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कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के देश विरोधी बयान पर बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने किया करारा प्रहार
भोपाल

कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के देश विरोधी बयान पर बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने किया करारा प्रहार

कांग्रेस नेताओं की तरफ से देश विरोधी बयान पर बीजेपी सख्त हो गई है। हाल ही में कांग्रेस सांसल डीके सुरेश (dk suresh) ने एक देश विरोधी बयान दिया है जिस पर मप्र बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश विरोधी कदम है। कांग्रेस फूट डालो राज करो की नीति के साथ यह बयान उसका परिचायक है। कांग्रेस के सांसद और कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री डी के शिव कुमार के वो भाई है और उनका इस प्रकार का बयान आना, भारत की एकता और अखंडता पर प्रहार है। राहुल गांधी जो यात्रा निकाल रहे हैं उस यात्रा का नाम रखते हो भारत जोड़ो। यही भारत जोड़ो है कि जो भारत को तोड़ने का काम कांग्रेस के सांसद कर रहे हैं । प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सोनिया गांधी को और राहुल गांधी को इस बात का जवाब देना चाहिए की डीके सुरेश ने जो कहा है क्या वह इस बात का समर्थन करते हैं। अन्यथा उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए और डीके सुरेश के खिलाफ कांग्रेस को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

3/2/2024119
कर्मचारी हितैषी नहीं है प्रदेश की मोहन सरकार,कर्मचारियों के डीए पर भारी पड़ रही लाड़ली बहना योजना
भोपाल

कर्मचारी हितैषी नहीं है प्रदेश की मोहन सरकार,कर्मचारियों के डीए पर भारी पड़ रही लाड़ली बहना योजना

प्रदेश में जब भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री बदला तो लोगों को लगा था कि अब कुछ नया देखने को मिलेगा। सिर्फ बात नहीं बल्कि काम भी होगा। लेकिन लोगों की उन उम्मीदों पर अब पानी फिरना शुरु हो गया है। दरअसल लंबे समय से शासकीय कर्मचारियों (mp government employees) को उम्मीद थी कि उनका डीए मोहन सरकार (mohan government) जरुर देगी लेकिन नई सरकार का गठन होने के बाद कई कैबिनेट की बैठकें हो चुकी हैं लेकिन एक भी कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार में शासकीय कर्मचारियों के डीए पर चर्चा नहीं हुई। मंत्रालय में मौजूद सूत्रों की मानें तो निकट भविष्य में फिलहाल कर्मचारियों को डीए मिलने की किसी प्रकार की कोई संभावना नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) को नहीं है लेकिन वो कर्मचारियों के विषय पर बात करने के लिए किसी प्रकार से तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की बात आती है तो सरकार मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार के पास फिलहाल बजट नहीं है जिसके कारण वो डीए नहीं दे पाएंगे। दरअसल कर्मचारियों के डीए के आड़े लाड़ली बहना योजना आ रही है। राज्य सरकार पर लाड़ली बहना योजना की हर महीने मिलने वाली किस्त इतनी भारी पड़ रही है कि अन्य विकास के बारे में मुख्यमंत्री मोहन यादव सोच ही नहीं पा रहे हैं। इसके उलट बात करें तो केन्द्र सरकार अपने कर्मचारियों को 46 फीसदी मंहगाई भत्ता दे रही है और प्रदेश के शासकीय कर्मचारी सिर्फ 42 फीसदी ही मंहगाई भत्ता पा रहे हैं। खबर ये भी है कि केन्द्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर केन्द्रीय कर्मचारियों का चार फीसदी मंहगाई भत्ता बढ़ाने वाली है। मतलब साफ है कि केन्द्र सरकार मप्र के शासकीय कर्मचारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। मोहन सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों की अनदेखी के चलते नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लेकिन कर्मचारी सरकार के खिलाफ जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।

2/2/2024266
अब चलेगी 'तोमर साही' राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकारों का ही जारी होगा पास
भोपाल

अब चलेगी 'तोमर साही' राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकारों का ही जारी होगा पास

