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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात
सोमवार को कैबिनेट का विस्तार होने के बाद मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व सीएम ने पुष्प गुच्छ देकर वर्तमान सीएम का पूरी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गौरतलब है कि डॉ. मोहन यादव का जब पहली बार सीएम बनाने के लिए नाम प्रस्तावित किया गया था तब भी डॉ. मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज के निवास पर सबसे पहले पहुंचे थे और उनके पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लिया था। गौरतलब है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान करीब 17 साल से ज्यादा मप्र के मुख्यमंत्री रहे हैं और सरकार चलाने का उन्हे काफी अनुभव है यही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पूर्व सीएम से मुलाकात करने पहुंचते रहते हैं जिससे समय-समय पर उनसे रायसुमारी कर सरकार को और बेहतर ढंग से चलाने की सीख ली जा सके।

'शिव' युग खत्म 'मोहन' युग में एमपी राम राज की रखेगा नींव
मप्र की मोहन सेना (mohan cabinet) तैयार हो चुकी है। राजभवन में 29 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। कुल मिला कर 18 साल के बिखरे रायते पर भारतीय जनता पार्टी ने झाडू मार दिया है और एक नए सीएम के साथ नए मंत्रियों की टीम तैयार की गई (mp cabinet)। सपोर्ट के लिए दो उप मुख्यमंत्री भी सरकार में बनाए गए हैं। जिस प्रकार का मंत्रिमंडल तैयार किया गया है उससे लोग चौक जरुर गए हैं। नए मंत्रिमंडल में पुराने मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को स्थान दिया गया है जिसमें तीन सिंधिया खेमे के हैं और पार्टी के स्थापित कार्यकर्ता विश्वास सारंग शामिल हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह और गोपाल भार्गव की मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई है। नई टीम में युवा और अनुभवियों का तालमेल बिठाया गया है। कैलाश विजयवर्गीय को एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं पहली बार के विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि प्रहलाद पटेल को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार से यह साफ हो गया है कि शिवराज युग का समापन कर दिया गया है। उनके जितने भी करीबी थे उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

मोहन मंत्रिमंडल की हुई शपथ,विंध्य के साथ धोखा,प्रमिमा बागरी बनीं राज्य मंत्री
मोहन मंत्रिमंडल (mp cabinet) की शपथ राज भवन में संपन्न हुई। इस मंत्रिमंडल में 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। सबसे खास बात यह है कि इस मंत्रिमंडल में दो ऐसे विधायकों को मंत्री बनाया गया है जो पहली बार चुन करके आए हैं। पहली बार जीत करने वाले मंत्रियों में प्रतिमा बागड़ी (pratima bagri) और नरेंद्र शिवाजी पटेल (narendra shivaji patel) शामिल हैं। लेकिन यहां पर भाजपा सरकार की ओर से एक बार फिर विंद को कहीं ना कहीं ठेंगा दिखाने का काम किया गया है। जी विंध्या ने भारतीय जनता पार्टी को 30 में 25 विधायक दिए हैं उसे बिंदु को मंत्र दो मंत्री दिए गए हैं। कौन मंत्रियों में एक उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला (rajendra shukla) तो दूसरी प्रतिमा बागड़ी राज्य मंत्री के रूप में शामिल हैं। मोहन मंत्रिमंडल में मालवा को काफी महत्व दिया गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात कर दी मंत्रियों की सूची
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) का आज विस्तार होने जा रहा है। इस विस्तार को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी कि आखिर वह कौन दिन और कौन सा वक्त होगा जब मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) अपने कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। लगातार दो दिनों तक दिल्ली में हुए मंथन के बाद मंत्रियों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को कल फिर बुलाया गया था और देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (amit shah) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को मंत्रियों की सूची सौंपी है। फिलहाल भाजपा की तरफ से यह कोई नहीं बता पा रहा कि कितने मंत्री शपथ ले रहे हैं (mp cabinet) और कौन-कौन नेता मंत्री बन रहे हैं। विधायकों को फोन करके गुप्त रूप से सूचित किया जा रहा है कि 3:30 पर उनको राजभवन में शपथ लेने के लिए पहुंचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में करीब 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। सभी लोकसभा सीटों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा छिंदवाड़ा को छोड़कर क्योंकि छिंदवाड़ा में भाजपा का एक भी विधायक नहीं जीत पाया है।

