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कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान
भोपाल

कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान

अपनी रणनीति से कांग्रेस को चारों खाने चित्त करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी इन दिनों कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही है (MP BJP)। कांग्रेस के रणनीतिकार जिस प्रकार की रणनीति तैयार कर रहे हैं भाजपा उस रणनीति पर लगातार फंसती चली जा रही है। बात उस वक्त की है जब कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया था कि इस बार चुनाव के 06 महीने पहले ही कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी (congress candidate list)। इस इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में हलचल पैदा हो गई। भाजपा ने आकांक्षी सीटों पर तेजी से मंथन करना शुरु कर दिया और कांग्रेस को इस बीच मौका मिला तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करना शुरु कर दिया। भाजपा उम्मीदवारों के चयन में जुटी रही और कांग्रेस पार्टी भाजपा के करीब दर्जन भर पदाधिकारियों और इससे ज्यादा कार्यकर्ताओं को अपनी तरफ लाने में कामयाब हो गई। हड़बड़ाहट में भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की पहली सूची जारी कर कांग्रेस को बताने का प्रयास किया कि हम आपसे आगे हैं (BJP Candidate list)। दरअसल भाजपा को यह नहीं मालूम था कि कांग्रेस के रणनीतिकार यही तो चाहते थे। भाजपा ने जो सूची जारी की उसमें एक-दो को छोड़ दिया जाए तो कुछ ज्यादा चौकाने वाली लिष्ट नहीं थी। ज्यादातर पिटे हुए मोहरों पर भाजपा ने फिर दांव लगाया। कांग्रेस यह भी चाहती थी कि पहले भाजपा अपने पत्ते खोले जिससे उनके खिलाफ अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने में कांग्रेस को आसानी हो सके। कांग्रेस भाजपा से वचन पत्र के मामले में धोखा भी खा चुकी थी। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र के कुछ वचन सार्वजनिक कर दिए जिसका तोड़ सीएम शिवराज ने तत्काल निकाल लिया और कांग्रेस के वो वचन फीके पड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने यहां से सबक लेते हुए वचन पत्र में आगे क्या शामिल होने वाला है उसका खुलासा बंद कर दिया। कांग्रेस की हड़बड़ाहट के कारण भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज किया है जिसमें सारे नेता लग गए हैं इस बीच कांग्रेस अपने उम्मीदवारों पर मंथन करने में जुट गई है। अब कांग्रेस ने भी रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप का करारा जवाब दिया जाएगा। यह निर्णय रविवार रात पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर हुई बैठक पर लिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कमलनाथ के निवास पर चली करीब डेढ़ घंटे की बैठक में निर्देश दिए गए कि भाजपा सरकार के खिलाफ जो आरोप पत्र जारी किया गया है उसके आधार पर घेराबंदी की जाए। मंहगाई,बेरोजगारी,कानून ब्यवस्था,अनुसूचित जाति-जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न के मुद्दों को प्रमुखता के साथ जनता के बीच रखा जाएगा।

4/9/2023136
अल्प वर्शा से परेशान सरकार,'शिव' ने की महाकाल की 'साधना'
भोपाल

अल्प वर्शा से परेशान सरकार,'शिव' ने की महाकाल की 'साधना'

