीए देने से पहले रिटायरमेंट के बाद राहत देने के मूड में मोहन सरकार
भोपाल

अधिकारियों कर्मचारियों को डीए देने से पहले रिटायरमेंट के बाद राहत देने के मूड में मोहन सरकार

प्रदेश के कर्मचारियों को डीए का तोहफा नहीं मिला लेकिन मोहन सरकार (mohan government) ने रिटायरमेंट के बाद एक बड़ी राहत का निर्णय जरुर लिया गया है। पता चला है कि शासकीय सेवा में रहते आर्थिक गड़बड़ी या पद के दुरुपयोग की शिकायतों पर चलने वाली विभागीय जांच अब सेवानिवृत्ति के पहले पूरी करनी होगी। इसके लिए प्रक्रिया तय करने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है, जो एक सप्ताह में मुख्य सचिव वीरा राणा को रिपोर्ट देगी। यह कदम सेवानिवृत्ति के बाद तक चलने वाली जांच को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव (mohan yadav) की आपत्ति जताने के बाद उठाया गया है। दरअसल, हर कैबिनेट बैठक में पांच-सात प्रकरण अधिकारियों-कर्मचारियों की विभागीय जांच पर निर्णय के लिए आते हैं। कमल नाथ सरकार में ऐसे प्रकरणों को कैबिनेट में लाने के स्थान पर निर्णय के लिए सामान्य प्रशासन मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक समिति बना दी थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई और फिर कैबिनेट में प्रकरण भेजे जाने लगे। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब यह पता होता कि जिसकी जांच चल रही है, वह कब सेवानिवृत्त हो रहा है तो फिर प्रकरण का निराकरण सेवा में रहते ही हो जाना चाहिए। यदि वह दोषी है तो सेवा में रहते ही वसूली आदि की कार्रवाई आसानी से की जा सकती है। कर्मचारी को भी बार-बार दूरदराज से आना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की मंशा को देखते हुए मुख्य सचिव के निर्देश पर समिति बनाई गई है जो सेवानिवृत्ति के बाद लंबित विभागीय जांच से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और सेवानिवृत्ति से पहले ही जांच प्रक्रिया पूरी करने की प्रक्रिया को लेकर रिपोर्ट देगी। समिति में अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार, डा.राजेश कुमार राजौरा, प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव और सचिव उमेश पांडव को शामिल किया है।

4/2/202423457
भैंस चराने को मजबूर एमपी पुलिस, रोज पांच हजार रुपये से ज्यादा का आ रहा खर्चा
भोपाल

भैंस चराने को मजबूर एमपी पुलिस, रोज पांच हजार रुपये से ज्यादा का आ रहा खर्चा

खंडवा से एक दिलचश्प खबर है जहां पुलिस (mp police)मुजरिमों की धरपकड़ छोड़ इन दिनों भैंस चराने में ब्यस्त है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार खंडवा से लगे जावर थाना पुलिस ने कुछ दिनों पहले चेकिंग के दौरान 17 भैंसे पकड़ी जो बिना परमिट के ट्रांसपोर्ट की जा रही थी। मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो स्थानीय पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रुप से ट्रांसपोर्ट की जा रही भैंसों को जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार, एक भैंस की कीमत 8 लाख़ से ज्यादा की बताई जा रही है। आमतौर पर जब कभी गाय पकड़ाती है तो,उन्हें गौशाला भिजवा दिया जाता है पर महंगी भैंस होने के कारण पुलिस सभी भैंसों को थाने ले आई। अब उन भैसों की जब्ती पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुकी है। कोर्ट के आदेश के इंतज़ार में पुलिसकर्मी भैंसो चारा खिलाने, पानी पिलाने से लेकर गोबर सफाई तक कर रही है। भैंसों की सुरक्षा में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। जावर थाना प्रभारी जेपी वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हर रोज़ लगभग ₹5000 रुपये उन भैंसों की खिलाई पिलाई का खर्चा आ रहा है जो वह अपने जेब से वहन कर रहे हैं।

3/2/2024361
भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी कमलनाथ की बहू,कमलनाथ ने दिया संकेत
भोपाल

भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी कमलनाथ की बहू,कमलनाथ ने दिया संकेत

कांग्रेस पार्टी में भगदड़ का दौर लगातार जारी है। दरअसल खबर है कि कांग्रेस के नेता प्रमोद कृष्णन भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। इस मामले पर जब पूर्व सीएम कमलनाथ (kamal nath) से सवाल किया गया तो उन्होने खुले तौर पर कहा कि सब स्वतंत्र हैं कोई किसी पार्टी से बंधा हुआ नहीं है। गौरतलब है कि लंबे समय से माना जा रहा है कि कमलनाथ भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की जुगाड़ बना रहे हैं। एक खबर और निकल कर सामने आ रही है कि कमलनाथ,नकुलनाथ (nakul nath) दोनो लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि नकुलनाथ की पत्नी को भारतीय जनता पार्टी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है (lok sabha elections) । जिस प्रकार से पूरे देश में राम मंदिर का मुद्दा चल रहा है उसके बाद कांग्रेस में इस वक्त लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं का साफ कहना है कि वो चुनाव हारने के लिए नही लड़ेंगे क्योंकि भाजपा की लहर है और कांग्रेस से जो भी चुनाव लड़ेगा उसकी हार तय है। माना जा रहा है कि भाजपा प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट जीतने के लिए कमलनाथ की बहू को पार्टी से टिकट दे सकती है।

3/2/2024210
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