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कांग्रेस पार्टी ने 144 नामों की पहली सूची की जारी
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए 144 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है (congress candidate list)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने पहले ही कहा था कि पितृपक्ष खत्म होते ही और नवरात्रि के पहले दिन ही कांग्रेस पार्टी की सूची जारी होगी और ठीक उसी प्रकार कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने सुबह सूची को सार्वजनिक कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने काफी विचार मंथन करते हुए इस सूची में अनुभवी और युवाओं को मौका देने का प्रयास किया है। लहार से डॉ. गोविंद सिंह हैं तो,दतिया से अवधेश नायक गृह मंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे,इसी प्रकार भोपाल मध्य से आरिफ मसूद को दोबारा मौका दिया गया है,कसरावद से पूर्व मंत्री सचिन यादव को फिर चुनाव मैदान में उतारा गया है,पिछोर से शेलेन्द्र सिंह,भितरवार से लाखन सिंह यादव,शिवपुरी से केपी सिंह चुनाव मैदान में हैं,कोलारस से बैजनाथ यादव चुनाल लड़ेंगे,महाराजपुर से नीरज दीक्षित चुनाव लड़ेंगे,मंदसौर से विपिन जैन,अनूपपुर से रमेश सिंह,तराना से महेश परमार चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस पर चौतरफा वॉर करेगी भाजपा,UP के 12 मंत्रियों सहित हजारों प्रवासी कार्यकर्ताओं नें संभाली जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव (MP Elections) में भाजपा को जिताने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने प्रवासी कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह प्रदेश के सभी जिलों में जाकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संगठन को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं। यहां बुधवार को पलाश होटल में आयोजित कार्यशाला में पार्टी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख मुद्दे, दूसरी पार्टियों की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को जानकारी और जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान प्रदेश के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shiv Prakash) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) मौजूद थे। प्रवासी कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश के 12 मंत्री, एक दर्जन से अधिक सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व मंत्री समेत 50 कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी को जिताने में उनका अनुभव काम आएगा। ये संबंधित जिले की सभी विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल सहित विभिन्न पहलुओं पर मैदानी स्थिति का परीक्षण कर अपना फीडबैक देंगे। जिला स्तर पर चुनाव की रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के लिए भी सुझाव देंगे। उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) को भोपाल, बेबी रानी मौर्य (Baby Rank Maurya) को ग्वालियर, दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) को बालाघाट, दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh)को रायसेन, स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को सतना, दयाशंकर मिश्र दयालु (Dayashankar Mishra Dayalu) को दतिया, कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Aggarwal) को दमोह और अनिल राजभर (Anil Rajbhar) को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रवासी कार्यकर्ता देशभर से आए हैं। ये सभी संगठन के काम में पारंगत हैं। चुनाव की रणनीति बनाने में इनका व्यापक अनुभव है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। ये प्रत्येक जिले और संभाग में जाएंगे। प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनाव में इन सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हम ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। हर बूथ पर चुनाव जीतने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है। इसे पूरा करना है।