प्रदेश में इस वर्ष बारिश कम होने के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं (monsoon season)। ऐसे मौके पर किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंभ चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने भी बारिश कम होने पर चिंता व्यक्त की है। दो सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता से भी अपील करते हुए कहा था कि सभी लोग प्रार्थना करें कि बारिश हो। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि 50 साल बाद देखने में आया है कि अगस्त के महीने में सबसे कम बारिश हुई है। लोकतंत्र में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ही राजा का दर्जा दिया जाता है। लिहाजा भगवान को मनाने की प्रक्रिया सबसे पहले प्रदेश के राजा सीएम शिवराज ने शुरु कर दी। और सोमवार सुबह मुख्यमंत्री उज्जैन पहुंचे जहां उन्होने महाकाल (mahakaleshwar) के सामने प्रदेश की जनता की फरियाद सुनाते हुए अच्छी बारिश की कामना की। मुख्यमंत्री ने महाकाल में पूरे बिधि विधान के साथ पूजा आराधना करते हुए ना सिर्फ बारिश की कामना की है बल्कि प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की है। गौरतलब है कि इस साल प्रदेश में बारिश ठीक से नहीं होने के कारण धान की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। बारिश की कमी के कारण धान की फसल में अलग-अलग तरह के रोग फैल रहे हैं जिससे किसान और ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। ऐसे में पांव-पांव भैया कहलाने वाले सीएम शिवराज ने भगवान महाकाल के दर पर पूजा अर्चना कर यह बता दिया है कि वो किसानों की चिंता से परिचित हैं और उनसे जो भी यथा संभव प्रयास हो सकते हैं वो सबकुछ करने के लिए तैयार हैं।

3/9/2023110
चयनित पटवारियों पर पुलिस ने चलाए लात-घूंसे
भोपाल

चयनित पटवारियों पर पुलिस ने चलाए लात-घूंसे

पटवारी परीक्षा पास अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर रविवार को भोपाल के नीलम पार्क में धरने पर बैठे थे (patwari appointment)। हजारों की संख्या में चयनित पटवारी सुबह दब बजे रैली के रुप में आगे बढ़ रहे थे जिसके कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई (patwari protest)। इसके बाद पार्क पहुंच कर सभी धरने पर बैठ गए। भारी भीड़ को देख पुलिस धरना स्थल पर पहुंच और उन्हे जबरन हटाने का प्रयास करने लगी। पुलिस प्रशासन का कहना था की धरने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान कई महिला और पुरुष पुलिसकर्मी अभ्यर्थियों से उलझ गए। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस उन्हे गिरफ्तार कर गाड़ी में भरने ले गई और रेलवे स्टेशन ले जा कर छोड़ दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोट भी लगी। इसके बाद सभी अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन में धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगाते हुए नियुक्ति की मांग करने लगे। यहां पर अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उन पर लात-घूंसे चलाए हैं। गौरतलब है कि ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित 8,600 पटवारियों की नियुक्ति भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद रोक दी गई थी। लिहाजा अब न्याय की गुहारे लगाने के लिए अभ्यर्थी लगातार एक मंत्री से दूसरे मंत्री,सीएम हाउस सभी जगहों पर जा रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं मिल रहा है।

3/9/2023196
नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारियों का शांतिपूर्ण अनिश्चित कालीन धरना
भोपाल

नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारियों का शांतिपूर्ण अनिश्चित कालीन धरना

पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति की मांग दोबारा से उठाई है (patwari exam)। अभ्यर्थी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब तीन हजार की संख्या में भोपाल पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित 8,600 पटवारियों की नियुक्ति भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद रोक दी गई थी। इन अभ्यार्थियों का कहना है कि उन्होने सालों तक मेहनत कर पढ़ाई की और उसके बल पर वो पास हुए हैं। जब नियुक्ति की बात आई तो भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। सभी अभ्यार्थियों ने अपनी नियुक्ति को लेकर सरकार और संगठन के बार-बार दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी भी नेता का दिल नहीं पसीजा। सीएम हाउस (Shivraj Singh Chouhan) भी सभी अभ्यार्थी पहुंचे सीएम से मिलने का प्रयास किया लेकिन उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हो पाई। अगले महीने चुनाव आचार संहिता लगने वाली है अब इन चयनित पटवारियों को डर सता रहा है कि सितंबर के महीने में उन्हे नियुक्ति पत्र नहीं सौंपे गए तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा। धैर्य खो रहे इन चयनित पटवारियों ने एकबार फिर राजधानी कि ओर रुख किया है। प्रदेश भर से आए अभ्यार्थियों ने शाहजहानी पार्क में शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन प्रदर्श शुरु कर दिया है। प्रदर्शन के लिए इन अभ्यार्थियों ने प्रशासन से अनुमति भी मांगी थी लेकिन उन्हे अनुमति नहीं दी गई। लेकिन भोपाल में बड़ी संख्या में अभ्यार्थी पहुंच गए तो इन्होने प्रदर्शन शुरु कर दिया है और मुख्यमंत्री से उनकी एक ही मांग है कि उन्हे नियुक्त पत्र दिया जाए।

3/9/2023161
भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
भोपाल

भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी चेतना सभा का आयोजन कर रही है (congress chetna sabha)। कांग्रेस की ओर से गांवों में चेतना सभा का आतोजन किया जाएगा। और इस चेतना सभा के माध्यम से कांग्रेस करीब 50 हजार घरों में पहुंचने वाली है। कांग्रेस पार्टी इसके माध्यम से 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाएगी। कांग्रेस की ओर से यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अति उत्साहित हैं और उसका फायदा उठाते हुए पार्टी ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। दरअसल अति उत्साह के चलते कांग्रेस के कार्यकर्ता निष्कृय होते चले जा रहे थे यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की सामूहिक बैठक में निर्देश दिए गए गांवों में चेतना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें भ्रष्टाचार,50% कमीशन और झूठी घोषणाओं के विषया को उठाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंच कर भाजपा सरकार के विरोध में पर्चे वितरित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की बात करें तो साल 2003 से पहले की याद को फिर से ताजा करने के लिए वीडियो वार की तैयारी की जा रही है। जिसकी थीम भी तैयार कर ली गई है। जिसके तहत वीडियो में एक महिला अपनी बेटी से कहती नजर आएगी कि 'बेटी ये वही शिवराज सरकार है जिसकी बदौलत तेरा ब्याह हुआ' मिशन- 2023 की तैयारियों में जुटी भाजपा इंटरनेट मीडिया का सर्वाधिक इस्तेमाल का प्लान तैयार कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो महिलाओं को आकर्षक लगे और वो भावनात्मक तरीके से सीएम शिवराज से जुड़ पाएं। 'शिवराज नहीं होता तो क्या होता' जैसी कई पंचलाइनें तैयार की जा रही हैं जो महिलाओं को असर पहुंचा सकें और वो सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को भाई के रुप में स्वीकार कर एक बार फिर भाजपा को वोट दे सकें।

2/9/2023163
रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी
भोपाल

रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी

कहा जाता है कि पर्वतराज सुमेरू के शिखर कहे जाने वाले चित्रकूट गिरि को कामदगिरि होने का वरदान भगवान राम ने दिया था। तभी से विश्व के इस अलौकिक पर्वत के दर्शन मात्र से आस्थावानों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और अब भाजपा का भगवान राम ही बेड़ा पार कर सकते हैं। दरअसल Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार विंध्य (Vindhya) की जनता का मोह अब भाजपा से भंग हो चुका है और इसका खुलासा भाजपा की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Bjp internal report) में हो चुका है यही कारण है कि चुनाव के महज डेढ़ महीने पहले भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना कर विंध्य की जनता के जख्म पर मरहम लगाने का काम किया है। लेकिन विंध्य की जनता जितनी भावुक मानी जाती है ठीक उसी प्रकार से विंध्य की जनता राजनीतिक मामलों की भी जानकार मानी जाती है। विंध्य की जनता जब वोट देती है तो सभी प्रकार के सोच विचार करती है। जिस वक्त 2018 में माई के लाल का नारा चल रहा था और ग्वारियर-चंबल के सवर्णों ने भाजपा का साथ छोड़ कर कांग्रेस को जिताने में अपना योगदान दिया था तब विंध्य की जनता ने जाति की परवाह किए बगैर सीएम शिवराज के (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा किए विकास को तरजीह दी जिसका नतीजा ये निकला कि विंध्य की 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा की छोली में आई। साल 2020 में जब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से फिर भाजपा की सरकार बनी तो विंध्य की जमकर उपेक्षा की गई और ग्वालियर-चंबल के हर तीसरे विधायक में एक को मंत्री बनाया गया। विंध्य देश का सबसे बड़ा सवर्ण बाहुल क्षेत्र माना जाता है इसके बाद भी विंध्य के एक भी सवर्ण नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। यहां से भाजपा का ओबीसी प्रेम विंध्य की जनता के सामने आया। बात चस वक्त और गंभीर हो गई जब सीधी में आदिवासी पेशाबकांड (Sidhi Peshab Kand) का मामला सामने आया। विंध्य के सवर्णों ने घटना का जमकर विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भी समर्थन किया लेकिन जब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला और उसके परिवार को सड़क पर आना पड़ा तो विंध्य की जनता में शिवराज सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई। लगातार उपेक्षा का दंश झेलने वाली विंध्य की जनता का इस बार भाजपा से मोह भंग हो गया है। जिस प्रकार से सीएम शिवराज और भाजपा के हर नेता का ओबीसी प्रेम जनता के सामने आया उसके बाद विंध्य की जनता ने भाजपा अलग होने पर खुद की भलाई देख रहे हैं। इन सब बातों की जानकारी भाजपा हाई कमान को है। इसी लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने विंध्य में लगातार फोकस किया और मोदी की दो सभाएं रीवा और शहडोल में आयोजित की गई। अमित शाह ने सतना में सभा की। सीएम शिवराज ने महीने भर में विंध्य की ज्यादा तर सीटों का दौरा किया है लेकिन इस बार विंध्य की जनता का मूड बदल पाने में अब तक भाजपा नाकाम साबित हुई है इसी लिए अब भाजपा एक बार फिर भगवान राम का सहारा लेकर उनकी तपोभूमि चित्रकूट से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

