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कांग्रेस का 101 वचन, कांग्रेस आएगी खुशहाली लाएगी
जिस वचन पत्र की कांग्रेस पिछले छह महीने से गारंटी दे रही थी वो वचन पत्र आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने जारी कर दिया है (congress vachan patra)। भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कमलनाथ (Kamal Nath),दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh),वचन पत्र कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान पीसीसी चीफ ने वचन पत्र जारी करते हुए 101 गारंटियां दी। अब देखते हैं कांग्रेस के वचन पत्र के मुख्य बिंदु- 1.जय किसान कृषि ऋण माफी योजना को निरंतर रखेंगे। किसानों का 2.00 तक का कर्ज माफ करेंगे। 2.महिलाओं को प्रतिमाह 1500/-रूपए नारी सम्मान निधि के रूप में देंगे। 3.घरेलू गैस सिलेंडर 500/- रूपए में देंगे। 4.इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 100 यूनिट माफ और 200 यूनिट हाफ दर पर देंगे। 5.पुरानी पेंशन योजना 2005 ओपीएस प्रारंभ करेंगे। 6.किसानों को सिंचाई हेतु 5 हार्सपॉवर का विद्युत निःशुल्क प्रदान करेंगे। 7.किसानों के बकाया विद्युत देयक माफ करेंगे। 8.किसान आंदोलन एवं विद्युत संबंधी झूठे व निराधार प्रकरणों को वापिस लेंगे। 9.बहुदिव्यांगजनों की पेंशन की राशि बढ़ाकर रूपए 2000/- करेंगे। 10.जातिगत जनगणना कराएंगे। 11. शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देंगे। 12.संत शिरोमणि रविदास के नाम पर कौशल उन्नयन विश्वविद्यालय सागर में स्थापित करेंगे। 13.तेंदूपत्ता की मजदूरी की दर 4000/- रूपए प्रति मानक बोरा करेंगे। 14.पढ़ो-पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सरकारी स्कूलों के बच्चों को कक्षा 1 से 8वीं तक 500/- रूपए, कक्षा 9वीं-10वीं के लिए 1000/- एवं कक्षा 11वीं-12वीं के बच्चों को 1500/- रूपए प्रतिमाह देंगे। 15.मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा निःशुल्क करेंगे। 16.आदिवासी अधिूसचित क्षेत्रों में कांग्रेस के कार्यकाल में बना पेसा एक्ट लागू करेंगे। कांग्रेस पार्टी के मुख्य नवीन वचन - किसानों के लिए 1. किसानों को गेहूं का 2600/- और धान का 2500/- रूपए मूल्य देगी। 2. 5 हार्सपॉवर निःशुल्क बिजली देने के साथ 10 हार्सपॉवर तक 50 प्रतिशत छूट देंगे। 3. किसान भाइयों को किसान फ्रेण्डली एप उपलब्ध कराएंगे। 4. नंदिनी गोधन योजना प्रारंभ करेंगे। 2/- रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेंगे। 5. कांग्रेस ने जो 1000 गौशालाएं प्रारंभ की थी जिसे भाजपा ने बंद कर दिया है उन्हें पुनः प्रारंभ करेंगे। 6. गो ग्रास अनुदान बढ़ाएंगे। 7. सहकारी क्षेत्र के माध्यम से दूध खरीदी पर 5/- रूपये प्रति लीटर बोनस देंगे। 8. मछुआरों कृषकों को मत्स्य का अधिकार देंगे। 9. सहकारी संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देंगें। 10. खेतिहर श्रमिकों को फसल रक्षक का नाम देंगे एवं प्रशिक्षण देकर किट देंगे। सिंचाई एवं प्रदेश की नदियाँ 1. सिंचाई क्षमता बढ़ायेंगे एवं समितियों के चुनाव करायेंगे। 2. ताप्ती, तमस एवं वेतबा नदी विकास प्राधिकरण गठित करेंगे। प्रदेश में लुप्त हो रही नदियों के संरक्षण के लिए भागीरथ नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करेंगे। 3. माँ नर्मदा संरक्षण अधिनियम बनाएंगे। 4.नर्मदा परिक्रमा परिषद का गठन करेंगे एवं नर्मदा परिक्रमा यात्रा प्रारंभ करेंगे। युवाओं के लिए 1. सरकारी भर्ती का कानून बनाएंगे। 2. 2.00 लाख सरकारी पद भरेंगे। 