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सीएम शिवराज का राहुल गांधी पर निशाना,कहा झूठे वचन पत्र के लिए मांफी मांगे राहुल गांधी
भोपाल

सीएम शिवराज का राहुल गांधी पर निशाना,कहा झूठे वचन पत्र के लिए मांफी मांगे राहुल गांधी

प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू (model code of conduct) होते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच जुवानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिं चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में वोट नहीं, झूठे वचन पत्र के लिए राहुल गांधी माफी मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा राहुल गांधी झूठ की दुकान के मैनेजर हैं और , कमलनाथ झूठ के सेल्समेन। साथ में मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस सरकार के काले कारनामे मध्यप्रदेश में गिना रहे राहुल गांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी बात मोहब्बत की करते हैं लेकिन असलियत में वो झूठ की दुकान चला रहे हैं। कांग्रेस पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा, कांग्रेस ने देश को बांटा है, राहुल गांधी मध्यप्रदेश को बांटने आए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से जवाब मांगा है। सीएम शिवराज ने कहा राहुल गांधी बताए - क्यों आदिवासी बहनों का हक छीना ? क्यों किसानों की कर्जमाफी न करके उन्हें डिफाल्टर बनाया? क्यों 4000 रुपए बेरोजगारी भत्ते का युवाओं से झूठा वादा किया? मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी जब भी मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे उन्हे इसी प्रकार करारा जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि साल 2018 के विधानसभा चुनाल में राहुल गांधी ने दस दिन के अंदर ऋण मांफी का वादा किया था जिसे कमलनाथ सरकार (Kamal Nath) पूरा नहीं कर पाई। और अब इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी 11 गारंटी लेकर आई है साथ में जातिगत जनगणना (caste census) कराने की लगातार बात कही जा रही है। मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी सभी वर्गों में जातियों का जहर घोल कर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना चाहती है।

10/10/2023167
आज की सबसे बड़ी भविष्यवाणी- हारे कोई भी लेकिन सरकार तो 'कमल' की ही बनेगी
मुखबिर विशेष

आज की सबसे बड़ी भविष्यवाणी- हारे कोई भी लेकिन सरकार तो 'कमल' की ही बनेगी

मप्र सहित पांच राज्यों में कल से आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है (Madhya Pradesh Elections)। अगले 37 दिनों तक प्रदेश में सियासी बुखार जमकर देखने को मिलने वाला है। प्रदेश में जिस प्रकार से भाजपा और कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए अपने सियासी मोहरे फिट करने में जुटे हैं उससे स्पष्ट है कि भाजपा और कांग्रेस इस चुनाव को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। कर्नाटक चुनाव में हार के बाद जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने वहां से सीख ली है तो वहीं कांग्रेस पार्टी अति उत्साहित नजर आ रही है। जो कांग्रेस अभी तक 150-180 सीटों का दावा कर रही थी उसी कांग्रेस के पदाधिकारी कुछ एजेंसियों द्वारा किए गए सर्वे को वाट्सेप ग्रुपों में वायरल कर खुश हो रहे हैं। दरअसल एक एजेंशी के सर्वे में भाजपा को 104 से 116 सीटें मिलती दिख रही हैं तो वहीं कांग्रेस को 116 से 125 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार के सर्वे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह नजर आ रहा है। लेकिन उन्हे यह नहीं मालूम कि चुनाव का काउनडाउन अब शुरु हुआ है। जिस भारतीय जनता पार्टी को लड़ाई में नहीं माना जा रहा था उसी भारतीय जनता पार्टी को सर्वे एजेंसियों 104 से 116 सीट तक दे रहे हैं। मतलब साफ है कि मुख्यमंत्री शिवराज स़िह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा ऐन मौके पर शुरु की गई लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) काम कर गई है जिसके कारण भाजपा के वोटबैंक का ग्राफ बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग तरह की यात्राएं निकाल कर लगातार जनता से संवाद भी किया है। भाजपा महिला मोर्चा (BJP Mahila Morcha) को भी लक्ष्य दे दिया गया है कि वो हर बूथ में जाएं वाट्सेप ग्रुप बनाएं और स्थानीय महिलाओं को ग्रुपों में जोड़ कर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से महिला हितैषी योजनाओं का जमकर प्रचार करें जिससे महिलाओं को भावनात्मक तरीके से भाजपा से जोड़ा जाए। जनता का दिल जीतने के लिए कांग्रेस (MP Congress) की ओर से भी बहुत सारे अभियान चलाए जाते रहे हैं लेकिन कांग्रेस की कमजोरी यही रही है कि भोपाल में पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) को खुश करने के लिए नेता और कार्यकर्ता तो जुट जाते हैं लेकिन वो अभियान भोपाल से निकलने के बाद कहां जाता है और कहां खत्म होता है इसका पता आज तक नहीं चल पाया है। बात स्पष्ट है कि अगले 37 दिन मध्यप्रदेश में जमकर एमोश्नल ड्रामा देखने को मिलने वाला है। साम-दाम-दंड और भेद सभी इस चुनाव में स्पष्ट रुप से देखने को मिलने वाला है। इस बीच यह बात तय है कि सत्ता के सिंहासन की इस लड़ाई में भाजपा और कांग्रेस कितनी भी मेहनत कर लें लेकिन यह अटल सत्य है कि सरकार 'कमल' की ही बनेगी।