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

भाजपा की रणनीति को 'डी-कोड' करने में जुटी कांग्रेस,वरिष्ठ नेताओं के सामने चुनाव लड़ने में घबरा रहे कांग्रेस नेता
भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची (BJP Second List) ने ना सिर्फ राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है बल्कि कांग्रेस के बड़े रणनीतिकारों को भी टेंशन में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसदों कों चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिसमें चार नेता सीएम उम्मीदवार के रुप में भी देखे जाते हैं। सबसे पहले नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की बात करें तो वो ग्वालियर-चंबल से पार्टी के बड़े चेहरे हैं और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भी हैं। महाकौशल से दो बड़े नेता प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) हैं दोनों नेता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। मालवा की बात की जाए तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार कर सभी को चौंका दिया है। विंध्य से बात करें तो सतना से गणेश सिंह (Ganesh Singh) को चुनावी मैदान में उतारा गया है जिन पर कट्टर जातिवादी होने का ठप्पा भी लगा है और भाजपा का यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक (Riti Pathak) को वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला की जगह मौका दिया गया है। केदारनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी छुट्टी कर दी है माना यह भी जा रहा है कि केदारनाथ ने अगर बगावती तेवर अपना लिया तो रीति पाठक को चुनाव निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब बात करते हैं भाजपा के रणनीति की। साल 2018 में भाजपा को ग्वालियर-चंबल से हार मिली थी इसी लिए 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। अब केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार कर वहां की अलग-अलग सीटों को कवर करने की योजना है। माना जा रहा है कि सभी जगह नरेन्द्र सिंह तोमर को सीएम उम्मीदवार के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों का लाभ भाजपा को मिलेगा। इसी प्रकार महाकौशल से राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल को भी सीएम कैंडीडेट के रुप में प्रजेंट किया जाएगा तो आसपास की सभी सीटों में भाजपा को फायदा होगा। ठीक इसी प्रकार मालवा से कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव मैदान में उतार कर महाकौशल को साधने की रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) को भी चुनाव मैदान में उतार दिया गया है और वो भाजपा की तरफ से बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। भाजपा की इस रणनीति को अब कांग्रेस 'डी-कोड' करने में जुट गई है। दरअसल ये वो सीटें हैं जहां पर भाजपा को हार मिली थी और इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। इन हारी हुई सीटों को भाजपा ने आकांक्षी सीटों का नाम दिया था इसी लिए भाजपा ने इन हारी हुई सीटों पर पहले उम्मीदवारों का ऐलान किया है। अभी तक भाजपा 79 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमें में हलचल मच गई है। केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस नेता हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस की दिल्ली में लगातार बैठक जारी है और माना जा रहा है कि भाजपा की गुत्थी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार लगातार लगे हुए हैं।

भाजपा की दूसरी लिष्ट जारी होने पर कांग्रेस ने खोया आपा,ट्विटर में बीजेपी नेताओं को लिखा रावण और कुंभकरण
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second List)। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मौका दिया गया है। लेकिन भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस ने खुद से आपा खो दिया है। दरअसल भाजपा की दूसरी सूची में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और राकेश सिंह (Rakesh Singh)जैसे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है (MP Elections)। इन नामों के आते ही कांग्रेस पार्टी ने आपा खो दिया है। एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ऑफिसियल ट्विटर के पोस्ट में लिखा है कि 'हार को सामने देख कर रावण,कुंभकरण,अहिरावण और मेघनाथ को चुनाव मैदान में उतार दिया है' कांग्रेस के ट्वीट से स्पष्ट होता है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे में बौखलाहट की स्थिति निर्मित हो गई। भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है उनसे पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। यही कारण है कि अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा नेताओं की रावण और कुंभकरण से तुलना की जा रही है। कांग्रेस पार्टी को जिस प्रकार से उम्मीद थी उसके ठीक उलट भाजपा की सूची जारी हुई है। जिन नेताओं को भाजपा ने दूसरी सूची में उम्मीदवार बनाया है उन पर खुद की सीट जीतने का दबाव तो है ही बांकी आसपास की अन्य सीटें जितवाने का दबाव भी उन नेताओं पर है। कांग्रेस के कुछ नेता इन सभी नेताओं पर कटाक्ष कर रहे हैं कुछ का कहना है कि इन सभी नेताओं का अंतिम चुनाव है तो वहीं कुछ नेता कह रहे हैं कि अबकी बार लंका दहन होगा।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।

