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'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
भोपाल

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप

कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।

18/8/2023148
भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भोपाल

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी

भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।

17/8/2023334
लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी
भोपाल

लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई। इसमें मप्र से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा,संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव शामिल हुए। केन्द्रीय नेताओं के सामने मप्र (MP BJP) ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा। इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सितंबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी,ताकि उन उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी विधानसभा सीटें चुनी गई हैं जिनमें पिछले तीन-चार या इससे अधिक चुनावों में हार रही भाजपा मजबूत तैयारियों के साथ जाना चाहती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल उत्तर और मध्य सीटों की सूची में रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम को बाहर रखा गया है। क्योंकि भाजपा इसे जीती सीट मान कर चल रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही भोपाल में प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी संगठन के प्रमुख लोगों के साथ बैठक लेंगे। बुधवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र के एक मात्र सदस्य सत्यनारायण जटिया शामिल हुए। पहली बार मप्र के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। बीच में अन्य राज्यों पर मंथन किया गया फिर करीब डेढ़ घंटे बाद मप्र को फिर बुलाया गया। जानकारी मिली है कि कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केन्द्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी है। बात स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सक्रिय है और केन्द्रीय नेतृत्व कांग्रेस को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहता जिससे एकबार फिर से एमपी में कांग्रेस को मौका मिल पाए।

17/8/2023154
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
भोपाल

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड

प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) अब जनता के बीच अपने काम का लेखा-जोखा लेकर जाएगी और फिर उसी के हिसाब से जनता से वोट मांगेगी। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा ना सिर्फ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी बल्कि साल 2003 के पहले वाले मध्यप्रदेश की तस्वीर भी जनता के सामने पेश करेगी। इतने सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के विकास की गति को तेज किया है उसका फल लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी को फ्लैशबैक में जाकर साल 2003 से पहले की तस्वीर से युवा पीढ़ी को अवगत कराएगी। भाजपा के नेताओं का मानना है कि जब भाजपा की सरकार बनी उस वक्त जो बच्चा था वो आज युवा है लिहाजा उसे दिग्विजय सरकार के कार्यकाल की ज्यादा जानकारी नहीं है इस लिए उन युवाओं को यह बताया जाएगा कि दिग्विजय सरकार में प्रदेश की क्या स्थिति थी। यही कारण है कि प्रदेश की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के हाथों अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख कर फिर कांग्रेस के जमाने की बात करेगी। रिपोर्ट कार्ड में सड़क,पुल-पुलिया सहित बिजली की आपूर्ति,सिंचाई का रकवा बढ़ा उसकी जानकारी दी जाएगी,युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए और फिर संविदा कल्चर समाप्त कर उन्हे नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी गई इतना ही नहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की गई जिसके कारण आज प्रदेश में सेक्स रेसियो भी बढ़ा यही कारण है कि अब सरकार चाहती है कि उसने जनता के हित में इतने फैसले लिए हैं तो उसका लाभ भी पार्टी को मिलना चाहिए इसी लिए अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को बताएगी कि इतने सालों में भाजपा की सरकार ने उनके लिए क्या किया। बांकी जो काम रह गए हैं उसके लिए सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र को तैयार करने में जुट गई है। 20 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह भोपाल और ग्वालियर दौरे पर रहेंगे इसी दौरान अमित शाह के हाथों मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर एकबार फिर भाजपा सरकार बनाने की नींव रखेंगे।