9/10/2023317
सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ
भोपाल

सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ

भारतीय जनता पार्टी की एक और सूची (BJP Candidate list) जारी होते ही सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश ने जो अनुशंसाएं भेजी थी उसी के अनुरूप सूची में घोषित नाम आए हैं। अब हमारे कुल 230 में से 136 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं बाकी सूची भी जल्द ही आएगी। सीएम शिवराज ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस की सूची कहां है अब तो चुनाव की तारीख भी आ गई है लेकिन कांग्रेस की सूची का पता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां चल रही है लेकिन कांग्रेस में तो लट्ठम - लट्ठा मची हुई है। हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनाव के मैदान में उतर चुके हैं। अपने कार्यकर्ताओं के साथ अपने अस्तित्व की संपूर्ण क्षमता झोंककर हम लोग काम करेंगे और निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे। क्योंकि यह प्रदेश के और प्रदेश की जनता के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरिद्वार और ऋषिकेश जा रहा हूं कल दिन भर मुलाकात और चिंतन दोनों करूंगा। परसों सवेरे लौटूंगा और चुनाव अभियान में हम पूरी ताकत के साथ भिड़ जाएंगे। सूची जारी करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व का धन्यवाद। गौरतलब है कि भाजपा ने अब तक अपने 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि पहले कांग्रेस कह रही थी कि वो चुनाव के छह महीने पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी लेकिन अभी तक एक भी सूची जारी नहीं होने के कारण अब भाजपा के नेता कांग्रेस (MP Congress) पर लगातार हमला करने लगे हैं।

9/10/2023123
नारी शक्ति के भरोसे भाजपा का 51% वोट पाने का लक्ष्य,वाट्सेप ग्रुपों से जोड़ी जाएंगी महिलाएं
भोपाल

नारी शक्ति के भरोसे भाजपा का 51% वोट पाने का लक्ष्य,वाट्सेप ग्रुपों से जोड़ी जाएंगी महिलाएं

विधानसभा चुनाव में 51% वोट प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी महिलाओं पर लगातार फोकस बढ़ा रही है (MP BJP)। भाजपा अब प्रत्येक मतदान केन्द्र स्तर पर महिलाओं के वाट्सेप ग्रुप भी अलग से बनवा रही है,ताकि भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे महिला केन्द्रित कार्यों को प्रचारित किया था सके। भाजपा ने रणनीति बनाई है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ब्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार किया जाएगा (Nari Shakti Vandan Adhiniyam)। भाजपा हर हाल में विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनाव को महिला केन्द्रित बनाने की तैयारी कर रही है। रणनीति के तहत प्रत्येक मतदान केन्द्रों पर ऐसी महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है, जो केन्द्र या शिवराज सरकार की किसी ना किसी योजना से लाभान्वित हो रही हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) के माध्यम से एक करोड़ 31 लाख लाड़ली बहनों को प्रतिमाह एक हजार 250 रुपये दिये जा रहे हैं। वहीं,प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Ujjwal Yojana) और लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आजीविका मिशन से भी 43 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इन सभी से महिला मोर्चा न केवल प्रत्यक्ष संपर्क करेगा,बल्कि इंटरनेट मीडिया के विभिन्न माध्यमों से भी अपनी बात पहुंचाएगा। इसके लिए मोर्चा की कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से जिला और बूथ स्तर तक की महिला कार्यकर्ताओं को तत्थ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में दो करोड़ 72 लाख 36 हजार 229 महिला मतदाता हैं। 29 विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है (MP Elections)।

