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ब्राम्हण, बनिया को जेब में रखने वाले बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को चुपके से किया साइडलाइन
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (Muralidhar Rao) कहां हैं भाजपा का कोई भी पदाधिकारी जवाब देने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। दरअसल भाजपा के प्रदेश प्रभारी (MP BJP State incharge) मुरलीधर राव को सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए एमपी भेजा गया था लेकिन मुरलीधर राव का कार्यकाल भाजपा के अन्य प्रदेश प्रभारियों की तुलना में सबसे ज्यादा खराब गुजरा है। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद बीजेपी में प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक गुटबाजी हो गई थी। मुरलीधर राव ना संगठन में समन्वय बना पाए और ना ही सरकार में समन्वय बना पाए। मुरलीधर राव ही थे जिन्होने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ब्राम्हण और बनिया को अपने जेब में रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी की सोच यहीं से जनता के सामने आई। मुरलीधर राव के रहते भाजपा में इतना असंतोष की स्थिति निर्मित हुई की केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी के पूरे संगठन को टेकओवर कर लिया। इसलिए प्रदेश चुनाव प्रभारी के रुप में भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav), सह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को बनाया गया। और चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) को बनाया गया। भाजपा में ये भी पहली बार देखने को मिला कि जब उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हुई उसके बाद भाजपा के सिटिंग एमएलए ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। मुरलीधर राव के प्रदेश प्रभारी रहते भाजपा टुकड़ों और धड़ों में बंट गई थी। यही कारण है कि केन्द्रीय नेतृत्व ने पार्टी के बिखराव का सारा ठीकरा मुरलीधर राव के ऊपर फोड़ कर उन्हे साइडलाइन कर दिया है। अब भाजपा की किसी भी बैठक में मुरलीधर राव और पंकजा मुंडे को साइडलाइन कर दिया गया। हांलाकि मुरलीधर राव की सुविधाओं को एमपी नेतृत्व ने काफी तरजीह दी थी लेकिन पार्टी की उपेक्षाओं में मुरलीधर राव खरे नहीं उतर पाए। वहीं इसके उलट कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल (JP Agrawal) की बात करें तो उनको बदलने से पहले कांग्रेस की ओर से लेजर जारी कर बताया गया। और रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है उसकी भी सार्वजनिक तरीके से घोषणा की गई थी लेकिन मुरलीधर राव के बारे में यह सवाल आज भी बना हुआ है कि कहां हैं भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव?

भाजपा की तस्वीर से अमित शाह गायब,अब जेपी नड्डा यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) का आगाज करने जा रही है। लेकिन यात्रा के पहले ही भारतीय जनता पार्टी में चल रहे आपसी विवाद और मन मुटाव की तस्वीर सामने आने लगी है। दरअसल दो दिन पहले भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भाजपा की तरफ से जन आशीर्वाद यात्रा का प्रारुप बताने के लिए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की तरफ से एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया था। प्रेसवार्ता के दौरान एक होर्गिंग लगाई गई थी जिसमें पीएम मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर के साथ एमपी के कुछ कद्दावर नेताओं की तस्वीर लगाई गई। लेकिन उस तस्वीर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को स्थान नहीं दिया गया था जबकि अमित शाह को ही चित्रकूट से पहली विकास यात्रा (vikas yatra) को हरी झंडी दिखानी थी। पोस्टर में एक और मजे की बात देखने को मिली कि भूपेन्द्र सिंह को विकास यात्र की टोली का संयोजक बनाया गया है लेकिन पोस्टर में भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को स्थान नहीं दिया गया। हांलाकि भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच भी चल रही है यही कारण हो सकता है कि भाजपा भूपेन्द्र सिंह को लाइमलाइट से दूर रख कर उनकी संगठनात्मक काबिलियत का फायदा उठाना चाहती होगी। लेकिन महत्वपूर्ण यही है