मप्र विधानसभा में तानाशाही का दौर शुरु हो चुका है। दरअसल सात फरवरी से शुरु हो रहे विधानसभा के बजट सत्र (mp vidhansabha) में नए विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ने पत्रकार दीर्घा के लिए नई गाईडलान तय कर दी है। जिसके बाद विधानसभा में सैकड़ों पत्रकारों और कैमरामैनों का प्रवेश वर्जित हो जाएगा। दरअसल इस बार से विधानसभा के पत्रकार दीर्घा में उन्ही पत्रकारों को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा जिनके राज्य स्तरीय अधिमान्यता कार्ड जारी किए गए हैं। विधानसभा में मिली जानकारी के अनुसार इस बार नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा। अभी तक करीब छह सौ पत्रकारों और कैमरामैनों का पत्रकार दीर्घा के लिए पास जारी किया जाता था। लेकिन इस बार तो गाईडलाइन तय की गई है उसके तहत महज 100 पत्रकारों को ही पत्रकार दीर्घा का पास जारी हो पाएगा। विधानसभा का तर्क है कि वो सोशल मीडिया के माध्यम से न्यूज चैनलों और न्यूज पेपरों को खबरें जारी करते हैं तो फिर विधानसभा में पत्रकारों का आने का कोई मतलब ही नहीं है। लिहाजा पत्रकारों की संख्या करने के लिए इस प्रकार की गाईडलाइन तय की जा रही है जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी नहीं टूटे। अब अगर विधानसभा सिर्फ राज्य स्तरीय पत्रकारों के लिए ही पास जारी करेगा तो जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार विधानसभा नहीं जा पाएंगे। इसके अलावा उन युवा पत्रकारों की भी संख्या बड़ी है जो अभी तक किसी भी श्रेणी में अधिमान्य नहीं हैं। मतलब साफ है कि विधानसभा में अब तानाशाही का दौर तेज हो गया है। जो वो बताना चाहेंगे और दिखाना चाहेंगे वही मीडिया में चल पाएगा। जो वरिष्ठ पत्रकार हैं वो सब जानते हुए भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं और जो जूनियर पत्रकार हैं वो बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। लिहाजा इस बार के विधानसभा सत्र में पत्रकारों का प्रवेश मुश्किल होने वाला है।

1/2/2024102
वीडी शर्मा बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष,संगठन में होंगी जल्द नई नियुक्तियां,लोकसभा प्रभारी और संयोजक भी होंगे नियुक्त
भोपाल

वीडी शर्मा बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष,संगठन में होंगी जल्द नई नियुक्तियां,लोकसभा प्रभारी और संयोजक भी होंगे नियुक्त

मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी मध्यप्रदेश भाजपा (mp bjp) जल्द ही लोकसभा प्रभारी और संयोजकों की नियुक्ति करने जा रही है। इसके अलावा भाजपा के संगठन में बदलाव की भी खबर मिल रही है। दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई पदाधिकारी विधायक और मंत्री बन चुके हैं जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के संगठन में कई ऐसे पद हैं जो रिक्त हैं। भाजपा में परंपरा रही है कि एक ब्यक्ति एक पद यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी जल्द ही अपने संगठन में बदलाव करने वाली है। लेकिन इस बीच खबर ये भी है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) इसी प्रकार से अपने पद में बने रहेंगे। जिस प्रकार से वो विधानसभा चुनाव में थे। दरअसल वीडी शर्मा के नेतृत्व में ही भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था और प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी ने फिर से सरकार बनाई है। वीडी शर्मा ने प्रदेश में जितने भी पार्टी से जुड़े अभियान चलाए वो सभी सक्सेज हुए और उसी का नतीजा था कि पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर चुनाव लड़े। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जिस प्रकार से पार्टी को मजबूत किया है उसका लाभ पार्टी लोकसभा चुनाव में भी उठाना चाहती है। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बीजेपी इसी प्रकार से अध्यक्ष पद पर बनाए रखना चाहती है। इस बात में कोई सक नहीं कि विधानसभा चुनाव खत्म होते ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा लोकसभा चुनाव में जुट गए थे और उनके प्रवास भी लगातार शुरु हो गए हैं। अब उन्ही के नेतृत्व में गांव चलो अभियान बीजेपी ने शुरु किया है जिसमें भाजपा के नेता और पदाधिकारी 24 घंटे गांव में बिताएंगे। मतलब साफ है कि इस अभियान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी अपने बूथों को मजबूत करना चाहती है। खास कर उन बूथों को जहां पर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कम वोट मिले हैं। भाजपा की ओर से उन बूथों की सूची भी तैयार की गई है। विधानसभा वार भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार बूथों की लिष्ट अब भी तैयार कर रहे हैं। मतलब साफ है कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार से कांग्रेस को मौका नहीं देना चाहती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पहले ही कह दिया है कि अबकी बार 29 के पार। यानि प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों को भाजपा ने जीतने का लक्ष्य बना लिया है। इस चुनाव में भाजपा छिंदवाड़ा सीट में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है।