3. प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-चार नए पद निर्मित कर भरेंगे। 4. प्रदेश के युवाओं को ही सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिले, इस हेतु आगे बढ़ेंगे। 5. प्रतियोगी परीक्षा शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देंगे। 6. पिछले 18 वर्षों से लंवित भर्तियां - शिक्षकों, पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड, नर्स आदि की भरी जाएंगी। 7.युवा स्वाभिमान के अंतर्गत जरूरतमंद शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 1500 से 3000/- रूपए तक प्रतिमाह आर्थिक सहायता 2 वर्ष के लिए देंगे। 8.भोपाल में प्रोफेशनल हब बनाएंगे। 9. मध्यप्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू करेंगे। 10. उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे। 11. छात्र संघ के नियमित चुनाव कराएंगे। 12.प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए ‘पदक लाओ-पद पाओ’, पदक लाओ-करोड़पति बन जाओ, पदक लाओ-कार जीतो, पदक लाओ-छात्रवृत्ति पाओ योजना आरंभ करेंगे। महिलाओं के लिए 1. बेटियों के विवाह की नई योजना प्रारंभ करेंगे, 1 लाख 1 हजार रूपए की सहायता देंगे। 2. महिलाओं के स्टार्ट अप के लिए रूपए 25.00 लाख तक का ऋण 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराएँगे। 3.आवासहीन ग्रामीण महिलाओं को आवास एवं आजीविका के लिए 5000 वर्गफुट का भूखण्ड देंगे। 4.महानगरीय बस सेवा में परिवहन हेतु निःशुल्क पास उपलब्ध कराएंगे। 5.आंगनवाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को नियमित करने के लिए नियम बनाएंगे। 6.आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं के लिए मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों का नया कैडर बनाकर सेवा से जोड़ेंगे। 7.बेटियों के लिए मेरी बिटिया रानी योजना प्रारंभ करेंगे, उनको 2 लाख 51 हजार की राशि उनके जन्म से विवाह संस्कार होने तक देंगे। स्वास्थ्य 1. स्वास्थ्य का अधिकार कानून बनायेंगे। प्रदेश के नागरिकों के लिए वरदान स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ करंेगे, जिसमें परिवार सहित 25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा एवं 10 लाख का दुर्घटना बीमा शामिल रहेगा। जनसेवक, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनर्स 1. कर्मचारी एवं अधिकारियों का बीमा कराएंगे। 2. कर्मचारियों की रूकी पदोन्नतियां प्रारंभ करेंगे। 3. कर्मचारियों को चार चरण में समयमान वेतनमान देंगे। आउटसोर्स एवं संविदा कर्मी 1. आउटसोर्स, संविदा, अंशकालीन, दैनिक वेतनभोगी एव मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के साथ न्याय करेंगे। पहली कैबिनेट में इनके लिए प्रस्ताव लाएंगे। भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक 1. भूतपूर्व सैनिकों को सेवा में आरक्षण का लाभ देंगे। खनिज 1. रेत आवंटन की नई नीति बनाएंगे। 2. रेत घोटाले की जांच करेंगे।

बसपा के वर्चश्व वाली 69 सीटों पर भाजपा की नजर