मुखबिर की खबर पर मुहर,आज होगी मोहन मंत्रिमंडल की शपथ,20 दिसंबर को मुखबिर ने प्रकाशित की थी खबर
मप्र सरकार के मंत्रिमंडल (mp cabinet) का शपथ ग्रहण समारोह आज अरीब 3.30 मिनट पर राजभवन में आयोजित किया जा रहा है। इसकी जनकारी Mukhbirmp.com ने 20 दिसंबर को अपने पाठकों को दी थी। गौरतलब है कि 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव और दो उप मुख्यत्रियों ने शपथ ली थी। तब से लगातार मंत्रिमंडल को लेकर कयासों का दौर चल रहा है। न्यूज चैनलों के माध्यम से रोजाना मंत्रिमंडल के शपथ की खबरें चलाई जा रही थी लेकिन इन सबसे अलग मुखबिर ने 20 दिसंबर को तय तारीख बताई थी आखिरकार उस खबर पर मुहर लगी और आज मोहन कैबिनेट का शपर ग्रहण होने जा रहा है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में 28 से 30 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है। मंत्रिमंडल में कुछ चौकाने वाले चेहरे भी देकने को मिलने वाले हैं। जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेनी है उन्हे गुप्त रुप से देर रात फोन पर जानकारी दे दी गई है। फिलहाल सभी जानकारियां गुप्त रखी जा रही हैं।

आसमान में मंत्रिमंडल के बादल घुमड़ने वाले हैं और मंत्रियों के नाम ओले की तरह झड़ने वाले हैं...
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) के साथ दो डिप्टी सीएम ने शपथ ले ली। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा (mp cabinet) लेकिन हफ्ते भर बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए। दो दिवसीय दिल्ली दौरा किया नड्डा,अमित शाह और मोदी से मिले लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल की सूची को अव अब तक तैयार नहीं कर पाए हैं। वहीं एमपी की बात करें तो लोगों के सब्र का बांध फूट रहा है। वाट्सेप ग्रुपों में अलग-अलग सूचियां वायरल हो रही हैं मानो मीडिया कर्मियों को मोहन यादव ने पहले ही सूचित कर दिया है कि वो किसको मंत्रिमंडल में शामिल कर रहे हैं। जबकि सच्चाई तो यही है कि अभी तक उनको खुद भी नहीं मालूम है कि उनके मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होने वाला है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि आसमान में मंत्रियों को लेकर बादल घुमड़ने लडे हैं और मंत्रियों के नाम पर ओलों की बारिश होने वाली है। फिलहाल तो सबकुछ कयासों पर ही चल रहा है। अब तो बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित चुप होकर बैठ गए हैं लेकिन कुछ छुटभैया पत्रकार इन दिनों भोपाल में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं जो बरसात के मेढक की तरह अलग-अलग सीजनों में दिखाई पड़ते हैं सरकार बनाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। आजकल उन्ही छुटभैया पत्रकारों का हर तरफ जलजला भी देखने को मिलता है। सम्मान के साथ हर वो चीज उनको उपलब्ध हो जाती है जो इंसान को जरुरी होती है। तो फिलहाल ऐसे छुटभैया पत्रकारों की न्यूजों से बच कर रहिए।

केन्द्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता,प्रदेश में और तेज होगी विकास की गति
केंद्र की ओर से मध्य प्रदेश सरकार को (mp government) 5727.44 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश को 5727.44 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होगी। बता दें कि अगले माह 10 जनवरी को लाडली बहना योजना (ladli behna yojana) की राशि जारी होनी है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किश्त के रूप में 72,961.21 करोड़ रूपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त की स्वीकृति दे दी है। आज जारी की गई किश्त 10 जनवरी 2024 को राज्यों को देय कर हस्तांतरण और 11 दिसंबर 2023 को पहले जारी की गई 72,961.21 करोड़ रुपये की किश्त के अतिरिक्त है। मध्यप्रदेश को दिसम्बर 2023 के लिये केन्द्रीय करों और शुल्कों की कुल प्राप्ति 5727.44 करोड़ रूपये मिलेंगे। गौरतलब है कि कि आगामी त्यौहारों के सीजन और नववर्ष को मद्देनजर, केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण उपायों और बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकारों की मदद के लिए 72,961.21 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त को स्वीकृति दी है।

फूफा के सीएम बनते ही भतीजी के दिन फिरे,दिया जा रहा स्पेशल ट्रीटमेंट
शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में तैनात सहायक प्रोफेसर डा. प्रज्ञा यादव (pragya yadav) इन दिनों सुर्खियों में हैं। रिश्ते में उनके फूफा डा. मोहन यादव (mohan yadav) अब मुख्यमंत्री हैं। फूफा के मुख्यमंत्री बनते ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भतीजी डा. प्रज्ञा यादव की सुख सुविधा की चिंता सताने लगी। निर्णय लिया गया है कि डा. प्रज्ञा को जो आवास आवंटित किया गया है, उसकी साज-सज्जा व मरम्मत कराई जाए। इसमें करीब 20 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। शहडोल में में विश्वविद्यालय परिसर स्थित शहीद पार्क के ठीक सामने उन्हें आवास आवंटित किया गया है, जिसे अब जर्जर घोषित करके हाउसिंग बोर्ड से मरम्मत कराई जा रही है। आवश्यक तोड़-फोड़ और रंगरोगन का काम शुरू हो चुका है। प्रयास यह है कि जितनी जल्दी हो सके, इस मकान को चकाचक कर दिया जाए। यह भी बता दें कि विश्वविद्यालय में डा. प्रज्ञा यादव की नियुक्ति डा. मोहन यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुई थी। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, इसलिए इसकी मरम्मत कराई जा रही है। इसमें समय तो लगेगा ही। तब तक डा. प्रज्ञा को दूसरी जगह शिफ्ट होने को कहा गया है। अभी इसका अंदाजा नहीं है कि कितना खर्च आएगा, लेकिन 20 लाख रुपये से ऊपर खर्च होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी के सांसदों को दिल्ली में दिया भोज
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने गुरुवार को प्रदेश के सांसदगण से रात्रिभोज पर प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की (madhya pradesh mp)। मध्य प्रदेश भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (shiv prakash), भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष,विष्णुदत्त शर्मा (vd sharma) और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद (hitanand) भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के लगभग 26 सांसद शामिल हुए। कार्यक्रम में विकसित भारत संकल्प यात्रा के समन्वय, भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रदेश में क्रियान्वयन और भारत सरकार के समक्ष लंबित प्रदेश से जुड़े विषयों पर संसदीय क्षेत्रवार चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसदों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुष्पगुच्छ, शाल, शिवलिंग और अन्य उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दी और प्रदेश के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि गुरुवार को विधानसभा सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा मंत्रिमंडल के विस्तार के लाए हुआ है। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल की सूची को अंतिम रुप देंगे।

कोई बात नहीं बीमारी आती है चली जाती है,सीएम मोहन यादव ने मरीज को बंधाया ढाढ़स
प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) हर क्षेत्र में सक्रिय नजर आने लगे हैं। मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा फोकस चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भोपाल के हमीदिया अस्पताल का दौरा किया और वहां की स्थिति को समझने का प्रयास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार देर रात कड़कड़ाती ठंड में फिर अस्पताल की तरफ रुख कर दिया। इस बार मुख्यमंत्री ने सुल्तानिया कैंसर अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में पहुंच कर मरीजों से मुलाकात की। लेकिन इस बीच जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने एक-एक मरीज से मुलाकात कर उनका न सिर्फ हालचाल जाना बल्कि मरीजों को ढाढ़स भी बंधवाया। एक मरीज के पास मुख्यमंत्री यादव पहुंचे जो बुजुर्ग ता और कैंसर पीड़ित था। मुख्यमंत्री ने उस मरीज से हालचार पूछते हुए उसकी बीमारी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे कैंसर है। डॉ. यादव को अपने पास देख उस मरीज का दर्द बाहर आ गया और वो रोने लगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने उस मरीज के आंसू पोछते हुए कहा कि कोई बात नहीं बीमारी आती जाती रहती है कैंसर भी आपरेशन से ठीक हो जाएगा। वो डॉक्टर से जाकर बात करेंगे। उसके बाद जब मुख्यमंत्री अपने आवास के लिए निकले तो कुछ मुस्लिम महिलाएं सड़क पर बैठी हुई मिली। मुख्यमंत्री ने अपना काफिला वहीं पर रुकवा दिया और उनसे हाल चाल पूछते हुए कहा कि आप कहां की हैं और यहां क्या कर रही हैं। अगर कोई समस्य है तो बताइए उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. यादव लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और यथा संभव मदद भी करने का प्रयास कर रहे हैं।

25 दिसंबर को होगा मप्र सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह
मप्र में 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी लेकिन मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाई गई (madhya pradesh cabinet)। मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में कुछ अलग प्रयोग करने की योजना तैयार कर रही है (mp cabinet)। नए चेहरों को भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन बार मंत्री बन चुके नेताओं के इस खाली बैठने की उम्मीद जताई जा रही है। जो विधायक दूसरी अथवा तीसरी बार लगातार चुनाव जीत कर आए हैं और उन्हे अब तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है ऐसे नेताओं पर भाजपा का फोकस ज्यादा है। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को भी भाजपा ज्यादा महत्व दे रही है। गौरतलब है कि साल 2020 में जब भाजपा की सरकार बनी थी जब क्षेत्रीय और जातीय समीकरण बिगड़ गया था जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में काफी असंतोष भी देखने को मिला। हांलाकि भाजपा संगठन की तरफ से भरपाई कर कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया था लेकिन इस बार की परिस्थितियां अलग हैं। केन्द्रीय नेत्रृत्व चाहता है कि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले और सभी वर्गों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिले जिससे किसी प्रकार के असंतोष के लिए जगह न बचे। दरअसल साल 2024 में लोकसभा चुनाव होना है और भारतीय जनता पार्टी इस बार एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने की योजना बना रही है यही कारण है कि भाजपा सभी क्षेत्रों और सभी जातियों को लेकर चलने का मास्टर प्लान तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि छिंदवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों से एक मंत्री बनाया जाएगा। छिंदवाड़ा से भाजपा का एक भी विधायक नहीं है इसलिए वहां कि जनता को एक भी मंत्री नहीं मिल पाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाने की योजना तैयार की गई है। तब तक भाजपा का केन्द्रीय नेत्रित्व वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर दिल्ली बुला रहा है और उन्हे बता रहा है कि इस बार आपको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा,आपके लिए पार्टी ने अलग भूमिका तैयार कर रखी है।

प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए बनेगा मार्केट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों की बैठक कर उन्हे निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए मार्केट बनाया जाना चाहिए (meat market)। मुख्यमंत्री ने मार्केट के निर्माण होने तक शेड की व्यवस्था कराने का भी निर्देश जारी किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ लेते ही खुले में मीट मटन बिकने पर सख्ती से ऐक्शन लेने का निर्देश जारी किया था जिसके बाद प्रशासनिक अमला हर्कत में आया जिसके चलते बहुत से ब्यापारियों की दुकानें बंद हो गई और वो बेरोजगार हो गए। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होने वैकल्पिक ब्यवस्था की है जिससे किसी भी ब्यापारी को समस्या न हो और नियम के अनुसार मीट मटन की दुकानें भी संचालित हों सकें और किसी को समस्या भी न हो। फिलहाल मुख्यमंत्री के नए निर्देश के बाद प्रशासन नई ब्यवस्थाएं करने में जुट गया है।