2/9/2023137
स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान
भोपाल

स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस ने वार रुम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं (MP Congress)। इन कार्यकर्ताओं को कमलनाथ (Kamalnath) के स्पेशर 100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशियों और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा। पार्टी का आईटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हे प्रत्याशियों की घोषणां के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा (MP BJP) के संगठन से मुकाबला करने के लिए मतदान केन्द्र पर फोकस किया है। भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) और कर्नाटक चुनाव (karnataka election) का काम देख चुके सुनील कानूगोलू (Sunil Kanugolu) की टीम ने भोपाल में डेरा डाल लिया है और वार रुम भी बन गया है। यहां फिलहाल मैदानी स्तर से चुनावी मुद्दों,संभावित दावेदार और चुनाव की तैयारियों पर फीडबैक लिया जा रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार ये स्पेशल 100, प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे और फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा,रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि एकरुपता बनी रहे।

1/9/2023124
ब्राम्हण, बनिया को जेब में रखने वाले बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को चुपके से किया साइडलाइन
भोपाल

ब्राम्हण, बनिया को जेब में रखने वाले बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को चुपके से किया साइडलाइन

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (Muralidhar Rao) कहां हैं भाजपा का कोई भी पदाधिकारी जवाब देने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। दरअसल भाजपा के प्रदेश प्रभारी (MP BJP State incharge) मुरलीधर राव को सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए एमपी भेजा गया था लेकिन मुरलीधर राव का कार्यकाल भाजपा के अन्य प्रदेश प्रभारियों की तुलना में सबसे ज्यादा खराब गुजरा है। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद बीजेपी में प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक गुटबाजी हो गई थी। मुरलीधर राव ना संगठन में समन्वय बना पाए और ना ही सरकार में समन्वय बना पाए। मुरलीधर राव ही थे जिन्होने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ब्राम्हण और बनिया को अपने जेब में रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी की सोच यहीं से जनता के सामने आई। मुरलीधर राव के रहते भाजपा में इतना असंतोष की स्थिति निर्मित हुई की केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी के पूरे संगठन को टेकओवर कर लिया। इसलिए प्रदेश चुनाव प्रभारी के रुप में भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav), सह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को बनाया गया। और चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) को बनाया गया। भाजपा में ये भी पहली बार देखने को मिला कि जब उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हुई उसके बाद भाजपा के सिटिंग एमएलए ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी रहते भाजपा टुकड़ों और धड़ों में बंट गई थी। यही कारण है कि केन्द्रीय नेतृत्व ने पार्टी के बिखराव का सारा ठीकरा मुरलीधर राव के ऊपर फोड़ कर उन्हे साइडलाइन कर दिया है। अब भाजपा की किसी भी बैठक में मुरलीधर राव और पंकजा मुंडे को साइडलाइन कर दिया गया। हांलाकि मुरलीधर राव की सुविधाओं को एमपी नेतृत्व ने काफी तरजीह दी थी लेकिन पार्टी की उपेक्षाओं में मुरलीधर राव खरे नहीं उतर पाए। वहीं इसके उलट कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल (JP Agrawal) की बात करें तो उनको बदलने से पहले कांग्रेस की ओर से लेजर जारी कर बताया गया। और रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है उसकी भी सार्वजनिक तरीके से घोषणा की गई थी लेकिन मुरलीधर राव के बारे में यह सवाल आज भी बना हुआ है कि कहां हैं भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव?

