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'झूठ बोलने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोई रिकॉर्ड बनेगा तो वो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के नाम होगा'
मुरैना में एक प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में हार के डर से बौखलाकर एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल की बाईट को जिस प्रकार से एडिट करके कांग्रेस ने झूठ परोसने का काम किया है और जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री मि. बंटाधार के द्वारा ट्वीट किया गया है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस हार के डर से बौखला गई है। भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इनके झूठ का जवाब देने के लिए प्रत्येक बूथ पर सजग प्रहरी बनकर खड़ा है और कमलनाथ (Kamal Nath), दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का झूठ मध्यप्रदेश में नहीं चलेगा। पार्टी इसका कड़ा जवाब देगी। इस मौके पर प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) पार्टी के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत (Ranveer Singh Rawat) एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (Ashish Agrawal) उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि 2003 से पहले बंटाधार युग में मध्यप्रदेश जिस दुर्दशा का शिकार था, उसे लेकर प्रदेश के लोगों में व्यापक आक्रोश मौजूद है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली जा रही हैं, वो जनता को यह बता रही हैं कि बंटाधार युग के मध्यप्रदेश को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने विकास के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते जन आशीर्वाद (Jan Ashirwad Yatra) यात्राओं को व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। जनता के इस समर्थन और यात्राओं के प्रति उमड़ रहे उत्साह से घबराई कांग्रेस झूठ का सहारा ले रही है। वीडी शर्मा ने कहा कि उस नेशनल न्यूज चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने भी यह स्पष्ट किया है कि जो न्यूज फैलाई जा रही है, वह फेक न्यूज है और हमारी खबर को जिस तरह से एडिट करके उसका दुरुपयोग किया जा रहा है, उसके खिलाफ हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मध्यप्रदेश में लगातार झूठ परोसने का काम कर रहे हैं। अगर सबसे ज्यादा झूठ बोलने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोई रिकॉर्ड बनेगा, तो वह दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के नाम ही दर्ज होगा। कुछ समय पहले इन्होंने एक पत्र जारी करके भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया था, वह भी फेक निकला। उस पत्र को लिखने वाले संगठन का पता ही नहीं चला। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई और कांग्रेस की नेत्री प्रियंका गांधी को भी झूठी साबित होकर मध्यप्रदेश से जाना पड़ा। दिग्विजयसिंह ने मध्यप्रदेश के सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने के लिए भगवान कुंडेश्वर को लेकर झूठे ट्वीट किए। बाद में उन्हें अपने ही ट्वीट डिलीट करना पड़ा और वे मैदान छोड़कर भाग गए।

भाजपा के रास्ते पर कांग्रेस,अन्य राज्यों के सांसद-विधायक विधानसभाओं में भेजेगी कांग्रेस
कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों के 230 प्रवासी विधायकों को एमपी बुला कर पार्टी की स्थिति को खंगालने का प्रयास किया था जिसका कांग्रेस के नेता मजाक उड़ा रहे थे लेकिन अब कांग्रेस ने भी भाजपा के रास्ते पर चलने की योजना तैयार की है (MP Congress)। जिसके तहत कांग्रेस दूसरे राज्यों के सांसद और विधायकों को एमपी बुलाने की योजना पर का कर रही है। दूसरे राज्यों से एमपी में आए कांग्रेस के विधायक-सांसद उन विधानसभा सीटों की तैयारियों का आंकलन करेंगे और अपनी पार्टी के संगठन को उसकी रिपोर्ट सौंपेंगे। लोकसभा वार नियुक्त किये गए इन पर्यवेक्षकों की पहली बैठक 12 सितंबर (मंगलवार) को भोपाल में होगी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Surjewala), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ (Kamal Nath) सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। अन्य राज्यों से आए कांग्रेस के विधायक-सांसद सभी सहयोगी संगठनों की भूमिका,आपसी समन्वय और चुनाव अभियान को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे। साथ ही लोकसभा की दृष्टि से भी संभावित दावेदारों को लेकर भी अन्य जानकारी जुटा कर संगठन को देंगे। मंगलवार को ही कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। इसमें कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह,सदस्य अजय कुमार लल्लू,सप्तागिरी उल्का और प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चार दिनों तक दावेदारों का फीडबैक लिया है। जिस पर इस बैठक में विचार किया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी जिन 66 सीटों पर लंबे समय से चुनाव हार रही है और जिन विधायकों को चुनाव लड़ाया जाना है,उन्हे शामिल करते हुए प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित की जा सकती है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले हर घर दस्तक देने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके लिए जन-आक्रोश यात्रा के साथ हर घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में जिला,ब्लॉक,मंडलम् और सेक्टर इकाई के पदाधिकारियों को घर-घर भेज कर ग्रामीणों को भाजपा सरकार की असफलताओं के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आरोप पत्र बांटे जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने जो 11 वचन दिये हैं उसकी याद भी दिलाई जाएगी।

जातियों के सहारे कांग्रेस,जल्द आयोजित करेगी दो बड़े सम्मेलन
प्रदेश में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस (mp congress) बड़े मतदाता वर्ग आदिवासी और ओबीसी के सम्मेलन करने जा रही है (congress conference)। ये राज्य स्तरीय सम्मेलन होंगे। आदिवासी सम्मेलन (adivasi sammelan) झाबुआ में तो ओबीसी का सम्मेलन (obc sammelan) भोपाल में आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारी की जिम्मेदारी पार्टी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेताओं को सौंपी गई है। सम्मेलन की तारीख भी आदिवासी और ओबीसी वर्ग के नेता ही तय करेंगे। बुंदेलखंड में भी एससी वर्ग का बड़ा कार्यक्रम भी चुनाव अभियान समिति ने प्रस्तावित किया है। प्रदेश में एसटी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं लेकिन इनका प्रभाव 80 सीटों से ज्यादा पर है। ओबीसी मतदाताओं का प्रभाव भी 100 से अधिक सीटों पर है। इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस, दोनों आदिवासी और ओबीसी वर्ग को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति (congress election committee) ने तय किया है कि आदिवासी बहुल झाबुआ,अलीराजपुर,बड़वानी,खरगोन सहित अन्य जिलों के आदिवासी भाग लेंगे। इसकी तैयारी का जिम्मा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष कांतीलाल भूरिया को दिया गया है। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया इसमें सहयोगी की भूमिका में होंगे। इसके अलावा भोपाल में आयोजित होने वाले ओबीसी सम्मेलन की जिम्मेदारी कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव को सौंपी गई है। दोनों को कार्यक्रम की रुपरेखा निर्धारित करने के लिए कहा गया है। प्रदेश में कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

अधिमान्य पत्रकारों को अब दस के बजाय प्रतिमाह मिलेगी 20 हजार रुपये सम्मान निधि
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास में गुरुवार को आयोजित पत्रकार समागम में (Patrkar Samagam) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पत्रकारों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों की समिति बनाई जाएगी। समिति के सुझाव पर ही कानून बनाया जाएगा। अधिमान्य प्राप्त बुजुर्ग पत्रकारों को प्रतिमाह दस हजार के बजाय बीस हजार रुपये सम्मान निधि मिलेगी। इसकी पात्रता आयु न्यूनतम 60 वर्ष होगी। सम्मान निधि पाने वाले पत्रकार का निधन होने पर जीवन साथी को एकमुश्त आठ लाख रुपये दिये जाएंगे। पत्रकार स्वास्थ्य बीमा में प्रीमियम की राशि में जो 27% की वृद्धि हुई है,उसका भार भी सरकार उठाएगी। पत्रकारों को पिछले साल के बराबर ही प्रीमियम देना होगा। इसे जमा करने की अंतिम तिथि भी 16 सितंबर के स्थान पर 25 सितंबर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रुप में मीडिया प्रतिनिधियों का परिश्रम प्रशंसनीय है। पत्रकारों की सुरक्षा जरुरी है,इसके लिए कानून बनाया जाएगा। भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन बनेगा। इसे स्टेट मीडिया सेंटर का दर्जा दिया जाएगा। इसमें सभागार,पुस्तकालय,कैंटीन ससहित अन्य सुविधाएं होंगी। सेंटर में आधुनिक सुविधाएं भी होंगी। पत्रकारों के लिए भोपाल में दो स्थानों पर भूमि आवंटित कर कालोनी विकसित की गई है। अन्य नगरों में अवश्यकता के अनुसार पत्रकारों की सोसायटी को भूमि प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

खंडवा में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई झंडी
केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने खंडवा में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखाते कहा कि गांव, गरीब, मजूदर और किसानों का कल्याण भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chouhan) को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार 7 बार से कृषि कर्मण अवार्ड जीत रहा है। यहां सिंचित क्षेत्र बढ़ा है और उसके साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है। हर हाथ को काम और हर खेत को पानी के मंत्र पर चलते हुए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ी और कृषि विकास दर के साथ कृषि उत्पादन को बढ़ाया। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, लेकिन कृषि उपज का वांछित मूल्य न मिल पाना उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है, क्योंकि इनके दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होते हैं। इसलिए हमने तय किया कि किसानों को ऊर्जादाता बनाना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में यह सपना पूरा हो रहा है। आज 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली कारें आ रही हैं, हवाई जहाज उड़ रहे हैं, स्कूटर भी आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश 16 लाख करोड़ से अधिक का फॉसिल फ्यूल आयात करता है। अगर ये पैसा बचेगा, तो हमारे किसानों को ही मिलेगा। निति गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अच्छा काम हो रहा है। थर्मल एनर्जी, सोलर एनर्जी और सोलर संयंत्रों में इलेक्ट्रोलाइजर लगाकर हाइड्रोजन उत्पादन का काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश में जो काम हो रहा है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि जल्द ही मध्यप्रदेश हाइड्रोजन के उत्पादन में देश का नं.1 राज्य बनेगा और यहां के किसान ऊर्जादाता बनेंगे। खंडवा में गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार लगातार विकास और गरीब कल्याण के काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 44 लाख लोगों को आवास दिये गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। उज्जवला योजना में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, तो आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज हो रहा है। जिस मध्यप्रदेश में 5-6 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, वहां अब 30 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। बच्चों को शिक्षा, किसानों को पानी और बिजली मिल रही है। गांवों में उद्योग लग रहे हैं, जिनसे लोगों को रोजगार मिलेगा। अधोसंरचना में तेजी से सुधार हो रहा है। मध्यप्रदेश में इंदौर-हैदराबाद और देहली-मुंबई हाईवे बन रहे हैं, जिनके तैयार हो जाने पर एक घंटे में ओंकारेश्वर और 2 घंटे में बुरहानपुर से इंदौर पहुंचा जा सकेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सड़क, बिजली, पानी, ट्रांसमिशन नेटवर्क का लगातार विकास हो रहा है और मध्यप्रदेश देश के पॉवर स्टेशन के रूप में उभर रहा है। नितिन गडकरी ने कहा कि ये सब विकास का सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। मैं आपसे यही आग्रह करने आया हूं कि पूरी फिल्म देखने के लिए भाजपा को अपना आशीर्वाद दीजिए। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी ने संकल्प लिया कि अबकी बार फिर भाजपा की सरकार।

कांग्रेस नए मॉडल हिंदुत्व से डरीःअजीज कुरैशी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी (aziz qureshi) ने कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिमों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं के कथा कराने और कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड कराने को लेकर भी अजीज कुरैशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर कथा कराने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इस तरह के आयोजन ठीक नहीं हैं. कांग्रेस ने कहा कि अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर है, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। अजीज कुरैशी के बयान पर कांग्रेस के नेताओं ने हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजीज कुरैशी को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया है। सांसद भी बने राज्यपाल भी बने। कई अहम पदों पर रहे। शायद यह सारी बातें अजीज कुरैशी जी को याद नहीं आई. उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. अजीज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें ईश्वर को उनके अपने आराध्य को याद करना चाहिए. राजी खुशी से बच्चों के साथ परिवार के साथ बिताना चाहिए. धार्मिक विवाद में पड़ने की कुरैशी को जरूरत नहीं. धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन हो या सुंदरकांड कांग्रेस वोट बैंक की सियासत करती है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी विशेषता है। रोज इफ्तार में जालीदार टोपी लगाकर जाते हैं। चुनावी दौर में सुंदरकांड करते हैं. आपस में ही लड़ भिड़ रहे हैं और कांग्रेसी धर्म के नाम पर एकमत नहीं होते हैं।

भाजपा की नैया पार लगाने निकले गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,विंध्य में जन आशीर्वाद यात्रा का मिला जिम्मा
भारतीय जनता पार्टी जब-जब संकट में आती है तो उसके संकटमोचक डॉ. नरोत्तम मिश्रा होते हैं (Narottam Mishra)। इसकी बानगी आए दिन देखने को मिलती रहती है। सदन में सरकार पर कोई आरोप लगता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अंगद की तरह पांव जमा कर विपक्ष को करारा जवाब देते हैं और जब पार्टी में कोई संकट आता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा 'दादा' संकटमोचक बन कर सामने खड़े हो जाते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार यह बातें उठ रहीं थी कि विंध्य इस बार भाजपा से नाराज है। खासकर विंध्य के ब्राम्हण भाजपा से खासे नाराज हैं। विंध्य में ब्राम्हणों की बहुत बड़ी आवादी निवास करती है और वहां की 30 सीटों में उन्ही का प्रभाव देखने को मिलता है। सबसे पहले विंध्य की नाराजी इस बात को लेकर थी कि उन्हे उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला जबकि विंध्य के लोगों ने 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा को दी। नाराजगी पर तड़का उस वक्त और लग गया जब सीधी में पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) हुआ और सरकार ने जल्दबाजी में आरोपी के घर पर बुल्डोजर चलवा दिया इससे ना सिर्फ ब्राम्हण वर्ग भाजपा से नाराज हुआ बल्कि सवर्ण वर्ग में आने वाले सभी लोग भाजपा से नाराज हो गए इस बात की जानकारी भाजपा की इंटरनल रिपोर्ट में सामने आई। ऐसी स्थिति में विंध्य में डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के पास एक ही चेहरा था डॉ. नरोत्तम मिश्रा। ब्राम्हणों की नाराजगी के चलते ही भाजपा ने चित्रकूट से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) को हरी झंडी दिखवाई और फिर उसको गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के हवाले कर दिया। गृह मंत्री पूर्व में रीवा के प्रभारी मंत्री रहे हैं और उनको वहां की तासीर मालूम है। विंध्य में नरोत्तम मिश्रा को बाहरी नहीं बल्कि घर का नेता माना जाता है। वैसे भी गृह मंत्री जिस विधानसभा दतिया से चुनाव लड़ते हैं पहले वो विंध्य का ही हिस्सा माना जाता था। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ब्राम्हणों के बीच जिस प्रकार की लोकप्रियता है उसी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे विंध्य की जिम्मेदारी सौंपी है। और भाजपा यह मान कर चल रही है कि जब गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जब एक बार कोई जिम्मेदारी सौंप दी जाती है तो उसको पूरा करके ही वो चैन की सांस लेते हैं। लिहाजा अब देखना यह दिलचश्प होगा कि भाजपा द्वारा खेला गया यह ब्राम्हण कार्ड विंध्य को रिझाने में कामयाब होगा अथवा नहीं यह तो वक्त बताएगा।

कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही भाजपा,हड़बड़ाहट में किया उम्मीदवारों का ऐलान
अपनी रणनीति से कांग्रेस को चारों खाने चित्त करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी इन दिनों कांग्रेस की बनाई पिच पर खेल रही है (MP BJP)। कांग्रेस के रणनीतिकार जिस प्रकार की रणनीति तैयार कर रहे हैं भाजपा उस रणनीति पर लगातार फंसती चली जा रही है। बात उस वक्त की है जब कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया था कि इस बार चुनाव के 06 महीने पहले ही कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी (congress candidate list)। इस इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में हलचल पैदा हो गई। भाजपा ने आकांक्षी सीटों पर तेजी से मंथन करना शुरु कर दिया और कांग्रेस को इस बीच मौका मिला तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करना शुरु कर दिया। भाजपा उम्मीदवारों के चयन में जुटी रही और कांग्रेस पार्टी भाजपा के करीब दर्जन भर पदाधिकारियों और इससे ज्यादा कार्यकर्ताओं को अपनी तरफ लाने में कामयाब हो गई। हड़बड़ाहट में भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की पहली सूची जारी कर कांग्रेस को बताने का प्रयास किया कि हम आपसे आगे हैं (BJP Candidate list)। दरअसल भाजपा को यह नहीं मालूम था कि कांग्रेस के रणनीतिकार यही तो चाहते थे। भाजपा ने जो सूची जारी की उसमें एक-दो को छोड़ दिया जाए तो कुछ ज्यादा चौकाने वाली लिष्ट नहीं थी। ज्यादातर पिटे हुए मोहरों पर भाजपा ने फिर दांव लगाया। कांग्रेस यह भी चाहती थी कि पहले भाजपा अपने पत्ते खोले जिससे उनके खिलाफ अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने में कांग्रेस को आसानी हो सके। कांग्रेस भाजपा से वचन पत्र के मामले में धोखा भी खा चुकी थी। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र के कुछ वचन सार्वजनिक कर दिए जिसका तोड़ सीएम शिवराज ने तत्काल निकाल लिया और कांग्रेस के वो वचन फीके पड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने यहां से सबक लेते हुए वचन पत्र में आगे क्या शामिल होने वाला है उसका खुलासा बंद कर दिया। कांग्रेस की हड़बड़ाहट के कारण भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज किया है जिसमें सारे नेता लग गए हैं इस बीच कांग्रेस अपने उम्मीदवारों पर मंथन करने में जुट गई है। अब कांग्रेस ने भी रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप का करारा जवाब दिया जाएगा। यह निर्णय रविवार रात पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर हुई बैठक पर लिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कमलनाथ के निवास पर चली करीब डेढ़ घंटे की बैठक में निर्देश दिए गए कि भाजपा सरकार के खिलाफ जो आरोप पत्र जारी किया गया है उसके आधार पर घेराबंदी की जाए। मंहगाई,बेरोजगारी,कानून ब्यवस्था,अनुसूचित जाति-जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न के मुद्दों को प्रमुखता के साथ जनता के बीच रखा जाएगा।

भाजपा को करारा जवाब देगी कांग्रेस की चेतना सभा,हर विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी चेतना सभा का आयोजन कर रही है (congress chetna sabha)। कांग्रेस की ओर से गांवों में चेतना सभा का आतोजन किया जाएगा। और इस चेतना सभा के माध्यम से कांग्रेस करीब 50 हजार घरों में पहुंचने वाली है। कांग्रेस पार्टी इसके माध्यम से 50 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाएगी। कांग्रेस की ओर से यह अभियान 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अति उत्साहित हैं और उसका फायदा उठाते हुए पार्टी ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। दरअसल अति उत्साह के चलते कांग्रेस के कार्यकर्ता निष्कृय होते चले जा रहे थे यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के हाई कमान ने चेतना अभियान चलाने की योजना तैयार की है। जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की सामूहिक बैठक में निर्देश दिए गए गांवों में चेतना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें भ्रष्टाचार,50% कमीशन और झूठी घोषणाओं के विषया को उठाया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में 50 हजार घरों तक पहुंच कर भाजपा सरकार के विरोध में पर्चे वितरित किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की बात करें तो साल 2003 से पहले की याद को फिर से ताजा करने के लिए वीडियो वार की तैयारी की जा रही है। जिसकी थीम भी तैयार कर ली गई है। जिसके तहत वीडियो में एक महिला अपनी बेटी से कहती नजर आएगी कि 'बेटी ये वही शिवराज सरकार है जिसकी बदौलत तेरा ब्याह हुआ' मिशन- 2023 की तैयारियों में जुटी भाजपा इंटरनेट मीडिया का सर्वाधिक इस्तेमाल का प्लान तैयार कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो महिलाओं को आकर्षक लगे और वो भावनात्मक तरीके से सीएम शिवराज से जुड़ पाएं। 'शिवराज नहीं होता तो क्या होता' जैसी कई पंचलाइनें तैयार की जा रही हैं जो महिलाओं को असर पहुंचा सकें और वो सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) को भाई के रुप में स्वीकार कर एक बार फिर भाजपा को वोट दे सकें।

रुठे विंध्य को पहले मनाएगी भाजपा,बीजेपी से आज रवाना हुए रथ,कल नड्डा दिखाएंगे हरी झंडी
कहा जाता है कि पर्वतराज सुमेरू के शिखर कहे जाने वाले चित्रकूट गिरि को कामदगिरि होने का वरदान भगवान राम ने दिया था। तभी से विश्व के इस अलौकिक पर्वत के दर्शन मात्र से आस्थावानों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और अब भाजपा का भगवान राम ही बेड़ा पार कर सकते हैं। दरअसल Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार विंध्य (Vindhya) की जनता का मोह अब भाजपा से भंग हो चुका है और इसका खुलासा भाजपा की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Bjp internal report) में हो चुका है यही कारण है कि चुनाव के महज डेढ़ महीने पहले भाजपा ने राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को मंत्री बना कर विंध्य की जनता के जख्म पर मरहम लगाने का काम किया है। लेकिन विंध्य की जनता जितनी भावुक मानी जाती है ठीक उसी प्रकार से विंध्य की जनता राजनीतिक मामलों की भी जानकार मानी जाती है। विंध्य की जनता जब वोट देती है तो सभी प्रकार के सोच विचार करती है। जिस वक्त 2018 में माई के लाल का नारा चल रहा था और ग्वारियर-चंबल के सवर्णों ने भाजपा का साथ छोड़ कर कांग्रेस को जिताने में अपना योगदान दिया था तब विंध्य की जनता ने जाति की परवाह किए बगैर सीएम शिवराज के (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा किए विकास को तरजीह दी जिसका नतीजा ये निकला कि विंध्य की 30 सीटों में 24 सीटें भाजपा की छोली में आई। साल 2020 में जब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से फिर भाजपा की सरकार बनी तो विंध्य की जमकर उपेक्षा की गई और ग्वालियर-चंबल के हर तीसरे विधायक में एक को मंत्री बनाया गया। विंध्य देश का सबसे बड़ा सवर्ण बाहुल क्षेत्र माना जाता है इसके बाद भी विंध्य के एक भी सवर्ण नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। यहां से भाजपा का ओबीसी प्रेम विंध्य की जनता के सामने आया। बात चस वक्त और गंभीर हो गई जब सीधी में आदिवासी पेशाबकांड (Sidhi Peshab Kand) का मामला सामने आया। विंध्य के सवर्णों ने घटना का जमकर विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भी समर्थन किया लेकिन जब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला और उसके परिवार को सड़क पर आना पड़ा तो विंध्य की जनता में शिवराज सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई। लगातार उपेक्षा का दंश झेलने वाली विंध्य की जनता का इस बार भाजपा से मोह भंग हो गया है। जिस प्रकार से सीएम शिवराज और भाजपा के हर नेता का ओबीसी प्रेम जनता के सामने आया उसके बाद विंध्य की जनता ने भाजपा अलग होने पर खुद की भलाई देख रहे हैं। इन सब बातों की जानकारी भाजपा हाई कमान को है। इसी लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने विंध्य में लगातार फोकस किया और मोदी की दो सभाएं रीवा और शहडोल में आयोजित की गई। अमित शाह ने सतना में सभा की। सीएम शिवराज ने महीने भर में विंध्य की ज्यादा तर सीटों का दौरा किया है लेकिन इस बार विंध्य की जनता का मूड बदल पाने में अब तक भाजपा नाकाम साबित हुई है इसी लिए अब भाजपा एक बार फिर भगवान राम का सहारा लेकर उनकी तपोभूमि चित्रकूट से जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

स्पेशल 100 कांग्रेस के जीत का तैयार करेंगे मास्टर प्लान
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस ने वार रुम बनाने के साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 कार्यकर्ता तैयार किए हैं (MP Congress)। इन कार्यकर्ताओं को कमलनाथ (Kamalnath) के स्पेशर 100 का नाम दिया गया है। इनका काम प्रत्याशियों और पार्टी का प्रचार सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएं प्रसारित करने से लेकर फीडबैक जुटाने का होगा। पार्टी का आईटी विभाग विभिन्न मुद्दों को लेकर वीडियो भी तैयार करवा रहा है, जिन्हे प्रत्याशियों की घोषणां के साथ ही प्रसारित किया जाने लगेगा। वहीं विभाग की एक टीम केवल भाजपा द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन करके उसका तोड़ निकालने के लिए तैयार की गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा (MP BJP) के संगठन से मुकाबला करने के लिए मतदान केन्द्र पर फोकस किया है। भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) और कर्नाटक चुनाव (karnataka election) का काम देख चुके सुनील कानूगोलू (Sunil Kanugolu) की टीम ने भोपाल में डेरा डाल लिया है और वार रुम भी बन गया है। यहां फिलहाल मैदानी स्तर से चुनावी मुद्दों,संभावित दावेदार और चुनाव की तैयारियों पर फीडबैक लिया जा रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार ये स्पेशल 100, प्रत्याशी कोई भी हो उसके लिए काम करेंगे। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफार्म का उपयोग पार्टी की बात आमजन तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रत्याशी की ओर से सामग्री पोस्ट करने का काम ये कार्यकर्ता करेंगे और फिर उस पर मिलने वाला फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस द्वारा घोषित होने वाले वचन पत्र, प्रमुख नेताओं की सभा,रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की लिंक साझा होगी तो समय-समय पर पार्टी की रीति-नीति से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाएंगे। ये सभी सामग्री राज्य स्तर से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि एकरुपता बनी रहे।

ब्राम्हण, बनिया को जेब में रखने वाले बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को चुपके से किया साइडलाइन
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (Muralidhar Rao) कहां हैं भाजपा का कोई भी पदाधिकारी जवाब देने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। दरअसल भाजपा के प्रदेश प्रभारी (MP BJP State incharge) मुरलीधर राव को सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए एमपी भेजा गया था लेकिन मुरलीधर राव का कार्यकाल भाजपा के अन्य प्रदेश प्रभारियों की तुलना में सबसे ज्यादा खराब गुजरा है। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद बीजेपी में प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक गुटबाजी हो गई थी। मुरलीधर राव ना संगठन में समन्वय बना पाए और ना ही सरकार में समन्वय बना पाए। मुरलीधर राव ही थे जिन्होने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ब्राम्हण और बनिया को अपने जेब में रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी की सोच यहीं से जनता के सामने आई। मुरलीधर राव के रहते भाजपा में इतना असंतोष की स्थिति निर्मित हुई की केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी के पूरे संगठन को टेकओवर कर लिया। इसलिए प्रदेश चुनाव प्रभारी के रुप में भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav), सह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को बनाया गया। और चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) को बनाया गया। भाजपा में ये भी पहली बार देखने को मिला कि जब उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हुई उसके बाद भाजपा के सिटिंग एमएलए ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी रहते भाजपा टुकड़ों और धड़ों में बंट गई थी। यही कारण है कि केन्द्रीय नेतृत्व ने पार्टी के बिखराव का सारा ठीकरा मुरलीधर राव के ऊपर फोड़ कर उन्हे साइडलाइन कर दिया है। अब भाजपा की किसी भी बैठक में मुरलीधर राव और पंकजा मुंडे को साइडलाइन कर दिया गया। हांलाकि मुरलीधर राव की सुविधाओं को एमपी नेतृत्व ने काफी तरजीह दी थी लेकिन पार्टी की उपेक्षाओं में मुरलीधर राव खरे नहीं उतर पाए। वहीं इसके उलट कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल (JP Agrawal) की बात करें तो उनको बदलने से पहले कांग्रेस की ओर से लेजर जारी कर बताया गया। और रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है उसकी भी सार्वजनिक तरीके से घोषणा की गई थी लेकिन मुरलीधर राव के बारे में यह सवाल आज भी बना हुआ है कि कहां हैं भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव?