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भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची
भोपाल

भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची

भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची (MP BJP Candidate list) बहुत पहले आ चुकी है लेकिन दूसरी सूची पर रहस्य लगातार बरकरार है। कहा यह जा रहा है कि भाजपा (mp bjp) की दूसरी सूची को कांग्रेस के दो विधायकों ने रोक रखा है। यह दोनों विधायक बुंदेलखंड और ग्वालियर- चंबल के दो अलग-अलग क्षेत्र में कांग्रेस के गद्दार विधायक हैं। दोनों ही सीटें भाजपा के सर्वे में भी डेंजर जोन में रखी गई हैं, इसीलिए दोनों विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश जारी हैं। दोनों को भाजपा में प्रवेश दिलाने और उनका टिकट पक्का करवाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेता प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक सीट भी दरबार है तो दूसरी राजनगर। छतरपुर जिले की राजनगर सीट कांग्रेस के पास 2008 से है। यहां से कांग्रेस के कुमार विक्रम सिंह 'नाती राजा' ने पिछला चुनाव मात्र 632 वोटों से भाजपा के अरविंद पटेरिया को हराया था। वही ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से लखन सिंह यादव विधायक हैं। यह सीट 2008 में कांग्रेस के पास आई थी दरअसल दूसरी सूची में भी 35 ऐसी सिम शामिल हैं जिनमें कांग्रेस मजबूत है। गौरतला अब है कि भाजपा ने 17 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। दूसरी सूची पर भी 13 सितंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) राजनगर सीट पर जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। वही एक बड़े नेता भितरवार से लखन सिंह यादव को भाजपा में ले जाने के पक्षधर हैं। लाखन सिंह यादव मूल रूप से दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें कमलनाथ (kamal natha) सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरे बड़े नेता ने भितरवार के एक अन्य ओबीसी नेट का नाम प्रस्तुत किया है जो ग्वालियर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों सीटों के टिकट पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल दूसरी सूची जारी नहीं हो पा रही है।

19/9/2023157
जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
भोपाल

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा

कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।

17/9/2023165
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अब तक नहीं हुई पूरी,संविदा कर्मियों को नहीं मिला वेतन और सुविधा
भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अब तक नहीं हुई पूरी,संविदा कर्मियों को नहीं मिला वेतन और सुविधा

भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में चार जुलाई को संविदा महापंचायत का आयोजन किया गया था (samvida mahapanchayat)। प्रदेश भर से हजारों की संख्या में संविदा कर्मी (samvida karmchari) भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने संविदा कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की जिसमें सीएम शिवराज ने कहा कि संविदा कर्मियों को वेतन और सभी प्रकार की सुविधाएं नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर दिया जाएगा (samvida news)। सीएम की घोषणा से संविदा कर्मियों को जैसे संजीवनी मिल गई। लेकिन सीएम शिवराज द्वारा की गई घोषणा का पालन आज तक नहीं हुआ है। संविदा कर्मियों को लगा था कि वो जंग जीत गए हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि जंग अभी तक बांकी है। क्योंकि नियमितीकरण की मांग कर रहे संविदा कर्मियों के बीच पहुंच कर सीएम शिवराज ने उन्हे नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन और सुविधाएं देने का ऐलान तो कर दिया लेकिन वो सिर्फ ऐलान ही बन कर रह गया है। अगले महीने अक्टूबर में चुनाव आचार संहिता लगने की उम्मीद है। कहा ये भी जा रहा है कि दस अक्टूबर के बाद कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग सकती है। ऐसे में अगर सीएम की घोषणा को अधिकारी लागू नहीं कर पाए तो सीएम की घोषणा झूठी साबित पड़ जाएगी और लाखों की संख्या में अलग-अलग विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मियों का वोटबैंक भी भाजपा से छिटक जाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार सीएम ने घोषणा तो कर दी है लेकिन अब सरकार बजट की ब्यवस्था नहीं कर पा रही है। क्योंकि इस वक्त सरकार की नजर प्रदेश की आधी आवादी महिलाओं पर है। हर महीने लाड़ली बहना की किस्त देने में ही सरकार के पसीने छूट रहे हैं ऐसे में संविदा कर्मियों का वेतन बढ़ाना यानि सरकार के खजाने पर और बोझ बढ़ना है। सरकार पहले ही कर्ज लेकर लगातार घोषणाओं को पूरा कर रही है ऊपर से संविदा कर्मियों की मांग को पूरा करना सरकार के लिए टेढी खीर बनता जा रहा है। सीएम की घोषणा को दो महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है इस बीच संविदा कर्मियों को दो सैलिरी मिल चुकी है। मतलब सीएम की घोषणा के बाद हर संविदा कर्मी को करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हो चुका है। संविदा कर्मियों का इंतजार अब आक्रोश में तब्दील होता चला जा रहा है। संविदा कर्मियों के कुछ संगठनों से बात हुई तो उनका साफ कहना है कि इस महीने के 30 तारीख तक सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो सरकार के खिलाफ हल्लाबोल होगा और फैसला करके ही संविदा कर्मी लौटेंगे।

16/9/2023843
कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा
भोपाल

कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा

कांग्रेस पार्टी ने जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का रोडमैप जारी कर दिया है। 15 दिनों तक चलने वाली यात्रा 11 हजार 400 किलोमीटर का सफर तय कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा से होते हुए गुजरेगी। हर विधानसभा में भाजपा के नेता जनसभा को आयोजित करेंगे और इसके अलावा वो हर विधानसभा में नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन करेंगे (MP Elections)। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता घर-घर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ पर्चे वितरित करेंगे जिसमें मंहगाई,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा। इस जन आक्रोश यात्रा के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है (mp congress)। यात्रा का आगाज गणेश चतुर्थी से किया जाएगा मतलब साफ है कि सनातन को लेकर चल रहे विवाद को कांग्रेस यहां से खत्म करने की कोशिश कर रही है। प्रेसवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने इतने सालों में सिवाय घोटालों के और कुछ नहीं किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भाजपा को चार नाम भी दिए। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के चार नाम हैं बनावटी भाजपा,मिलावटी भाजपा,दिखावटी भाजपा और सजावटी भाजपा। कमलनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि आज प्रदेश की जनता इस सरकार से परेशान है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का माहौल पूरे प्रदेश में है। इंडिया गठबंधन पर जब कमलनाथ से सवाल किए गए तो वो टालते नजर आए और कहा कि अभी हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। कांग्रेस नहीं चाहती की इंडिया गठबंधन का कार्यक्रम भोपाल में हो और उसमें कोई भी गलती हो जिसका खामियाजा कां ग्रेस पार्टी को उठाना पड़े। यात्रा में कई वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया गया लेकिन महिलाओं को प्रभारी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है। हांलाकि इस मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सहयोगी के तौर पर कई महिला नेतृयों को इस यात्रा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

16/9/202385
19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा
भोपाल

19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा

भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी 19 सितंबर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) निकालने जा रही है। भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) की तर्ज पर कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के सात स्थान से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा और छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं होंगी। इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यात्रा के प्रभारी,जिला अध्यक्ष, प्रभारी और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की। यात्रा के दौरान घर-घर भाजपा सरकार के विरुद्ध जारी पार्टी का आरोप पत्र जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान मंहगाई,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,महिलाओं पर अत्याचार,अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न की घटनाओं को मुद्दा बना कर भाजपा सरकार को घेरा जाएगा। साथ ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा की जा रही घोषणाओं की स्थिति भी जनता के बीच रखी जाएगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार बनने पर विभिन्न वर्गों के हित में जो कदम उठाए जाएंगे,उसे भी प्रचारित किया जाएगा। यात्रा की पूरी रुपरेखा आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सार्वजनिक करेंगे।

15/9/2023174
सहकारी समितियों के कर्मचारी होंगे नियमित,चुनाव से पहले सीएम शिवराज का बड़ा दांव
भोपाल

सहकारी समितियों के कर्मचारी होंगे नियमित,चुनाव से पहले सीएम शिवराज का बड़ा दांव

विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक और बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं जिसके तहत प्रदेश की साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के 45 हजार कर्मचारियों को सरकार नियमित करेगी। इन्हे सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधा मिलेगी। वेतन का आधा हिस्सा शासन द्वारा संचालित उचित मूल्य की राशन दुकानों के सेल्समैन का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संबंध में 23 सितंबर को भोपाल के लाल परेड मैदान पर होने वाली सहकारी समितियों (cooperative society) की पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा की जा सकती है। प्रदेश में साढे चार हजार प्राथमिक कृषि साखा सहकारी समितियां हैं। इनमें 45 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। समितियों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण नियमित वेतन का भुगतान नहीं हो पाता है। छठा वेतनमान देने (6th pay commission) का निर्णय के बाद भी वह क्रियान्वित नहीं हो पा रहा है। इससे नाराज कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जिस तरह से सरकार ने अन्य कर्मचारी संवर्ग की समस्याओं का निराकरण किया है,उसी तरह सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार सेल्समैन को जो वर्तमान में पांच से लेकर साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं,उसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाएगा। समिति प्रबंधन के रिक्त पदों को 60 प्रतिशत सहायक समिति प्रबंधक का चयन करके किया जाएगा, 40 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होगी।

14/9/2023275
विपक्षी दलों पर गृह मंत्री ने किया करारा प्रहार,कहा गठबंधन के ताजिए भोपाल के तालाब में ठंडे पड़ जाएंगे
भोपाल

विपक्षी दलों पर गृह मंत्री ने किया करारा प्रहार,कहा गठबंधन के ताजिए भोपाल के तालाब में ठंडे पड़ जाएंगे

देश की सियासत में पीएम मोदी और प्रदेश की सियासत में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अलग पहचान है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अमित शाह (Amit Shah) हों अथवा पीएम मोदी (PM Narendra Modi)जब दोनों नेताओं का एमपी दौरा होता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra)को उनकी अगवानी का मौका मिलता है। गुरुवार को जब एक बार फिर एमपी दौरे पर पीएम मोदी (PM Modi in MP) आए तो उनकी अगवानी के लिए गृह मंत्री मौजूद थे। इस बीच जब गृह मंत्री ने देश के प्रधानमंत्री का स्वागत किया तो वो पल और वो तस्वीर देखने लायक ही थी। पीएम मोदी के रवाना होने के बाद गृह मंत्री ने विपक्षी दलों पर हमला बोल दिया। गृह मंत्री ने आई एन डी आई ए गठबंधन की पहली रैली पर तंज कसा और कहा कि भोपाल में होने वाली इस रैली के ताजिए भोपाल के बड़े तालाब में ही ठंडे पड़ जाएंगे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि घमंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नही है और उसके ताजिए भोपाल ताल में ही ठंडे हो जाएंगे।गठबंधन द्वारा मीडिया को लेकर लिए फैसले को भी उन्होंने इसे एमरजेंसी वाली मानसिकता बताया। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि घमंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नही है। यह गठबंधन बोलता कुछ है,करता कुछ है और होता कुछ और ही है। पहले गठबंधन के लोग सनातन धर्म के खिलाफ बोले,विरोध हुआ तो अब फिर नही बोलने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि इन्होंने गठबंधन जरूर बना लिया है मगर रहने वाले यह अलग अलग ही हैं।यह खुद भ्रम में हैं और इसी भ्रम में यह समाप्त भी हो जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि यह गठबंधन अपनीं पहली रैली भोपाल में करने वाला है । आप तय मानिए कि इस गठबंधन के ताज़िये का विसर्जन भोपाल तालाब में हो जायेगा। गठबंधन द्वारा चुनिंदा एंकरों और पत्रकारों के बहिष्कार के फैसले पर गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि जैसे इंदिरा जी ने एमरजेंसी लगा कर प्रेस को कुचला था उसका दमन किया था उसी दिशा में यह गठबंधन भी जा रहा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के इस फैसले से उसकी एमरजेंसी वाली मानसिकता भी सामने आ गयी है।

14/9/2023148
सीएम शिवराज की 'लाड़ली बहनों' को सौगात,450 रुपये में मिलेगी रसोई गैस
भोपाल

सीएम शिवराज की 'लाड़ली बहनों' को सौगात,450 रुपये में मिलेगी रसोई गैस

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों (Ladli behna yojana) को एक और बड़ी सौगात देते हुए उन्हे घरेलू गैस 450 रुपये में देने का ऐलान कर दिया है। उज्वला योजना (ujjwala yojana) में पंजीकृत 82 लाख उपभोक्ताओं के अलावा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत लगभग 15 लाख महिलाएं भी गैस सब्सिडी (gas cylinder subsidy) के लिए पात्र होंगी। कुल 97 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस योजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश में एक करोड़ 97 वे लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। केन्द्र सरकार के अनुदान और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित विक्रय दर 450 रुपये को कम करने के बाद जो राशि बचेगी,उसे हितग्राही के आधार लिंक खाते में बतौर अनुदान अंतरित कर दी जाएगी। योजना का लाभ उन्ही महिलाओं को मिलेगा,जिनके नाम गैस कनेक्शन होगा। सीएम शिवराज ने पहले यह घोषणा की थी कि सावन के महीने में जिन लाड़ली बहनों ने रसोई गैस सिलेंडर भरवाए हैं,उन्हे 450 रुपये अनुदान दिया जाएगा। अब उसी योजना को विस्तार देते हुए इस ब्यवस्था को परमानेंट कर दिया गया है। एक सितंबर से प्रधानमंत्री उज्वला योजना और लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत वे महिलाएं,जिनके नाम घरेलू गैस सिलेंडर के कनेक्शन हैं, उन्हे अब 450 रुपये में रसोई गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उज्वला योजना में 200 रुपये का अनुदान केन्द्र सरकार पहले से दे रही है। प्रतिमाह एक सिलेंडर पर अनुदान मिलेगा।

13/9/2023141
ई-बाइक से अब भाजपा प्रदेश की पगडंडियों में करेगी पार्टी का प्रचार
भोपाल

ई-बाइक से अब भाजपा प्रदेश की पगडंडियों में करेगी पार्टी का प्रचार

भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार का नया तरीका इजात किया है। यह नया तरीका लोगों को कितना पसंद आएगा ये तो बाद की बात है लेकिन जिस प्रकार से भाजपा के प्रचार का यह तरीका गांव की पगडंडियों में उतरेगा तो उसको देखने के लिए ग्रामीण लोग उस वाहन तक जरुर पहुंचेंगे। दरअसल भाजपा की तरफ से ई-बाइक को चुनाव प्रचार का जरिया बनाया गया है (BJP E bike)। यह तरीका एमपी के लिए नया है लेकिन इससे पहले इस तरीके को भाजपा गुजरात में अपना चुकी है जो सफल भी रहा है। जिस निजी एजेंसी ने इस ई-बाइक को तैयार किया है उसी एजेंसी ने गुजरात भाजपा संगठन को 180 ई-बाइक तैयार करके दिया था। इस ई-बाइक के माध्यम से भाजपा का मक्शद उन सुदूर अंचलों तक पहुंचने का इरादा है जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। यानि मतलब साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों में इन ई-बाइक के माध्यम से भाजपा प्रचार करेगी (MP Elctions 2023)। ई-बाइक की खासियत यह है कि इनमें पेट्रोल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी इस बाइक में पीछे एक टीवी स्क्रीन लगाई गई है जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। आवाज तेज आए इसलिए ई-बाइक में दो स्पीकर भी लगाए गए हैं जिसमें 200 मीटर से ज्यादा दूरी तक आवाज आती है। निजी कंपनी के संचालक ने बताया कि इसकी कीमत एक लाख 15 हजार रुपये है। अभी डेमो के तौर पर एक बाइक मंगाई गई है पार्टी की ओर से आर्डर मिला तो बड़ी संख्या में ई-बाइक पर्चेस की जाएंगी। मतलब साफ है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा कोई भी तरीका अपनाने के लिए तैयार है। अब देखना यही दिलचश्प होगा कि भाजपा के इस तरीके को प्रदेश की जनता कितना पसंद करती है।

12/9/202397
जमीनी कार्यकर्ताओं पर भाजपा का फोकस,कल दिल्ली में हो सकती है बैठक,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भोपाल

जमीनी कार्यकर्ताओं पर भाजपा का फोकस,कल दिल्ली में हो सकती है बैठक,दूसरी सूची जल्द होगी जारी

भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी करने की तैयारियों में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक (BJP Meeting) के दौरान सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कांग्रेस जहां भाजपा के बड़े नेताओं को शामिल कर रही है तो भाजपा का फोकस जमीनी नेताओं पर है। जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) में ऐसे तीन हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ताओं को अब तक की सदस्यता दिलाई जा चुकी है। दरअसल केन्द्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि बड़े नेताओं के स्थान पर उन लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए जो जमीनी स्तर पर पकड़ रखते हैं। 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ (Karyakarta Mahakumbh) से पहले 50 हजार कार्यकर्ता भाजपा की ओर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कांग्रेस सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। भाजपा इन दिनों पंचामत से लेकर मंडल स्तर पर सक्रिय दूसरे दलों के प्रभावी कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है। पिछले महीने जब गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली थी तब उन्होने पार्टी नेताओं को जमीन पर आधार को मजबूत करने के लिए कुछ रणनीतिक नुस्खे दिए थे। इस बार पार्टी बड़े चेहरों से ज्यादा फोकस निचले स्तर पर बूथों पर सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने पाले में खींचने पर काम कर रही है। सतना के रैगांव विधानसभा में चार सितंबर को गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) की उपस्थिति में कई पंचायतों के 130 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली थी। पंधाना विस क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसी प्रकार प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) कई सरपंचों और अन्य प्रभावशाली लोगों को भाजपा की सदस्यता दिला चुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में पीएम मोदी की मौजूदगी में हजारों लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा सकती है जिसमें कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

11/9/2023185
कांग्रेस में टिकट के लिए स्थानीय नेताओं की सहमति होगी जरुरी
भोपाल

कांग्रेस में टिकट के लिए स्थानीय नेताओं की सहमति होगी जरुरी

मिशन 2023 फतह करने में जुटी कांग्रेस पार्टी (mp congress) में इन दिनों बड़ी संख्या में बाहरी नेताओं का दाखिला हो रहा है। लेकिन उन्हे चुनाव लड़ने के लिए टिकट तभी मिलेगा जब स्थानीय स्तर पर सहमति बनेगी। दरअसल अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस में शामिल हो रहे नेताओं को लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में नाराजगी का आलम देखने को मिल रहा है यही कारण है कि कांग्रेस ने स्थानीय महत्व देते हुए कहा है कि टिकट उसी को दिया जाएगा जिसको लेकर पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं में सहमति होगी। पार्टी की सदस्यता दिलाने के लिए जिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ पहले बैठक की जाती है,फिर उनकी उपस्थिति में ही पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई जाती है,ताकि विरोध जैसी स्थिति ना बने। प्रत्याशी चयन में भी इसी तरह सावधानी बरती जा रही है। यही कारण है कि संभावित दावेदारों की जानकारी ब्लॉक इकाई तक से लग गई है। कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के साथ भाजपा में जाने वाले नेताओं की बड़ी संख्या में वापसी हो चुकी है। इसमें ग्वालियर,दतिय,शिवपुरी,गुना,अशोकनगर,निवाड़ी,टीकमगढ़,धार,देवास सहित अन्य जिलों के भाजपा से जुड़े नेता अधिक हैं। कोलारस से भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इनके पार्टी में आने से अंदरखाने में चर्चा प्रारंभ हो गई है कि इन नेताओं को कुछ विधानसभा में प्रत्याशी भी बनाया जा सकता है। ऐसे में चुनाव के दौरान इनका विरोध न हो,इसलिए यह तय किया गया है कि स्थानीय स्तर पर सहमति के बिना टिकट नहीं दिया जाएगा। दरअसल जब सिंधिया के साथ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भाजपा में गए थे,तब स्थानीय स्तर पर समीकरण गड़बड़ाए और इसका नुकसान पार्टी को नगरीय निकाय चुनाव में भी उठाना पड़ा। अब तो पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी कह दिया है कि किसी को भी पार्टी में तब तक नहीं लिया जाएगा,जब तक स्थानीय इकाई सहमति नहीं देती है।

10/9/2023121
जनआशीर्वाद यात्रा में भाजपा के ट्रंप कार्ड बने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा
भोपाल

जनआशीर्वाद यात्रा में भाजपा के ट्रंप कार्ड बने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा

भारतीय जनता पार्टी की इस समय प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) चल रही है। इस यात्रा में भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश इकाई के सभी नेता अपने स्तर पर भूमिका निभा रहे हैं लेकिन इन सभी नेताओं में जिस प्रकार की भूमिका गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) निभा रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ संकट मोचक की भूमिका में होते हैं बल्कि भाजपा के ट्रंप कार्ड भी नरोत्तम मिश्रा साबित हो रहे हैं। गिनती के लिए भाजपा में बहुत सारे ब्राम्हण नेता हैं लेकिन वो सारे नेता सरनेम के ब्राम्हण नेता साबित हुए हैं। वहीं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की बात की जाए तो वो मन और कर्म दोनों से ब्राम्हण हैं। यह बात प्रदेश में किसी से छुपी नहीं हैं। हांलाकि उनका ब्योहार जिस स्तर का है तो हर वर्ग उनसे जुड़ा है और वो हर वर्ग को महत्व देते हैं लेकिन हर समाज का ब्यक्ति अपने समाज के किसी ब्यक्ति को ही अपना नेता मानता है यही कारण है कि सवर्ण बाहुल विंध्य में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की लोकप्रियता को देखते हुए उनकी ड्यूटी लगाई गई और अब ग्वालियर-चंबल में भी गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जनता का आशीर्वाद लेने के लिए मैदान में उतार दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि गृह मंत्री की भाजपा में किस प्रकार की स्वीकार्यता है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ सदन के अंदर विपक्षी दलों को करारा जवाब देने में माहिर माने जाते हैं बल्कि चुनावी मैदान में वो एक बब्बर शेर की तरह हो जाते हैं। जिनको पार्टी कठिन लक्ष्य देती है और वो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल भी कर लेते हैं। रविवार को गृह मंत्री भिंड जिले में जनआशीर्वाद यात्रा में निकले जहां स्थानीय जनता ने उनका जमकर समर्थन किया। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता उनके पास अपनी आस्था के अनुरुप हार लेकर आती है तो वो खुद अपना सम्मान कराने के बजाय जनता का ही सम्मान करने लगते हैं। उनकी यही सहजता और सरलता उनको अन्य नेताओं से अलग बना देती है।

10/9/2023115