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जनआशीर्वाद यात्रा में भाजपा के ट्रंप कार्ड बने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा
भोपाल

जनआशीर्वाद यात्रा में भाजपा के ट्रंप कार्ड बने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा

भारतीय जनता पार्टी की इस समय प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) चल रही है। इस यात्रा में भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश इकाई के सभी नेता अपने स्तर पर भूमिका निभा रहे हैं लेकिन इन सभी नेताओं में जिस प्रकार की भूमिका गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) निभा रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ संकट मोचक की भूमिका में होते हैं बल्कि भाजपा के ट्रंप कार्ड भी नरोत्तम मिश्रा साबित हो रहे हैं। गिनती के लिए भाजपा में बहुत सारे ब्राम्हण नेता हैं लेकिन वो सारे नेता सरनेम के ब्राम्हण नेता साबित हुए हैं। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की बात की जाए तो वो मन और कर्म दोनों से ब्राम्हण हैं। यह बात प्रदेश में किसी से छुपी नहीं हैं। हांलाकि उनका ब्योहार जिस स्तर का है तो हर वर्ग उनसे जुड़ा है और वो हर वर्ग को महत्व देते हैं लेकिन हर समाज का ब्यक्ति अपने समाज के किसी ब्यक्ति को ही अपना नेता मानता है यही कारण है कि सवर्ण बाहुल विंध्य में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की लोकप्रियता को देखते हुए उनकी ड्यूटी लगाई गई और अब ग्वालियर-चंबल में भी गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जनता का आशीर्वाद लेने के लिए मैदान में उतार दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि गृह मंत्री की भाजपा में किस प्रकार की स्वीकार्यता है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ सदन के अंदर विपक्षी दलों को करारा जवाब देने में माहिर माने जाते हैं बल्कि चुनावी मैदान में वो एक बब्बर शेर की तरह हो जाते हैं। जिनको पार्टी कठिन लक्ष्य देती है और वो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल भी कर लेते हैं। रविवार को गृह मंत्री भिंड जिले में जनआशीर्वाद यात्रा में निकले जहां स्थानीय जनता ने उनका जमकर समर्थन किया। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता उनके पास अपनी आस्था के अनुरुप हार लेकर आती है तो वो खुद अपना सम्मान कराने के बजाय जनता का ही सम्मान करने लगते हैं। उनकी यही सहजता और सरलता उनको अन्य नेताओं से अलग बना देती है।

10/9/2023115
कमलनाथ की सोशल इंजीनियरिंग ने दावेदारों की बढ़ाई मुश्किलें,अब तक जारी नहीं हुई पहली सूची
भोपाल

कमलनाथ की सोशल इंजीनियरिंग ने दावेदारों की बढ़ाई मुश्किलें,अब तक जारी नहीं हुई पहली सूची

मप्र में समाज के सभी वर्गों को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला लागू करेगी। कांग्रेस ने इसके लिए विभिन्न समाजों के अलग-अलग प्रकोष्ठ भी गठित किए हैं। कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के तहत हर समाज के प्रतिनिधि को टिकट देने का प्रयास कर रही है। अब तक हुए मंथन में कांग्रेस ने समाज और जातियों के आधार पर सभी को प्रतिनिधित्व यानि टिकट देने का रोडमैप तैयार किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने विभिन्न समाज और जातियों के लोगों की जनसंख्या का अनुमान लगाने एजेंसी के जरिए सर्वे भी कराया है। इसे टिकट का आधार बनाया जाएगा। 12 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। गौरतलब है कि साल 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद कांग्रेस ने सामाजिक संगठनों,जाति आधारित संगठनों और उनके नेताओं को जोड़ने का काम किया है। कांग्रेस ने पूर्व आईएएस देवेन्द्र कुमार राय (Devendra Kumar Rai) को जिम्मेदारी सौंपी कि वो विलुप्त हो रही जनजातियों का अध्ययन कर उन्हे कांग्रेस के मंच पर लाएं। इसके बाद कांग्रेस ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया, कोरकू भील, भिलाला, गौंड,कोल सहित कई जातियों के सम्मेलन किए। उनके लिए पार्टी संगठन में अलग प्रकोष्ठ भी गठित किया। दूसरे चरण में प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने का एक सर्वे भी कराया है। पार्टी की रणनीति है कि जिस जाति से प्रदेश में दस लाख से अधिक मतदाता हैं,उस वर्ग के व्यक्ति को अनिवार्य रुट से टिकट दिया जाए। पीसीसी चीफ कमलनाथ द्वारा व्यक्तिगत रुप से कराए गए सर्वे से पार्टी को अंदाज लग गया है कि किस विधानसभख क्षेत्र में किस जाति के मतदाताओं की कितनी संख्या है। इस आधार को अब पार्टी टिकट वितरण का आधार बनाएगी। लेकिन कमलनाथ का यह सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला पार्टी के अन्य दावेदारों के गले की फांस बन गया है। जो नेता खुद को बाहुबली मानते थे और उन्हे लगता था कि पार्टी उन्हे टिकट भर दे दे। उसके बाद वो धन-बल के दम पर चुनाव जीत लेंगे लेकिन अब कमलनाथ ने सोशल इंजीनियरिंग का पेंच फंसा कर बाहुबली नेताओं के गले में पट्टा डालने की तैयारी कर ली है।