मप्र के विधानसभा चुनाव में बसपा हमेशा छुपी रुस्तम साबित होती रही है (bsp mp)। आंकड़ो के हिसाब से उसके पास सीटें एक या दो ही रहती हैं लेकिन प्रदेश में 69 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जिनमें बसपा का हमेशा वर्चश्व रहा है। जिसके कारण कांग्रेस और भाजपा को संतुलन बनाने में काफी दिक्कतें होती रही हैं। प्रदेश के एससी वर्ग का झुकाव भी बसपा की तरफ रहा है। प्रदेश में लगातार नौ फीसदी वोट भी बसपा को मिलता रहा है। कुछ सालों में बसपा के कमजोर होने से उसका वोट बैंक छिटकने लगा है लेकिन यह भाजपा को ना मिल कर कांग्रेस को जाता है। साल 2013 में भाजपा के पास एससी वर्ग की 28 सीटें थीं, जबकि साल 2018 में घट कर 18 रह गई। भाजपा की यही चिंता है, ऐसे में बसपा के वोट बैंक पर भाजपा की नजर लगातार बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए संत रविदास मंदिर (sant Ravidas) और सुमित्रा वाल्मीकि (Sumitra Valmiki) को राज्यसभा सदस्य बनाने जैसे निर्णय को प्रचारित कर भाजपा बसपा के वोट बैंक में सेंध लगा रही है। भाजपा ने साल 2018 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए और कुछ जातियों का साथ पाने के लिए इस वर्ग के कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उत्तरप्रदेश सहित मध्यप्रदेश में अहिरवार,चौधरी,साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट बैंक रही हैं। वर्ष 2023 के चुनाव में भी इनके वोट निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।इस बीच भाजपा ने बसपा के कई नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। भाजपा की चिंता यह है की उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश में अहिरवार, चौधरी, साकेत और जाटव जैसी जातियां बसपा का परंपरागत वोट रही है आप पार्टी के कमजोर पढ़ने के बाद भी यह जातियां बसपा को छोड़ कांग्रेस का साथ दे रही हैं। भाजपा ने इन जातियों के नेताओं को टिकट दिया तो भी जीत नहीं दिला पाई। ग्वालियर- चंबल और विंध्य में इन जातियों के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। यही कारण है कि अब बीजेपी इन जातियों का साथ पाने के लिए छोटे-छोटे नेताओं को तोड़ रही है। बसपा की पूर्व विधायक उषा चौधरी, सत्य प्रकाश सकवार जैसे नेताओं को भाजपा में शामिल कराया गया है। भिंड से बसपा विधायक संजीव कुशवाहा को भाजपा में शामिल तो कर लिया है लेकिन अभी उनका टिकट घोषित नहीं किया गया है। कांग्रेस भी एससी वोट के लिए पूरी कोशिश कर रही है। पार्टी ने वर्ष 2018 में बसपा से चुनाव लड़ने वाले कैलाश कुशवाहा को पहरी और सब सिंह गुर्जर को ग्वालियर ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है।

'शक्ति' के भरोसे भाजपा,प्रदेश भर में तीन दिनों तक आयोजित होंगे शक्ति सम्मेलन
नवरात्रि के मौके पर भारतीय जनता पार्टी शक्ति की आराधना करने जा रही है। मतलब प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी सभी दस हजार मंडलों में तीन दिवसीय शक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन का आगाज 17 अक्टूबर को होगा जिसका समापन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। कल 12 बजे प्रदेश के सभी दस हजार मंडलों में शक्ति सम्मेलन (Shakti Sammelan) की एकसाथ शुरुआत की जाएगी। अगले तीन दिन तक चलने वाले शक्ति सम्मेलनों में भाजपा के सभी दिग्गज एकसाथ जुटेंगे, जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे। शक्ति सम्मेलनों के माध्यम भाजपा 51% वोट के लक्ष्य को पाने की कोशिश करेगी जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रहने वाली है (mp women voters)। भाजपा इस सम्मेलन के माध्यम से एक बार फिर प्रदेश की जनता के बीच पहुंच कर उन्हे यह बताना चाहती है कि केन्द्र और राज्य की सरकार मिल कर उनके लिए क्या-क्या योजनाएं संचालित कर रही है और फिर से भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है।

विंध्य की राजधानी का चुनावी सर्वे: क्या कहता है विंध्य,अबकी बार किसकी सरकार...
