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आग इधर भी है आग उधर भी है,अब देखना है इस आग में घी कौन डालता है
सियासी आग इस वक्त प्रदेश में इस कदर जल रही है कि उसकी लपटें प्रदेश के हर कोने में जल रही हैं और धुंआ चारों ओर फैला हुआ है (MP elections)। दरअसल मतदान की तारीख जितनी करीब आती चली जा रही है चुनाव का नशा और उसकी खुमारी उसी प्रकार बढ़ती चली जा रही है। जिन वर्तमान विधायकों का टिकट कटा वो हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। और जिन्हे टिकट मिला उन्हे भाजपा और कांग्रेस अपना बेस्ट आप्शन मान कर चल रहे हैं। अब बात करते हैं उम्मीदवारों के चयन और सरकार के रास्ते का। कांग्रेस ने पहली सूची में 144 नामों की घोषणा की जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसमें पार्टी को कमसे कम 120 सीटें मिलेंगी (congress candidate list)। दूसरी सूची 88 नामों की आई जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसके खाते में 30 विधायक आएंगे। कुल मिला कर कांग्रेस का यह मानना है कि उसके 150 विधायक आएंगे। कांग्रेस के कुछ नेताओं का यह मानना है कि 150 विधायक आएंगे तो भाजपा खरीद फरोख्त नहीं कर पाएगी,इसी लिए कांग्रेस पार्टी 150 से अधिक विधायकों का लक्ष्य लेकर चल रही है। कांग्रेस की जिस प्रकार 2020 में सरकार गिरी उसके बाद कांग्रेसी खेमें में विश्वास की कमी आई और यही कारण है कि कांग्रेस नेता चाहते हैं कि माहौल का फायदा उठाया जाना चाहिए और कमसे कम 150 विधायकों की जीत होनी चाहिए। वहीं भारतीय जनता पार्टी है कि वो सत्ता को अपने हाथ से जाने नही देना चाहती है। जिसके चलते आलम ये है कि भाजपा अभी भी 94वे उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पाई है (bjp candidate list)। भाजपा के नेताओं का मानना है कि गिरी हालत में उसके 120 से 130 विधायक जीत कर आएंगे। मतलब साफ है कि भाजपा किसी भी सूरत में सत्ता को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।

भाजपा में पांचवी सूची की नहीं सुलझ रही गुत्थी,पहले प्रदेश और अब दिल्ली में चल रही माथापच्ची
भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूची जारी कर बहुत बड़ा दंभ भरा था कि कांग्रेस कहती रही और भाजपा ने सूची जारी कर दिखा दिया कि चुनावी तैयारी में कौन तेज चल रहा है (bjp candidate list)। भाजपा ने पहली सूची अगस्त के महीने में जारी कर सभी को चौंकाया उसके बाद सितंबर के महीने में भाजपा ने तीन सूचियां जारी की और लगातार कांग्रेस पर सूची को लेकर हमला किया। भाजपा ने चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया लेकिन पांचवीं सूची से भाजपा भटक गई,भाजपाई खेमें में हार का फोविया ऐसे हावी हुआ कि भाजपा का संगठन सूची जारी करने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहा है। उधर कांग्रेस ने दो सूचियों में ही अपने सारे तुरुप के इक्कों को चुनावी मैदान में उतार कर यह बता दिया कि वो इस चुनाव को टेस्ट स्टाइल में नहीं टी20 की स्टाइल में देख रहे हैं। अब बारी भाजपा की है लेकिन एक-एक दिन कर बढ़ते चले जा रहे हैं आज से नामांकन की तारीख भी शुरु हो चुकी है और आलम यह है कि भाजपा ने अभी तक 94वे नामों पर सहमति नहीं बनाई है। एमपी बीजेपी से लेकर दिल्ली तक भाजपा की कई चरणों में बैठक हो चुकी है लेकिन पार्टी सही उम्मीदवारों का चयन करने में अब तक नाकाम साबित हुई है (bjp meeting)। भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का भी दंभ भरती है और हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि 94वे नाम भाजपा को नही मिल रहे जो कांग्रेस को चुनौती दे पाएं। मतलब साफ है। भाजपा के सर्वे में पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है यही कारण है कि भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पा रही है।

