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'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र
विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता के नाम पर एक पत्र भेजा है (PM Modi letter)। पत्र में पीएम मोदी ने बड़े ही भावनात्मक तरीके से बीजेपी सरकार के बीस साल का जिक्र करते हुए लिखा है कि मप्र बीमारु राज्य के अपने अतीत से निकल कर सशक्त,समृद्ध और स्वाबलंबी बना है (MP Government)। मोदी आगे लिखते हैं कि पिछले 20 वर्षो से जो भरोसा आपने हम पर दिखाया है उसके चलते मध्यप्रदेश टॉप टेन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में हुए पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण,16 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर,65 लाख से अधिक घरों में नल से जल,28 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन को देख कर मुझे गर्व होता है। यह 20 वर्ष न सिर्फ मध्य प्रदेश के विकास रहे हैं बल्कि यह आपके हम पर विश्वास के भी रहे हैं। आज मध्य प्रदेश का विकास मॉडल (MP model) पूरे देश के लिए गरीब कल्याण महिला उत्थान एवं समग्र प्रोत्साहन का मॉडल बन गया है। पीएम मोदी के इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर पहुंचेंगे और पीएम मोदी का भावनात्मक पत्र लोगों को देकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और यही कारण है कि पीएम मोदी के नाम पर यह पत्र हर घर में भेजा जा रहा है जिससे जनता पीएम मोदी के ऊपर विश्वास करके एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने में मदद करे (MP Elections)।

'अबकी बार फिर भाजपा सरकार' रथ होंगे 50 हजार,'विकास की बात करेंगे बार-बार
भारतीय जनता पार्टी ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय से हाईटेक रथों को प्रदेश के हर जिलों के लिए रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने हाईटेक रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है । इसके अलावा सामूहिक एवं वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा संभागीय मुख्यालयों से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर हाईटेक प्रचार रथों (BJP hitech rath) को रवाना किया गया है। भारतीय जनता पार्टी हाईटेक रथों से प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों के गांव-कस्बों, गली-मोहल्लों में डबल इंजन की सरकार के विकास, गरीब कल्याण और जन हितैषी कार्यों को जनता को बताने के साथ आगामी पांच वर्षों में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी जनता को बताएगी। पार्टी प्रतिदिन लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान 10 रथ सभाएं करेगी। प्रदेश भर में प्रतिदिन लगभग 2300 रथा सभाओं के जरिए भाजपा जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएगी। पूरे चुनाव प्रचार की अवधि में प्रदेश में करीब 50 हजार रथ सभाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होना है उसके पहले भाजपा इन रथों के माध्यम से यह बताने का प्रयास करेगी कि भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है (MP Elections)। रथों के माध्यम से भाजपा 2003 से अब तक के विकास कार्यों को तो बताएगी ही साथ में 2003 से पहले यानि दिग्विजय सरकार के दौरान की सड़कें, और बिजली ब्यवस्थाओं के बारे में भी आज के युवा वोटरों को बताया जाएगा कि भाजपा से पहले प्रदेश की क्या स्थिति हुआ करती थी।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

सिद्धार्थ तिवारी के बीजेपी ज्वाइन करते ही 'इस्तीफों' की झड़ी,राजेन्द्र शुक्ला के पास पहुंचे मंडल अध्यक्ष
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने ली बीजेपी की सदस्यता,त्योंथर से लड़ेंगे चुनाव