10/9/202380
भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,अन्य राज्यों के सांसद-विधायक विधानसभाओं में भेजेगी कांग्रेस
भोपाल

भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,अन्य राज्यों के सांसद-विधायक विधानसभाओं में भेजेगी कांग्रेस

कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों के 230 प्रवासी विधायकों को एमपी बुला कर पार्टी की स्थिति को खंगालने का प्रयास किया था जिसका कांग्रेस के नेता मजाक उड़ा रहे थे लेकिन अब कांग्रेस ने भी भाजपा के रास्ते पर चलने की योजना तैयार की है (MP Congress)। जिसके तहत कांग्रेस दूसरे राज्यों के सांसद और विधायकों को एमपी बुलाने की योजना पर का कर रही है। दूसरे राज्यों से एमपी में आए कांग्रेस के विधायक-सांसद उन विधानसभा सीटों की तैयारियों का आंकलन करेंगे और अपनी पार्टी के संगठन को उसकी रिपोर्ट सौंपेंगे। लोकसभा वार नियुक्त किये गए इन पर्यवेक्षकों की पहली बैठक 12 सितंबर (मंगलवार) को भोपाल में होगी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Surjewala), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ (Kamal Nath) सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। अन्य राज्यों से आए कांग्रेस के विधायक-सांसद सभी सहयोगी संगठनों की भूमिका,आपसी समन्वय और चुनाव अभियान को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे। साथ ही लोकसभा की दृष्टि से भी संभावित दावेदारों को लेकर भी अन्य जानकारी जुटा कर संगठन को देंगे। मंगलवार को ही कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। इसमें कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह,सदस्य अजय कुमार लल्लू,सप्तागिरी उल्का और प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चार दिनों तक दावेदारों का फीडबैक लिया है। जिस पर इस बैठक में विचार किया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी जिन 66 सीटों पर लंबे समय से चुनाव हार रही है और जिन विधायकों को चुनाव लड़ाया जाना है,उन्हे शामिल करते हुए प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित की जा सकती है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले हर घर दस्तक देने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके लिए जन-आक्रोश यात्रा के साथ हर घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में जिला,ब्लॉक,मंडलम् और सेक्टर इकाई के पदाधिकारियों को घर-घर भेज कर ग्रामीणों को भाजपा सरकार की असफलताओं के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आरोप पत्र बांटे जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने जो 11 वचन दिये हैं उसकी याद भी दिलाई जाएगी।

8/9/2023191
अधिमान्य पत्रकारों को अब दस के बजाय प्रतिमाह मिलेगी 20 हजार रुपये सम्मान निधि
भोपाल

अधिमान्य पत्रकारों को अब दस के बजाय प्रतिमाह मिलेगी 20 हजार रुपये सम्मान निधि

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास में गुरुवार को आयोजित पत्रकार समागम में (Patrkar Samagam) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पत्रकारों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों की समिति बनाई जाएगी। समिति के सुझाव पर ही कानून बनाया जाएगा। अधिमान्य प्राप्त बुजुर्ग पत्रकारों को प्रतिमाह दस हजार के बजाय बीस हजार रुपये सम्मान निधि मिलेगी। इसकी पात्रता आयु न्यूनतम 60 वर्ष होगी। सम्मान निधि पाने वाले पत्रकार का निधन होने पर जीवन साथी को एकमुश्त आठ लाख रुपये दिये जाएंगे। पत्रकार स्वास्थ्य बीमा में प्रीमियम की राशि में जो 27% की वृद्धि हुई है,उसका भार भी सरकार उठाएगी। पत्रकारों को पिछले साल के बराबर ही प्रीमियम देना होगा। इसे जमा करने की अंतिम तिथि भी 16 सितंबर के स्थान पर 25 सितंबर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रुप में मीडिया प्रतिनिधियों का परिश्रम प्रशंसनीय है। पत्रकारों की सुरक्षा जरुरी है,इसके लिए कानून बनाया जाएगा। भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन बनेगा। इसे स्टेट मीडिया सेंटर का दर्जा दिया जाएगा। इसमें सभागार,पुस्तकालय,कैंटीन ससहित अन्य सुविधाएं होंगी। सेंटर में आधुनिक सुविधाएं भी होंगी। पत्रकारों के लिए भोपाल में दो स्थानों पर भूमि आवंटित कर कालोनी विकसित की गई है। अन्य नगरों में अवश्यकता के अनुसार पत्रकारों की सोसायटी को भूमि प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