आज जारी होगी भाजपा की सूची,27 हारी सीटों पर भी होंगे चौकाने वाले नाम
कांग्रेस पार्टी ने 230 विधानसभा सीटों में 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है,एक नाम बैतूल का रोका गया है (congress candidate list)। लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 94वे सीटों पर अब भी उम्मीदवारों का ऐलान करना बांकी है (bjp candidate list)। भाजपा अभी 136 सीटों में ही उम्मीदवारों की घोषणा कर पाई है। अब कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद भाजपा पर भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का दबाव है लिहाजा दिल्ली में आज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में बची हुई सीटों पर मंथन होना है,सबसे बड़ी बात यह है कि इन 94वे सीटों पर 27 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लिहाजा ऐसी सीटों पर भाजपा को काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। बैठक के दौरान 58 विधायकों की किस्मत का भी भाजपा हाई कमान को फैसला करना बांकी है। ये वो नाम हैं जिनका परफॉर्मेंश खराब बताया गया है। भाजपा के हर सर्वे में इन विधायकों की रिपोर्ट खराब बताई जा रही है। लेकिन भाजपा संगठन टिकट काटने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। भाजपा को डर सता रहा है कि जिस विधायक का वो टिकट काटेंगे वो भाजपा के विरोध में गतिविधियां चलाएगा और चुनाव में काफी नुकसान हो सकता है। आज होने वाली भाजपा की दिल्ली की बैठक में इन्ही सब बातों पर विचार किया जाएगा। और फिर उम्मीदवारों के नामों को फायनर करके सूची जारी कर दी जाएगी।

सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर भाजपा में विद्रोह,सभी ने स्थानीय उम्मीदवार की उठाई मांग,बात नहीं मानी तो होंगे सामूहिक इस्तीफे
हाल ही में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के नाती सिद्धार्थ (राज) तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल स्थिति भाजपा कार्यालय में भाजपा की सदस्यता ली है। सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हे भाजपा त्योंथर से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर रकती है। और यही कारण है कि त्योंथर विधानसभा के सभी भाजपा पदाधिकारियों ने बगावती तेवर अपनाते हुए इस्तीफा देने का मन बना लिया है। गुरुवार को त्योंथर भाजपा के तीनों मंडल अध्यक्षों सहित ब्लाक के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने वर्तमान विधायक श्यामलाल द्विवेदी (Shyamlal Dwivedi) के निवास पर बैठक की थी। बैठक में सभी ने प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ,सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के नाम पर एक आवेदन तैयार किया है जिसमें उन्होने लिखा है कि कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए सिद्धार्थ तिवारी और उनके परिवार ने भाजपा और RSS के विरुद्ध हमेशा काम किया है। तिवारी खानदान के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध बहुत सारे प्रकरण दर्ज कराने के साथ-साथ प्रताड़ित भी किया गया था। पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर मांग करते हुए कहा है कि उन्हे स्थानीय और पार्टी के किसी मूल कार्यकर्ता में से ही उम्मीदवार का चयन करके दिया जाना चाहिए। बैठक में मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी,जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा प्रशांत पाठक,कौशलेश तिवारी जिला कार्यकारिणी सदस्य,विभव कुमार जायसवाल,अध्यक्ष नगर परिषद चाकघाट। सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए और सभी ने एकमत होते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मूल और स्थानीय कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जाना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर सभी पदाधिकारी सामूहिक रुप से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होंगे। पत्र की जानकारी सभी पदाधिकारियों ने मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को भी दी है,बैठक के दौरान मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को फोन लगाया गया और उन्हे बताया गया कि सिद्धार्थ तिवारी को टिकट दिया जाता है तो भाजपा के मूल कार्यकर्ता भाजपा के उम्मीदवार का साथ नहीं देंगे।

कांग्रेस ने 88 प्रत्याशियों की जारी की सूची,छह विधायकों के काटे टिकट
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार देर रात को प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी (congress second list) । इसमें 88 नाम हैं, जिसमें में पहली सूची में घोषित तीन प्रत्याशी के टिकट भी बदले गए हैं। पार्टी ने छह विधायकों के टिकट काटे हैं। सूची के अनुसार अब दतिया से अवधेश नायक की जगह राजेंद्र भारती, गोटेगांव में शेखर चौधरी की जगह नर्मदा प्रसाद प्रजापति यथावत और पिछोर से शैलेंद्र सिंह का टिकट काटकर अरविंद लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। भोपाल दक्षिण-पश्चिम से पीसी शर्मा,गोविंदपुरा से रवीन्द्र साहू,हुजूर से नरेश ज्ञानचंदानी और भोपाल उत्तर से विधायक आरिफ अकील के उत्तराधिकारी के तौर पर आतिफ अकील मैदान में होंगे। छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने जिन तीन प्रत्याशियों के नाम पहले घोषित किए थे उन्हें शामिल करते हुए 88 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है (congress candidate list)। अब केवल बैतूल जिले की आमला सीट का प्रत्याशी घोषित होना बांकी है। कांग्रेस यहां से राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी निशा बांगरी को चुनाव लड़ना चाहती है। पर अभी शासन ने उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया है। शिवपुरी से प्रत्याशी केपी सिंह को वापस किशोर भेजे जाने की चर्चा थी लेकिन पार्टी अपने पूर्व के निर्णय पर कायम रही। यहां से भाजपा से कांग्रेस में आए विधायक वीरेंद्र रघुवंशी का प्रत्याशी बनने की मांग रघुवंशी समाज कर रहा था। भिंड से एक बार फिर चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को मैदान में उतर गया है वह भाजपा से फिर कांग्रेस में लौटे हैं।