1/2/2024122
उज्जैन में होगा  ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह,संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की तैयारी
भोपाल

उज्जैन में होगा ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह,संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की तैयारी

संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति एवं मध्य प्रदेश ब्राह्मण महासभा के नेतृत्व में उज्जैन में अति शीघ्र होने वाले ब्राह्मण रत्न सम्मान (brahmin ratna samman) समारोह को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) से संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक संगठन के सदस्यों ने इस मामले को लेकर ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर कार्यक्रम की जानकारी दी है। संगठन की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष पं मनोज (अजय) रावत ने बताया कि ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह के आयोजन को लेकर राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री से चर्चा की है। साथ ही प्रतिभा बागरी नगरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री, राधा सिंह पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री से भी भेंट की गई। इस अवसर पर पं मनोज (अजय) रावत राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ही पं संजय शर्मा, पं राधेश्याम शर्मा देवास, जितेंद्रजी, श्यामली शर्मा, निहारिका शर्मा, सविता चौहान आदि मौजूद रहे। इस ब्राह्मण रत्न कार्यक्रम की रुप रेखा तैयार कर ली गई है जल्द ही तारीख की भी घोषणा की जाएगी।

31/1/2024394
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान
भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान

विंध्य क्षेत्र से उप मुख्यमंत्री बनाए गए राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर रीवा सहित विंध्य के रहवासियों के साथ भेदभाव की खबरें आ रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव आनंद भट्ट का ब्यौहार रीवा की जनता के प्रति ठीक नहीं बताया जाता है। इतना ही नहीं विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मी जो भोपाल के अलग-अलग न्यूज चैनल अथवा अखबार में काम करते हैं और वो आनंद भट्ट को फोन करते हैं तो आनंद भट्ट बुरी तरह से बात करते हैं। आनंद भट्ट के बात करने के तरीके पर ना सिर्फ मीडिया कर्मी नाराज बताए जा रहे हैं बल्कि विंध्य अथवा रीवा से आने वाले सामान्य नागरिक अथवा भाजपा के कार्यकर्ता भी काफी नाराज नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला को ब्राह्मण होने और विंध्य में भाजपा के पक्ष में अच्छे नतीजे आने के इनाम के तौर पर उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। राजेन्द्र शुक्ला में तो कमी की शिकायत नहीं है क्योंकि उन तक कोई पहुंच जाता है तो उसका काम हो अथवा नहीं लेकिन राजेन्द्र शुक्ला उसकी बात सुनते हैं और उस काम को पूरा करने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसी बात की है कि राजेन्द्र शुक्ला से भोपाल में मिलना आम जनता को मुश्किल हो रहा है। क्योंकि उनका जो स्टाफ है उनका ब्यौहार ही जनता के प्रति ठीक नहीं है। और जिस प्रकार से रीवा-सतना और सीधी के लोगों को उपेक्षित किया जाता है उससे राजेन्द्र शुक्ला के प्रति लोगों के मन में नफरत का माहौल तैयार हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ला को विकास पुरुष कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भी एक समस्या है। उनको विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने कई बार उनके स्टाफ के बारे में बताने का प्रयास भी किया जिसे राजेन्द्र शुक्ला सुनते तो बड़े ध्यान से हैं लेकिन उसके बाद वो गुनते नहीं हैं। मतलब साफ है कि जनता के साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार की खबरें आ रही हैं अथवा उनके साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार किया जा रहा है उसमें राजेन्द्र शुक्ला की भी मौन स्वीकृति है। नहीं तो इतनी शिकायतें मिलने के बाद भी राजेन्द्र शुक्ला अपने स्टाफ को नसीहत देते अथवा बदलाव की कोशिश करते।