मप्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीति पूरे शबाब पर है (MP Elections)। विंध्य में हर व्यक्ति यही बात कर रहा है अबकी बार किसकी सरकार। विंध्य की तासीर भी ऐसी है कि वहां का एक छोटा सा बच्चा भी राजनीति की बात करता है और उसका राजनीतिक ज्ञान भी कमाल का ही रहता है (Vindhya Range)। गांव में ठंड के सीजन में अलाव जलता है वहां बैठे लोग प्रदेश की राजनीति तय कर देते हैं वो यहां तक बता देते हैं कि इस बार प्रदेश का मुखिया कौन होगा। अब बात करते हैं विंध्य में कौन किस पर भारी पड़ सकता है (Vindhya Politics)। रीवा की त्योंथर विधानसभा सीट में बसपा अथवा भाजपा का वर्चश्व रहता है जब भी कांग्रेस और भाजपा ने त्योंथर से ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारा है तब हमेशा बसपा ने जीत दर्ज की है। पिछले दो चुनाव से बीजेपी ही जीत दर्ज कर रही है क्योंकि कांग्रेस रमाशंकर पटेल (कुर्मी) को अपना उम्मीदवार बना रही है। और इस चुनाव में फिर कांग्रेस ने भाजपा को वाकओवर देते हुए दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Rama Shankar Patel) को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतार दिया है। देवतालाव की बात करें तो कुर्मी बाहुल सीट है यहां से गिरीश गौतम (Girish Gautam) तीन बार से विधायक हैं लेकिन बसपा यहां से मजबूत रहती है यहां भी अगर भाजपा के बाद कांग्रेस ब्राम्हण को चुनाव मैदान में उतारती है बसपा का उम्मीदवार देवतालाव से जीत दर्ज करता है। मनगंवा आरक्षित सीट है पहले श्रीनिवास तिवारी फिर गिरीश गौतम और अब पंचूलाल प्रजापति (Panchulal Prajapati) वहां से विधायक हैं माना जा रहा है कि गिरीश गौतम ने पंचूलाल प्रजापति को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी ली है इसलिए उन्हे भाजपा एक बार फिर टिकट दे सकती है। मऊगंज आम तौर पर कांग्रेस अथवा बसपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है यहां का मतदाता हमेशा चौकाने वाले फैसले करता है। कभी लक्ष्मण तिवारी (Laxman Tiwari) जैसे नेता लोकजन शक्ति पार्टी से चुनाव जीत जाते हैं तो कभी सुखेन्द्र सिंह बन्ना (Sukhendra Singh Banna) कांग्रेस से चुनाव जीत जाते हैं पिछली बार भाजपा उम्मीदवार प्रदीप पटेल (Pradeep Patel) ने मऊगंज से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनका भारी विरोध है,और माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता सुखेन्द्र सिंह बन्ना का दावा ज्यादा मजबूत है। गुढ़ की बात करें तो यहां से भाजपा उम्मीदवार नागेन्द्र सिंह (Nagendra Singh) जीतते रहे हैं और इस चुनाव में उन्होने फिर दावा ठोंक रखा है कांग्रेस की तरफ से कपिध्वज सिंह (Kapidhwaj Singh) का टिकट फायनल हो चुका है,दोनों तरफ से ठाकुर नेता होने के कारण यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। सिरमौर से बीजेपी की तरफ से दिब्यराज सिंह (Divyaraj Singh) हैं जो दो बार के विधायक हैं,यहां से तीन ब्राम्हण चुनाव मैदान में हैं इसलिए माना जा रहा है कि दिब्यराज एकबार फिर फतह हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं।

कांग्रेस में 'धारा 144 लागू' 96 वे विधायकों में 69 को मिला टिकट,सूची में मजबूत उम्मीदवारों की कमी
कांग्रेस पार्टी ने 144 नामों की सूची जारी करते हुए धारा 144 की यादों को ताजा कर दिया है (Congress Candidate list)। इसके उलट भारतीय जनता पार्टी ने चार सूची जारी की जिसमें 39-39,01 और 57 नामों की सूची जारी कर कुल 136 उम्मीदवारों की घोषणा की है (BJP Candidate list)। कांग्रेस पार्टी की सूची में मोहब्बत की दुकान चलाने के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार अरिफ मसूद (Arif Masood) को मौका दिया गया है। कांग्रेस की सूची में यह स्पष्ट नजर आया है कि उनके पास दावेदारों की भारी कमी थी,पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) कहते थे कि दो बार से ज्यादा हारे उम्मीदवारों को टिकट नही दिया जाएगा लेकिन इनमें त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से रमाशंकर पटेल (Rama shankar patel) ऐसे उम्मीदवार हैं जो दो बार पहले