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कार्यकारी सीएम शिवराज का बयान,यह अंत नहीं लौट कर आउंगा
प्रदेश की 18 साल तक बागडोर संभालने वाले कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने 18 साल के कार्यकाल की जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री बने थे तब प्रदेश बीमारु राज्य हुआ करता था जिसको उन्होने दिन रात मेहनत कर विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना उन्होने महिलाओं वोट के लिए नहीं शुरु की थी बल्कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाने के प्रयास किया था। और उसका असर भी देखने को माला है। कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि भाई बहन और मामा का जो रिस्ता है वो हमेशा आखिरी सांस तक बना रहेगा। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद शिवराज सिंह चौहान जब मीडिया कर्मियों के बीच आए तो उन्होने कहा कि यह अंत नहीं है लौक कर जरुर आउंगा किसी न किसी भूमिका में। शिवराज सिंह चौहान जब 74 बंगला स्थित उनके नवीन भवन में पहुंचे तो उनसे मिलने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला भी उनका स्वागत करने के लिए आए। जहां दोनों नेताओं ने काफी देर तक आपस में बात की। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला और शिवराज सिंह चौहान को एक दूसरे का बेहद करीबी माना जाता है।

भूपेन्द्र यादव ने लिखी मोहन यादव के सीएम बनने की स्कृप्ट
मोहन यादव (mohan yadav) के मुख्यमंत्री बनने पर लोग हैरान जरुर हैं लेकिन यह कोई अप्रत्याशित बात नहीं है। मोहन यादव संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं,1982 से वो लगातार छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2013 में पहली बार विधायक बने मोहन यादव को 2020 में उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया। नई शिक्षा नीति को सबसे पहले एमपी में लागू करने का रिकार्ड भी मोहन यादव के नाम है। PHD होल्डर मोहन यादव सुलझे हुए नेता हैं। एक सामान्य परिवार से आने वाले मोहन यादव अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय नेता माने जाते हैं। अब बात करते हैं कि फैसला चौकाने वाला जरुर है लेकिन अप्रत्याशित नहीं है। दरअसल मोहन यादव प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (bhupendra yadav) के काफी करीबी माने जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचंड बहुमत में आने के बाद ही भूपेन्द्र यादव ने मोहन यादव को सीएम बनाने की स्कृप्ट लिखनी शुरु कर दी थी। भूपेन्द्र यादव ने अमित शाह के सामने मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया और यह भी बताया कि मोहन यादव को सीएम बनाने का मतलब ये है कि एमपी में ओबीसी को तो साधा ही जा सकेगा साथ में यूपी और बिहार के लिए भी एक बड़ा मैसेज जाएगा। यानि मतलब साफ है कि मोहन यादव को सीएम बनाने के पीछे तीन राज्यों के वोटरों को साधने की रणनीति तैयार की गई है। भूपेन्द्र यादव ने अपना काम बखूबी किया और यह बता दिया कि वो ना सिर्फ चुनावी रणनीति में माहिर नेता हैं बल्कि सीएम बनाने में भी वही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं।

कल होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह,पीएम मोदी होंगे शामिल
प्रदेश की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल यानि बुधवार को आयोजित किया जाएगा (mp government)। भोपाल के जंबूरी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का भब्य आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (narendra modi) के भी शामिल होने की बात सामने आई है। नई सरकार में मंत्रिमंडल को लेकर अभी से जद्दोजहद शुरु हो चुकी है। मंत्री बनने के लिए नेता अपनी तरफ से जुगाड़ बनाने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में 12 मंत्री हारे हैं लिहाजा उनकी जगह 12 नए मंत्री बनाए जाएंगे। इस मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों का समावेश देखने को मिलेगा। भाजपा का प्रयास है कि युवा और अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। खास बात यह भी है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हर लोकसभा सीट से एक मंत्री बना सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 29 मंत्रियों को शामिल करने की रणनीति तैयार हो रही है। मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की रणनीति तैयार हो रही है। जिससे प्रदेश में युवा नेत्रृत्व को प्रदेश में तैयार किया जा सके। भाजपा वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी विचार कर रही है क्योंकि इस चुनाव में कई केन्द्रीय नेताओं को विधानसभा चुनाव उतारा गया था लिहाजा अब यही बात हो रही है कि अब वरिष्ठ नेताओं को भाजपा किस प्रकार से जिम्मेदारी सौंपने जा रही है।