31/1/2024342
10वीं 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती,फारेस्ट विभाग में होने वाली है भर्ती
भोपाल

10वीं 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती,फारेस्ट विभाग में होने वाली है भर्ती

मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा फॉरेस्ट गार्ड (mp forest department) केरिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है। और मध्य प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव के पहले इन रिक्तियों पर भर्तियां शुरू कर देगी। वर्तमान में कुल 3795 फॉरेस्ट गार्ड के पद खाली हैं। इन पदों पर शैक्षणिक योग्यता केवल दसवीं एवं 12वीं पास रखी जाएगी एवं शारीरिक मापदंड एवं व्यावहारिकता को प्राथमिकता दी जाएगी। जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश सरकार फॉरेस्ट गार्ड की भर्तियां लोकसभा चुनाव के पहले शुरू कर देगी। हालांकि इन भर्तियों में खास बात यह रहेगी कि जिस प्रकार इंडियन आर्मी में अग्नि वीरों की भर्ती की जाती है इसी अनुसार मध्य प्रदेश शासन ने भी यह सुनिश्चित किया है कि वन विभाग में भी वन वीरों की भर्ती की जाएगी। मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा फॉरेस्ट गार्ड की विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। हालांकि यह भर्तियां अस्थाई होगी और 5 साल के बाद उन्हें परमानेंट कर दिया जाएगा। इस फार्मूले के अनुसार बाघ मित्र, चिता मित्र, हाथी मित्र सहित अन्य पदों पर भर्ती की जाएगी। वन विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट में यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि वन वीर भर्ती योजना में ऐसे युवाओं को मौका दिया जाएगा जिनके घर जंगल के आसपास है एवं उनकी नियुक्तियां 1 साल के लिए की जाएगी। 1 साल में उनका अच्छा प्रदर्शन होने पर कार्यकाल 5 साल तक आगे बढ़ा दिया जाएगा और उसके बाद फिर उन्हें परमानेंट कर दिया जाएगा। और इस नियम में टोटल नियुक्त वन वीरों में से 30% वन वीरों को हर साल परमानेंट करने का प्रावधान है। मध्य प्रदेश वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के कुल 3795 पद रिक्त हैं। जिसमें जिसमें हर साल पांच सौ से अधिक वन वीरों की भर्तियां की जाएगी। और इन वन वीरों को 15 हजार से 20 हजार रूपये मासिक वेतन दिया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव के पहले ही इन पदों पर भर्तियां प्रारंभ कर देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देश पर चीता मित्रों की भर्ती की जाएगी ताकि चीतों के प्रति जागरूकता लाई जाए और ग्रामीणों के मन से जंगली जानवरों और खास तौर पर चीतों का डर समाप्त किया जाए। और इसी वजह से वन वीर भर्ती में चीता मित्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

30/1/2024162
शासकीय कर्मचारियों को अभी नहीं मिलेगा 4% डीए का लाभ,केन्द्र फिर देगा मंहगाई भत्ता
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों को अभी नहीं मिलेगा 4% डीए का लाभ,केन्द्र फिर देगा मंहगाई भत्ता