पीएम मोदी का बयान विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं,भटके नहीं और अटके भी नहीं,'मेरी गारंटी' मित्थ्या नहीं होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मोदी यानी हर गारंटी पूरी होने की गारंटी’ है। भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ (karyakarta mahakumbh) को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ‘जब मोदी गारंटी देता है, जब भाजपा गारंटी देती है तो वो जमीन तक उतरती है। घर घर तक पहुंचती है, हर लाभार्थी तक पहुंती है।’ इसी के साथ उन्होने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए (PM Modi in Bhopal)। पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस ने अपनी इच्छाशक्ति खो दी है और उसका ठेका अब कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपना ठेका दूसरों को दे दिया है। वो एक ऐसी कंपनी बन गई है जिसमें नारों से नीतियों तक हर चीज आउटसोर्स हो रही है और ये ठेका कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। भोपाल के जंबूरी मैदान में लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया कि वो आने वाले चुनाव के लिए जी जान से जुट जाएं। उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और भाजपा के साथ देश के दिल का जुड़ाव कुछ विशेष रहा है। भाजपा को हमेशा एमपी के लोगों ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। अटल जी, कुशाभाऊ ठाकरे, कैलाश जोशी, प्यारेलाल खंडेलवाल, राजमाता विजयाराजा सिधिंया, सुंदरलाल पटवा जैसे अनेक महान व्यक्तित्व ने हमें आज यहां तक पहुंचाया है। ऐसे अनेक लोगों का तप और त्याग आज भी भाजपा के हर कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। इसलिए मध्य प्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नहीं, बल्कि विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होने कहा कि आने वाला चुनाव (MP Elections 2023) बेहद अहम है। हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता एमपी के लोगों ने बनाया है उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं।

ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने प्रदेश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए खुद को प्रदेश की जनता का भाई बताया है। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पिछले दो महीना में घोषणाओं के स्पीड ब्रेकर पर पैर रख दिया है और दोगुनी रफ्तार में घोषणाएं करते चले जा रहे हैं। एक न्यूज़ चैनल में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ी बेबाकी के साथ भाजपा और प्रदेश सरकार (MP Government) पर ताबड़ तोड़ हमले किए। कमलनाथ ने साल 2020 की बात करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार गिराई गई,भाजपा नेताओं की बात जब कांग्रेस विधायकों से शुरु हुई तो उसकी जानकारी उन्हे दो महीने से थी। कमलनाथ ने साफ कहा कि उन्होने विधायकों से कहा था कि मजे करो। एमपी में निवेश आने के मामले में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि निवेश विश्वास से आता है लेकिन इस वक्त निवेशकों को एमपी पर भरोसा नहीं है अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो एमपी में निवेशक भी आएंगे। दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और खुद के संबंधों पर कमलनाथ ने कहा कि उनके और दिग्विजय के बीच अच्छे संबंध हैं और वो बयान देते हैं तो उनका ब्यक्तिगत बयान होता है उस बयान का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। कमलनाथ ने एक और बड़ी बात कही। दरअसल सीएम शिवराज को एमपी में मामा के नाम से संबोधित किया जाता है जिस पर कटाक्ष करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वो न मामा हैं न चाचा हैं वो प्रदेश की जनता के भाई हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि मंत्रालय में सीसीसीटीवी कैमरे लगे हैं अधिकार सरकार के पास है वो वीडियो फुटेज निकलवा कर चेक कर सकते हैं कि मैने किस प्रकार का भ्रष्टाचार किया है और उनसे मिलने के लिए कौन आया करते थे। कमलनाथ ने एक बड़ी बात कही कि अगर गलत है तो बुलडोजर चलाना गलत नहीं लेकिन कई जगहों पर लोगों को टारगेट करके बुलडोजर चलाए गए हैं जो गलत है। कमलनाथ ने यह भी कहा कि इस बार भाजपा पर जनता का बुलडोजर चलेगा।