चुनाव हार चुके हैं और उन्हे तीसरी बार फिर मौका दिया गया है,जबकि यह सीट ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और 35 साल से यहां कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है। कांग्रेस की पहली सूची में 96 वे विधायकों में 69 को टिकट दिया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के सामने अवधेश नायक (Avdesh Nayak) को चुनाव मैदान में उतारा,अवधेश नायक भाजपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे हैं। सिंधिया के साथ बीजेपी में गए और फिर वापस कांग्रेस में लौटे बैजनाथ यादव (Baijnath Yadav) को कोलारस से टिकट दिया। सुरखी से परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के ख़िलाफ़ जनपद अध्यक्ष नीरज शर्मा (Neeraj Sharma) को प्रत्याशी बनाया है। नरयावली से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी पर ही दांव लगाया है। कांग्रेस ने हारे हुए नेताओं को भी टिकट दिया।विजयपुर पूर्व विधायक रामनिवास रावत, जौरा में उपचुनाव हारे पंकज उपाध्याय, अटेर में पूर्व विधायक हेमंत कटारे, मेहगांव में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे राहुल भदौरिया को प्रत्याशी बनाया… गुना की बमोरी सीट पर पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल के बेटे ऋषि अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया,कन्हैया लाल पिछला चुनाव भाजपा के महेन्द्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodiya) से हार गए थे। मुंगावली सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक रहे स्व. राव देशराज सिंह यादव के बेटे राव यादवेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया,कांग्रेस ने बसपा से चुनाव लड़े नेताओं को भी प्रत्याशी बनाया, ग्वालियर ग्रामीण सीट पर बहुजन समाज पार्टी से पिछला चुनाव लड़े साहब सिंह गुर्जर, भांडेर में पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया, पोहरी सीट पर पिछला उपचुनाव लड़े कैलाश कुशवाह, शिवपुरी जिले की पिछोर सीट पर केपी सिंह की जगह शैलेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया,शैलेंद्र के पिता भानु प्रताप सिंह पहले विधायक रह चुके हैं, वर्तमान में शैलेंद्र सिंह नगर पालिका अध्यक्ष हैं। कांग्रेस ने 5 सीटों पर बदलाव किया। कटंगी से टामलाल सहारे की जगह पूर्व सांसद बोध सिंह भगत, गोटेगांव में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की जगह शेखर चौधरी, गुनौर से विधायक शिवदयाल बागरी की जगह जीवन लाल सिद्धार्थ, भगवानपुरा में निर्दलीय विधायक केदार डाबर और झाबुआ में वर्तमान विधायक कांतिलाल भूरिया की जगह बेटे विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuria) को उम्मीदवार बनाया।

कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने तैयार किया 'चक्रव्यूह' सीएम शिवराज होंगे व्यूह में सबसे आगे
कांग्रेस पार्टी को सभी मोर्चों में करारा जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 'व्यूह' रचना की है। इस व्यूह में सबसे आगे सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को ही रखा जाएगा। भाजपा की इस रणनीति से यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीएम शिवराज पर ही सबसे ज्यादा भरोसा है। सीएम शिवराज के साथ भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी कांग्रेस (mp congress) की घेराबंदी में लगा रखा है। यह नेता कांग्रेस नेताओं के बयान, आडियो-वीडियो संदेश या किसी रैली में आए तत्थ्यों का करारा जवाब देंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्रवास की हर जानकारी तत्काल इन बड़े नेताओं तक भेजी जा रही है ताकि समय रहते उनका जवाब दिया जा सके। खास कर राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi), कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) की प्रत्येक चुनावी गतिविधि पर भाजपा की तरफ से नजर रखी जा रही है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने भोपाल में मोर्चा संभाल लिया है। सभी प्रवक्ताओं के साथ दिग्गज नेताओं की प्रतिदिन सुबह वर्चुअल बैठक भी हो रही है, जिसमें कांग्रेस पर किए जाने वाले हमले पर चर्चा कर लाइन तैयार की जा रही है। भाजपा चुनावी तैयारी में कांग्रेस से एक कदम आगे चल रही है। चाहे प्रत्याशियों की घोषणा हो या फिर चुनाव प्रचार को गति देने की बात हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी रोड शो और जनसभाएं कर रहे हैं। आचार संहिता (model code of conduct) लगने के बाद से वह भोपाल में तीन सभाएं और रोड शो कर चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार करने जाएंगे इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है।