8/10/2023120
अतिथि विद्वानों को अब एक दिन के दो हजार रुपये मिलेंगे
भोपाल

अतिथि विद्वानों को अब एक दिन के दो हजार रुपये मिलेंगे

प्रदेश के सरकारी महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वानों को अब 1500 से बढ़कर प्रतिदिन दो हजार रुपये मानदेय मिलेगा (MP guest teachers) । वही इनका अधिकतम मानदेय प्रतिमाह 50 हजार रुपये होगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह एक अक्टूबर से लागू होगा। इससे प्रदेश के 4500 अतिथि विद्वानों को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने 11 सितंबर को अतिथि विद्वानों की महापंचायत में 50 हजार रुपये निश्चित मासिक वेतन देने की घोषणा की थी। हालांकि अतिथि विद्वानों का कहना है कि विभाग द्वारा जारी आदेश में प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलने से 50 हजार रुपये से कम मानदेय होगा। इसी बीच कॉलेज में नियमित शिक्षकों के रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित करने के आदेश जारी किए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन होंगे। इस बार अतिथि विद्वानों को साल में 13 दिन का आकस्मिक और तीन दिन का ऐच्छिक अवकाश दिया जाएगा। प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि अतिथि विद्वान के कार्य पर उपस्थित होने पर उसकी उपस्थिति इस दिन में शाम 5:30 बजे तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन मॉड्यूल में दर्ज किया जाए। साथी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी, और ग्रंथपाल भर्ती परीक्षा में चयनितों के लिए 25 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। फालेन आउट (विस्थापित) अतिथि विद्वान च्वाइस फिलिंग से भर्ती में शामिल होंगे।

8/10/2023121
140 सीटों पर कांग्रेस का मंथन खत्म,पित्रपक्ष के बाद जारी होगी सूची
भोपाल

140 सीटों पर कांग्रेस का मंथन खत्म,पित्रपक्ष के बाद जारी होगी सूची

प्रत्याशी चयन में कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाहती (congress candidates) । पहले भोपाल में बैठक होती हैं जहां पैनल तैयार किया जाता है। भोपाल में पैनल तैयार करके दिल्ली भेजा जाता है जहां केंद्रीय चुनाव समिति उसे पैनल में चुनिंदा नामों पर मुहर लगाती है। शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला जब कांग्रेस की दिल्ली में चुनाव समिति की बैठक आयोजित की गई (congress meeting) । इस बात में भी कोई शक नहीं है कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के चयन में कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है यही वजह है कि 140 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की पहली सूची पार्टी अब पितृपक्ष के बाद जारी करेगी। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार को दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक की जानकारी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि बहुत सारे नाम पर चर्चा हुई है अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन यह निर्णय हम अगले छह -सात दिन में (पित्रपक्ष के बाद) करेंगे। लगभग 140 सीटों पर चर्चा हुई है,सबके सुझाव सुने हैं। एक बार फिर से बैठक बुलाई जाएगी और फिर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि बैठक में लगातार हारने वाली 66 विधानसभा सीटों के अलावा उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा हुई है,जहां एक ही दावेदार का नाम है। जिन नामों पर सहमति बन गई है उन पर विचार करके अंतिम रुप दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस दो से तीन बार में उम्मीदवारों की घोषणा करने की योजना बना रही है।

7/10/2023112
'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता से कर रहे सवाल
भोपाल