मप्र के 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को राज्य सरकार फिलहाल बढ़ा हुआ चार फीसदी मंहगाई भत्ता देने के मूड में नहीं है (mp government employees)। मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल इस बारे में सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव से अब तक दो बाह मंहगाई भत्ते की फाइल चली,लेकिन मुख्य सचिव वीरा राणा के दफ्तर से लौटा दी गई। वहीं Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार जल्द ही मंहगाई भत्ते में चार प्रतिशत की और पढ़ोत्तरी करने की योजना बना रही है। इस जानकारी के बाद प्रदेश के कर्मचारी संगठन आंदोलन की तैयारी में जुट गया है। गौरतलब है कि मतदान से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों को चार फीसदी मंहगाई भत्ता देने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी। वोटिंग से चार दिन पहले धनतेरस के दिन 12 नवंबर को राज्य सरकार की ओक से भेजे गए प्रस्ताव पर तब आयोग ने ये कह कर रोक लगाई थी कि मतदान 17 दिसंबर को है तब तक इस निर्णय को स्थगित रखा जाए। मतदान खत्म होने के बाद तत्कालीन शिवराज सरकार ने निर्वाचन आयोग के पास प्रस्ताव नहीं भेजा। मतलब साफ है कि वो चुनाव में फायदा लेने के लिए चार फीसदी मंहगाई भत्ता जोड़ना चाहते थे। नई सरकार बनने के बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उन्हे अब चार फीसदी मंहगाई भत्ता मिलेगा लेकिन दो बार फाइल चलने के बाद भी उस पर अंतिम मुहर नहीं लगी जिसके चलते अब राज्य के कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है। ऊपर से केन्द्र सरकार एक बार फिर चार प्रतिशत मंहगाई भत्ता देकर राज्य कर्मचारियों के जले में नमक छिड़कने का काम करने जा रहा है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने जुलाई 2023 में चार प्रतिशत मंहगाई भत्ता और मंहगाई राहत दी थी। जिसके कारण केन्द्र के कर्मचारियों को कुल 46 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिल रहा है और राज्य के कर्मचारियों को सिर्फ 42 फीसदी मंहगाई भत्ते पर ही संतोष करना पड़ रहा है। जबकि राज्य में भी केन्द्र के समान ही मंहगाई भत्ता देने की परंपरा रही है। राज्य सरकार के इस फैसले के कारण कर्मचारियों को दो से दस हजार रुपये तक का प्रतिमाह नुकसान उठाना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार के इस रवैए के कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारी लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ जाकर वोटिंग कर सकते हैं।

30/1/2024398
दिल्ली दरवार में मुख्यमंत्री की हाजिरी,हर तीसरे दिन हो रहा दौरा
भोपाल

दिल्ली दरवार में मुख्यमंत्री की हाजिरी,हर तीसरे दिन हो रहा दौरा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने दिल्ली दौरे पर लगातार जा रहे हैं। सीएम बनने के बाद हर तीसरे- चौथे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव का दिल्ली में दौरा हो रहा है। ठीक इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी दिल्ली का दौरा किया करते थे। माना जा रहा है कि सियासत का ककहरा अब मोहन यादव दिल्ली के प्रवास पर ही पढ़ रहे हैं। सोमवार को मूख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली दौरे पर पहुंचे जहां उन्होने कई केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात करने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इन मुलाकातों को लेकर एमपी में लगातार अलग-अलग सियासी कयास लगाए जा रहे हैं। जिस प्रकार से मोहन यादव दिल्ली के दौरे कर रहे हैं उससे माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री काम करनी की खुली छूट चाहते हैं साथ ही वो एमपी बीजेपी के संगठन में भी अपना दखल चाहते हैं जिससे उनके हिसाब से पूरी तरह से काम हो सके। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का पिछले साल फरवरी में कार्यकाल समाप्त हो गया था लेकिन चुनाव को देखते हुए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बदलाव का जोखिम नहीं उठाया। अब लोकसभा चुनाव है और मुख्यमंत्री मोहन यादव चाहते हैं कि साबकुछ उनके हिसाब से चले यही कारण है कि उनके दिल्ली के लगातार दौरे चल रहे हैं।

29/1/202490
कमलनाथ की राह पर मोहन यादव,हर तीसरे दिन उज्जैन में करते हैं प्रवास
भोपाल