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के पोते और सुंदरलाल तिवारी (Sundar Lal Tiwari) के बेटे सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सिद्धार्थ तिवारी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने पार्टी का अंग वस्त्र पहनकर भाजपा की सदस्यता दिलाई है। इस दौरान सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि वह भाजपा की विकास गाथा से प्रभावित होकर भाजपा में आए हैं। सिद्धार्थ तिवारी ने कहा की उन्होंने 2003 का दौर देखा है और 2023 का दौर भी देख रहे हैं। पहले सड़कों में सिर्फ गड्ढे हुआ करते थे और आज की नेशनल हाईवे सबके सामने है। हालांकि सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन यह बातें मानी जा रही है कि वह रीवा की त्योंथर विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अभी तक भाजपा ने त्योंथर से भाजपा ने अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है और कांग्रेस पार्टी त्योंथर से रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) का ऐलान कर चुकी है।

भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'
प्रदेश की 94 वे सीटें भाजपा के गले की फांस बनती चली जा रही हैं (MP Elections)। भाजपा ने अब तक चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है लेकिन 94 वे सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आकर ठहर गया है (bjp candidate list)। क्योंकि पार्टी के पास दावेदार हैं कार्यकर्ता हैं लेकिन सूची जारी करने की हिम्मत नहीं है। दरअसल भाजपा ने पहली 39 नामों की सूची अगस्त के महीने में जारी की थी, दूसरी 39 नामों की सूची सितंबर के महीने में जारी की जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया, इस दौरान जिन दावेदारों के नाम काटे गए वो और उनके समर्थक बगावत के मूड में आ गए, तीसरी सूची में एक ही नाम आया जिसका जमकर विरोध हुआ, चौथी सूची 57 नामों की आई जिसमें ज्यादातर नेताओं को रिपीट कर दिया गया और यहां समझ में आया की भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व कितने डर में फैसले ले रहा है। अब 94 वे नामों पर भाजपा का लगातार मंथन चल रहा है जिसमें 27 हारी हुई भी सीटें शामिल हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा करीब 20 सिटिंग एमएलए के टिकट काटने के मूड में है क्योंकि उनकी परफॉर्मेंश ठीक नहीं बताई जा रही है। अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस दुविधा में है कि अगर इन सीटों पर विधायकों के नाम काटे गए तो पार्टी के कार्यकर्ता विद्रोह की स्थिति में आ जाएंगे और उन्हे डैमेज कंट्रोल करते-करते मतदान का समय आ जाएगा ऐसी स्थिति में भाजपा की तैयारियां कमजोर हो सकती हैं। हांलाकि अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जल्द ही फैसले लेने वाला है और माना जा रहा है कि एक दिन के अंदर भाजपा अपने बचे हुए 94 वे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी।

भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति
मप्र कांग्रेस कमेटी हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग तरह के प्लान पर काम कर रही है (MP Congress)। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शासकीय भर्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी (congress vachan patra)। गौरतलब है कि एमपी में बहुचर्चित व्यापम घोटाले (vyapam ghotala) सहित पटवारी चयन परीक्षा (patwari exam) और पुलिस भर्ती सहित अलग-अलग परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और अब कांग्रेस उसी आरोप को अपना हथियार बना कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। गौरतलब है कि नई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में 14 लाख से अधिक युवा मतदाता जुड़े हैं और कांग्रेस को मालूम है कि इन युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। क्योंकि इस वक्त प्रदेश में बेरोजगारी युवाओं की दुखती रग माना जाता है। जिस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन चल रहा है उससे सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी लिए कांग्रेस पार्टी भर्तियों में गड़बड़ी की जांच की गारंटी दे रही है। कांग्रेस की ओर से इंदौर में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाना है जिसके माध्यम से कांग्रेस इस बात की ब्रैंडिंग करेगी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किस प्रकार से भर्तियों की गड़बड़ी को सामने लाया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा कार्यक्रम कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के युवाओं में एक मैसेज देना चाहती है कि कांग्रेस पर विश्वास कीजिए,सरकार बनी तो भर्तियों की गड़बड़ी का खुलासा होकर रहेगा। हांलाकि ये बात और है कि कांग्रेस ने भाजपा की सरकार पर आज तक जितने भी आरोप लगाए हैं उनको सिद्ध करने में कांग्रेस नाकाम रही है इसी लिए कांग्रेस पर प्रदेश की जनता पूरी तरह से विश्वास भी नहीं कर पा रही है। इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने व्यापम घोटाले को मुद्दा बनाया था और जब सरकार बनी तो कांग्रेस व्यापम घोटाले को भूल गई,ना कोई जांच हुई ना कोई खुलासा हुआ जिसके कारण कांग्रेस की गारंटी पर प्रदेश की जनता विश्वास भी नहीं कर पा रही है।