कि इस पूरी भूमिका में जिस प्रकार से अमित शाह को पोस्टर से गायब किया गया वो राजनीतिक पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है और सभी इस सवाल का जवाब ढूंढ़ रहे हैं कि आखिर अमित शाह को पोस्टर से गायब क्यों किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी अमित शाह को हुई तो उन्होने काफी नाराजगी ब्यक्त की बात यहीं खत्म नहीं हुई अमित शाह ने चित्रकूट आने से इंकार कर दिया जिसके बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चित्रकूट आकर जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। गौरतलब है कि भाजपा के सर्वे के अनुसार विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज है जिनको मनाने के लिए भाजपा की ओर से अलग-अलग प्रयास किए गए लेकिन नतीजा शिफर ही रहा है। इसी लिए अब भाजपा ने विंध्य से जन आशीर्वाद यात्रा का आगाज करने की योजना तैयार की है।

भांजियों और लाड़ली बहनों के बीच सीएम शिवराज की बढ़ी लोकप्रियता,भाजपा की रिपोर्ट में आया सामने
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी में सीएम शिवराज के आगे किसी अन्य चेहरे की स्वीकार्यता नहीं है (Shivraj Singh Chouhan) । दरअसल लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) लांच होने के बाद भाजपा के केन्द्रीय संगठन ने प्रदेश भर में गुप्त तरीके से एक सर्वे करवाया है (bjp survey)। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहनों और भांजियों के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता बढ़ी है। रिपोर्ट आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब 'मामा-भांजी और बहना' के रिस्ते को भुनाने में जुट गई है। रिपोर्ट के मुताबिक लाड़ली बहना योजना लांच होने के बाद एक करोड़ 25 लाख परिवार सीएम शिवराज से सीधे जुड़ गया है और इस योजना के कारण सीएम शिवराज की छवि भी सुधर गई है। भांजियों को इस सर्वे में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि लाड़ली लक्ष्मी योजना (ladli lakshmi yojana) का लाभ उठा चुकी हजारों युवतियां इस बार मतदान करने वाली हैं। रिपोर्ट को आधार बना पर महिलाओं के अधिकतम वोट पाने के लिए भाजपा ने अलग से रणनीति बनाना शुरु कर दिया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सर्वे करवा कर यह जानने का प्रयास किया गया कि आम जनता के बीच भाजपा सरकार और खासतौर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि कैसी है। रिपोर्ट में महिलाओं में सरकार की अधिक लोकप्रियता की बात सामने आने से भाजपा खुश है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस वोटबैंक के डगमगाने के आसार भी नहीं हैं। भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं की भी स्थिति जानने का प्रयास किया गया है। भाजपा रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं का भरोसा कांग्रेस नेताओं के प्रति कम है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि लाड़ली बहना और अन्य महिला केन्द्रित योजनाओं से ही सीएम शिवराज की लोकप्रियता का ग्राफ ऊंचा हुआ है। भाजपा की सरकार ने महिलाओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय होने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरल-सहज छवि है। खासतौर से उनके द्वारा महिलाओं से भाई यानि उनके बच्चों के मामा का जो रिश्ता बनाया है उससे ग्रामीण महिलाओं में मुख्यमंत्री की छवि अमिट छाप बनाई है। महिलाएं मुख्यमंत्री को आम जनता के बीच आम आदमी मानती हैं। लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के साथ शिवराज सिंह की छवि बनाने में राज्य सरकार की महिलाओं के लिए बनाई गई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी अहम योगदान है।

केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी में सात मंत्री भेजे,सभी 230 सीटों की टटोली जा रही नब्ज