कमलनाथ की राह पर मोहन यादव,हर तीसरे दिन उज्जैन में करते हैं प्रवास

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) आज तक उज्जैन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिलती है जब हर तीसरे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के प्रवास में रहते हैं। इस बात में कोई सक नहीं है कि उज्जैन एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है लेकिन मुख्यमंत्री को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वो अकेले उज्जैन के सीएम नहीं हैं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री वही हैं। सीएम बनने के बाद विधानसभा में भी जब मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहला भाषण हुआ तो उन्होने अपने 15 मिनट के भाषण में करीब 10 बार उज्जैन का नाम लिया। ठीक इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का भी छिंदवाड़ा प्रेम देखने को मिलता था। हर तीसरे दिन सीएम रहते उनका छिंदवाड़ा दौरा होता था कोई विकास की बात हो तो छिंदवाड़ा से ही शुरु होती थी। कमलनाथ अपने 15 महीने के कार्यकाल में छिंदवाड़ा से बाहर नहीं निकल पाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी ठीक उन्ही के रास्ते पर चल पड़े हैं। करीब डेढ़ महीने मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने हो चुका है इस बीच करीब 20 दौरे वो उज्जैन के कर चुके हैं हर तीसरा दिन मोहन यादव का उज्जैन में ही बीतता है। और अब इस बात के चर्चे तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में भी होने लगे हैं। पार्टी के किसी नेता को मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी हो तो मुलाकात नहीं हो पाती। प्रदेश की जनता भी अब दवी जुवान ये कहने लगी है कि मोहन यादव उज्जैन के ही मुख्यमंत्री बन कर रहना चाहते हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार संघ भी मोहन यादव के उज्जैन दौरे और उज्जैन प्रेम पर काफी नजर रख रहा है।

28/1/2024261
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने किए प्रभारी नियुक्त
भोपाल

लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने किए प्रभारी नियुक्त

मिशन 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने 23 राज्यों के चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। विधानसभा चुनाव में एमपी में केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (bhupendra yadav) और अश्विनी वैष्णव (ashwini vaishnaw) को प्रभारी नियुक्त किया गया था। फिलहाल इस सूची में मप्र के प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है लेकिन यह माना जा रहा है कि अगली सूची में भाजपा एमपी के प्रभारी की भी नियुक्ति कर देगी। सूची में दिलचश्प यह है कि एमपी के किसी भी नेता को किसी राज्य का दायित्व नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि अगली सूची में एमपी से किसी नेता को किसी राज्य की जवाबदारी दी जा सकती है।

27/1/2024173
बीजेपी के पोस्टरों से गायब होंगे 'मामा' मोहन युग की ओर आगे बढ़ेगी बीजेपी
भोपाल

बीजेपी के पोस्टरों से गायब होंगे 'मामा' मोहन युग की ओर आगे बढ़ेगी बीजेपी

मप्र बीजेपी ने अब तय कर दिया है कि 'मामा' राज खत्म हो चुका है। इसकी बानगी के तौर पर पहले सीएम पद की कुर्सी छीनी गई उसके बाद उन्हे एमपी में कोई जिम्मेदारी देने के बजाय साउथ में सक्रिय होने का निर्देश जारी किया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब एमपी बीजेपी हर पोस्टर से पूर्व सीएम को हटाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल 18 साल तक एमपी में सीएम रहे मामा ने अन्य किसी नेता को एमपी बीजेपी में पनपने नहीं दिया यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के दौरान मोदी के सहारे ही चलना पड़ता है। लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को भी पूर्व सीएम ने केन्द्र सरकार की बगैर अनुमति के शुरु किया था जो आज मोहन सरकार (mohan government) के लिए समस्य बन चुकी है हर महीने सरकार को 1500 करोड़ से ऊपर का बजट लाड़ली बहना योजना के लिए बनाना पड़ रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार लाड़ली बहना योजना की फरवरी में मिलने वाली किस्त के लिए राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यही कारण है कि सरकार को फिर कर्ज लेना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के द्वारा अनेकों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें सरकार को प्रतिमाह हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सरकार लगातार कर्ज के बोझ में दबती चली जा रही है। इसी लिए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने तय किया है कि मामा द्वारा शुरु की गई योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जाना चाहिए। उसके पहले पोस्टर बैनर से गायब करने की योजना है जिससे लोगों को ज्यादा भनक न लगने पाए। प्रदेश की जनता के मन में मोहन यादव को जगह दिलाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक नए युग की शुरुआत की जा सके। (mp bjp)

27/1/2024160
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