भाजपा स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में जुटी,फिल्म अभिनेता सन्नी देओल और गौतम गंभीर की बढ़ी मांग
मिशन 2023 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी इन दिनों स्टार प्रचारकों की सूची तैयार करने में लगी है (BJP Star Campaigners)। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से हर उम्मीदवार से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं,भाजपा के उम्मीदवार जिन स्टार प्रचारकों को आने के लिए मांग करेंगे भाजपा का नेतृत्व उन्ही स्टार प्रचारकों से संपर्क कर चुनावी सभा के लिए बुलाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार गदर फिल्म रिलीज होने के बाद फिल्म अभिनेता और भाजपा सांसद सन्नी देओल (Sunny Deol) की स्टार प्रचारकों के रुप में डिमांड बढ़ गई है,दूसरे स्टार प्रचारकों में नाम क्रिकेटर गौतम गंभी (Gautam Gambhir) का आता है। इस वक्त क्रिकेट का विश्वकप भारत में ही चल रहा है (ICC Cricket World Cup)और उसकी खुमारी प्रदेश के हर गांव के युवाओं में जमकर चढी है उसका फायदा हर नेता उठाना चाहता है। युवाओं का रुझान क्रिकेट और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों की ओर काफी होता है। लिहाजा युवाओं के वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए भाजपा के उम्मीदवार गौतम गंभीर की मांग जमकर हो रही है। विधानसभा के इस चुनाव में भाजपा किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती है इसी लिए भाजपा की ओर से उम्मीदवारों से उनकी पसंद के स्टार प्रचारक पूछे जा रहे हैं (MP Elections)। स्टार प्रचारकों की सूची में और कई चौकाने वाले नाम हैं जिसमें फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी (Hema Malini),सहित कई सेलीब्रिटी की मांग की जा रही है।

कांग्रेस का 101 वचन, कांग्रेस आएगी खुशहाली लाएगी
जिस वचन पत्र की कांग्रेस पिछले छह महीने से गारंटी दे रही थी वो वचन पत्र आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने जारी कर दिया है (congress vachan patra)। भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कमलनाथ (Kamal Nath),दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh),वचन पत्र कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान पीसीसी चीफ ने वचन पत्र जारी करते हुए 101 गारंटियां दी। अब देखते हैं कांग्रेस के वचन पत्र के मुख्य बिंदु- 1.जय किसान कृषि ऋण माफी योजना को निरंतर रखेंगे। किसानों का 2.00 तक का कर्ज माफ करेंगे। 2.महिलाओं को प्रतिमाह 1500/-रूपए नारी सम्मान निधि के रूप में देंगे। 3.घरेलू गैस सिलेंडर 500/- रूपए में देंगे। 4.इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 100 यूनिट माफ और 200 यूनिट हाफ दर पर देंगे। 5.पुरानी पेंशन योजना 2005 ओपीएस प्रारंभ करेंगे। 6.किसानों को सिंचाई हेतु 5 हार्सपॉवर का विद्युत निःशुल्क प्रदान करेंगे। 7.किसानों के बकाया विद्युत देयक माफ करेंगे। 8.किसान आंदोलन एवं विद्युत संबंधी झूठे व निराधार प्रकरणों को वापिस लेंगे। 9.बहुदिव्यांगजनों की पेंशन की राशि बढ़ाकर रूपए 2000/- करेंगे। 10.जातिगत जनगणना कराएंगे। 11. शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देंगे। 12.संत शिरोमणि रविदास के नाम पर कौशल उन्नयन विश्वविद्यालय सागर में स्थापित करेंगे। 13.तेंदूपत्ता की मजदूरी की दर 4000/- रूपए प्रति मानक बोरा करेंगे। 14.पढ़ो-पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सरकारी स्कूलों के बच्चों को कक्षा 1 से 8वीं तक 500/- रूपए, कक्षा 9वीं-10वीं के लिए 1000/- एवं कक्षा 11वीं-12वीं के बच्चों को 1500/- रूपए प्रतिमाह देंगे। 15.मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा निःशुल्क करेंगे। 