'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता से कर रहे सवाल

प्रदेश की सियासत में इस वक्त एक ही सवाल है कि सीएम शिवराज चुनाव लड़ेंगे या नहीं। यही सवाल कई मंचों से सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) प्रदेश की जनता से भी पूछते नजर आए हैं कि 'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' गौरतलब है भारतीय जनता पार्टी ने अब तक जारी अपनी तीन सूचियों में 79 नामों की घोषणा की है जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं है। इसी लिए हर जुवान पर यही सवाल है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ेंगे या नहीं और लड़ेंगे तो कहां से लड़ेंगे। दरअसल भाजपा ने 103 विधानसभा सीटों को आकांक्षी सीट का नाम दिया था जिसमें भाजपा के विधायक नहीं थे। उन 103 में भाजपा ने 79 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की हैं इनमें तीन ऐसी सीटें भी हैं जहां भाजपा के विधायक थे,इनमें सीधी, मैहर और नरसिंहपुर शामिल है जहां भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को बदला है। इस बीच प्रदेश में यही बात जोर पकड़ रही है कि सीएम शिवराज (Shivraj Government) का क्या होगा। बात को बल उस वक्त और ज्यादा बल मिला जब भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) निकाली और सभी पांचों यात्राओं का अलग-अलग नेताओं को नेतृत्व सौंपा गया। पहले जब भी जन आशीर्वाद यात्रा निकला करती थी तो उसका नेतृत्व अकेले सीएम शिवराज करते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांच अलग-अलग जन आशीर्वाद यात्रा निकाली और सभी यात्राओं का नेतृत्व भी अलग-अलग नेताओं ने किया इसी लिए प्रदेश की जनता में संशय है कि सीएम शिवराज चुनाव लड़ेंगे या नहीं वहीं सीएम शिवराज खुद जनता से पूंछ रहे हैं कि 'चुनाव लडूं या नहीं'

7/10/2023327
दिल्ली में प्रत्याशी चयन पर कांग्रेस लगाएगी अंतिम मुहर, पांच सर्वे के आधार पर 150 से ज्यादा सीटों पर होगा मंथन
भोपाल

दिल्ली में प्रत्याशी चयन पर कांग्रेस लगाएगी अंतिम मुहर, पांच सर्वे के आधार पर 150 से ज्यादा सीटों पर होगा मंथन

एआईसीसी की ओर से प्रत्याशी चयन करने कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज दिल्ली में होगी (congress meeting)। इसमें लगातार हारने वाली 66 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय हो सकता हैं, जहां एक ही दावेदार का नाम है। पहली सूची में 150 से अधिक सीटों के प्रत्याशियों के नाम हो सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) की अध्यक्षता में होगी। इसमें राज्य से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ, नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और ओमकार सिंह मरकाम शामिल होंगे। बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी में (congress screening committee) जिन नामों पर सहमति बन चुकी है, उन पर विचार करके अंतिम रूप दिया जाएगा। पार्टी ने प्रत्याशी चयन के लिए पांच सर्वे कराए और विभिन्न माध्यमों से दावेदारों को लेकर जानकारी जुटाई। इसके आधार पर स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, सदस्य अजय कुमार लल्लू और सप्तगिरि उलका ने तीन दौर की बैठकें की। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को होने वाली बैठक में पहली सूची में शामिल किए जाने वाले प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय हो जाएगा। Mukhbirmp.com के मुताबिक कांग्रेस दो से तीन बार में प्रत्याशियों की घोषणा करेगी। पहली सूची 150 से अधिक नामों की आ सकती है। जिन सीटों के लिए एक से अधिक नाम हैं, उनको लेकर पार्टी ने फिर से सर्वे कराया है। इसकी रिपोर्ट को सामने रखकर एक बार और स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी और फिर केंद्रीय चुनाव समिति को नाम भेजे जाएंगे। समिति में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अंबिका सोनी, डा.अमी याज्ञनिक, केसी वेणुगोपाल, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, केजे जार्ज, मधुसूदन मिस्त्री, डा.मोहम्मद जावेद, पीएल पुनिया, प्रीतम सिंह, एन.उत्तम कुमार रेड्डी, टीएस सिंहदेव और ओमकार सिंह मरकाम सदस्य हैं।

6/10/202395
चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक दिन में 53 हजार करोड़ से अधिक का लोकार्पण और भूमिपूजन
भोपाल

चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक दिन में 53 हजार करोड़ से अधिक का लोकार्पण और भूमिपूजन

प्रदेश की शिवराज सरका हमेशा यही कहती रही है कि वो विकास के माडल पर ही जनता से वोट मांगेगी और प्रदेश में पांचवी बार भाजपा की सरकार बनाएगी (Shivraj Government)। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिली जब ठीक चुनाव आचार संहिता (Model of Conduct) से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने एक दिन में 53 हजार करोड़ से ज्यादा का शिरान्याश और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के गुफा मंदिर को भी बड़ी सौगात दी और गुफा लोक बनाने का ऐलान किया साथ में सीएम शिवराज ने कहा कि 35 करोड़ की लागत से संत निवास का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद माना जा रहा है कि गुफा मंदिर एक प्रसिद्ध स्थल के रुप में निर्मित होगा जहां देश भर के दर्शनार्थी और पर्यटक पहुंच सकेंगे। वहीं सीएम शिवराज की घोषणाओं और लोकार्पण पर कांग्रेस के प्रदेश मीडिया अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि एक दिन में मुख्यमंत्री ने 53 हजार करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है तो 18 साल तक ये क्या कर रहे थे। केके मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि लोकार्पण और भूमिपूजन तो ठीक है लेकिन पहले सरकार ये बताए कि क्या सरकार के पास 53 हजार करोड़ रुपये हैं जिससे इतने सारे विकास कार्य किए जा रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि आदर्श आचार संहिता लगने से पहले सरकार एक दिखावा करती है और जिस प्रकार दिया बुझने से पहले खूब फड़फड़ाता है ठीक वही हालत वर्तमान में भाजपा सरकार की है क्योंकि उन्हे भविष्य की जानकारी हो चुकी है कि आगे क्या होने वाला है।