7/9/2023152
खंडवा में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई झंडी
भोपाल

खंडवा में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई झंडी

केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने खंडवा में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखाते कहा कि गांव, गरीब, मजूदर और किसानों का कल्याण भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार 7 बार से कृषि कर्मण अवार्ड जीत रहा है। यहां सिंचित क्षेत्र बढ़ा है और उसके साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है। हर हाथ को काम और हर खेत को पानी के मंत्र पर चलते हुए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ी और कृषि विकास दर के साथ कृषि उत्पादन को बढ़ाया। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, लेकिन कृषि उपज का वांछित मूल्य न मिल पाना उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है, क्योंकि इनके दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होते हैं। इसलिए हमने तय किया कि किसानों को ऊर्जादाता बनाना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में यह सपना पूरा हो रहा है। आज 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली कारें आ रही हैं, हवाई जहाज उड़ रहे हैं, स्कूटर भी आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश 16 लाख करोड़ से अधिक का फॉसिल फ्यूल आयात करता है। अगर ये पैसा बचेगा, तो हमारे किसानों को ही मिलेगा। निति गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अच्छा काम हो रहा है। थर्मल एनर्जी, सोलर एनर्जी और सोलर संयंत्रों में इलेक्ट्रोलाइजर लगाकर हाइड्रोजन उत्पादन का काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश में जो काम हो रहा है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि जल्द ही मध्यप्रदेश हाइड्रोजन के उत्पादन में देश का नं.1 राज्य बनेगा और यहां के किसान ऊर्जादाता बनेंगे। खंडवा में गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार लगातार विकास और गरीब कल्याण के काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 44 लाख लोगों को आवास दिये गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। उज्जवला योजना में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, तो आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज हो रहा है। जिस मध्यप्रदेश में 5-6 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, वहां अब 30 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। बच्चों को शिक्षा, किसानों को पानी और बिजली मिल रही है। गांवों में उद्योग लग रहे हैं, जिनसे लोगों को रोजगार मिलेगा। अधोसंरचना में तेजी से सुधार हो रहा है। मध्यप्रदेश में इंदौर-हैदराबाद और देहली-मुंबई हाईवे बन रहे हैं, जिनके तैयार हो जाने पर एक घंटे में ओंकारेश्वर और 2 घंटे में बुरहानपुर से इंदौर पहुंचा जा सकेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सड़क, बिजली, पानी, ट्रांसमिशन नेटवर्क का लगातार विकास हो रहा है और मध्यप्रदेश देश के पॉवर स्टेशन के रूप में उभर रहा है। नितिन गडकरी ने कहा कि ये सब विकास का सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। मैं आपसे यही आग्रह करने आया हूं कि पूरी फिल्म देखने के लिए भाजपा को अपना आशीर्वाद दीजिए। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी ने संकल्प लिया कि अबकी बार फिर भाजपा की सरकार।

6/9/2023106
कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी
भोपाल

कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी (aziz qureshi) ने कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के कथा कराने और कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड कराने को लेकर भी अजीज कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कथा कराने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इस तरह के आयोजन ठीक नहीं हैं. कांग्रेस ने कहा कि अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर है, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। अजीज कुरैशी के बयान पर कांग्रेस के नेताओं ने हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजीज कुरैशी को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया है। सांसद भी बने राज्यपाल भी बने। कई अहम पदों पर रहे। शायद यह सारी बातें अजीज कुरैशी जी को याद नहीं आई. उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. राजी खुशी से बच्चों के साथ परिवार के साथ बिताना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं. धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी विशेषता है। रोज इफ्तार में जालीदार टोपी लगाकर जाते हैं। चुनावी दौर में सुंदरकांड करते हैं. आपस में ही लड़ भिड़ रहे हैं और कांग्रेसी धर्म के नाम पर एकमत नहीं होते हैं।