1/9/2023281
सिंधिया समर्थक उम्मीदवारों पर फंसा पेंच,पार्टी हाई कमान डैमेज कंट्रोल में जुटा
भोपाल

सिंधिया समर्थक उम्मीदवारों पर फंसा पेंच,पार्टी हाई कमान डैमेज कंट्रोल में जुटा

मप्र भाजपा की दूसरी सूची में सिंधिया समर्थकों (Scindia supporters) की दावेदारी ने पेंच फंसा दिया है। जिन सीटों पर समर्थक टिकट मांग रहे हैं, वहां पुराने भाजपा नेता सक्रिय हैं। इधर पार्टी को भी जिताऊ चेहरे की तलाश है। मध्य प्रदेश की सियासत में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का बड़ा कद है जिसके भरोसे वर्ष 2020 में भाजपा ने उस कांग्रेस से सत्ता छीनी थी। पिछले कुछ महीनो से ज्योतिरादित्य सिंधिया का समय ठीक नहीं चल रहा है। पिछले कुछ समय में फोन के पांच बड़े वफादार अब तक कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। इतना ही नहीं भिंड के गोहद से रणवीर सिंह जाटव (Ranveer Singh Jatav) का टिकट काटने के बाद समर्थ कौन है जिस तरह से खून से खत लिखकर अपनी विवशता को दर्शाया था ,उससे यह लगने लगने लगा है कि आने वाले समय में सिंधिया के कुछ और वफादार उनका साथ छोड़ सकते हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक हारी हुई सीट पर प्रत्याशी तय करने बैठे भाजपा के निर्णयकर्ताओं को अपनी अनुशंसा सहित जिस सूची को दिल्ली भेजा है,उसमें कई सिंधिया समर्थकों के नाम गायब बताए जा रहे है। इनमें से चंबल-ग्वालियर अंचल की वो सीटें शामिल हैं। उपचुनाव में हारे सिंधिया समर्थकों की दावेदारी भी अब कमजोर पड़ती जा रही है। गौरतलब है कि जब उपचुनाव हुए तो भाजपा ने सिंधिया समर्थकों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। तब इन समर्थकों के लिए भाजपा के पुराने नेताओं ने अपनी कुर्बानी दी थी। इनमें से कई ऐसे नेता हैं,जिन्होने भाजपा को अपने-अपने क्षेत्रों में खड़ा किया था। लेकिन सरकार को बहुमत लाने के लिए इन नेताओं ने तब चुप्पी साध ली थी। और अब ऐसी स्थिति नहीं है उपचुनाव में सिंधिया समर्थक 6 नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। जिससे उनकी दावेदारी कमजोर पड़ी है और अब पार्टी का पूरा फोकस जिताऊ चम्मीदवार पर आकर टिक गया है। ऐसे में इन समर्थकों के साथ-साथ इस चुनाव में टिकट की आस लगाए बैठे नेताओं की भी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।

31/8/2023124
पहले विंध्य की उपेक्षा और फिर विंध्य को मिला सम्मान,राजेन्द्र शुक्ला बने जनसंपर्क मंत्री
भोपाल

पहले विंध्य की उपेक्षा और फिर विंध्य को मिला सम्मान,राजेन्द्र शुक्ला बने जनसंपर्क मंत्री

भारतीय जनता पार्टी के सत्ता और संगठन दोनों में विंध्य की लगातार उपेक्षा की गई। लेकिन विंध्य की जनता का मूंड भांपते हुए भाजपा ने आखिरकार विंध्य को प्रतिनिधित्व देने का फैसला करते हुए राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना दिया है और अब उन्हे जनसंपर्क विभाग (Public Relation) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। हांलाकि राजेन्द्र शुक्ला को यह जिम्मेदारी पहली बार नहीं मिली है इससे पहले राजेन्द्र शुक्ला को पहले भी जनसंपर्क विभाग का जिम्मा सौंपा गया था (Shivraj Cabinet)। चुनाव आचार संहिता लगने के लिए अब करीब 45 से 50 दिन बचे हैं ऐसी स्थिति में राजेन्द्र शुक्ला सहित दो और मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। अब राजेन्द्र शुक्ला के पास समय कम है लेकिन उम्मीदों का बांध उनके पास बहुत है। दरअसल भोपाल में विंध्य के पत्रकारों की एक बड़ी संख्या है लेकिन इस समय मीडिया में ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड का बोलबाला चल रहा है। किसी भी न्यूज चैनल में रीवा अथवा विंध्य के पत्रकारों को नहीं लिया जाता है। भाजपा के संगठन की ओर से भी विंध्य के पत्रकारों को लगातार उपेक्षित किया जाया है। और सरकार में भी विंध्य के पत्रकारों को हमेशा उपेक्षित किया जाता रहा है। बुधवार को मंत्री बनने के बाद राजेन्द्र शुक्ला बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) से मिलने उनके निवास पहुंचे लेकिन वो ये पूछना भूल गए कि आपकी राजनीतिक पृष्ठभूमि विंध्य रहा है लेकिन विंध्य को आप इतना उपेक्षित क्यों करते हैं। दरअसल जब से वीडी शर्मा को बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तभी से विंध्य के पत्रकारों और विंध्य में काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का सिलसिला शुरु हुआ जो आजतक अनवरत जारी है। जबकि राजनीतिक लिहाज से बात की जाए तो विंध्य की 30 सीटों में भाजपा को 24 सीटें और कांग्रेस को मात्र 06 सीटें मिली थी उसके बाद भी विंध्य की उपेक्षा लगातार की गई। पहले विंध्य को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया और जब प्रतिनिधित्व मिला तो समय नहीं है कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बना कर विंध्य के जख्म पर मरहम लगाने का प्रयास किया गया है। लेकिन विंध्य की जनता पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा जागरुक मानी जाती है यही कारण है कि अब उसका अहसास भाजपा को हुआ जिसका नतीजा ये रहा कि भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बनाया है।

30/8/2023147
भाजपा की तस्वीर से अमित शाह गायब,अब जेपी नड्डा यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी
भोपाल

भाजपा की तस्वीर से अमित शाह गायब,अब जेपी नड्डा यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी

भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है। लेकिन यात्रा के पहले ही भारतीय जनता पार्टी में चल रहे आपसी विवाद और मन मुटाव की तस्वीर सामने आने लगी है। दरअसल दो दिन पहले भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भाजपा की तरफ से जन आशीर्वाद यात्रा का प्रारुप बताने के लिए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की तरफ से एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान एक होर्गिंग लगाई गई थी जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर के साथ एमपी के कुछ कद्दावर नेताओं की तस्वीर लगाई गई। लेकिन उस तस्वीर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को स्थान नहीं दिया गया था जबकि अमित शाह को ही चित्रकूट से पहली विकास यात्रा (vikas yatra) को हरी झंडी दिखानी थी। पोस्टर में एक और मजे की बात देखने को मिली कि भूपेन्द्र सिंह को विकास यात्र की टोली का संयोजक बनाया गया है लेकिन पोस्टर में भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को स्थान नहीं दिया गया। हांलाकि भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच भी चल रही है यही कारण हो सकता है कि भाजपा भूपेन्द्र सिंह को लाइमलाइट से दूर रख कर उनकी संगठनात्मक काबिलियत का फायदा उठाना चाहती होगी। लेकिन महत्वपूर्ण यही है कि इस पूरी भूमिका में जिस प्रकार से अमित शाह को पोस्टर से गायब किया गया वो राजनीतिक पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है और सभी इस सवाल का जवाब ढूंढ़ रहे हैं कि आखिर अमित शाह को पोस्टर से गायब क्यों किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी अमित शाह को हुई तो उन्होने काफी नाराजगी ब्यक्त की बात यहीं खत्म नहीं हुई अमित शाह ने चित्रकूट आने से इंकार कर दिया जिसके बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चित्रकूट आकर जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। गौरतलब है कि भाजपा के सर्वे के अनुसार विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज है जिनको मनाने के लिए भाजपा की ओर से अलग-अलग प्रयास किए गए लेकिन नतीजा शिफर ही रहा है। इसी लिए अब भाजपा ने विंध्य से जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज करने की योजना तैयार की है।

30/8/2023179
भांजियों और लाड़ली बहनों के बीच सीएम शिवराज की बढ़ी लोकप्रियता,भाजपा की रिपोर्ट में आया सामने
भोपाल

भांजियों और लाड़ली बहनों के बीच सीएम शिवराज की बढ़ी लोकप्रियता,भाजपा की रिपोर्ट में आया सामने

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी में सीएम शिवराज के आगे किसी अन्य चेहरे की स्वीकार्यता नहीं है (Shivraj Singh Chouhan) । दरअसल लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) लांच होने के बाद भाजपा के केन्द्रीय संगठन ने प्रदेश भर में गुप्त तरीके से एक सर्वे करवाया है (bjp survey)। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहनों और भांजियों के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता बढ़ी है। रिपोर्ट आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब 'मामा-भांजी और बहना' के रिस्ते को भुनाने में जुट गई है। रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहना योजना लांच होने के बाद एक करोड़ 25 लाख परिवार सीएम शिवराज से सीधे जुड़ गया है और इस योजना के कारण सीएम शिवराज की छवि भी सुधर गई है। भांजियों को इस सर्वे में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि लाड़ली लक्ष्मी योजना (ladli lakshmi yojana) का लाभ उठा चुकी हजारों युवतियां इस बार मतदान करने वाली हैं। रिपोर्ट को आधार बना पर महिलाओं के अधिकतम वोट पाने के लिए भाजपा ने अलग से रणनीति बनाना शुरु कर दिया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सर्वे करवा कर यह जानने का प्रयास किया गया कि आम जनता के बीच भाजपा सरकार और खासतौर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि कैसी है। रिपोर्ट में महिलाओं में सरकार की अधिक लोकप्रियता की बात सामने आने से भाजपा खुश है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस वोटबैंक के डगमगाने के आसार भी नहीं हैं। भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं की भी स्थिति जानने का प्रयास किया गया है। भाजपा रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं का भरोसा कांग्रेस नेताओं के प्रति कम है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि लाड़ली बहना और अन्य महिला केन्द्रित योजनाओं से ही सीएम शिवराज की लोकप्रियता का ग्राफ ऊंचा हुआ है। भाजपा की सरकार ने महिलाओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय होने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरल-सहज छवि है। खासतौर से उनके द्वारा महिलाओं से भाई यानि उनके बच्चों के मामा का जो रिश्ता बनाया है उससे ग्रामीण महिलाओं में मुख्यमंत्री की छवि अमिट छाप बनाई है। महिलाएं मुख्यमंत्री को आम जनता के बीच आम आदमी मानती हैं। लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के साथ शिवराज सिंह की छवि बनाने में राज्य सरकार की महिलाओं के लिए बनाई गई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी अहम योगदान है।

29/8/2023131
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