मप्र चुनाव के लिए भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तरप्रदेश से सात मंत्रियों को मप्र भेजा है। ये मंत्री अलग-अलग संभागों में जाकर चुनावी प्रबंधन का काम देखेंगे (MP Elections)। इन मंत्रियों द्वारा अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी। वहीं प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में भेजे गए प्रवासी विधायक भी अपने-अपने राज्य वापस लौट गए हैं। इन विधायकों ने सात दिन के प्रवास के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने का प्रयास किया। बाहरी विधायकों ने पार्टी के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। वो स्थानीय प्रतिष्ठित रहवासियों से भी मिले और उन्हे भाजपा की केन्द्र और प्रदेश सरकार के कामों की जानकारी दी। दूसरी तरफ चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। सोमवार को प्रदेश कार्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ,गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) सहित शीर्ष नेतृत्व ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की। बैठक में नेताओं से कहा गया कि सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुट जाएं। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (Shivprakash) के नेतृत्व में हुई बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। विशेष कर जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी,गृह मंत्री अमित शाह,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकान नड्डा (JP Nadda) के प्रदेश प्रवास पर मंथन किया गया। बैठक में कहा गया कि टिकट मिलने या ना मिलने का असर किसी भी स्तर पर चुनावी तैयारियों पर नहीं पड़ना चाहिए,जिन सदस्यों को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौपी ग ई है और वो चुनाव लड़ने के आकांक्षी हैं,उन्हे यह ध्यान रखना होगा कि पार्टी जिसे प्रत्याशी बनाए उन्हे पूरी मेहनत के साथ चुनाव जिताना होगा। प्रत्याशियों की पहली सूची (candidate list) जारी होने के बाद कुछ स्थानों पर इठ रहे विरोध पर भी बैठक में चर्चा हुई। वरिष्ठ नेताओं ने साफ कहा है कि इस तरह का विरोध अनुचित है और उसे समय रहते सुलझाना होगा। किसी भी स्तर पर इस तरह की परिस्थितियां खड़ी नहीं होनी चाहिए,इस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। बैठक में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि हम सभी का उद्देश्य पार्टी को जीत दिलाना होना चाहिए। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री,गृह मंत्री जैसे वरिष्ठ नेता मध्यप्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। पार्टी को इन लोकप्रिय नेताओं की बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचानी है। इसके लिए सदस्य ऐसी व्यवस्था करें इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिल सके।

महाकाल लोक घोटाले के आरोपी मंत्री भूपेन्द्र सिंह बनाए गए जन आशीर्वाद यात्रा के संयोजक
भारतीय जनता पार्टी तीन सितंबर से प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) निकालने जा रही है। इस यात्रा को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए आठ सदस्यीय केन्द्रीय टोली का गठन किया गया है। टोली की खास बात ये है कि उसका संयोजक नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को बनाया गया है। भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ महाकाल लोक (Mahakal Lok) के घोटाले का आयोप है और आय से आधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच चल रही है। महाकाल लोक का घोटाला सामने आने के बाद भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के मंत्री इन वेटिंग के लिए भी चुना गया था लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी पीएमओ तक पहुंची थी तो भूपेन्द्र सिंह को पीएम मोदी के स्वागत से अलग कर दिया गया था और उनकी जगह पर संगठन के नेताओं ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) का स्वागत किया था। कुछ समय तक संगठन और सरकार की ओर से मंत्री भूपेन्द्र सिंह को साइडलाइन किया गया लेकिन अब संगठन ने भूपेन्द्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देकर यह बता दिया है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं वो निराधार हैं। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही है। कांग्रेस ने उन पर पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे और इसे लेकर 11 मई 2023 को लोकायुक्त को शिकायत की थी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) का कहना है कि जिस मंत्री के खिलाफ आय से अधिक मामले की जांच चल रही है उस मंत्री को भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा का संयोजक बना कर प्रदेश की जनता के सामने संदेश क्या देना चाहती है। मतलब साफ है कि मंत्री भूपेन्द्र सिंह को लेकर एक बार फिर प्रदेश में सियासत रौद्र रुप लेने वाली है।

लाड़ली बहनों को सीएम शिवराज की सौगात,450 रुपये घरेलू गैस में मिलेगी सब्सिडी,250 रुपये मिले
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित लाड़ली बहना (ladli behna yojana) कार्यक्रम में सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं एक संकल्प ले रहा हूं प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाएगा और जहां आधी से ज्यादा बहनें नहीं चाहेंगी, वहां पर शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। नशा सबसे ज्यादा बहनों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करता है। दूसरी चीज, स्थानीय निकाय के चुनाव में बहनों को आरक्षण दिया ताकि बहनें पंच, सरपंच और अध्यक्ष बनें। पुलिस भर्ती में बेटियों को 30% प्रतिशत आरक्षण दिया। अभी तक पुलिस भर्ती में 30% भर्ती बेटियों की होती थी अब 35% बेटियों की पुलिस में भर्ती होगी। ममुख्यमंत्री ने कहा कि हम ये भी फैसला कर रहे है बाकी सभी भर्तियों में 35% भर्तियां बेटियों की होगी। सरकारी पदों में भी कई पद ऐसे होते हैं जिनमें सरकार नियुक्त करती है उन पदों पर भी 35% नियुक्तिया महिलाओं की होगी। मैंने प्रयास किया बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी बनाऊँ, इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा का सारा खर्च सरकार उठा रही है। सीएम शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पैसा होता है तो दुनिया पूछती है। बहनों तुम्हारे आंसू, दुःख और तकलीफ पी जाऊंगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई जिसमें हर पात्र बहना को एक हजार रूपये प्रतिमाह दे रहा हूं।एक हजार रुपए मिल रहे है तो उन पैसों से बहनों ने काम-धंधे शुरू किये है। आजीविका मिशन की बहनें 10 हजार रुपए प्रतिमाह कमाए ये मेरा संकल्प है। संपत्ति माँ, बहन और बेटी के नाम पर खरीदी जाएगी तो उनसे 1% शुल्क लिया जाएगा। रक्षाबंधन का संकल्प है जिन बहनों के पास घर नहीं है उन्हें घर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि आज मैं ये फैसला कर रहा हूँ कि बढ़े हुए बिजली के बिलों की वसूली नहीं होगी, मैं उन बिलों का इंतजाम करूँगा, सितम्बर में बढ़े हुए बिल जीरो हो जाएंगे। गरीब बहना का बिल केवल 100 रुपए आए, इसका इंतजाम किया जाएगा। 20 घरों की बस्ती है तो वहाँ भी बिजली ले जाऊंगा, इसके लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था मैंने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसी क्षण सिंगल क्लिक से रक्षाबंधन के लिए 250 रुपए सवा करोड़ बहनों के खातों में डालूंगा जिससे राखी का त्योहार अच्छे से मनाया जा सके। सावन के महीने में रसोई गैस 450 रुपये में दी जाएगी। इसके बाद पर्मानेंट व्यवस्था बनाऊँगा, ताकि बहनें परेशान न हों। अब अक्टूबर माह से लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों के खातों में रु. 1,250 की राशि डाली जाएगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि रु. 1,250 से बढ़ाकर धीरे-धीरे रु. 3 हजार तक करूँगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं के बाद कांग्रेसी खेमें में हलचल मज गई नतीजा ये निकला कि पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की जनता को 11 वचन दिया और कहा कि वो कांग्रेस के वचन पर विश्वास रखें। कांग्रेस जो कहती है वो करती है।

भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान
भारतीय जनता पार्टी ने नए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का काम शुरु कर दिया है (new voter membership campaign)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) ने नव मतदाता सदस्यता अभियान (Nav Matdata Sadasyata Abhiyan) का आगाज किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख नव मतदाता जुड़े हैं और ये वो मतदाता हैं जिन्होने अभी 18 साल की उम्र पार की है। लिहाजा युवा शक्ति को अपनी तरफ करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है (bjp masterplan) विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा है और उस प्रतिशत को पाना है तो भाजपा को युवाओं के साथ की जरुरत पड़ेगी। युवा वर्ग को भाजपा विकास की बात बताएगी,18 साल में सरकार द्वारा किए कामों को बताएगी और फिर 2003 के पहले की तस्वीर भी भाजपा युवाओं को दिखाएगी । यानि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) कार्यकाल की बातें युवाओं को बताई जाएंगी। उस दौरान की वीडियो क्लिपिंग भी युवाओं को दिखाई जाएंगी। जिससे उन्हे भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का अंतर समझ में आ सके। भारतीय जनता पार्टी का मक्शद साफ है कि युवाओं को महिलाओं को और शासकीय कर्मचारियों को अपनी तरफ कर लिया गया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा भाजपा ने मौके पर चौका मारने का प्रयास किया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाजपा की रीति नीति बताई जाएगी काम करने का तरीका बताया जाएगा तो युवा वर्ग भाजपा में जरुर जुड़ेंगे। और जब युवा जुड़ेगा तो वो अपने घर के वोट भी पार्टी में लेकर आएगा। नव मतदाता अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया है इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।

तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार
शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार फिलहाल अटक गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) दो दिन के लिए राजधानी से बाहर हैं। हांलाकि मंत्री बनने की आस में दो विधायक राजधानी में रुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दो विधायकों के नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण फिलहाल विस्तार नहीं हो पाया। गौरतलब है कि कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिन से चल रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के कहने पर रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे हैं। इसी तरह टीकमगढ़ के खरगापुर विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) भी बुधवार को देर रात भोपाल पहुंचे थे। उन्हे उम्मीद थी कि गुरुवार को कभी भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका गुरुवार सुबह सीएम हाउस में तकरीबन डेढ़ घंटे संभावित नाम को लेकर चर्चा भी चली किंतु तीसरे और चौथा नाम पर सहमत नहीं बन सकी जिससे आम सहमति बनाए जाने तक बिस्तर डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो तो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya) की ओर से विधायक रमेश मेंदोला (Ramesh Mendola) को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इधर विधायक संजय पाठक (Sanjay Pathak) को भी मंत्री बनाए जाने के लिए भी कुछ नेताओं द्वारा पैरवी भी की गई है। लेकिन इन दोनों नाम पर सहमत नहीं बन पाई है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर भोपाल लौटेंगे जबकि राज्यपाल 26 अगस्त की दोपहर को 2 दिन के लिए राजधानी से बाहर रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अब राज्यपाल के वापस लौटने के बाद हो सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वापस लौटने से लेकर शनिवार को राज्यपाल के भोपाल से बाहर जाने तक का समय है जिसमें विस्तार किया जा सकता है।

ढाई लाख संविदाकर्मियों को नहीं होगा ज्यादा लाभ,मिलेगी वेतन सुरक्षा
प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों को सौ प्रतिशत वेतन देने के लिए पदों की समकक्षता का निर्धारण अब हो गया है (samvida shikshak)। अभी तक इन्हें वेतनमान का 90% ही भुगतान होता था। ढाई घंटे चली बैठक में सभी समकक्षता तय करते हुए वित्त विभाग से कहा गया है कि वो अब सभी विभागों को वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी करें। सभी कर्मचारियों को वेतन सुरक्षा दी जाएगी यानी किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में जो वेतन प्राप्त हो रहा है उससे कम नहीं मिलेगा (samvida news)। सातवां वेतनमान (7th pay commission)में जो ग्रेड पे निर्धारित किया गया है उसके अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के हिसाब से महंगाई राशि में वृद्धि होगी। मंत्रालय में बुधवार को मुख्य सचिव ने संविदा कर्मचारियों की नियमित पदों के अनुसार समकक्षता निर्धारित करने के लिए अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव स्टाफ के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके पहले वित्त विभाग ने बैठक कर विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा की। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमत बनी की संविदा कर्मचारियों के लिए वेतन सुरक्षा की व्यवस्था लागू की जाए। इससे किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में प्राप्त हो रहे वेतन से कम वेतन नहीं मिलेगा। ऐसे पद जो शासन में नहीं है उनके लिए शैक्षणिक अर्हता और आवश्यकता के आधार पर अन्य पदों के बराबर समकक्षता निर्धारित की जाएगी। दरअसल कुछ बात ऐसे हैं जो संवर्गीय पद के बराबर समकक्षता होगी,यह तय नहीं हो पा रहा था। इसकी ही कवायद एक माह से चल रही थी। सब इंजीनियर का पद संवर्गीय है लेकिन मनरेगा में सब इंजीनियर के के समकक्ष पद जोड़ दिया। मनरेगा में प्रोग्राम इंजीनियर का पद है लेकिन शासन में नहीं है। इसलिए परियोजना अधिकारी के समक्ष लाकर वेतनमान निर्धारण होगा। इसी तरह डाटा एंट्री ऑफिसर के वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारियों को अधिक लाभ नहीं होगा क्योंकि वो पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हे क्षति न हो इसके लिए उन्हे वेतन सुरक्षा दी जाएगी।

भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है (MP elections 2023)। यही कारण है कि भाजपा ने ना सिर्फ 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है बल्कि चुनाव कैसे जीतना है उसके लिए भी भाजपा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सभी 39 प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इस बैठक (BJP Meeting) में प्रत्याशियों के अलावा विधानसभा प्रभारी,विधानसभा विस्तारक और विधानसभा संयोजकों को शामिल किया गया है। इन चार लोगों के भरोसे ही हर विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार की जा रही है। ट्रेनिंग देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw),चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (Vd Sharma) भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही अपनी बात रखी और फिर वो निकल गए। इस बीच इन सभी उम्मीदवारों को वरिष्ठ नेताओं की ओर से टिप्स दिए गए। उन्हे बताया गया कि आप चुनाव मैदान में उतरेंगे मुद्दे क्या रहेंगे। जनता के सवालों का आरोपों का कैसे जवाब देना है। विपक्षी पार्टी पर कैसे पलटवार करना है इन सभी चीजों पर भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से काफी फोकस किया जा रहा है। भाजपा में बैठकों का दौर अगले दो दिनों तक और चलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने हर विधानसभा सीट में अलग-अलग तरह के चार लोगों को जिम्मेरी सौंप कर यह भी कहा है कि आपको आपसी सामंजस्य के साथ काम करना है। विधानसभा प्रभारी पार्टी की गुटवाजी को खत्म करने का काम करेंगे तो विस्तारक ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क साध कर पार्टी के प्रति माहौल तैयार करेंगे। संयोजक उम्मीदवारों के अलावा अन्य सभी के ऊपर निगरानी रखेंगे जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां सुधार करने की कोशिश करेंगे स्थिति कंट्रोल से बाहर होगी तो वो सीधे भोपाल में बड़े पदाधिकारियों से संपर्क साधेंगे।

कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद
प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका निर्धारित की गई है (MP Congress)। सेक्टर और मंडलम् के साथ बूथ प्रबंधन का काम महिला, युवा, अनुसूचित जाति- जनजाति और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की टीम संभालेगी। सभी कमजोर मतदान केदो को गोद लेंगे। प्रत्येक केंद्र पर कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। प्रत्याशियों के साथ सभी संगठनों के कार्यकर्ता प्रचार में जुटेंगे। मतदान के लिए मतदाताओं को घर से निकलने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने, पांच गारंटीयों का प्रचार करने, भाजपा सरकार की असफलता को जनता के बीच ले जाने का दायित्व भी सहयोगी संगठनों को सौंपा गया है। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी हैं। पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रत्याशियों के साथ पूरा संगठन मैदान में करता दिखे। कांग्रेस संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी का आगाज सितंबर माह से किया जाएगा। इधर,प्रदेश कांग्रेस ने सहयोगी संगठनों के कामों पर नजर रखने के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दायित्व संगठनों को दिया गया है,उसकी वास्तव में पूर्ति हो। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के संगठन से मुकाबला करने के लिए इस बार मतदान केंद्र पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है। बूथ,सेक्टर और मंडलम् बनाने के बाद सहयोगी संगठनों को भी बड़े-बड़े कार्यक्रम करने के स्थान पर मतदान केन्द्र पर फोकस करने के लिए कहा गया है। संगठन चाहता है कि प्रत्याशी के साथ-साथ संगठन की भी अपनी तैयारी रहे। अभी तक मतदान केन्द्रों पर पूरी टीम प्रत्याशी की रहती थी लेकिन इस बार कांग्रेस इसमें बदलाव करने की तैयारी में है।

भाजपा का 'चक्रब्यूह' हर तरफ से होगा हल्लाबोल,कांग्रेस का कौन होगा अभिमन्यु
शाह की 'शह' को कौन मात देगा यह कांग्रेस के लिए एक पहेली बनता चला जा रहा है। जब कांग्रेस अपने उम्मीदवारों के घोषणा की योजना तैयार कर रही थी तब भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों का ऐलान कर कांग्रेस को 11 हजार वॉट का झटका दे दिया था (। फिलहाल कांग्रेस पार्टी के नेता इस समय सदमे में हैं। कांग्रेस के रणनीतिकार दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamalnath) इस समय यही सोच रहे हैं कि भाजपा का अगला दांव क्या होगा। जब तक कांग्रेस के नेता पहले सदमें से बाहर निकलेंगे तब तक भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को दूसरा झटका दे चुकी होगी। Mukhbir को पता चला है कि इसी महीने के अंत तक भारतीय जनता पार्टी दूसरी सूची जारी कर कांग्रेस को एक और झटका दे सकती है। लेकिन इसके अलावा भाजपा के ब्यूह रचना की बात करें तो अब भाजपा कांग्रेस पर चौतरफा हमला करने की योजना तैयार कर रही है। पता चला है कि दो सितंबर से भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद यात्राओं (Jan Ashirwad Yatra MP) का आगाज होने जा रहा है। इस बार की जन आशीर्वाद यात्र पहले की तुलना में भिन्न होने वाली है। पहले जन आशीर्वाद यात्रा एक निकला करती थी जिसका नेतृत्व सीएम शिवराज करते थे लेकिन इस बार भाजपा की रणनीति अलग है। भारतीय जनता पार्टी इस बार एक साथ पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही है जिसके लिए रथों का निर्माण भी कराया जा रहा है। यानि मतलब साफ है भाजपा प्रदेश भर में हल्लाबोल करने जा रही है। इस दौरा कई रोड शो की भी योजना तैयार हो रही है। पांच जगहों से निकलने वाली जन आशीर्वाद यात्राओं का नेतृत्व अलग-अलग और क्षेत्रावार नेता करते चले जाएंगे। ग्वालियर चंबल में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) सहित अन्य नेता करेंगे तो महाकौशल में प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) और फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) करेंगे। मालवा क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya)यात्रा का नेतृत्व करेंगे। विंध्य की बात करें तो यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) खुद जन आशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व करने जा रहे हैं। प्रदेश में 11 संभाग हैं और भाजपा के पांच रथ चलेंगे। एक रथ को दो संभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस जन आशीर्वाद यात्रा को भब्यता देने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो रोड शो रखे जाएंगे। एक रोड शो पीएम मोदी भी करेंगे। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में ऐसे सियासी ब्यूह की रचना करने जा रही है जिसके तहत जनता के मन में भाजपा के अलावा कुछ और ना बचे। लेकिन इस शह और मात के खेल में सवाल इस बात का उठ रहा है कि अमित शाह के चक्रब्यूह को तोड़ने के लिए कौन सा अभिमन्यू सामने आएगा। हांलाकि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी सियासत के मंझे हुए तीरंदाज हैं लेकिन यह देखना दिलचश्प होगा कि भाजपा के चौतरफा हमले का कांग्रेस कैसे जवाब देती है।