6/9/2023125
भाजपा की नैया पार लगाने निकले गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विंध्य में जन आशीर्वाद यात्रा का मिला जिम्मा
भोपाल

भाजपा की नैया पार लगाने निकले गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विंध्य में जन आशीर्वाद यात्रा का मिला जिम्मा

भारतीय जनता पार्टी जब-जब संकट में आती है तो उसके संकटमोचक डॉ. नरोत्तम मिश्रा होते हैं (Narottam Mishra)। इसकी बानगी आए दिन देखने को मिलती रहती है। सदन में सरकार पर कोई आरोप लगता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अंगद की तरह पांव जमा कर विपक्ष को करारा जवाब देते हैं और जब पार्टी में कोई संकट आता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा 'दादा' संकटमोचक बन कर सामने खड़े हो जाते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार यह बातें उठ रहीं थी कि विंध्य इस बार भाजपा से नाराज है। खासकर विंध्य के ब्राम्हण भाजपा से खासे नाराज हैं। विंध्य में ब्राम्हणों की बहुत बड़ी आवादी निवास करती है और वहां की 30 सीटों में उन्ही का प्रभाव देखने को मिलता है। सबसे पहले विंध्य की नाराजी इस बात को लेकर थी कि उन्हे उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला जबकि विंध्य के लोगों ने 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा को दी। नाराजगी पर तड़का उस वक्त और लग गया जब सीधी में पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) हुआ और सरकार ने जल्दबाजी में आरोपी के घर पर बुल्डोजर चलवा दिया इससे ना सिर्फ ब्राम्हण वर्ग भाजपा से नाराज हुआ बल्कि सवर्ण वर्ग में आने वाले सभी लोग भाजपा से नाराज हो गए इस बात की जानकारी भाजपा की इंटरनल रिपोर्ट में सामने आई। ऐसी स्थिति में विंध्य में डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के पास एक ही चेहरा था डॉ. नरोत्तम मिश्रा। ब्राम्हणों की नाराजगी के चलते ही भाजपा ने चित्रकूट से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखवाई और फिर उसको गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के हवाले कर दिया। गृह मंत्री पूर्व में रीवा के प्रभारी मंत्री रहे हैं और उनको वहां की तासीर मालूम है। विंध्य में नरोत्तम मिश्रा को बाहरी नहीं बल्कि घर का नेता माना जाता है। वैसे भी गृह मंत्री जिस विधानसभा दतिया से चुनाव लड़ते हैं पहले वो विंध्य का ही हिस्सा माना जाता था। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ब्राम्हणों के बीच जिस प्रकार की लोकप्रियता है उसी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे विंध्य की जिम्मेदारी सौंपी है। और भाजपा यह मान कर चल रही है कि जब गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जब एक बार कोई जिम्मेदारी सौंप दी जाती है तो उसको पूरा करके ही वो चैन की सांस लेते हैं। लिहाजा अब देखना यह दिलचश्प होगा कि भाजपा द्वारा खेला गया यह ब्राम्हण कार्ड विंध्य को रिझाने में कामयाब होगा अथवा नहीं यह तो वक्त बताएगा।

4/9/2023185
अल्प वर्शा से परेशान सरकार,'शिव' ने की महाकाल की 'साधना'
भोपाल

अल्प वर्शा से परेशान सरकार,'शिव' ने की महाकाल की 'साधना'

प्रदेश में इस वर्ष बारिश कम होने के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं (monsoon season)। ऐसे मौके पर किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंभ चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने भी बारिश कम होने पर चिंता व्यक्त की है। दो सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता से भी अपील करते हुए कहा था कि सभी लोग प्रार्थना करें कि बारिश हो। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि 50 साल बाद देखने में आया है कि अगस्त के महीने में सबसे कम बारिश हुई है। लोकतंत्र में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ही राजा का दर्जा दिया जाता है। लिहाजा भगवान को मनाने की प्रक्रिया सबसे पहले प्रदेश के राजा सीएम शिवराज ने शुरु कर दी। और सोमवार सुबह मुख्यमंत्री उज्जैन पहुंचे जहां उन्होने महाकाल (mahakaleshwar) के सामने प्रदेश की जनता की फरियाद सुनाते हुए अच्छी बारिश की कामना की। मुख्यमंत्री ने महाकाल में पूरे बिधि विधान के साथ पूजा आराधना करते हुए ना सिर्फ बारिश की कामना की है बल्कि प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की है। गौरतलब है कि इस साल प्रदेश में बारिश ठीक से नहीं होने के कारण धान की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। बारिश की कमी के कारण धान की फसल में अलग-अलग तरह के रोग फैल रहे हैं जिससे किसान और ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। ऐसे में पांव-पांव भैया कहलाने वाले सीएम शिवराज ने भगवान महाकाल के दर पर पूजा अर्चना कर यह बता दिया है कि वो किसानों की चिंता से परिचित हैं और उनसे जो भी यथा संभव प्रयास हो सकते हैं वो सबकुछ करने के लिए तैयार हैं।