6/10/2023247
प्रदेश के 19 लाख नव मतदाताओं को साधने में जुटा भाजपा युवा मोर्च और यूथ कांग्रेस
भोपाल

प्रदेश के 19 लाख नव मतदाताओं को साधने में जुटा भाजपा युवा मोर्च और यूथ कांग्रेस

पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं पर भाजपा और कांग्रेस की नजर है (MP Elections)। मतदाता सूची का प्रकाशन होते ही भाजपा और कांग्रेस युवाओं को आकर्षित करते के लिए रणनीति बनाने में जुट गई हैं (First time voters)। मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश भर में 19 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। युवा मतदाताओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा को जिम्मेदारी सौंप दी है (BJP Yuva Morcha)। पार्टी हाई कमान का आदेश मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा ने तीन अक्टूबर से प्रदेश भर में नव मतदाता सप्ताह अभियान शुरु कर दिया है। इसके तहत युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अपने सभी 1070 मंडलों में युवा मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। दस अक्टूबर को सभी मंडलों में इसका समापन होगा। इसमें युवा मतदाताओं के अलावा जिले के भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में कुछ युवा मतदाताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव है ऐसे में युवा मोर्चा और युवा कांग्रेस दोनों ही संगठन युवा मतदाताओं पर डोरे डाल रहे हैं। युवा मोर्चा ने 'खेलेगा मध्यप्रदेश' समेत कई अभियान शुरु किए हैं। इसी प्रकार युवा कांग्रेस ने 'बूथ जोड़ो, यूथ जोड़ो' अभियान शुरु किया है (Youth Congress)। प्रदेश में एक करोड़ 48 लाख युवा मतदाता हैं। दोनों दलों को लगता है कि इन्हे साधने से पूरे परिवार के वोट उनकी झोली में आ जाएंगे।

4/10/2023254
स्थायी रोजगार के लिए भटक रहे प्रदेश के 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी,नोटा पर वोट देने को मजबूर
भोपाल

स्थायी रोजगार के लिए भटक रहे प्रदेश के 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी,नोटा पर वोट देने को मजबूर

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अलग-अलग वर्गों को खुश करने के तमाम प्रयास किए लेकिन उनमें कुछ वर्ग मुख्यमंत्री की नजर में नहीं आए और वो भटकने को मजबूर हैं। ऐसे ही प्रदेश भर में काम कर रहे करीब 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी (swacchagrahi workers) आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। एक मामूली से पगार पर काम करने वाले इन स्वच्छाग्राही कर्मियों को जब पता चला कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायतों में काम करने वाले रोजगार सहायकों की नौ हजार से सीधे 18 हजार रुपये पगार कर दी और संविदा कर्मियों (samvida workers) को नियमित के समान वेतन और सुविधा कर दी तो स्वच्छाग्राहियों ने भी खुद के लिए न्याय की गुहार लगाना शुरु कर दिया। स्वच्छाग्राही संगठन सी.एफ. टी ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के बंगले से लेकर कई मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के पास गुहार लगाई लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। थक हार कर स्वच्छाग्राही संगठन के पदाधिकारी पवन परमार बीजेपी प्रदेश कार्यालय भी पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हे सुनने वाला कोई नहीं मिला। अब इस संगठन का कहना है कि सरकार इनके लिए उचित फैसला नहीं लेती है तो प्रदेश भर में इनकी 26 हजार संख्या है तो वो और उनके परिवार के सभी सदस्य नोटा की बटन दबाएंगे (NOTA)। गौरतलब है कि इनकी नियुक्ति राज्य सरकार के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिक्षित ब्यक्तियों का चयन कर जनपद भेजा गया था। इन स्वच्छाग्राहियों ने कोरोनाकाल में वालेंटियर का कार्य किया,ई.ओ.एल कार्य, एस. एल.डब्ल्यु का योजना का कार्य विशेषकर मप्र में स्वच्छता मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश के समस्त पंचायतों को ओडीएफ कराने में स्वच्छाग्राहियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह स्वच्छाग्राही महज 150 रुपये प्रति दिन के हिसाब से काम करते हैं महीने में इन्हे महज तीन हजार रुपये मनदेय दिया जाता है क्योंकि इनसे काम भी सिर्फ 20 दिन लिया जाता है। लिहाजा इतने कम मानदेय में इनका गुजारा नहीं हो पा रहा है लिहाजा इनकी सरकार से गुजारिश है कि इनका मानदेय बढ़ाया जाए और नियमित कर्मचारियों की भांति इनसे काम लिया जाए जिससे ये अपने परिवार का ठीक तरीके से भरण पोषण कर सकें। सरकार इनकी बात नहीं मानती है तो ये नोटा की बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे।

