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गंगा जल देकर 11 गारंटी पूरा करने का वचन देगी कांग्रेस
एमपी में विधानसभा चुनाव (MP Elections) में अब गंगाजल की एंट्री हो चुकी है। कांग्रेस कार्यकर्ता (MP Congress) गंगाजल के साथ कमलनाथ (Kamal Nath) के 11 वचनों का पर्चा लेकर जनमानस के बीच जाएगें। सरकार बनने के बाद 11 वचनों को पूरा करने का यकीन दिलाएगें। इसकी औपचारिक घोषणा भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गंगाजल से भरी बोतल और 11 वचन के पोस्टर जारी कर की गई हैं। गंगाजल से भरी बोतलें कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर की सभी 9 विधानसभा क्षेत्र लेकर जाएंगे, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के दस हजार घरों में गंगाजल की बोतल और 11 वचन पत्र के पोस्टर देगें। कांग्रेस ने एक लाख घरों में गंगाजल और 11 वचन पोस्टर भेंट करने का लक्ष्य तय किया है। इंदौर ओबीसी प्रकोष्ठ के लोकसभा अध्यक्ष हिमांशु यादव (Himanshu Yadav) हरिद्वार से गंगाजल की बोतल लेकर भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे (PCC)। यहां उन्होंने गंगाजल की बोतल और उन पर लगे 11 वचन के पर्चे जारी किए। इन पर कमलनाथ की तस्वीर भी है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी के कुछ अन्य नेता भी प्रचार के अलग-अलग तरीके अपनाने की योजना बना रहे हैं। जिस प्रकार से गंगा जल को हिंदू वर्ग में पवित्रता का प्रतीक माना जाता है ठीक उसी का अनुसरण करते हुए कांग्रेस के और नेता जनता को विश्वास दिलाने के लिए और भी नुस्खे तैयार कर रहे हैं जिससे जनता को विश्वास दिलाया जा सके कि कांग्रेस की सरकार आएगी तो सारे वचन पूरे किए जाएंगे।

दलित अत्याचार से सत्ता का रास्ता खोज रही कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज 19 सितंबर से हो चुका है। कांग्रेस का यह आक्रोश सिर्फ यात्रा में नहीं दिख रहा है। आक्रोश को लगातार बनाए रखने का जिम्मा प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा लिया है। कांग्रेस प्रभारी हर दूसरे,तीसरे दिन एक प्रेस वार्ता का आयोजन करते हैं और राज्य सरकार की नाकामी को गिनाते हैं। कांग्रेस ने अब अपने जन आक्रोश के निशाने पर दलित और आदिवासी को शामिल किया है। जिन पर हुए अत्याचार को कांग्रेस पार्टी हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही है। बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर राज्य सरकार (Shivraj Government) पर जमकर आरोप लगाया। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एक दो घटनाएं हों तो उसको चूक कहा जा सकता है लेकिन दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के अनगित मामले हों तो साफ है कि प्रदेश की सरकार दलित और आदिवासी विरोधी सरकार है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी ओबीसी की आबादी को भी अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग उपाय आजमा रही है। ओबीसी वर्ग के सभी नेताओं को कांग्रेस पार्टी ने ऐक्टिव कर दिया है। सभी ओबीसी वर्ग के नेता अपने वर्ग को साधने में जुटे हुए हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा एक टीम का गठन कर सभी वर्गों के खिलाफ हुए अत्याचार की लिस्ट तैयार करवाई जा रही है। कांग्रेस का प्रयास है कि जब भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए जाएं तो पार्टी के पास उसके कुछ ठोस प्रमाण जरुर होना चाहिए यही कारण है कि कांग्रेस ने टीम का गठन किया है जिससे वो किसी भी आरोप का बारीकी से अध्ययन करें और फिर उसके बाद खुलासा किया जा सके।

चयनित पटवारियों का अनूठा डिजिटल प्रदर्शन,सोशल मीडिया पर भगवान श्री गणेश के साथ फोटो डालकर नियुक्ति के लिए कर रहे है प्रार्थना
नियुक्ति मांग के लिए चयनित पटवारी (selected patwaris) लगातार अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाते हुए चयनित पटवारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया (patwari news)। चयनित पटवारियों ने गणेश चतुर्थी के अगले दिन सोशल मीडिया पर डिजिटल प्रदर्शन किया जिसके तहत X (पहले ट्विटर) पर इस हैशटैग (#bappa_niyukti_dilado और #mamaji_mppatwari_niyuktido) के साथ फोटो डाले गए। फोटो में भगवान श्री गणेश जी से चयनित पटवारी अपनी नियुक्ति के लिए प्रार्थना करते नजर आये. #mama आपको बता दें कि इसके पहले भी चयनित पटवारी अपनी नियुक्ति के लिए डिजिटल प्रोटेस्ट कर चुके है (patwari protest) । 