3/9/2023110
नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारियों का शांतिपूर्ण अनिश्चित कालीन धरना
भोपाल

नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारियों का शांतिपूर्ण अनिश्चित कालीन धरना

पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति की मांग दोबारा से उठाई है (patwari exam)। अभ्यर्थी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब तीन हजार की संख्या में भोपाल पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित 8,600 पटवारियों की नियुक्ति भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद रोक दी गई थी। इन अभ्यार्थियों का कहना है कि उन्होने सालों तक मेहनत कर पढ़ाई की और उसके बल पर वो पास हुए हैं। जब नियुक्ति की बात आई तो भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। सभी अभ्यार्थियों ने अपनी नियुक्ति को लेकर सरकार और संगठन के बार-बार दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी भी नेता का दिल नहीं पसीजा। सीएम हाउस (Shivraj Singh Chouhan) भी सभी अभ्यार्थी पहुंचे सीएम से मिलने का प्रयास किया लेकिन उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हो पाई। अगले महीने चुनाव आचार संहिता लगने वाली है अब इन चयनित पटवारियों को डर सता रहा है कि सितंबर के महीने में उन्हे नियुक्ति पत्र नहीं सौंपे गए तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा। धैर्य खो रहे इन चयनित पटवारियों ने एकबार फिर राजधानी कि ओर रुख किया है। प्रदेश भर से आए अभ्यार्थियों ने शाहजहानी पार्क में शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन प्रदर्श शुरु कर दिया है। प्रदर्शन के लिए इन अभ्यार्थियों ने प्रशासन से अनुमति भी मांगी थी लेकिन उन्हे अनुमति नहीं दी गई। लेकिन भोपाल में बड़ी संख्या में अभ्यार्थी पहुंच गए तो इन्होने प्रदर्शन शुरु कर दिया है और मुख्यमंत्री से उनकी एक ही मांग है कि उन्हे नियुक्त पत्र दिया जाए।

3/9/2023161
भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
भोपाल

भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी चेतना सभा का आयोजन कर रही है (congress chetna sabha)। कांग्रेस की ओर से गांवों में चेतना सभा का आतोजन किया जाएगा। और इस चेतना सभा के माध्यम से कांग्रेस करीब 50 हजार घरों में पहुंचने वाली है। कांग्रेस पार्टी इसके माध्यम से 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाएगी। कांग्रेस की ओर से यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अति उत्साहित हैं और उसका फायदा उठाते हुए पार्टी ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। दरअसल अति उत्साह के चलते कांग्रेस के कार्यकर्ता निष्कृय होते चले जा रहे थे यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की सामूहिक बैठक में निर्देश दिए गए गांवों में चेतना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें भ्रष्टाचार,50% कमीशन और झूठी घोषणाओं के विषया को उठाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंच कर भाजपा सरकार के विरोध में पर्चे वितरित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की बात करें तो साल 2003 से पहले की याद को फिर से ताजा करने के लिए वीडियो वार की तैयारी की जा रही है। जिसकी थीम भी तैयार कर ली गई है। जिसके तहत वीडियो में एक महिला अपनी बेटी से कहती नजर आएगी कि 'बेटी ये वही शिवराज सरकार है जिसकी बदौलत तेरा ब्याह हुआ' मिशन- 2023 की तैयारियों में जुटी भाजपा इंटरनेट मीडिया का सर्वाधिक इस्तेमाल का प्लान तैयार कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो महिलाओं को आकर्षक लगे और वो भावनात्मक तरीके से सीएम शिवराज से जुड़ पाएं। 'शिवराज नहीं होता तो क्या होता' जैसी कई पंचलाइनें तैयार की जा रही हैं जो महिलाओं को असर पहुंचा सकें और वो सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को भाई के रुप में स्वीकार कर एक बार फिर भाजपा को वोट दे सकें।