'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान
जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) समाप्त होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) पर बड़ा हमला बोला। सीएम शिवराज ने कहा कि जब सनातन का अपमान होता है, तो कमलनाथ आप मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना होता है, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता की राजनीति करती है और भाजपा सकारात्मकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम एकात्म यात्रा निकालते हैं, स्नेह यात्रा निकालते हैं, जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं, कांग्रेसी जन आक्रोश यात्रा निकालते हैं। दिग्विजय सिंह जनआक्रोश (Jan Aakrosh Yatra) के पोस्टर से गायब है, कमलनाथ यात्रा से गायब हैं।जिनका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर लेकर चलता हो, उस पार्टी का क्या भविष्य होगा! प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आए जो गौरव की बात है। आजादी के अमृतकाल में आधी आबादी को न्याय मिला है। भाजपा की प्राथमिकता नारी सशक्तीकरण है। मुक्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया। जिसने सेक्स रेशियो ठीक करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई, जहां महिलाओं को पुलिस में 35% आरक्षण मिलेगा,जहां महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाती है। जहां संबल योजना बनाई गई, जहां एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पहले 1,000 रुपये डाले गए और अब 1,250 रुपये डाले जा रहे हैं। हम जनता की सेवा के काम करने के लिए हैं जनआशीर्वाद यात्रा को अभूतपूर्व सफलता मिली है, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) और समस्त कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।

अविवाहित महिलाएं भी होंगी 'लाड़ली बहना' मिलेंगे 1250 रुपये महीना
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने जबलपुर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘लाडली बहना योजना’ (Ladli Behna Yojana) के तहत, 21 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये की सहायता प्रदान करने की बात कही है। यह घोषणा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान एक रैली में की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य की अविवाहित महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर आखिरकार प्रति माह 3,000 रुपये कर दिया जाएगा। यह योजना राज्य की लगभग 1.32 करोड़ अविवाहित महिलाओं तक पहुंचेगी। इसके अलावा,सीएम चौहान ने बताया कि यह योजना विधानसभा चुनावों के आगमन से पहले आने वाले समय में महिलाओं के वेलफेयर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वे आशा व्यक्त करते हैं कि यह योजना समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेगी। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल के अंत में होने की संभावना है (MP Elections), और इस योजना की घोषणा भाजपा के वोट बैंक को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकती है। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि इस योजना का विधानसभा चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है। महिलाओं के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पथ विक्रेताओं को भी बड़ी सौगात देने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले कोरोनाकाल के बाद मुख्यमंत्री ने पथ विक्रेताओं के लिए बगैर ब्याज दस हजार ऋण की योजना लांच की थी जिसका पथ विक्रेताओं ने जमकर समर्थन किया था। माना जा रहा है कि पथ विक्रेताओं के सम्मेलन में सीएम शिवराज कोई बड़ी घोषणा करेंगे।

'इस बार भाजपा की अप्रत्याशित जीत होगी' सीएम शिवराज का बयान
जहां एक ओर प्रदेश में भाजपा की सरकार को लेकर कानाफूसी चल रही है वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बड़ा बयान देकर विरोधियों को करारा जवाब देने का प्रयास किया है। सीएम शिवराज ने कहा कि इस बार भाजपा की अप्रत्याशित जीत होगी जिसे विपक्षी दल समझ भी नहीं पाएंगे (MP Elections 2023)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के जंबूरी मैदान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उसी मैदान में 25 सितंबर को भाजपा का कार्यकर्ता महाकुंभ (BJP karykarta Mahakumbh) का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विश्वास है कि प्रदेश की महिलाओं के लिए जिस प्रकार से भाजपा की सरकार ने काम किया है उसका फायदा वोट के रुप में जरुर मिलेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) के तहत महिलाओं को पहले एक हजार और अब 1250 रुपये दिये जा रहे हैं जिसे आगे बढ़ाकर तीन हजार तक करने के लिए कहा गया है। वहीं लाड़ली बहनों के लिए रसोई गैस भी 450 रुपये में सीएम शिवराज ने देने का वादा किया है, इसके अलावा संविदा कर्मियों (samvida teachers) को नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन और सुविधाएं देने की बात सीएम शिवराज ने कही थी जिसे पूरा कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले रोजगार सहायकों का वेतन भी नौ से बढ़ा कर 18000 रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाया गया है। इसलिए मुख्यमंत्री को पूरा विश्वास है कि इस चुनाव में अप्रत्याशित जीत होगी। सीएम ने यह भी कहा कि वो लगातार जनता के बीच में रहते हैं और उनका भाव समझते हैं इसी लिए अप्रत्याशित जीत का दावा वो कर रहे हैं।