'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र
विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता के नाम पर एक पत्र भेजा है (PM Modi letter)। पत्र में पीएम मोदी ने बड़े ही भावनात्मक तरीके से बीजेपी सरकार के बीस साल का जिक्र करते हुए लिखा है कि मप्र बीमारु राज्य के अपने अतीत से निकल कर सशक्त,समृद्ध और स्वाबलंबी बना है (MP Government)। मोदी आगे लिखते हैं कि पिछले 20 वर्षो से जो भरोसा आपने हम पर दिखाया है उसके चलते मध्यप्रदेश टॉप टेन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में हुए पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण,16 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर,65 लाख से अधिक घरों में नल से जल,28 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन को देख कर मुझे गर्व होता है। यह 20 वर्ष न सिर्फ मध्य प्रदेश के विकास रहे हैं बल्कि यह आपके हम पर विश्वास के भी रहे हैं। आज मध्य प्रदेश का विकास मॉडल (MP model) पूरे देश के लिए गरीब कल्याण महिला उत्थान एवं समग्र प्रोत्साहन का मॉडल बन गया है। पीएम मोदी के इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर पहुंचेंगे और पीएम मोदी का भावनात्मक पत्र लोगों को देकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और यही कारण है कि पीएम मोदी के नाम पर यह पत्र हर घर में भेजा जा रहा है जिससे जनता पीएम मोदी के ऊपर विश्वास करके एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने में मदद करे (MP Elections)।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

सिद्धार्थ तिवारी के बीजेपी ज्वाइन करते ही 'इस्तीफों' की झड़ी,राजेन्द्र शुक्ला के पास पहुंचे मंडल अध्यक्ष
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने ली बीजेपी की सदस्यता,त्योंथर से लड़ेंगे चुनाव
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के पोते और सुंदरलाल तिवारी (Sundar Lal Tiwari) के बेटे सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सिद्धार्थ तिवारी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने पार्टी का अंग वस्त्र पहनकर भाजपा की सदस्यता दिलाई है। इस दौरान सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि वह भाजपा की विकास गाथा से प्रभावित होकर भाजपा में आए हैं। सिद्धार्थ तिवारी ने कहा की उन्होंने 2003 का दौर देखा है और 2023 का दौर भी देख रहे हैं। पहले सड़कों में सिर्फ गड्ढे हुआ करते थे और आज की नेशनल हाईवे सबके सामने है। हालांकि सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन यह बातें मानी जा रही है कि वह रीवा की त्योंथर विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अभी तक भाजपा ने त्योंथर से भाजपा ने अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है और कांग्रेस पार्टी त्योंथर से रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) का ऐलान कर चुकी है।

भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'
प्रदेश की 94 वे सीटें भाजपा के गले की फांस बनती चली जा रही हैं (MP Elections)। भाजपा ने अब तक चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है लेकिन 94 वे सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आकर ठहर गया है (bjp candidate list)। क्योंकि पार्टी के पास दावेदार हैं कार्यकर्ता हैं लेकिन सूची जारी करने की हिम्मत नहीं है। दरअसल भाजपा ने पहली 39 नामों की सूची अगस्त के महीने में जारी की थी, दूसरी 39 नामों की सूची सितंबर के महीने में जारी की जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया, इस दौरान जिन दावेदारों के नाम काटे गए वो और उनके समर्थक बगावत के मूड में आ गए, तीसरी सूची में एक ही नाम आया जिसका जमकर विरोध हुआ, चौथी सूची 57 नामों की आई जिसमें ज्यादातर नेताओं को रिपीट कर दिया गया और यहां समझ में आया की भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व कितने डर में फैसले ले रहा है। अब 94 वे नामों पर भाजपा का लगातार मंथन चल रहा है जिसमें 27 हारी हुई भी सीटें शामिल हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा करीब 20 सिटिंग एमएलए के टिकट काटने के मूड में है क्योंकि उनकी परफॉर्मेंश ठीक नहीं बताई जा रही है। अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस दुविधा में है कि अगर इन सीटों पर विधायकों के नाम काटे गए तो पार्टी के कार्यकर्ता विद्रोह की स्थिति में आ जाएंगे और उन्हे डैमेज कंट्रोल करते-करते मतदान का समय आ जाएगा ऐसी स्थिति में भाजपा की तैयारियां कमजोर हो सकती हैं। हांलाकि अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जल्द ही फैसले लेने वाला है और माना जा रहा है कि एक दिन के अंदर भाजपा अपने बचे हुए 94 वे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी।

भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति
मप्र कांग्रेस कमेटी हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग तरह के प्लान पर काम कर रही है (MP Congress)। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शासकीय भर्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी (congress vachan patra)। गौरतलब है कि एमपी में बहुचर्चित व्यापम घोटाले (vyapam ghotala) सहित पटवारी चयन परीक्षा (patwari exam) और पुलिस भर्ती सहित अलग-अलग परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और अब कांग्रेस उसी आरोप को अपना हथियार बना कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। गौरतलब है कि नई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में 14 लाख से अधिक युवा मतदाता जुड़े हैं और कांग्रेस को मालूम है कि इन युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। क्योंकि इस वक्त प्रदेश में बेरोजगारी युवाओं की दुखती रग माना जाता है। जिस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन चल रहा है उससे सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी लिए कांग्रेस पार्टी भर्तियों में गड़बड़ी की जांच की गारंटी दे रही है। कांग्रेस की ओर से इंदौर में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाना है जिसके माध्यम से कांग्रेस इस बात की ब्रैंडिंग करेगी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किस प्रकार से भर्तियों की गड़बड़ी को सामने लाया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा कार्यक्रम कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के युवाओं में एक मैसेज देना चाहती है कि कांग्रेस पर विश्वास कीजिए,सरकार बनी तो भर्तियों की गड़बड़ी का खुलासा होकर रहेगा। हांलाकि ये बात और है कि कांग्रेस ने भाजपा की सरकार पर आज तक जितने भी आरोप लगाए हैं उनको सिद्ध करने में कांग्रेस नाकाम रही है इसी लिए कांग्रेस पर प्रदेश की जनता पूरी तरह से विश्वास भी नहीं कर पा रही है। इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने व्यापम घोटाले को मुद्दा बनाया था और जब सरकार बनी तो कांग्रेस व्यापम घोटाले को भूल गई,ना कोई जांच हुई ना कोई खुलासा हुआ जिसके कारण कांग्रेस की गारंटी पर प्रदेश की जनता विश्वास भी नहीं कर पा रही है।

भाजपा स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में जुटी,फिल्म अभिनेता सन्नी देओल और गौतम गंभीर की बढ़ी मांग
मिशन 2023 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी इन दिनों स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में लगी है (BJP Star Campaigners)। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से हर उम्मीदवार से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं,भाजपा के उम्मीदवार जिन स्टार प्रचारकों को आने के लिए मांग करेंगे भाजपा का नेतृत्व उन्ही स्टार प्रचारकों से संपर्क कर चुनावी सभा के लिए बुलाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार गदर फिल्म रिलीज होने के बाद फिल्म अभिनेता और भाजपा सांसद सन्नी देओल (Sunny Deol) की स्टार प्रचारकों के रुप में डिमांड बढ़ गई है,दूसरे स्टार प्रचारकों में नाम क्रिकेटर गौतम गंभी (Gautam Gambhir) का आता है। इस वक्त क्रिकेट का विश्वकप भारत में ही चल रहा है (ICC Cricket World Cup)और उसकी खुमारी प्रदेश के हर गांव के युवाओं में जमकर चढी है उसका फायदा हर नेता उठाना चाहता है। युवाओं का रुझान क्रिकेट और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों की ओर काफी होता है। लिहाजा युवाओं के वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए भाजपा के उम्मीदवार गौतम गंभीर की मांग जमकर हो रही है। विधानसभा के इस चुनाव में भाजपा किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती है इसी लिए भाजपा की ओर से उम्मीदवारों से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं (MP Elections)। स्टार प्रचारकों की सूची में और कई चौकाने वाले नाम हैं जिसमें फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी (Hema Malini),सहित कई सेलीब्रिटी की मांग की जा रही है।