रीवा की चार सीटों में भाजपा की दो में स्थिति खराब,केपी और पंचू पर फिर लगेगा दांव
भारतीय जनता पार्टी अब तक 136 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है, बांकी 94 वे नामों को लेकर भाजपा में अब भी मंथन लगातार जारी है (BJP Candidate list)। लेकिन इस खबर में बात करेंगे रीवा की उन चार सीटों की जिनमें भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है (MP Elections)। रीवा शहर से भाजपा ने अपने मजबूत और कद्दावर नेता राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को चुनाव मैदान में उतारा है,चुनाव जीतना उनके लिए आसान नहीं है लेकिन वो अंत में चुनाव जीत लेंगे। अब बात करते हैं देवतालाव विधानसभा की जहां विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम (Girish Gautam) पिछले तीन बार से विधायक हैं साल 2018 में गिरीश गौतम चुनाव हारते-हारते बचे,उनके सियासी कद का उस वक्त और खुलासा हुआ जब जनपद पंचायत के चुनाव में उनका बेटा चुनाव हार गया,और गिरीश गौतम विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए अपने बेटे को चुनाव नहीं जिता पाए। इस बार के चुनाव में गिरीश गौतम का भारी विरोध है,यह सीट कुर्मी बाहुल सीट है माना जा रहा है कि कांग्रेस ने भी इस सीट से ब्राम्हण को उम्मीदवार बनाती है तो फिर बीएसपी इस सीट पर जीत दर्ज कर लेगी। मऊगंज की बात करें तो यहां से प्रदीप पटेल (Pradeep Patel) को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है,सिटिंग एमएलए होने के नाते भाजपा ने फिर प्रदीप पटेल पर विश्वास जताया है लेकिन उन पर कई आरोप हैं, तुलसी के पौधे पर पेशाब करना, रामायण जलाने जैसे संगीन आरोप प्रदीप पटेल पर लगाए जाते रहे हैं। दो दिन पहले प्रदीप पटेल के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ता मऊगंज से भोपाल बीजेपी प्रदेश कार्यालय आए थे उस दौरान उन्होने जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि कहा कि अगर प्रदीप पटेल को नहीं बदला जाता है तो सभी लोग कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देंगे। अब बात करेंगे सेमरिया और मनगंवा की,Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार सेमरिया से केपी त्रिपाठी का टिकट लगभग तय है,और उनको जिताने की जिम्मेदारी राजेन्द्र शुक्ला की होगी वहीं मनगंवा से पंचूलाल (Panchu Lal Prajapati) को फिर मौका दिया जा सकता है,जिन्हे जिताने का जिम्मा गिरीश गौतम ने लिया है,फिलहाल त्योंथर और गुढ़ को लेकर बीजेपी में अब भी संशय है।

नारायण ने छोड़ा 'शिव' और 'विष्णु' का साथ,जल्द करेंगे अपने भविष्य का फैसला
मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी (Narayan Tripathi) ने अपनी विधायकी से इस्तीफा देते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि विधायक नारायण त्रिपाठी को भारतीय जनता पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव (MP Elections) में टिकट नहीं दिया है जिससे नारायण त्रिपाठी काफी आहत चल रहे थे। लिहाजा नारायण त्रिपाठी ने विधायकी और पार्टी की सदस्यता से एक साथ इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होने यह भी कहा है कि वो जल्द ही खुलासा करेंगे कि आगे क्या करने वाले हैं। नारायण त्रिपाठी कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे और पृथक विंध्य राज्य की मांग को लेकर वो लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। नारायण ने विंध्य राज्य की मांग करते हुए कई यात्राएं भी निकाली थी। मैहर को भी