4/10/20231283
कम वाटों के अंतर से जीतने वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में फंसा पेंच
भोपाल

कम वाटों के अंतर से जीतने वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में फंसा पेंच

कांग्रेस पार्टी हर सीट में उम्मीदवार की घोषणा करने से पहले काफी सोच विचार कर रही है (MP Congress)। अब कांग्रेस में कम वोटों से जीत दर्ज करने वाली सीटों पर मंथन चल रहा है और उन्ही सीटों पर पेंच फंसा है। दरअसल कांग्रेस ने 2018 में नौ सीटें एक हजार से 300 से कम मतों के अंतर से जीती थी। इनमें से तीन सीटें भाजपा (MP BJP) ने उपचुनाव में जीत लीं। वहीं भाजपा सात सीटें एक हजार 234 से कम मतों से जीती थी। इन सीटों को दोनों ही दल अपने पाले में करने का जतन कर रहे हैं। कांग्रेस ने जहां कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने का मन बनाया है तो कुछ को फिर मौका दिया जा रहा है। यही स्थिति भाजपा की है। साल 2018 के चुनाव में अधिक मत प्रतिशत प्राप्त करने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने से चूक गई थी। भाजपा को 41.02 प्रतिशत मत मिले थे और 109 प्रत्याशी जीते थे। इसमें सात ऐसे थे,जो एक हजार 234 मत या उससे कम मतों के अंतर से चुनाव जीते थे। इनमें सागर जिले की बीना से महेश राय 460 मतों से जीते थे। 720 मतों के अंतर से जीतने वाले कोलारस के भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जावरा से राजेन्द्र पांडे भी 511 मतों के अंतर से जीते थे। यही स्थिति चांदला,नागौद,देवतालाव और इंदौर पांच सीट से भी भाजपा प्रत्याशी कम मतों के अंतर से जीते थे। जबकि कांग्रेस को 40.89 प्रतिशत मिले थे और 114 विधायक चुनाव जीते थे। इनमें नौ एक हजार 284 या उससे कम मतों के अंतर से जीत मिली थी। इनमें दमोह से विधायक राहुल सिंह,मंधाता नारायण पटेल,नेपानगर सुमित्रा देवी कास्डेकर और सुवासरा से विधायक चुने गए हरदीप सिंह डंग ने कांग्रेस छोड़ी और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले ली। राहुल सिंह को छोड़कर बांकी सभी उचुनाव में विजयी रहे। ब्यावरा से 826 मतों से जीते गोवर्धन दांगी के निधन पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के रामचंन्द्र दांगी विजयी रहे। इसके अलावा राजनगर से विक्रम सिंह 732, जबलपुर उत्तर से विनय सक्सेना और राजपुर से बाला बच्चन 932 मतों से जीते थे। प्रदेश में सबसे कम 121 मतों के अंतर से कांग्रेस के प्रवीण पाठक ने ग्वालियर दक्षिण से जीत प्राप्त की थी। भाजपा और कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी चयन को लेकर सर्वे कराया जा चुका है (MP Elections 2023)। कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जा चुका है। भाजपा ने तीन सूचियों में 79 नामों की घोषणा कर दी है इनमें हारी हुई सीटों के प्रत्याशी शामिल हैं। और नए चेहरों पर भी दांव लगाया गया है।

3/10/2023128
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