16.आदिवासी अधिूसचित क्षेत्रों में कांग्रेस के कार्यकाल में बना पेसा एक्ट लागू करेंगे। कांग्रेस पार्टी के मुख्य नवीन वचन - किसानों के लिए 1. किसानों को गेहूं का 2600/- और धान का 2500/- रूपए मूल्य देगी। 2. 5 हार्सपॉवर निःशुल्क बिजली देने के साथ 10 हार्सपॉवर तक 50 प्रतिशत छूट देंगे। 3. किसान भाइयों को किसान फ्रेण्डली एप उपलब्ध कराएंगे। 4. नंदिनी गोधन योजना प्रारंभ करेंगे। 2/- रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेंगे। 5. कांग्रेस ने जो 1000 गौशालाएं प्रारंभ की थी जिसे भाजपा ने बंद कर दिया है उन्हें पुनः प्रारंभ करेंगे। 6. गो ग्रास अनुदान बढ़ाएंगे। 7. सहकारी क्षेत्र के माध्यम से दूध खरीदी पर 5/- रूपये प्रति लीटर बोनस देंगे। 8. मछुआरों कृषकों को मत्स्य का अधिकार देंगे। 9. सहकारी संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देंगें। 10. खेतिहर श्रमिकों को फसल रक्षक का नाम देंगे एवं प्रशिक्षण देकर किट देंगे। सिंचाई एवं प्रदेश की नदियाँ 1. सिंचाई क्षमता बढ़ायेंगे एवं समितियों के चुनाव करायेंगे। 2. ताप्ती, तमस एवं वेतबा नदी विकास प्राधिकरण गठित करेंगे। प्रदेश में लुप्त हो रही नदियों के संरक्षण के लिए भागीरथ नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करेंगे। 3. माँ नर्मदा संरक्षण अधिनियम बनाएंगे। 4.नर्मदा परिक्रमा परिषद का गठन करेंगे एवं नर्मदा परिक्रमा यात्रा प्रारंभ करेंगे। युवाओं के लिए 1. सरकारी भर्ती का कानून बनाएंगे। 2. 2.00 लाख सरकारी पद भरेंगे। 3. प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-चार नए पद निर्मित कर भरेंगे। 4. प्रदेश के युवाओं को ही सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिले, इस हेतु आगे बढ़ेंगे। 5. प्रतियोगी परीक्षा शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देंगे। 6. पिछले 18 वर्षों से लंवित भर्तियां - शिक्षकों, पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड, नर्स आदि की भरी जाएंगी। 7.युवा स्वाभिमान के अंतर्गत जरूरतमंद शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 1500 से 3000/- रूपए तक प्रतिमाह आर्थिक सहायता 2 वर्ष के लिए देंगे। 8.भोपाल में प्रोफेशनल हब बनाएंगे। 9. मध्यप्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू करेंगे। 10. उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे। 11. छात्र संघ के नियमित चुनाव कराएंगे। 12.प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए ‘पदक लाओ-पद पाओ’, पदक लाओ-करोड़पति बन जाओ, पदक लाओ-कार जीतो, पदक लाओ-छात्रवृत्ति पाओ योजना आरंभ करेंगे। महिलाओं के लिए 1. बेटियों के विवाह की नई योजना प्रारंभ करेंगे, 1 लाख 1 हजार रूपए की सहायता देंगे। 2. महिलाओं के स्टार्ट अप के लिए रूपए 25.00 लाख तक का ऋण 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराएँगे। 3.आवासहीन ग्रामीण महिलाओं को आवास एवं आजीविका के लिए 5000 वर्गफुट का भूखण्ड देंगे। 4.महानगरीय बस सेवा में परिवहन हेतु निःशुल्क पास उपलब्ध कराएंगे। 5.आंगनवाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को नियमित करने के लिए नियम बनाएंगे। 6.आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं के लिए मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों का नया कैडर बनाकर सेवा से जोड़ेंगे। 7.बेटियों के लिए मेरी बिटिया रानी योजना प्रारंभ करेंगे, उनको 2 लाख 51 हजार की राशि उनके जन्म से विवाह संस्कार होने तक देंगे। स्वास्थ्य 1. स्वास्थ्य का अधिकार कानून बनायेंगे। प्रदेश के नागरिकों के लिए वरदान स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ करंेगे, जिसमें परिवार सहित 25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा एवं 10 लाख का दुर्घटना बीमा शामिल रहेगा। जनसेवक, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनर्स 1. कर्मचारी एवं अधिकारियों का बीमा कराएंगे। 2. कर्मचारियों की रूकी पदोन्नतियां प्रारंभ करेंगे। 3. कर्मचारियों को चार चरण में समयमान वेतनमान देंगे। आउटसोर्स एवं संविदा कर्मी 1. आउटसोर्स, संविदा, अंशकालीन, दैनिक वेतनभोगी एव मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के साथ न्याय करेंगे। पहली कैबिनेट में इनके लिए प्रस्ताव लाएंगे। भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक 1. भूतपूर्व सैनिकों को सेवा में आरक्षण का लाभ देंगे। खनिज 1. रेत आवंटन की नई नीति बनाएंगे। 2. रेत घोटाले की जांच करेंगे।