नव निर्वाचित सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा किया पेस
भारतीय जनता की अगली सरकार बनाने के लिए नव निर्वाचित सीएम मोहन यादव (mohan yadav) ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल (mangubhai patel) के सामने पेस कर दिया है। इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें तीनों केन्द्रीय पर्यवेक्षकों सहित पार्टी के सभी 163 विधायक शामिल हुए। भाजपा विधायक दल की बैठक करीब एक घंटे तक चली जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन यादव को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी। मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा रहे हैं जिसमें राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। भाजपा की बैठक के बाद पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे जहां उन्होने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया इसके बाद मोहन यादव,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित कई अन्य नेता राजभवन पहुंचे जहां पर उन्होने अगली सरकार बनाने का दावा पेस किया। अब माना जा रहा है कि 13 अथवा 14 दिसंबर को राज्यपाल नई सरकार को शपथ दिलाएंगे। माना यह भी जा रहा है कि नई सरकार के मंत्रिमंडल में चौकाने वाले चेहरे सामने हो सकते हैं। नई सरकार में नए और पुराने चेहरों का समावेश देखने को मिलेगा जिससे सरकार में अनुभव की किसी प्रकार से कमी ना रहे।

भाजपा विधायक दल का बड़ा फैसला मोहन यादव होंगे एमपी के अगले सीएम
भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में बड़ा फैसला किया गया है। भाजपा की बैठक में इस बार सीएम पद पर मोहन यादव (mohan yadav) को चुना गया है। मोहन यादव के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे जिसमें राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा का नाम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर अब विधानसभा अध्यक्ष में स्पीकर की कमान संभालते हुए नजर आएंगे। यह बात पहले से ही तय थी कि अगला सीएम भी ओबीसी से ही होगा। मोहन यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से आते हैं। इससे पहले मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री की बागडोर संभाल रहे थे ।

आज तय होगा प्रदेश का मुखिया,प्रदेश अध्यक्ष और मीडिया प्रभारी ने बैठक स्थल का किया निरीक्षण
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अगले पांच साल के लिए प्रदेश का मुखिया तय किया जाएगा (madhya pradesh cm)। इस बैठक पर प्रदेश के हर नागरिक की नजर है। दिल्ली से आ रहे केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के नेत्रृत्व में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा के.सभी 163 विधायक एक दिन पहले ही भोपाल पहुंच चुके हैं वो भी जानना चाहते हैं कि उनका अगला नेता कौन होगा (bjp mla meeting)। बैठक से पहले प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कार्यालय मंत्री राघवेन्द्र शर्मा की देखरेख में पूरा काम किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) खुद फीडबैक ले रहे हैं और कहीं कोई कमी न रह जाए इसलिए उन्होने बैठक स्थल का खुद निरीक्षण किया। और जहां कोई भी कमी मिली उसको दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश अध्यक्ष के साथ बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (ashish agrawal) सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बढ़ेगा कद,अध्यक्ष बनने के बाद मप्र भाजपा की बढ़ी लोकप्रियता
मप्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) को शुभंकर अध्यक्ष कहा जाता है। दरअसल शुभंकर का तमगा भी उन्हे उनकी मेहनत के बल पर ही मिला है। वीडी शर्मा जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे तब पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी थी। लेकिन सिंधिया भाजपा में आए और साल 2020 में भाजपा की सरकार मप्र में एकबार फिर स्थापित हो गई। इस बीच 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमें भाजपा ने 19 सीटों पर जीत हासिल कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। वीडी शर्मा पर कांग्रेस के नेताओं ने लगातार आरोप लगाए लेकिन उन्होने कांग्रेस के हर आरोप का मुहुतोड़ जवाब दिया। विधानसभा चुनाव की बारी आई तो लगातार प्रचारित किया गया कि उनके ब्योहार से पार्टी के कार्यकर्ता खुश नहीं हैं और प्रदेश अध्यक्ष ने उसी आरोप को अपनी ताकत बना लिया। लगातार पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की (mp bjp)। ताबड़तोड़ प्रवास किया,बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की उनकी शिकायतें सुनी और यथा संभव उनकी शिकायतों को दूर भी किया। नतीते के तौर पर भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट हो गए। प्रदेश के अलग-अलग मीडिया संस्थानों से सरकार विरोधी लहर की खबर आ रही थी तब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एक ही बात कहते नजर आते थे कि इस बार भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। आखिर तीन दिसंबर को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की बात सही साबित हुई और भाजपा ने 163 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया (madhya pradesh elections)। अब पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन चल रहा है। सार्वजनिक तौर पर प्रदेश अध्यक्ष यह कह चुके हैं कि वो सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं लेकिन यह बात तो तय है कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में दो बार जीत का पर्चम लहराया है मतलब साफ है कि केन्द्रीय नेत्रृत्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की योजना तैयार कर रहा है।

'नरेन्द्र सिंह तोमर होंगे प्रदेश के अगले सीएम',दो डिप्टी सीएम और और 29 मंत्री लेंगे शपथ
मप्र में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस बात को लेकर संशय और कयासों का दौर लगातार जारी है (mp chief minister)। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक होने जा रही है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक बैठक में शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) स्पेशल विमान से अन्य नेताओं के साथ भोपाल बैठक बैठक में शामिल होने के लिए आएंगे। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अगली सरकार में 29 मंत्रियों को शपथ दलाई जाएगी। सबसे अहम बात यह है कि लोकसभा चुना को देखते हुए छिंदवाड़ा के अलावा हल लोकसभा सीट से एक मंत्री बनाया जाएगा। माना यह भी जा रहा है कि सागर जिले से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। दिल्ली के सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति बना ली गई है,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नरेन्द्र सिंह तोमर पर सहमति जता दी है। हांलाकि अभी यह खबर सूत्रों पर आधारित है क्योंकि भाजपा लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए कई प्रकार के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम आने के कारण कोई भी नेता विरोध करने की स्थिति में दिखाई नहीं पड़ रहा है लेकिन सभी नेताओं के बीच कानाफूसी का दौर जरुर जरी है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा ब्यवस्था तैनात की गई है। प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

लाड़ली बहन को सीएम भाई का वादा,बहन मै तुम्हारे साथ हूं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना (ladli behna yojana) कहने तक ही सीमित नहीं हैं इसकी जीती जागती तस्वीर भी जनता के सामने आती रहती है। जब भी किसी महिला पर अत्याचार की खबर मुख्यमंत्री के पास पहुंची है तो वो एक भाई की तरह ही उससे संपर्क करते हैं और यथासंभव अपने निवास पर बुला कर उसको संबल देने का काम भी करते हैं। दरअसल सीहोर से लगे अहमदपुर थाना के बरखेड़ा हसन गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जहां की रहने वाली महिला का आरोप है कि बीजेपी को वोट देने पर उसके देवर ने जमकर मारपीट कर दी। सीएम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने महिला को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। दरअसल, समीना बी नाम की महिला अपने बच्चों के साथ सीएम हाउस पहुंचीं. उन्हें सीएम शिवराज सिंह ने यहां बुलाया था। कारण, सीएम को जानकारी मिली थी कि बीजेपी को वोट देने पर सीहोर जिले के बरखेड़ा हसन गांव की मुस्लिम महिला के साथ मारपीट की गई है. इसके बाद सीएम शिवराज ने समीना बी को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। मुलाकात के बाद सीएम शिवराज ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए भाजपा को अपना मत देने पर मेरी एक बहन को उसके परिवार द्वारा प्रताड़ित करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित कर उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके साथ ही पीड़ित बहन को पूरी सुरक्षा व आर्थिक मदद भी दी जाएगी। मैंने उनसे कहा है कि मेरी बहन, तुम किसी बात की चिंता मत करना, तुम्हारा भाई सदैव तुम्हारे साथ है।

करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग
मप्र में करारी हार का मंथन करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी (aicc meeting)। जिसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath),दिग्विजय सिंह (digvijaya singh),गोविंद सिंह (govind singh) सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान मप्र में कांग्रेस की हुई करारी हार के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एमपी कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से बात की गई। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मीडिया से रु-ब-रु हुए । इस दौरान उन्होने बैठक के बिंदुओं का एक-एक करके जवाब दिया। रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि एमपी में कांग्रेस चुनाव भले हार गई है लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस लगातार करती रहेगी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भाजपा की सरकार में हुआ तो कांग्रेस पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। लेकिन इस बयान में सामान्य वर्ग का नाम रणदीप सुरजेवाला ने नहीं लिया। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय नहीं होता है,क्या सामान्य वर्ग के लोग गरीब नहीं होते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस ने टिकट वितरण के दौरान भी सामान्य वर्ग की लगातार उपेक्षा की थी जिसका परिणाम रहा कि कांग्रेस पार्टी को इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद तो भाजपा के नेताओं को भी नहीं थी। अब कांग्रेस की बैठक में सामान्य वर्ग का किसी प्रकार से नाम नहीं आने का मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी एजेंडे में सामान्य वर्ग शामिल ही नहीं है। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इतनी नाकामी मिली उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी सामान्य वर्ग के हित की बात नहीं कर रही है। कांग्रेस का मीडिया विभाग संभालने वाले भी सामान्य वर्ग के खिलाफ ही बात करते नजर आते हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी में सामान्य वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है।

सुन लो रे कांग्रेस वालो लोकसभा चुनाव में तुमको 'खाता भी नहीं खोलने दूंगा'
जहां एक ओर प्रदेश में अगले सीएम को लेकर चर्चाएं जोर पर हैं वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) मिशन 2024 (loksabha elections 2024) फतह हासिल करने के अभियान को अंजाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुल कर बोल दिया है कि वो दिल्ली नहीं जाएंगे और एमपी में ही रह कर पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। सीएम शिवराज ने यह भी दावा किया कि वो सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं और न ही वो दावेदार हैं। मतगणना समाप्त होते ही जहां प्रदेश की जनता और भाजपा के नेता अगले सीएम की बात करने में जुट गए हैं वहीं दूसरी तरफ सीएम शिवराज ने उन सीटों को अपने रडार पर ले लिया है जहां पर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अभियान का आगाज छिंदवाड़ा से किया जहां की सभी सातों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। मतलब साफ है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ के अभेद्य किले पर सीएम शिवराज ने सेंध लगाने की रणनीति तैयार कर ली है। यही कारण है कि सीएम चौहान ने सबसे पहले छिंदवाड़ा जाना उचित समझा। अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन सभी सीटों पर दौरा करने जाएंगे जहां पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। बात सिर्फ सीएम शिवराज सिंह चौहान तक ही सीमित नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी छिंदवाड़ा फतह की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष छिंदवाड़ा के जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल और ब्लाक अध्यक्षों के साथ मीटिंग कर हार के कारणों की समीक्षा करने की तैयारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने के लिए ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं।

कुशल रणनीतिकार वीडी शर्मा का दिल्ली दौरा,केन्द्रीय नेत्रृत्व से की मुलाकात
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल किया है। इस जीत के बड़े सूत्रधारों में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) भी हैं। लोग लाड़ली बहना (ladli behna) और मोदी मैजिक की बात कर रहे हैं लेकिन संगठन में ठीक तरीके से कसावट ही नहीं होगी तो कितना भी बड़ा नेता हो सिर्फ भाषणा से जनता का दिल नहीं जीत सकता है। साल 2018 में राकेश सिंह (rakesh singh)प्रदेश अध्यक्ष थे और भाजपा जीत के मुहानज तक पहुंचते-पहुंचते रह गई थी। उसके बाद युवा नेता वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। सिंधिया भाजपा में आए 28 सीटों पर उप चुना हुआ जिसमें भाजपा ने 19 सीट जीत कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। इसी लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भाजपा में शुभंकर नेता कहा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष यहीं नहीं रुके उन्होने लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए दिन रात एक कर दिया। एक अभियान समाप्त होता उसके पहले दूसरे अभियान का रुट प्लान तैयार रहता था। वीडी शर्मा के इन्ही कामों को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष की तारीफ की थी। अब एक बार फिर प्रदेश में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। चुनाव के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से कोई पूछता था कि आपको किसती सीटों की उम्मीद है जिसका वो एक ही जवाब देते थे कि इस बार ऐसा बहुमत मिलेगा जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। आखिर तीन दिसंबर का वो दिन भी आया जब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की कही हर बात सभु साबित हुई। अब प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली दौरे पर हैं जहां वो लगातार केन्द्रीय नेत्रृत्व से मुलाकात कर रहे हैं।