अलग जिला बनाने के लिए उन्होने काफी संघर्ष किया आखिरकार उन्हे सफलता मिली और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मैहर को अलग जिला बनाने की घोषणा कर दी। माना जा रहा है कि नारायण त्रिपाठी जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं हालाकि उन्होने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं क्योंकि उन्होने खुद की भी पार्टी बनाने की बात कही थी। इसलिए सियासी गलियारों में यह कानाफूसी चल रही है कि शायद नारायण त्रिपाठी खुद की भी पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं। नारायण त्रिपाठी का भाजपा से अलग होने का मतलब है कि सतना में भाजपा का और कमजोर होना। भाजपा ने सतना से सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को विधानसभा चुनाव में उतार रखा है और नारायण त्रिपाठी अगर भाजपा गणेश सिंह को हराने में जुट जाएंगे तो यह सीट भाजपा के हाथ में नहीं आएगी। फिलहाल नारायण त्रिपाठी चिंतन और मंथन कर रहे हैं जल्द ही वो अपने सियासी पत्ते खोलेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
केन्द्रीय मंत्री ज्योजिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। दरअसल कल बीजेपी कोर कमेटी की बैठक हुई थी जिसके बाद कुछ मीडिया संस्थानों के द्वारा खबर प्रकाशित की गई थी जिसमें कहा गया था कि ज्योजिरादित्य सिंधिया ने चुनाव नही लड़ने की इच्छा जताते हुए किसी कार्यकर्ता को मौका देने के लिए कहा है। अब इस खबर का खंडन खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यालय से किया गया है जिसमें कहा गया है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार और फर्जी है। सिंधिया के कार्यालय द्वारा इस प्रकार से खंडन करने का मतलब साफ है कि वो चुनाव लड़ने के मूड में हैं। गौरतलब है कि उनकी बुआ यशोधराराजे सिंधिया (Yashodhara Raje Scindia) ने शिवपुरी से स्वास्थ कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है जिसके बाद कहा जा रहा था कि बुआ की जगह अब भतीजे उसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन अचानक उनके मना करने की खबर प्रकाशित होते ही सियासी गलियारों में कानाफूसी का दौर तेज हो गया था। अब सिंधिया के कार्यालय से खंडन आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया विधानसभा चुनाव (MP Elections) लड़ने का मूड बना चुके हैं।

सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमल नाथ पर किया करारा प्रहार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) के रडार पर इस वक्त पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) हैं। एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि कमलनाथ प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं कमलनाथ कहते हैं.... ये बेईमानों का प्रदेश है। यह चौपट प्रदेश है। अरे अपना प्रदेश चौपट प्रदेश लगता है क्या...? मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को बदनाम करते हो, कहते हो यह भ्रष्टाचारियों का प्रदेश है यह बलात्कारियों का प्रदेश है कमलनाथ जी शर्म आना चाहिए जिस मध्यप्रदेश की माटी ने आपको सब कुछ दिया उस प्रदेश को बदनाम करने का पाप कर रहे हो तुम...! पहले कहते थे भारत महान नहीं बदनाम है। क्या सोच है कांग्रेस की, यह अपने देश को बदनाम करते हैं और यह मध्य प्रदेश को बदनाम करते हैं। बात करते हैं भ्रष्टाचार की, मैडम प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)...अगर मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार का कोई चेहरा है तो वह चेहरा है कमलनाथ जी का और बंटाधार का कोई चेहरा है तो दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का चेहरा! चुनाव की तारीख जितनी करीब आती जा रही है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उतने ही आक्रामक होते चले जा रहे हैं। सीएम शिवराज को मालूम है कि कांग्रेस का चेहरा कमलनाथ हैं और उन पर सीधा हमला करके ही चुनाव में माहौल तैयार किया जा सकता है इसी लिए कभी करप्शन नाथ कहा जाता है कभी बदनाम नाथ की संज्ञा दी जाती है।

बीजेपी आज बनाएगी जीत का मास्टर प्लान,सभी दिग्गज होंगे बैठक में शामिल