2/9/2023163
रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी
भोपाल

रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी

कहा जाता है कि पर्वतराज सुमेरू के शिखर कहे जाने वाले चित्रकूट गिरि को कामदगिरि होने का वरदान भगवान राम ने दिया था। तभी से विश्व के इस अलौकिक पर्वत के दर्शन मात्र से आस्थावानों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और अब भाजपा का भगवान राम ही बेड़ा पार कर सकते हैं। दरअसल Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार विंध्य (Vindhya) की जनता का मोह अब भाजपा से भंग हो चुका है और इसका खुलासा भाजपा की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Bjp internal report) में हो चुका है यही कारण है कि चुनाव के महज डेढ़ महीने पहले भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना कर विंध्य की जनता के जख्म पर मरहम लगाने का काम किया है। लेकिन विंध्य की जनता जितनी भावुक मानी जाती है ठीक उसी प्रकार से विंध्य की जनता राजनीतिक मामलों की भी जानकार मानी जाती है। विंध्य की जनता जब वोट देती है तो सभी प्रकार के सोच विचार करती है। जिस वक्त 2018 में माई के लाल का नारा चल रहा था और ग्वारियर-चंबल के सवर्णों ने भाजपा का साथ छोड़ कर कांग्रेस को जिताने में अपना योगदान दिया था तब विंध्य की जनता ने जाति की परवाह किए बगैर सीएम शिवराज के (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा किए विकास को तरजीह दी जिसका नतीजा ये निकला कि विंध्य की 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा की छोली में आई। साल 2020 में जब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से फिर भाजपा की सरकार बनी तो विंध्य की जमकर उपेक्षा की गई और ग्वालियर-चंबल के हर तीसरे विधायक में एक को मंत्री बनाया गया। विंध्य देश का सबसे बड़ा सवर्ण बाहुल क्षेत्र माना जाता है इसके बाद भी विंध्य के एक भी सवर्ण नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। यहां से भाजपा का ओबीसी प्रेम विंध्य की जनता के सामने आया। बात चस वक्त और गंभीर हो गई जब सीधी में आदिवासी पेशाबकांड (Sidhi Peshab Kand) का मामला सामने आया। विंध्य के सवर्णों ने घटना का जमकर विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भी समर्थन किया लेकिन जब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला और उसके परिवार को सड़क पर आना पड़ा तो विंध्य की जनता में शिवराज सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई। लगातार उपेक्षा का दंश झेलने वाली विंध्य की जनता का इस बार भाजपा से मोह भंग हो गया है। जिस प्रकार से सीएम शिवराज और भाजपा के हर नेता का ओबीसी प्रेम जनता के सामने आया उसके बाद विंध्य की जनता ने भाजपा अलग होने पर खुद की भलाई देख रहे हैं। इन सब बातों की जानकारी भाजपा हाई कमान को है। इसी लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने विंध्य में लगातार फोकस किया और मोदी की दो सभाएं रीवा और शहडोल में आयोजित की गई। अमित शाह ने सतना में सभा की। सीएम शिवराज ने महीने भर में विंध्य की ज्यादा तर सीटों का दौरा किया है लेकिन इस बार विंध्य की जनता का मूड बदल पाने में अब तक भाजपा नाकाम साबित हुई है इसी लिए अब भाजपा एक बार फिर भगवान राम का सहारा लेकर उनकी तपोभूमि चित्रकूट से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

2/9/2023137
स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान
भोपाल

स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस ने वार रुम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं (MP Congress)। इन कार्यकर्ताओं को कमलनाथ (Kamalnath) के स्पेशर 100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशियों और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा। पार्टी का आईटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हे प्रत्याशियों की घोषणां के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा (MP BJP) के संगठन से मुकाबला करने के लिए मतदान केन्द्र पर फोकस किया है। भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) और कर्नाटक चुनाव (karnataka election) का काम देख चुके सुनील कानूगोलू (Sunil Kanugolu) की टीम ने भोपाल में डेरा डाल लिया है और वार रुम भी बन गया है। यहां फिलहाल मैदानी स्तर से चुनावी मुद्दों,संभावित दावेदार और चुनाव की तैयारियों पर फीडबैक लिया जा रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार ये स्पेशल 100, प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे और फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा,रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि एकरुपता बनी रहे।

1/9/2023124