16/8/2023172
सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...
भोपाल

सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनते चले जा रहे हैं। उनकी सभाओं में बढ़ रही महिलाओं की भीड़ ने कमलनाथ की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस का कोई कार्ड मुख्यमंत्री के सामने नहीं चल पा रहा है। इसी फस्ट्रेशन में कांग्रेस ने फर्जी लेटर कांड गढ़ डाला। मुख्यमंत्री ना केवल महिलाओं के लिए बल्कि सभी समुदायों के लिए कोई ना कोई घोषणा कर रहे हैं। और सिर्फ घोषणाएं ही नहीं कर रहे उनका तत्काल क्रियान्वयन भी सीएम करवाते जा रहे हैं। इसी कारण कमलनाथ का कोई पत्ता नहीं चल पा रहा है। रीवा में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत तीसरी किस्त देने के बाद मुख्यमंत्री राखी के पहले 27 तारीख को कोई बड़ी घोषणा करने जा रहे हैं जिसका केन्द्रबिंदु भी लाड़ली बहने ही रहेंगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा कर रखा है कि लाड़ली बहना योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक की जाएगी। प्रदेश में सवा करोड़ लाभार्थी महिलाओं का वोट बैंक बनाने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने इतने ही परिवारों को अपने साथ जोड़ लिया है। क्योंकि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं उनको अपने तरफ करने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वोटबैंक भाजपा की तरफ मोड़ लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के लाभार्थी वोटबैंक की तर्ज पर मध्यप्रदेश में महिलाओं का वोटबैंक तैयार कर लिया है। जाहिर है कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री जैसा महिलाओं में लोकप्रिय नेता नहीं है। इस मामले में कमलनाथ उनके समक्ष खड़े भी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की है। इस घोषणा से भी भाजपा का वोटबैंक मजबूत होगा क्योंकि स्कूटी पूरे परिवार के काम आएगी। खास बात यह है कि यह स्कूटी इलेक्ट्रिकल होगी यानि पेट्रोल का टेंशन नहीं होगा। इस योजना को भी सीएम शिवराज का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बीस अक्टूबर तक सीएम शिवराज लाड़ली बहनों के खाते में करीब छह किस्त डाल चुके होंगे और फिर नवंबर में चुनाव होना है इसलिए माना जा रहा है कि लाड़ली बहना योजना सीएम शिवराज के लिए और सरकार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होने वाली है। अब कांग्रेस पार्टी यह योजना तैयार कर रही है कि सीएम की घोषणाओं का तोड़ कैसे निकाला जाए।

15/8/2023205
कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया समर्थक सिंधिया का छोड़ रहे साथ
भोपाल

कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया समर्थक सिंधिया का छोड़ रहे साथ

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेताओं का बीजेपी से पलायन जारी है. शुक्रवार को नीमच के वरिष्ठ नेता और सिंधिया के करीबी समंदर पटेल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. पिछले 2 महीने में मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से सिंधिया के 7 करीबी नेताओं ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। सिंधिया के जिन समर्थकों ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है, उनमें अधिकांश ग्वालियर-चंबल संभाग के हैं. ग्वालियर-चंबल संभाग सिंधिया राजघराने का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है. सिंधिया के सभी करीबियों को सीधे कमलनाथ ने कांग्रेस में शामिल कराया है। चुनावी साल में सिंधिया समर्थकों के बीजेपी से रुखसती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सियासी गलियारों में सवाल पूछा जा रहा है कि सिंधिया अपने लोगों को क्यों नहीं रोक पा रहे हैं? वहीं सिंधिया गुट का कहना है कि जो नेता बाहर जा रहे हैं, उनका कोई अपना जनाधार नहीं है। सिंधिया के किन-किन करीबियों ने छोड़ा बीजेपी का साथ? समंदर पटेल- नीमच जावद से 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं. पटेल चुनाव तो नहीं जीत पाए, लेकिन 33 हजार वोट लाकर कांग्रेस का खेल खराब करने में कामयाब रहे. सिंधिया ने बीजेपी का दामन थामा, तो उनके साथ हो लिए। बैजनाथ सिंह यादव– गुना-शिवपुरी में सिंधिया के करीबी रहे बैजनाथ यादव ने भी जून में कांग्रेस का दामन थाम लिया था. बैजनाथ यादव की पत्नी कमला यादव शिवपुरी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. यादव जब कांग्रेस में शामिल हुए तो 400 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे थे। जयपाल सिंह यादव- सिंधिया समर्थक जयपाल सिंह यादव चंदेरी से चुनाव लड़ चुके हैं. यादव की गिनती भी सिंधिया के खास लोगों में थी. हाल ही में अपने समर्थकों के साथ यादव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। यदुराज सिंह यादव– चंदेरी में मजबूत पकड़ है. संगठन के आदमी माने जाते हैं. सिंधिया चुनाव लड़ते थे, तो अशोकनगर में बड़ी भूमिका निभाते थे. जयपाल सिंह के साथ इन्होंने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है। रघुराज धाकड़– कोलारस से आते हैं और करीब 20 सालों से राजनीति में हैं. धाकड़ समाज के कद्दावर नेताओं में रघराज की गिनती होती है. कोलारस में धाकड़ समुदाय के करीब 25 हजार वोटर्स हैं। राकेश गुप्ता- शिवपुर में बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष पद पर थे. सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तो गुप्ता को जिले का कार्यकारी अध्यक्ष बनवाया था. शिवपुरी में सिंधिया के लोकसभा चुनाव मैनेजमेंट का काम गुप्ता ही देखते थे। गगन दीक्षित- सिंधिया फैंस क्लब के जिलाध्यक्ष पद पर थे. दीक्षित के साथ सांची जनपद पंचायत के अध्यक्ष अर्चना पोर्ते ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया था. रायसेन से सिंधिया के करीबी और शिवराज सरकार में मंत्री प्रभुराम चौधरी आते हैं। इन बड़े नेताओं के वापसी की अटकलें पूर्व विधायक एंदल सिंह कंसाना के भी कांग्रेस में वापसी की अटकलें हैं. कंसाना दर्जा प्राप्त मंत्री हैं. 2020 में सिंधिया के बगावत में शामिल थे, लेकिन उपचुनाव हार गए. सिंधिया के कहने पर कंसाना को मप्र राज्य कृषि उद्योग विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया। हाल ही में कांग्रेस के विधायक बैजनाथ कुशवाहा ने दावा किया कि कंसाना पार्टी में वापस आना चाहते हैं, इसलिए सिंधिया और दिग्विजय के द्वार का चक्कर लगा रहे हैं. हालांकि, कंसाना ने सफाई दी और सिंधिया के साथ ही रहने की बात कही। कंसाना के अलावा ग्वालियर-गुना के कई संगठन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है. कहा जा रहा है कि ये नेता टिकट को लेकर कांग्रेस हाईकमान से आश्वासन चाहते हैं. टिकट की हरी झंडी अगर मिल गई, तो तुरंत कांग्रेस का दामन थाम लेंगे। समर्थकों को बीजेपी में क्यों नहीं रोक पा रहे हैं ज्योतिरादित्य? 2020 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में आए, तो अपने साथ पूरे लाव-लश्कर लेकर आए. ग्वालियर-चंबल संभाग में कई जगहों से पूरी की पूरी कांग्रेस ही उस वक्त बीजेपी में शामिल हो गई. इसके बाद कयास लगने लगा कि 2023 के चुनाव में इन इलाकों से कांग्रेस का सफाया हो जाएगा। हालांकि, चुनाव से पहले जिस तरह सिंधिया के करीबियों की वापसी हो रही है, उसमें सवाल उठ रहा है कि आखिर सिंधिया अपने समर्थकों को बीजेपी में क्यों नहीं रोक पा रहे हैं?सिंधिया के करीबी और संगठन के नेता राकेश गुप्ता ने जब शिवपुरी बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तो उन्होंने एक पत्र जारी किया था.गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा था- भारतीय जनता पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एवं सम्मान न मिलने से मैं भाजपा के कल्चर को नहीं समझ पा रहा हूं। जानकारों का कहना है कि बीजेपी से आए कांग्रेस के संगठन नेताओं को यहां का कामकाज समझ नहीं आया. कुछ तो सत्ता के लालच में खुद को फिट कर लिया, लेकिन बहुत सारे अनफिट हो गए. यही अनफिट नेता अब घर वापसी कर रहे हैं। सिर्फ किचन कैबिनेट के लोगों को दिलाया पद- सिंधिया के साथ बीजेपी में गए एक बड़े धड़ा का आरोप है कि सिंधिया जब बीजेपी में जा रहे थे, तो सबको उचित सम्मान और पद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा करने में असफल रहे. सिंधिया सिर्फ अपने किचन कैबिनेट के लोगों को पद दिलाने में कामयाब हो पाए। बैजनाथ यादव ने सिंधिया का साथ छोड़ते हुए कहा था कि वे खुद पद पर चले गए, लेकिन उनकी कोई सुनता नहीं है. हम राजनीति करने आए हैं, जब लोगों की समस्याओं का हल नहीं कर पाएंगे तो फिर किस बात की राजनीति? भविष्य की चिंता भी साथ छोड़ने की वजह- सिंधिया समर्थक नेताओं को भविष्य की चिंता भी सता रही है. सिंधिया का दामन छोड़ने वाले समंदर पटेल जावद सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन वहां से मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा का पलड़ा भारी होने की वजह से सिंधिया ने समंदर को कोई आश्वासन नहीं दिया। इसी तरह धाकड़ की भी इच्छा कोलारस सीट से चुनाव लड़ने की थी, लेकिन उन्हें भी कोई आश्वासन नहीं मिला. सिंधिया खेमे के अधिकांश नेताओं के

14/8/2023102
देशभक्ति की अलख जगा कर भाजपा जनता के दिल में करेगी राज
भोपाल

देशभक्ति की अलख जगा कर भाजपा जनता के दिल में करेगी राज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ना सिर्फ पार्टी के लिए काम करना चाहती है बल्कि देश के बलिदानियों को याद करने का भी कोई मौका नहीं छोड़ती। यही कारण है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 13 से 15 अगस्त के बीच भाजपा प्रदेश भर में तिरंगा यात्रा निकालने जा रही है। और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी भाजपा मना रही है। इस दौरान भाजपा की ओर से मेरी माटी-मेरा देश अभियान के लिए भाजपा की ओर से टोलिया गठित की गई हैं। दरअसल पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान मेरी माटी-मेरा देश अभियान मनाने के लिए देश की जनता से आह्वान किया था। इसके अंतर्गत तिरंगा यात्राएं और हर घर तिरंगा अभियान चला कर भारतीय जनता पार्टी देश के युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाना चाहती है। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता महापुरुषों की मूर्तियों और स्मारकों पर माल्यार्पण करेंगे। 14 अगस्त को प्रदेश भर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस पूरे अभियान में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा खुद रुचि ले रहे हैं और इसी लिए उन्होने मेरी मेटी-मेरा देश अभियान के लिए टोलियों का गठन किया है। इस अभियान के माध्यम से भाजपा एक बार फिर प्रदेश (BJP MP) की जनता के बीच पहुंचना चाहती है। भाजपा एक तीर से दो शिकार कर रही है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के दिलों में देश भक्ति की अलख तो जगाएगी ही साथ ही जनता के बीच पहुंच कर भाजपा और कांग्रेस के बीच का फर्क भी बताएगी। भाजपा के कार्यकर्ता लोगों से संपर्क और संवाद करेंगे और उन्हे बताएंगे कि प्रदेश की शिवराज सरकार और देश की मोदी सरकार ने पिछले कुछ सालों में देश की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। भाजपा के नेताओं का मानना है कि राजनीति अपनी जगह होती है लेकिन देश के प्रति भक्ति अपनी जगह होती है और आने वाली पीढियों को देश भक्ति के प्रति जागरुक करना जरुरी है इसी लिए भाजपा की ओर से इस प्रकार से नवाचार किए जा रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि सिर्फ तिरंगा लहरा देना ही देश भक्ति नहीं अथवा आजादी का सम्मान नहीं है बल्कि देश के लिए जिन असंख्य लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दे दिया उनको याद करना और फिर उसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है तभी आज की नई पीढ़ी चन्द्रशेखर आजाद,मेता जी सुभाष चन्द्रबोष सहित अन्य बलिदानियों के बलिदान को समझेगी और आजादी की कीमत को पहचानेगी। क्योंकि इस आजादी के लिए देश के महापुरुषों ने बहुत कुछ किया है लिहाजा उके बलिदान को बताना देश के हर नागरिक का फर्ज है।

12/8/2023122
एमपी बीजेपी में संभालेंगे गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, बिहार के विधायक मोर्चा, 17 अगस्त से दमन-दीप में ट्रेनिंग
भोपाल

एमपी बीजेपी में संभालेंगे गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, बिहार के विधायक मोर्चा, 17 अगस्त से दमन-दीप में ट्रेनिंग

मध्यप्रदेश में भाजपा मिशन 2023 के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती। भाजपा ने अब नया प्लान तैयार किया है। भाजपा सभी 230 विधानसभा सीटों में एक-एक विधायक तैनात करेगी। विधायकों की ड्यूटी लगाने के लिए 4 क्लस्टर बनाए जाएंगे। भाजपा शासित राज्यों के विधायकों की ड्यूटी मध्यप्रदेश में लगाई जाएगी। उत्तरप्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र के भाजपा विधायकों को मप्र भेजा जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 15 अगस्त के बाद इन विधायकों को प्रभार की विधानसभा आवंटित कर दी जाएगी। जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव नहीं हैं, उन राज्यों के विधायकों को मप्र की जिम्मेदारी दी जाएगी। लोकल फैक्टर की स्क्रीनिंग और डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटी भाजपा दूसरे राज्य के विधायक को फिलहाल इसी महीने सात दिनों के लिए एमपी भेज सकती है। वो प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्र में जाकर स्थानीय पदाधिकारियों और समाज के प्रभावशाली लोगों से मिलकर जानकारी जुटाएंगे। कार्यकर्ताओं के बीच से मिले फीडबैक की रिपोर्ट भी पार्टी नेतृत्व को देंगे। जो फैक्टर ऐसे हैं, जिनकी वजह से चुनाव में असर पड़ सकता है। इसकी भी रिपोर्ट बनाकर पार्टी को देंगे। दूसरी तरफ जिले की सरकार की दमन-दीप में ट्रेनिंग दी जाएगी। इस साल के विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के तमाम वर्गों के साथ ही भाजपा समर्थित गांव और नगर के जनप्रतिनिधियों को खुश करने में जुटी है। अब दमन-दीप में मप्र के भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की अगले हफ्ते में ट्रेनिंग होगी। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय ने देश भर के जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के लिए राज्यों के अलग-अलग क्लस्टर बनाए हैं। और सभी को ट्रेनिंग खुद जेपी नड्डा देंगे। जानकारी के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को दमन-दीप के देवका बीच रिसॉर्ट में दो दिवसीय क्षेत्रीय पंचायत परिषद का आयोजन किया जाएगा। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और टेक्निकल एक्सपर्ट जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्षों को केन्द्र सरकार द्वारा गांव के विकास के लिए चलाई गई योजनाओं और भविष्य की रणनीति के बारे में बताएंगे।

11/8/2023135
पीसीसी चीफ कमलनाथ का फिर जागा आदिवासी प्रेम बताया कांग्रेस का परिवार
भोपाल

पीसीसी चीफ कमलनाथ का फिर जागा आदिवासी प्रेम बताया कांग्रेस का परिवार

आदिवासी दिवस के मौके पर पीसीसी चीफ कमलनाथ ने एक बीडियो जारी कर आदिवासियों को लेकर कई घोषणाएं करते हुए उन्हे कांग्रेस का परिवार बताया है। पीसीसी चीफ ने कांग्रेस सरकार द्वारा आदिवासियों के हित में किए गए कामों को भी गिनाया है। कमलनाथ ने कहा कि पेसा ऐक्ट,वन अधिकार सहित पूजा स्थलों पर आदिवासियों को कांग्रेस ने पूजा का अधिकार गिनाया है। इस दौरान पीसीसी चीफ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मप्र आदिवासियों के अपराध की राजधानी बन गया है। कमलनाथ ने सीधी पेशाब कांड का जिक्र करते हुए सरकार को आदिवासी विरोधी बताया है। पीसीसी चीफ ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर असली पेसा ऐक्ट लागू किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर फिर अवकाश घोषित कर उत्सव मनाया जाएगा और मध्यप्रदेश को आदिवासियों के लिए देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाया जाएगा। दरअसल, मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक की खासी अहमियत मानी जाती है. यहां आदिवासी वोट बैंक को सत्ता की चाबी माना जाता है. यानी जिस पार्टी को आदिवासी समुदाय का समर्थन मिलता है, उसे सत्ता मिलना भी तय माना जाता है. इसकी वजह भी है चूंकि, राज्य की 47 विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं. 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जबलपुर संभाग के आठ जिलों में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 13 सीटों में से 11 पर जीत हासिल की थी. जबकि शेष दो सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी।

9/8/2023106
तेजस्वी का चमका 'सूर्य' भाजपा युवा मोर्चा को मिली शक्ति
भोपाल

तेजस्वी का चमका 'सूर्य' भाजपा युवा मोर्चा को मिली शक्ति

भोपाल के एक दिवसीय दौरे पर आए भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबेधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को “सुविधा, सुरक्षा, सम्मान“ प्रदान किया है। गैस कनेक्शन के लिए उज्ज्वला, महिला शौचालयों के लिए स्वच्छता और घरों में नल के पानी के लिए जल-जीवन जैसी योजनाओं ने न केवल महिलाओं के जीवन को सरल बनाया, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ आत्मविश्वास की भावना भी प्रदान की। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में नव मतदाता नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर निर्भर है। मुद्रा योजना कार्यक्रम के अंतर्गत 27 करोड़ से अधिक महिलाओं को 68 प्रतिशत ऋण प्रदान किये गए हैं। इसने देश भर में करोड़ों महिलाओं को उद्यमी बनाकर वित्तीय रूप से स्वतंत्र होने में सक्षम किया है। देश में 3.18 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत, महिलाओं को परिवार का स्वामित्व दिया जा रहा है, इस प्रकार वो घरेलू निर्णय लेने में सक्रिय रूप से भागीदार बन रही हैं। मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में महिलाएं सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बहनों, बेटियों, महिलाओं के हित में जितनी योजनाएं चलायीं हैं देश के किसी अन्य प्रदेश में इतनी नहीं हैं। लाडली लक्ष्मी योजना से समाज में ऐतिहासिक परिवर्तन सामने आए हैं और हाल ही में लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से बहनों का न केवल आत्मसम्मान बल्कि आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सूर्या ने ककहा कि नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी ढ़ेरों योजनाओं से पूरे देश में बेटियों को गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में अपनाने की अपील की, जिसके परिणामस्वरूप ये जन अभियान में बदला और लिंगानुपात में क्रांतिकारी सुधार आए। पीएम मोदी ने वूमेन डेवलपमेंट की सोच को वूमेन लीड डेवलपमेंट के संकल्प में बदला और अवसरों के द्वार खोले। आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।

8/8/2023116
ना खाट पर ना चौपाल पर अब तो घर-घर भाजपा करेगी अबकी बार फिर भाजपा सरकार
भोपाल

ना खाट पर ना चौपाल पर अब तो घर-घर भाजपा करेगी अबकी बार फिर भाजपा सरकार

भारतीय जनता पार्टी ने मेगा प्लान तैयार करते हुए जनता का मूड भाजपा की ओर डायवर्ट करने की योजना पर काम शुरु कर दिया है। जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश भर की जनता के मन मस्तिस्क में यह बैठा दिया था कि कांग्रेस की सरकार आने वाली है और परसेप्शन को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने खत्म करने की योजना तैयार कर ली है। भाजपा ने मेगा प्लान तैयार करते हुए घर-घर चाय पीने की योजना तैयार की है। भाजपा की इस योजना के तहत पार्टी के एक कार्यकर्ता को पांच घरों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिसके तहत भाजपा का कार्यकर्ता एक दो दिन अंतर में अलग-अलग लोगों के घर पर चाय पीने जाएंगे। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता सरकार के कामों का बखान कर जनता का ना सिर्फ मूड परखने का काम करेंगे बल्कि उन्हे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए भी प्रेरित करेंगे। इतना ही नहीं भाजपा के हर कार्यकर्ता से साफ कहा जा रहा है कि वो रोजाना करीब दस लोगों को फोन लगाएं और उन्हे भाजपा सरकार के योजनाओं की जानकारी दें। भारतीय जनता पार्टी को इस बात का अहसास है कि उन्होने जनता की मांग को करीब-करीब पूरा कर दिया है अब जनता के बीच के मूड को बदलने की जरुरत है। इस बात में कोई शक नहीं कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों की नौ से 18 हजार वेतन किया तो पंचायत सचिवों को शासकीय सेवकों की तर्ज पर कर दिया है संविदा कर्मियों को भी सरकार ने नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं कर दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का भी सरकार ने मानदेय बढ़ा दिया है। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का भी मानदेय बढ़ाया गया है लाडली बहना योजना के तहत हर घरेलू महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं लिहाजा सरकार ने हर वर्ग को संतुष्ठ करने का प्रयास किया है और अब भाजपा की योजना है कि जनता की सरकार से जिन बातों को लेकर नाराजगी थी उन्हे खत्म कर दिया गया है और इसी लिए अब जनता का मूड बदलने की जरुरत है जिसके लिए हर घर में भाजपा के कार्यकर्ताओं को भेजने की योजना है ताकि वो अम जनता के घर पर जाएं चाय पियें और यह बताएं की सरकार ने उनके लिए क्या-क्या किया है और अबकी बार फिर भाजपा की सरकार बनाना क्यों जरुरी है।

8/8/202396
अब भाजपा क्रियान्वयन समिति का करेगी गठन,दिए गए टास्क की निगरानी करेगी समिति
भोपाल

अब भाजपा क्रियान्वयन समिति का करेगी गठन,दिए गए टास्क की निगरानी करेगी समिति

दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई भाजपा की हाई लेवल मीटिंग कर गई बिंदुओं पर चर्चा हुई है। सबसे पहले भाजपा ने हारी हुई सीटों पर जीत को लेकर मंथन किया है। ऐसी सीटें जहां पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा और और उन सीटों पर भी फोकस किया गया है जहां साल 2018 में भाजपा 500 से एक हजार वोट से चुनाव जीती थी अथला इतने ही वोटों से चुनाव हारी थी। भाजपा की इस बैठक में प्रत्येक नेताओं को 50 बूथों का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा प्रतिनिदियों को 15 सूत्रीय कार्यक्रम सौंपे गए हैं। भाजपा के बूथ प्रबंधन की कार्ययोजना के अनुरुप संभागीय सम्मेलनों के बाथ अब विधानसभावार कार्यकर्ता सम्मेलनों पर अब भाजपा फोकस कर रही है। दिल्ली की बैठक में ढाई महीने की कार्ययोजना तय की गई है। इस दौरान जो टास्क दिए जाएंगे उसका पालन हुआ या नहीं उसके लिए क्रियान्वयन कमेटी गठित करने पर भी फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि रविवार शाम को दिल्ली में अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में एमपी भाजपा की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित अन्य नेता भी इस बैठक में शामिल हुए। 12 अगस्त को पीएम मोदी भी सागर आ रहे हैं जहां वो संत रविदास के मंदिर की आधारशिला रखेंगे। भाजपा की हाई लेवल में पूर्व में निर्धारित की गई कार्ययोजना के तहत मोर्चा प्रकोष्ठ,विधायक-सांसद या कोई अन्य प्रतिनिधि,नगर निगम-नगर पालिका,पंचायत मंडी सहित 50 प्रतिनिधियों को 15 सूत्रीय कार्यक्रम सौंपे गए हैं। इसके तहत वो पंचायत सचिव,आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से लेकर बूथ में रहने वाले गणमान्य लोगों से मुलाकात करेंगे और उन्हे भाजपा सरकार के रहने और न रहने के मायने समझाएंगे। अगर कोई स्थानीय नेता से नाराज है तो उससे संवाद स्थापित कर नाराजगी दूर की जाएगी। दीवार लेखन कर मोदी-शिवराज सरकार की योजनाओं को जनता को बताने के निर्देश भी दिए गए हैं।

7/8/2023164
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