10 सितंबर के डिजिटल प्रोटेस्ट में चयनित पटवारियों ने कटोरा और किताब के साथ फोटो डाली थी। इस डिजिटल प्रोटेस्ट की कॉल युवा हल्ला बोल की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार (Arunoday Singh Parmar) ने दी थी 15 सितंबर को युवा हल्ला बोल के डिजिटल मंच पर चयनित पटवारियों ने महापंचायत भी बुलाई थी। इस महापंचायत में चयनित पटवारियों ने प्रस्ताव पेश करते हुए 19 सितंबर तक का अल्टीमेटम शिवराज सरकार (MP government) को दिया था। इस प्रस्ताव को महापंचायत का नेतृत्व कर रहे अरुणोदय सिंह परमार ने स्वीकृति प्रदान की थी। युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने हजारों चयनित पटवारियों को सम्बोधित किया था। आज के डिजिटल प्रदर्शन जिसमे चयनित पटवारी भगवान श्री गणेश के साथ फोटो डाल रहे हैं उसपर चर्चा करते हुए युवा हल्ला बोल की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार ने कहा की मध्यप्रदेश के चयनित पटवारी लम्बे समय से अपनी नियुक्ति की राह देख रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। हम लगातार उनकी आवाज उठा रहे हैं लेकिन शिवराज सरकार (Shivraj government) ने अभी तक उनकी नियुक्ति की दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया है। मध्यप्रदेश के 8000 से ज्यादा परिवारों का भविष्य अंधकार में है। चयनित पटवारियों का अनोखा प्रदर्शन सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। चयनित पटवारियों का कहना है कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) के अनुसार परिणाम के प्रकाशन से लेकर 90 दिनों की अवधि में नियुक्ति देने के प्रावधान पर विचार करते हुए सितंबर माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

ओबीसी महिला आरक्षण के नाम पर अपनी ही सरकार से आर-पार के मूड में उमाभारती
संसद में महिला आरक्षण बिल (women reservation bill) पेश किए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिलाओं के आरक्षण की मांग की है। उमा भारती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखकर कहा है कि महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं (obc women voters) को विशेष स्थान दिया जाए। इस बिल में ओबीसी महिलाओं को स्थान नहीं दिया गया है ऐसे में वह इस बिल का खुलकर विरोध करेंगी। पूर्व सीएम उमा भारती ने एक प्रेस वार्ता के दौरान महिला आरक्षण बिल का विरोध करते हुए कहा कि ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए 50% आरक्षण दिए जाने का आंदोलन चलाएंगी। उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा सरकार के समय महिला आरक्षण का बिल पेश किया गया था उसी समय मैंने कहा था कि एससी- एसटी की महिलाओं का भी प्रावधान किया जाए, इसके बाद बिल रुक गया था, उमा भारती ने कहा कि मैने सुझाव दिया था कि मंडल कमीशन के आधार पर आरक्षण मिले। पार्टी के हर मंच पर यह मुद्दा उठाया जिस पर अटल और आडवाणी जी का भी समर्थन था। गौरतलब है कि इससे पहले उमाभारती ने प्रदेश में शराबबंदी (mp liquor ban) को मुद्दा बनाया था जिसके कारण प्रदेश की सरकार (Madhya Pradesh government) बैकफुट पर आ गई और बाद में आहातों को बंथ करने का सरकार ने फैसला लिया। इस वक्त प्रदेश भर में ओबीसी का मुद्दा जम कर गर्माया हुआ है और अब उसी मुद्दे पर उमा भारती ने आपनी राय स्पष्ट साफ कर दिया है कि साध्वी का ठप्पा उन पर भले लगा है लेकिन जातियों से बाहर वो नहीं हैं लिहाजा संसद में महिला आरक्षण बिल पास होता है तो ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्राविधान होना चाहिए।

जनता का आशीर्वाद लेने के बाद बस्ती संपर्क अभियान चलाएगी भाजपा
मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब बस्तियों में भी दस्तक देने जा रही है। बस्तियों में एक बड़ा वोट बैंक रहता है और लाडली बहन योजना (ladli behna yojana) का सबसे बड़ा प्रभाव उन्हीं बस्तियों में ही देखने को मिलता है। लिहाजा भाजपा ने प्लान तैयार किया है कि इसके लिए कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जाएंगी। भाजपा के कार्यकर्ता बस्तियों में जाकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएंगे और भाजपा सरकार क्यों जरूरी है इसकी आवश्यकता भी वो बताएंगे। इस अभियान में रक्तदान से लेकर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे (Basti Sampark Campaign)। गौरतलब है कि भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान अब तक 11 लाख नए सदस्य बना चुकी है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस (PM Modi Birthday) को सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है। यह 17 सितंबर से शुरू हो चुका है और महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 24 सितंबर तक विभिन्न योजनाओं के हितग्राही प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना करेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्ड बनवाने एवं वितरण की व्यवस्था भी कार्यकर्ता करेंगे। युवा मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा और पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करेगा। इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नव वर्ष की उपलब्धियां और राज्य में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार की 18 साल की उपलब्धियां को भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे। योजना के लाभ से वंचित पत्रों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा पखवाड़ा में सातों मोर्चा और प्रकोष्ठों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अब तक नहीं हुई पूरी,संविदा कर्मियों को नहीं मिला वेतन और सुविधा
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में चार जुलाई को संविदा महापंचायत का आयोजन किया गया था (samvida mahapanchayat)। प्रदेश भर से हजारों की संख्या में संविदा कर्मी (samvida karmchari) भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने संविदा कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की जिसमें सीएम शिवराज ने कहा कि संविदा कर्मियों को वेतन और सभी प्रकार की सुविधाएं नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर दिया जाएगा (samvida news)। सीएम की घोषणा से संविदा कर्मियों को जैसे संजीवनी मिल गई। लेकिन सीएम शिवराज द्वारा की गई घोषणा का पालन आज तक नहीं हुआ है। संविदा कर्मियों को लगा था कि वो जंग जीत गए हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि जंग अभी तक बांकी है। क्योंकि नियमितीकरण की मांग कर रहे संविदा कर्मियों के बीच पहुंच कर सीएम शिवराज ने उन्हे नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन और सुविधाएं देने का ऐलान तो कर दिया लेकिन वो सिर्फ ऐलान ही बन कर रह गया है। अगले महीने अक्टूबर में चुनाव आचार संहिता लगने की उम्मीद है। कहा ये भी जा रहा है कि दस अक्टूबर के बाद कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग सकती है। ऐसे में अगर सीएम की घोषणा को अधिकारी लागू नहीं कर पाए तो सीएम की घोषणा झूठी साबित पड़ जाएगी और लाखों की संख्या में अलग-अलग विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मियों का वोटबैंक भी भाजपा से छिटक जाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार सीएम ने घोषणा तो कर दी है लेकिन अब सरकार बजट की ब्यवस्था नहीं कर पा रही है। क्योंकि इस वक्त सरकार की नजर प्रदेश की आधी आवादी महिलाओं पर है। हर महीने लाड़ली बहना की किस्त देने में ही सरकार के पसीने छूट रहे हैं ऐसे में संविदा कर्मियों का वेतन बढ़ाना यानि सरकार के खजाने पर और बोझ बढ़ना है। सरकार पहले ही कर्ज लेकर लगातार घोषणाओं को पूरा कर रही है ऊपर से संविदा कर्मियों की मांग को पूरा करना सरकार के लिए टेढी खीर बनता जा रहा है। सीएम की घोषणा को दो महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है इस बीच संविदा कर्मियों को दो सैलिरी मिल चुकी है। मतलब सीएम की घोषणा के बाद हर संविदा कर्मी को करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हो चुका है। संविदा कर्मियों का इंतजार अब आक्रोश में तब्दील होता चला जा रहा है। संविदा कर्मियों के कुछ संगठनों से बात हुई तो उनका साफ कहना है कि इस महीने के 30 तारीख तक सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो सरकार के खिलाफ हल्लाबोल होगा और फैसला करके ही संविदा कर्मी लौटेंगे।

नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारी करेंगे सीएम हाउस का घेराव फिर आमरण अंशन
नियुक्ति की मांग कर रहे चयनित पटवारियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने चयनित पटवारी अभ्यर्थियों से कहा है कि डरना मत और थकना मत आपको आपके हक की लड़ाई में कोई नहीं हरा सकता। यह बात डिजिटल महापंचायत के दौरान कही गई। महापंचायत का नेतृत्व कर रहे अरुणोदय सिंह परमार ने शिवराज सरकार (Shivraj Government) को चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ( mp selected patwaris) की नियुक्ति पर 19 सितंबर तक सरकार फैसला ले नहीं तो हजारों चयनित अभ्यर्थियों के साथ CM हाउस का घेराव किया जाएगा।गौरतलब है कि 15 सितंबर को मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ने युवा हल्ला बोल के फेसबुक पेज पर हजारों की तादात में फेसबुक लाईव के माध्यम से जुड़ कर महापंचायत की। जिसमें चयनित पटवारियों ने प्रस्ताव पेश किया की मध्यप्रदेश सरकार 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की नियुक्ति के लिए निर्णायक कदम उठाए और 3 सितम्बर के आंदोलन में दर्ज हुए मुकदमे वापस ले (MP Patwari)। यदि 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की मांगों को लेकर सरकार द्वारा कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता है तो सभी चयनित पटवारी भोपाल में एकत्रित होकर आमरण अनशन करेंगे। इसी के साथ कई चयनित पटवारियों ने अपनी दर्द भरी दास्तां इस महापंचायत (patwari mahapanchayat) में रखी और सरकार से उन्हें नियुक्ति देने की गुहार लगाई। सभी चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा पास (patwari exam)की है। सरकार चाहे तो शपथ पत्र लेले लेकिन हमारी नियुक्ति रोक के हमारे भविष्य से ना खेले। इस महापंचायत को युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत देश में आज हर भर्ती का भरता बना दिया जाता है। मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों से अनुपम ने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई में या तो व्यक्ति डर जाता है, या थक जाता है या जीत जाता है। आप डरना मत और थकना मत, अगर आप डरे नहीं और थके नहीं तो अपने हक की लड़ाई जरूर जीतेंगे। युवा हल्ला बोल देश के हर युवा के हक की लड़ाई लड़ रहा है हम आपकी लड़ाई में भी आपके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं। डिजिटल महापंचायत के दौरान चयनित पटवारियों ने कहा कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) के अनुसार परिणाम के प्रकाशन से लेकर 90 दिनों की अवधि में नियुक्ति देने के प्रावधान पर विचार करते हुए सितंबर माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा
भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी 19 सितंबर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) निकालने जा रही है। भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) की तर्ज पर कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के सात स्थान से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा और छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं होंगी। इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यात्रा के प्रभारी,जिला अध्यक्ष, प्रभारी और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की। यात्रा के दौरान घर-घर भाजपा सरकार के विरुद्ध जारी पार्टी का आरोप पत्र जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान मंहगाई,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,महिलाओं पर अत्याचार,अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न की घटनाओं को मुद्दा बना कर भाजपा सरकार को घेरा जाएगा। साथ ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा की जा रही घोषणाओं की स्थिति भी जनता के बीच रखी जाएगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार बनने पर विभिन्न वर्गों के हित में जो कदम उठाए जाएंगे,उसे भी प्रचारित किया जाएगा। यात्रा की पूरी रुपरेखा आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सार्वजनिक करेंगे।

ई-बाइक से अब भाजपा प्रदेश की पगडंडियों में करेगी पार्टी का प्रचार
भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार का नया तरीका इजात किया है। यह नया तरीका लोगों को कितना पसंद आएगा ये तो बाद की बात है लेकिन जिस प्रकार से भाजपा के प्रचार का यह तरीका गांव की पगडंडियों में उतरेगा तो उसको देखने के लिए ग्रामीण लोग उस वाहन तक जरुर पहुंचेंगे। दरअसल भाजपा की तरफ से ई-बाइक को चुनाव प्रचार का जरिया बनाया गया है (BJP E bike)। यह तरीका एमपी के लिए नया है लेकिन इससे पहले इस तरीके को भाजपा गुजरात में अपना चुकी है जो सफल भी रहा है। जिस निजी एजेंसी ने इस ई-बाइक को तैयार किया है उसी एजेंसी ने गुजरात भाजपा संगठन को 180 ई-बाइक तैयार करके दिया था। इस ई-बाइक के माध्यम से भाजपा का मक्शद उन सुदूर अंचलों तक पहुंचने का इरादा है जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। यानि मतलब साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों में इन ई-बाइक के माध्यम से भाजपा प्रचार करेगी (MP Elctions 2023)। ई-बाइक की खासियत यह है कि इनमें पेट्रोल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी इस बाइक में पीछे एक टीवी स्क्रीन लगाई गई है जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। आवाज तेज आए इसलिए ई-बाइक में दो स्पीकर भी लगाए गए हैं जिसमें 200 मीटर से ज्यादा दूरी तक आवाज आती है। निजी कंपनी के संचालक ने बताया कि इसकी कीमत एक लाख 15 हजार रुपये है। अभी डेमो के तौर पर एक बाइक मंगाई गई है पार्टी की ओर से आर्डर मिला तो बड़ी संख्या में ई-बाइक पर्चेस की जाएंगी। मतलब साफ है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा कोई भी तरीका अपनाने के लिए तैयार है। अब देखना यही दिलचश्प होगा कि भाजपा के इस तरीके को प्रदेश की जनता कितना पसंद करती है।

जमीनी कार्यकर्ताओं पर भाजपा का फोकस,कल दिल्ली में हो सकती है बैठक,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी करने की तैयारियों में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक (BJP Meeting) के दौरान सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कांग्रेस जहां भाजपा के बड़े नेताओं को शामिल कर रही है तो भाजपा का फोकस जमीनी नेताओं पर है। जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) में ऐसे तीन हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ताओं को अब तक की सदस्यता दिलाई जा चुकी है। दरअसल केन्द्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बड़े नेताओं के स्थान पर उन लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए जो जमीनी स्तर पर पकड़ रखते हैं। 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ (Karyakarta Mahakumbh) से पहले 50 हजार कार्यकर्ता भाजपा की ओर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कांग्रेस सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। भाजपा इन दिनों पंचामत से लेकर मंडल स्तर पर सक्रिय दूसरे दलों के प्रभावी कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है। पिछले महीने जब गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली थी तब उन्होने पार्टी नेताओं को जमीन पर आधार को मजबूत करने के लिए कुछ रणनीतिक नुस्खे दिए थे। इस बार पार्टी बड़े चेहरों से ज्यादा फोकस निचले स्तर पर बूथों पर सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने पाले में खींचने पर काम कर रही है। सतना के रैगांव विधानसभा में चार सितंबर को गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) की उपस्थिति में कई पंचायतों के 130 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली थी। पंधाना विस क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसी प्रकार प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) कई सरपंचों और अन्य प्रभावशाली लोगों को भाजपा की सदस्यता दिला चुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में पीएम मोदी की मौजूदगी में हजारों लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा सकती है जिसमें कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

कांग्रेस में टिकट के लिए स्थानीय नेताओं की सहमति होगी जरुरी
मिशन 2023 फतह करने में जुटी कांग्रेस पार्टी (mp congress) में इन दिनों बड़ी संख्या में बाहरी नेताओं का दाखिला हो रहा है। लेकिन उन्हे चुनाव लड़ने के लिए टिकट तभी मिलेगा जब स्थानीय स्तर पर सहमति बनेगी। दरअसल अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस में शामिल हो रहे नेताओं को लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में नाराजगी का आलम देखने को मिल रहा है यही कारण है कि कांग्रेस ने स्थानीय महत्व देते हुए कहा है कि टिकट उसी को दिया जाएगा जिसको लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में सहमति होगी। पार्टी की सदस्यता दिलाने के लिए जिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ पहले बैठक की जाती है,फिर उनकी उपस्थिति में ही पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई जाती है,ताकि विरोध जैसी स्थिति ना बने। प्रत्याशी चयन में भी इसी तरह सावधानी बरती जा रही है। यही कारण है कि संभावित दावेदारों की जानकारी ब्लॉक इकाई तक से लग गई है। कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के साथ भाजपा में जाने वाले नेताओं की बड़ी संख्या में वापसी हो चुकी है। इसमें ग्वालियर,दतिय,शिवपुरी,गुना,अशोकनगर,निवाड़ी,टीकमगढ़,धार,देवास सहित अन्य जिलों के भाजपा से जुड़े नेता अधिक हैं। कोलारस से भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इनके पार्टी में आने से अंदरखाने में चर्चा प्रारंभ हो गई है कि इन नेताओं को कुछ विधानसभा में प्रत्याशी भी बनाया जा सकता है। ऐसे में चुनाव के दौरान इनका विरोध न हो,इसलिए यह तय किया गया है कि स्थानीय स्तर पर सहमति के बिना टिकट नहीं दिया जाएगा। दरअसल जब सिंधिया के साथ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भाजपा में गए थे,तब स्थानीय स्तर पर समीकरण गड़बड़ाए और इसका नुकसान पार्टी को नगरीय निकाय चुनाव में भी उठाना पड़ा। अब तो पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी कह दिया है कि किसी को भी पार्टी में तब तक नहीं लिया जाएगा,जब तक स्थानीय इकाई सहमति नहीं देती है।