बसपा के वर्चश्व वाली 69 सीटों पर भाजपा की नजर
मप्र के विधानसभा चुनाव में बसपा हमेशा छुपी रुस्तम साबित होती रही है (bsp mp)। आंकड़ो के हिसाब से उसके पास सीटें एक या दो ही रहती हैं लेकिन प्रदेश में 69 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जिनमें बसपा का हमेशा वर्चश्व रहा है। जिसके कारण कांग्रेस और भाजपा को संतुलन बनाने में काफी दिक्कतें होती रही हैं। प्रदेश के एससी वर्ग का झुकाव भी बसपा की तरफ रहा है। प्रदेश में लगातार नौ फीसदी वोट भी बसपा को मिलता रहा है। कुछ सालों में बसपा के कमजोर होने से उसका वोट बैंक छिटकने लगा है लेकिन यह भाजपा को ना मिल कर कांग्रेस को जाता है। साल 2013 में भाजपा के पास एससी वर्ग की 28 सीटें थीं, जबकि साल 2018 में घट कर 18 रह गई। भाजपा की यही चिंता है, ऐसे में बसपा के वोट बैंक पर भाजपा की नजर लगातार बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए संत रविदास मंदिर (sant Ravidas) और सुमित्रा वाल्मीकि (Sumitra Valmiki) को राज्यसभा सदस्य बनाने जैसे निर्णय को प्रचारित कर भाजपा बसपा के वोट बैंक में सेंध लगा रही है। भाजपा ने साल 2018 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए और कुछ जातियों का साथ पाने के लिए इस वर्ग के कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उत्तरप्रदेश सहित मध्यप्रदेश में अहिरवार,चौधरी,साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट बैंक रही हैं। वर्ष 2023 के चुनाव में भी इनके वोट निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।इस बीच भाजपा ने बसपा के कई नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। भाजपा की चिंता यह है की उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश में अहिरवार, चौधरी, साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट रही है आप पार्टी के कमजोर पढ़ने के बाद भी यह जातियां बसपा को छोड़ कांग्रेस का साथ दे रही हैं। भाजपा ने इन जातियों के नेताओं को टिकट दिया तो भी जीत नहीं दिला पाई। ग्वालियर- चंबल और विंध्य में इन जातियों के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। यही कारण है कि अब बीजेपी इन जातियों का साथ पाने के लिए छोटे-छोटे नेताओं को तोड़ रही है। बसपा की पूर्व विधायक उषा चौधरी, सत्य प्रकाश सकवार जैसे नेताओं को भाजपा में शामिल कराया गया है। भिंड से बसपा विधायक संजीव कुशवाहा को भाजपा में शामिल तो कर लिया है लेकिन अभी उनका टिकट घोषित नहीं किया गया है। कांग्रेस भी एससी वोट के लिए पूरी कोशिश कर रही है। पार्टी ने वर्ष 2018 में बसपा से चुनाव लड़ने वाले कैलाश कुशवाहा को पहरी और सब सिंह गुर्जर को ग्वालियर ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है।

'शक्ति' के भरोसे भाजपा,प्रदेश भर में तीन दिनों तक आयोजित होंगे शक्ति सम्मेलन
नवरात्रि के मौके पर भारतीय जनता पार्टी शक्ति की आराधना करने जा रही है। मतलब प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी सभी दस हजार मंडलों में तीन दिवसीय शक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन का आगाज 17 अक्टूबर को होगा जिसका समापन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। कल 12 बजे प्रदेश के सभी दस हजार मंडलों में शक्ति सम्मेलन (Shakti Sammelan) की एकसाथ शुरुआत की जाएगी। अगले तीन दिन तक चलने वाले शक्ति सम्मेलनों में भाजपा के सभी दिग्गज एकसाथ जुटेंगे, जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे। शक्ति सम्मेलनों के माध्यम भाजपा 51% वोट के लक्ष्य को पाने की कोशिश करेगी जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रहने वाली है (mp women voters)। भाजपा इस सम्मेलन के माध्यम से एक बार फिर प्रदेश की जनता के बीच पहुंच कर उन्हे यह बताना चाहती है कि केन्द्र और राज्य की सरकार मिल कर उनके लिए क्या-क्या योजनाएं संचालित कर रही है और फिर से भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है।

विंध्य की राजधानी का चुनावी सर्वे: क्या कहता है विंध्य,अबकी बार किसकी सरकार...