प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (model code of conduct) लागू हो चुकी है और अब तक भाजपा 136 सीटों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी कर चुकी है लेकिन अब भी भाजपा को 94 सीटों पर उम्मीदवारों के लिए मंथन करना है (bjp candidate list)। इन चीजों को देखते हुए बीजेपी प्रदेश कार्यालय (bjp office) में शाम को होने वाली कोर कमेटी की बैठक (bjp meeting) अहम हो जाती है। लिहाजा शाम को भाजपा प्रदेश कार्यालय में होने वाली बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मिशन 2023 को फतह करने के लिए अहम रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ,सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma),केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel),डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) सहित सभी दिग्गज नेता बैठ कर चुनाव जीतने की रणनीति तैयार करेंगे। भाजपा की इस बैठक में अहम बिंदु यह रहने वाला है कि सीएम शिवराज के खिलाफ प्रदेश भर में जिस प्रकार से एंटीइंकबेंसी उससे पार पा कर किस प्रकार से चुनाव में जीत हासिल की जाए। अब तक भाजपा के सर्वे में भाजपा के पक्ष में रुझान नहीं मिले हैं लेकिन भाजपा ने जिस प्रकार से रणनीति तैयार की है उसके मुताबिक भाजपा को 125 से 130 सीट मिलनी चाहिए। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने जब अपनी दूसरी सूची जारी की तो उसमें अप्रत्याशित नामों को शामिल किया गया। ये वो सभी नाम हैं जिन्हे प्रदेश का अगला सीएम माना जा रहा है। लेकिन ये भी सत्य है कि एक साथ इतने सीएम तो बन नही सकते, सीएम कोई एक ही बन सकता है लिहाजा शाम को होने वाली बीजेपी की बैठक में भाजपा अलग-अलग रणनीति पर विचार विमर्श करेगी। भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर सामूहिकता के साथ चुनाव लड़ना चाहती है जिससे प्रदेश में एक बार फिर भाजपा का पर्चम लहराया जा सके। भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता को सरकार की योजनाएं पसंद आ रही हैं कुछ कमियां और भ्रांतियां हैं जिन्हे दूर करने के लिए पार्टी को काम करने की जरुरत है और अब उन कमियों पर ही भाजपा काम करने की योजना बना रही है। भाजपा सारे बूथों को पहले ही डिजिटल बना चुकी है और अब उन बूथों में जीत का मंत्र भी फूंका जा रहा है। जिससे हर बूथ पर 51% वोट शेयर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

कांग्रेस ‘लास्ट’में ‘फास्ट’ होने के चक्कर में ‘कास्ट’ गेम खेल रही है,डॉ. नरोत्तम मिश्रा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा जातिगत जनगणना (Caste Census) कराए जाने की बात पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने करारा प्रहार किया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लास्ट में फास्ट होने के चक्कर में कास्ट गेम खेल रही है। इनकी शुरु से आदत रही है कि फूट डालो शासन करो। लोगों को अलग-अलग कर सरकार बनाने की इनकी रणनीति हमेशा रही है। वही पित्रपक्ष के दौरान भाजपा की सूची जारी होने पर कांग्रेस द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं जिस पर गृह मंत्री ने कहा कि कोई नया काम पित्रपक्ष में नही किया जाता है भाजपा उम्मीदवारों की सूची (BJP Candidate list) तो महीने भर से जारी हो रही है ऐसे में इसमें कुछ नया नही है। और पित्रपक्ष में तो पितरों का आशीर्वाद लिया जाता है इससे अच्छा समय क्या हो सकता है। गृह मंत्री ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) द्वारा सीएम पर सवाल खड़ा करने पर कहा कि जितने महीने कमलनाथ सीएम नहीं रहे उससे ज्यादा साल तक शिवराज सिंह चौहान सीएम रह चुके हैं और अब भी हैं। शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) जैसे नेता पर सवाल खड़ा करने से पहले कमलनाथ और कांग्रेस के नेताओं को सोचना चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि अबकी बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है और यह कोई अतिशियोक्ति नहीं है बल्कि सच्चाई है जो तीन दिसंबर को सभी के सामने आ जाएगी।