मप्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीति पूरे शबाब पर है (MP Elections)। विंध्य में हर व्यक्ति यही बात कर रहा है अबकी बार किसकी सरकार। विंध्य की तासीर भी ऐसी है कि वहां का एक छोटा सा बच्चा भी राजनीति की बात करता है और उसका राजनीतिक ज्ञान भी कमाल का ही रहता है (Vindhya Range)। गांव में ठंड के सीजन में अलाव जलता है वहां बैठे लोग प्रदेश की राजनीति तय कर देते हैं वो यहां तक बता देते हैं कि इस बार प्रदेश का मुखिया कौन होगा। अब बात करते हैं विंध्य में कौन किस पर भारी पड़ सकता है (Vindhya Politics)। रीवा की त्योंथर विधानसभा सीट में बसपा अथवा भाजपा का वर्चश्व रहता है जब भी कांग्रेस और भाजपा ने त्योंथर से ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारा है तब हमेशा बसपा ने जीत दर्ज की है। पिछले दो चुनाव से बीजेपी ही जीत दर्ज कर रही है क्योंकि कांग्रेस रमाशंकर पटेल (कुर्मी) को अपना उम्मीदवार बना रही है। और इस चुनाव में फिर कांग्रेस ने भाजपा को वाकओवर देते हुए दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Rama Shankar Patel) को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतार दिया है। देवतालाव की बात करें तो कुर्मी बाहुल सीट है यहां से गिरीश गौतम (Girish Gautam) तीन बार से विधायक हैं लेकिन बसपा यहां से मजबूत रहती है यहां भी अगर भाजपा के बाद कांग्रेस ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारती है बसपा का उम्मीदवार देवतालाव से जीत दर्ज करता है। मनगंवा आरक्षित सीट है पहले श्रीनिवास तिवारी फिर गिरीश गौतम और अब पंचूलाल प्रजापति (Panchulal Prajapati) वहां से विधायक हैं माना जा रहा है कि गिरीश गौतम ने पंचूलाल प्रजापति को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी ली है इसलिए उन्हे भाजपा एक बार फिर टिकट दे सकती है। मऊगंज आम तौर पर कांग्रेस अथवा बसपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है यहां का मतदाता हमेशा चौकाने वाले फैसले करता है। कभी लक्ष्मण तिवारी (Laxman Tiwari) जैसे नेता लोकजन शक्ति पार्टी से चुनाव जीत जाते हैं तो कभी सुखेन्द्र सिंह बन्ना (Sukhendra Singh Banna) कांग्रेस से चुनाव जीत जाते हैं पिछली बार भाजपा उम्मीदवार प्रदीप पटेल (Pradeep Patel) ने मऊगंज से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनका भारी विरोध है,और माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता सुखेन्द्र सिंह बन्ना का दावा ज्यादा मजबूत है। गुढ़ की बात करें तो यहां से भाजपा उम्मीदवार नागेन्द्र सिंह (Nagendra Singh) जीतते रहे हैं और इस चुनाव में उन्होने फिर दावा ठोंक रखा है कांग्रेस की तरफ से कपिध्वज सिंह (Kapidhwaj Singh) का टिकट फायनल हो चुका है,दोनों तरफ से ठाकुर नेता होने के कारण यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। सिरमौर से बीजेपी की तरफ से दिब्यराज सिंह (Divyaraj Singh) हैं जो दो बार के विधायक हैं,यहां से तीन ब्राम्हण चुनाव मैदान में हैं इसलिए माना जा रहा है कि दिब्यराज एकबार फिर फतह हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं।