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जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत
भोपाल

जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत

प्रदेश सरकार की जन आशीर्वाद यात्राएं दो सितंबर से प्रारंभ हो सकती हैं (Jan Ashirwad Yatra)। इस संबंध में ग्वालियर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच संभागों में एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसके लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव से पहले अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता से आशीर्वाद लेने यात्राएं निकालती है (BJP MP)। इसी क्रम में यात्राएं निकाली जानी हैं,लेकिन इस बार पांच अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसमें वरिष्ठ नेता जनता के पास जाकर एक बार फिर से भाजपा को समर्थन देने का आग्रह करेंगे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की यात्रा ग्वालियर से,महाकौशल क्षेत्र की जबलपुर से,मालवा की उज्जैन और खंडवा से और विंध्य क्षेत्र की यात्रा रीवा से निकाली जाएगी। शुभारंभ में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)भोपाल में करेंगे। यहां मोदी की जनसभा होगी। यात्राओं को लेकर सोमवार को चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव,चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में नव गठित केन्द्रीय और संभागीय टोली की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हाल ही में बनाए गए भाजपा प्रत्याशी भी शामिल थे। इन सभी को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधे रु-ब-रु होने का मौका मिलता है जो नेताओं और जनता के लिहाज से बढ़िया होता है।

22/8/2023105
शिक्षक भर्ती अभ्यार्थियों ने नियुक्ति की मांग के लिए किया विरोध प्रदर्शन
भोपाल

शिक्षक भर्ती अभ्यार्थियों ने नियुक्ति की मांग के लिए किया विरोध प्रदर्शन

सोमवार को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) शिक्षक पात्रता परीक्षा-2022 के साढे पांच हजार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे,वहीं दूसरी तरफ ओबीसी चयनित वर्ग के करीब 500 से अधिक अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास में सुबह आठ बजे पहुंच अपनी नौकरी के लिए गुहार लगाने की कोशिश की लेकिन सीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होने द्वितीय काउंसलिंग में चयनित 882 ओबीसी अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की। हांलाकि उनकी सीएम शिवराज से मुलाकात नहीं हो पाई इस दौरान अधिकारियों ने 25 अगस्त के बाद सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सभी अभ्यर्थी बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्राथमिक शिक्षक के 7500 पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरु हुई। प्रथम काउंसलिंग जिलेवार आरक्षण के अनुसार ही पूरी की गई। द्वितीय काउंसलिंग में अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त किया और प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा जिला आवंटन भी किया गया,लेकिन दस अगस्त को जारी आदेश में अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 6380 में से मात्र 5498 अभ्यर्थियों के आदेश ही जारी किए गए (teacher recruitment mp)। ओबीसी वर्ग के 882 अभ्यार्थियों के आदेश बिना किसी स्पष्टीकरण के रोक दिए गए। अभ्यर्थिकों का कहना है कि उन्हे अधिकारी बता रहे हैं कि भर्तियों में आरक्षण संबंधी लंबित याचिकाएं उच्च न्यायालय में क्रियाधीन है। जबकि वर्ग-03 का आरक्षण संबंधी प्रकरण न्यायालय में दर्ज ही नहीं है। चयनित शिक्षक खोमेश ने जानकारी देते कि महे अपने भविष्य की चिंता सता रही है। सीएम साहब से बस इतनी गुजारिश है कि वो 882 अभ्यर्थियों को नियुक्त दे दें।

21/8/2023341
भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन
भोपाल

भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन

भाजपा समर्थित जन प्रतिनिधि रोशनी यादव (Roshni Yadav) ने भाजपा को छोड़ कांग्रेस में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने लंबे नोट में कहा कि भाजपा की रीति, नीति और नेतृत्व से वो काफ़ी समय से नाखुश हैं। रोशनी का कहना है कि भाजपा सिर्फ महिलाओं को ठगने का काम करती है। जनता में प्रदेश और केंद्र की नेतृत्व दोनों से नाराजगी है, जिस दल से जानता खुश नही है उससे जुड़ा कर भला सेवा का कार्य कैसे हो सकता है। रोशनी यादव ने कहा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता दोनो का अपार समर्थन और स्नेह उनके साथ है। हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैं दिनांक 24 अगस्त को कांग्रेस ज्वाइन करूंगी। रौशनी यादव ने कहा बहुत दुखी मन से मै भाजपा की सदस्यता त्याग रही हूं। मेरे राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे भाजपा में रहते मिला जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी लेकिन कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता, महिलाओं के प्रति दिखावटी योजना एवं उनके प्रति बढ़ते अत्याचार को देखकर मैं आहत हूं, भाजपा की सदस्य होकर रोजाना जनता से उठ रहे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई के सवालों का उत्तर देने में असमर्थ हूं। कार्यकर्ता केंद्रित दल अब नेता केन्द्रित है। गौर करने वाली बात ये है कि एक तरह से यह रोशनी की घर वापसी है क्योंकि इनका परिवार पुराना कांग्रेसी परिवार के रूप में देखा जाता है, रोशनी कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की पुत्रवधु है इसलिए इन्हे विरासत में राजनीति प्राप्त है जिसका इन्हें अच्छा अनुभव है। जानता का ना प्रदेश सरकार में विश्वास है ना केंद्र सरकार पर, जिस दल से जनता खुश नहीं है उस दल में रहकर सेवा नही किया जा सकता है। भाजपा सरकार में भाजपा संगठन के ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्योवहार के चलते प्रदेश में भाजपा की लगातार छवि खराब हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता (MP BJP) जब भी संगठन के उच्च अधिकारियों से या सरकार के मंत्रियों और नेताओं से अपनी समस्या साझा करते हैं, तो मंत्री और नेता तथा पदाधिकारी निराकरण तो दूर उनकी बात तक नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं की इस स्तर की उपेक्षा से रौशनी यादव आहत हैं। निवाड़ी की जनता लगातार भाजपा शासन में स्वयं को पीड़ित महसूस कर रही है। चूंकि जनता की पीड़ा मेरी अपनी भी पीड़ा है।इसलिए नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौप रही हूं।

21/8/2023236
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'
भोपाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रवासी विधायकों को भेजा है (BJP MLA)। भाजपा साशित चार राज्यों से आए विधायकों को भोपाल में ट्रेनिंग देने के बाद उन्हे अलग-अलग विधानसभा सीटों में रवाना भी कर दिया गया है। भाजपा के प्रवासी विधायक अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जाएंगे और उन विधानसभा सीटों की क्या स्थिति है उसकी रिपोर्ट तैयार कर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। लेकिन इस बीच प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Govind Singh) ने एक विवादास्पद बयान देकर प्रवासी विधायकों के दौरे पर सवाल खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि किराए के टट्टुओं से कभी चुनाव नहीं जीते जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि भाजपा का यह प्लान पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगा। भारतीय जनता पार्टी की चुनाव में हालत खराब है इसी लिए भाजपा इस प्रकार के हथकंडे आजमा रही है लेकिन इसके नतीजे सार्थक साबित नहीं होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश में जो भी विकास दिख रहा है वो कांग्रेस की देन है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। दस सालों में अमित शाह दिग्विजय सिंह पर एक भी घोटाला साबित करके दिखा दें। अमित शाह सिर्फ जनता को बर्गलाने का प्रयास कर रहे हैं उससे ज्यादा कुछ नहीं लेकिन प्रदेश की जनता इस बार भाजपा की बातों में आने वाली नहीं है (MP BJP)।

21/8/2023204
पन्ना प्रमुखों को अमित शाह की सलाह,बीमा एजेंट की तरह करें काम,कांग्रेसियों को तोड़ें
भोपाल

पन्ना प्रमुखों को अमित शाह की सलाह,बीमा एजेंट की तरह करें काम,कांग्रेसियों को तोड़ें

ग्वालियर में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में जिला अध्यक्षों को अमित शाह ने जमकर फटकार लगाई है (Amit Shah in Gwalior)। अमित शाह ने कहा कि आप लोगों की ऐसी ही वर्किंग रही तो संभाग जीतना मुस्किल होगा। प्रदेश कार्यसमिति के बाद एक बैठक में अमित शाह ने जिलाध्यक्षों से मतदान केन्द्रों की जानकारी मांगी थी। जानकारी मिलने पर अमित शाह संतुष्ट नहीं हुए (panna pramukh)। अमित शाह ने कहा कि बतौर प्रतिनिधि आप लोग अपने कामों में काफी पीछे हैं। अमित शाह ने बूथ स्तर पर काम करने की सलाह देते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तोड़ने की बात कही। केन्द्रीय गृह मंत्री ने साफ कहा है कि बीमा एजेंटो की तरह काम करें और कांग्रेसियों को तोड़ें। इसके अलावा अमित शाह ने क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा नेताओं के छत्रपों को जिम्मेदारी सौंपी है। ग्वालियर-चंबल को भाजपा काफी गंभीरता से ले रही है लिहाजा अमित शाह ने इस क्षेत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,ज्योतिरादित्य सिंधिया और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालासिंह आर्य को जिम्मेदारी सौंपी है। विंध्य को लेकर भाजपा खेमें में काफी चिंता देखने को मिल रही है यही कारण है कि विंध्य का जिम्मा खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान को सौंपा गया है। महाकौशल क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रहलाद पटेल को तो मालवा अंचल में कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल मिला कर भाजपा ऐसी रणनीति तैयार कर रही है जिसके तहत कांग्रेस को चुनाव में किसी प्रकार का मौका ना मिलने पाए। भाजपा का मानना है कि जिनके बल पर कांग्रेस चुनाव जीतने का दावा कर रही है उन्ही को कांग्रेस में नहीं रहने दिया जाएगा किसी तरह से कांग्रेस के मजबूत कार्यकर्ताओं को तोड़ो और भाजपा में शामिल करवाओ। अगले कुछ दिनों में एमपी में जमकर तोड़फोड़ की राजनीति देखने को मिलने वाली है। भोपाल में भी गरीब कल्याण योजना के तहत शिवराज सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। करीब 25 घोटालों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने साफ कहा था कि सभी मामलों की जांच चल रही है जिस दिन जांच पूरी हो जाएगी उस दिन सबकुछ सामने आ जाएगा।

20/8/202386
अबकी बार धर्मेश चतुर्वेदी पर विश्वास
भोपाल

अबकी बार धर्मेश चतुर्वेदी पर विश्वास

पंडित दीन दयाल के आदर्शों पर चलने वाली भारतीय जनता पार्टी आज ब्राम्हण वर्ग के साथ किस प्रकार का ब्योहार करती है उसकी बानगी सतना के जनसेवक धर्मेश चतुर्वेदी (Dharmesh Chaturvedi) के साथ देखने को मिली। धर्मेश चतुर्वेदी सतना (Satna) के उन जनसेवकों में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे जनता की सेवा में जुटे रहते हैं। लेकिन लोकतंत्र में अगर जनता की ठीक से सेवा करनी है तो उसके लिए चुनाव लड़ना और जीतना जरुरी है। क्योंकि जन आकाक्षाओं को पूरा करना जरुरी होता है यही कारण है कि धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता की सेवा के लिए राजनीति में आना स्वीकार किया। धर्मेश चतुर्वेदी ने 2009 में बीएसपी से टिकट लेकर चुनाव लड़ा राजनीति का नया अनुभव होने के कारण वो चुनाव में तो जीत दर्ज नहीं कर पाए लेकिन धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता का दिल जीत लिया। स्थानीय जनता ने धर्मेश चतुर्वेदी पर इतना विश्वास जताया कि धर्मेश चतुर्वेदी ने जनता की सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। सतना में धर्मेश चतुर्वेदी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस नेताओं ने भी उनसे करीबता बनाई लेकिन कहानी में ट्विस्ट उस वक्त आया जब भाजपा नेता अरविंद मेनन ने धर्मेश चतुर्वेदी से मुलाकात की और उन्हे भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) में काम करने के लिए कहा। इस आफर पर जब धर्मेश चतुर्वेदी ने ज्यादा ध्यान नहीं किया तब अरविंद मेनन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से धर्मेश चतुर्वेदी की फोन पर बात करवाई। फोन का स्पीकर खोल कर रखा गया और कई नेताओं के बीच मुख्यमंत्री ने धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा में काम करने के लिए कहा उन्ये यह भी आश्वासन दिया गया कि चुनाव के बाद निगम मंडल में अध्यक्ष बनाया जाएगा।जिसके बाद वो भाजपा में काम करने के लिए राजी हो गए। दरअसल धर्मेश चतुर्वेदी सतना में ब्राम्हण नेता के रुप में पहचान रखते हैं,ब्राम्हणों के बीच उनकी लोकप्रियता को भाजपा लोकसभा चुनाव में गणेश सिंह के लिए भुनाना चाहती थी।सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह को चुनाव जिताने के लिए यह सब रणनीति तैयार की गई थी क्योंकि 2009 के बाद से धर्मेश चतुर्वेदी ने सतना की स्थानीय जनता और ब्राम्हणों के दिल में जिस प्रकार से अपने लिए जगह बनाई थी तो उसका लाभ भाजपा लेना चाहती थी। भाजपा को इस बात का शुरु से अहसास था कि गणेश सिंह को चुनाव जिताना है तो ब्राम्हणों का समर्थन जरुरी है। और धर्मेश चतुर्वेदी ब्राम्हणों के दिल में बसते हैं फिर क्या था भाजपा की तरफ से भावनात्मक ड्रामा रचा गया और 2014 में धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा में शामिल करवा दिया गया। भाजपा की रणनीति कामयाब भी हुई धर्मेश चतुर्वेदी के अजय सिंह (राहुल) से संबंध भी अच्छे थे फिर भी उन्होने भाजपा में शामिल होकर पूरी निष्ठा के साथ गणेश सिंह के लिए चुनाव प्रचार किया और गणेश सिंह एक बार फिर चुनाव जीत गए। इस बीच धर्मेश चतुर्वेदी को भाजपा ने कई काम दिए जिसमें उन्हे 27 पोलिंगों का इंचार्ज बनाना शामिल है। इसके बाद बारी आई चित्रकूट उपचुनाव की यहां से धर्मेश चतुर्वेदी की उपेक्षाओं का दौर शुरु हो गया। नतीजा यह निकला कि यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की। कहते हैं कि जनता की सेवा का जिसने संपल्प लिया हो उसके लिए किसी दल या संगठन की जरुरत नहीं होती,जनसेवक धर्मेश चतुर्वेदी ने भाजपा से उपेक्षित होने के बाद हार नहीं मानी और वो केसरिया हिंदुस्तान,विंध्योदय सेना के साथ जुड़ कर लगातार जनता की सेवा करते रहे। जनता की सेवा करते-करते अब स्थानीय जनता की एक ही इच्छा है कि भाजपा इस विधानसभा चुनाव में धर्मेश चतुर्वेदी को टिकट दे जिससे वो विधायक बन कर जनता की और ताकत के साथ मदद कर पाएं।

20/8/2023782
सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार
भोपाल

सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार

पटवारी चयन परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद चयनित पटवारियों (Patwari Result) की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी थी। चयनित पटवारियों का आरोप है कि उन्हे राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है। इस बीच चयनित पटवारियों ने हर दरवाजे पर गुहार लगाई,सीएम हाउस की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में विरोध प्रदर्शन सबकुछ किया लेकिन राज्य सरकार का दिल नहीं पसीजा। सालों से मेहनत कर रहे चयनित पटवारियों ने जब किसी तरह से परीक्षा उत्तीर्ण की तो उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। अब चयनित पटवारी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सभी तरह के उपाय करने के बाद अब चयनित पटवारियों ने सीएम (Shivraj Singh Chouhan) तक अपनी बात पहुंचाने के अलग-अलग रास्ते तैयार किए हैं। चयनित पटावरियों ने ट्विटर पर पोस्ट डाल कर मामा से नियुक्ति की गुहार लगाई थी और अब उन्ही चयनित पटवारियों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सीएम शिवराज को राखी भेज कर उन्हे नियुक्ति देने की मांग उठाई है। सभी चयनित पटवारी शांति तरीके से मर्यादाओं में रह कर अपना विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं और अपनी बात सीएम शिवराज सिंह तक पहुंचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी अब तक सरकार का दिल नहीं पसीजा है। चयनित पटवारी इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग जाएगी जिसके बाद उनकी नियुक्ति अधर में लटक जाएगी। अगली सरकार किसकी बनेगी पटवारी इस बात को लेकर भी संशय में हैं और यही कारण है कि चयनित पटवारी अपनी बात सीएम तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और अब उन्होने सीएम शिवराज को रक्षा सूत्र भेज कर भांजे होने का फर्ज निभा दिया है अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मामा को भांजों की याद कब तक आती है।

18/8/2023548
'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर
भोपाल

'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर

पटवारी चयन परीक्षा में घोटाले की खबर मिलने के बाद मप्र सरकार ने पटवारियों की नियुक्त पर रोक लगा दी है (MP Patwari)। सरकार के रोक लगाने के बाद चयनित पटवारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। न्याय की गुहार के लिए चयनित पटवारियों ने सरकार को मनाने का हर तरह का प्रयास किया है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) से मुलाकात से लेकर सीएम हाउस(Shivraj Singh Chouhan) के घेराव की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन ही क्यों ना हो चयनित पटवारियों ने वो सब किया जो कर सकते थे लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से पटवारियों को न्याय नहीं मिला। एक तरफ राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में भर्तियां निकाल रही है वहीं दूसरी तरफ पटवारी अपनी नियुक्ति को लेकर परेशान हैं। कुछ चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होने ब्यावसायिक परीक्षाओं को छोड़ कर पटवारी की परीक्षा दी थी जिससे उन्हे नौकरी मिल जाए,पास होने के लिए रात दिन एक कर दिया और जब पास हुए तो उसमें भ्राष्टाचार का आरोप लगा कर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। कुछ चयनित पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए यहां तक कहा है कि सरकार उनको नियुक्ति नहीं देती है तो वो खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अब चयनित पटवारियों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक अनोखा तरीका अपनाया है। पटवारियों ने सोशल वार करते हुए ट्विटर पर करीब डेढ़ लाख ट्वीट किए और उसमें लिखा है 'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों ने इतनी बड़ी संख्या में ट्वीट किया है जिसके चलते ट्विट पर वो ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन मूल बात यह है कि नियुक्ति को लेकर पटवारी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं लेकिन अभी तक सियासी उलझनों में फंसे पटवारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं दिख रहा। ऐसे ही हखलात चलते रहे तो आने वाले समय में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी और पटवारियों की नियुक्ति पूरी तरह से अधर में लटक जाएगी।

18/8/2023429
'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप
भोपाल

'कांग्रेस करप्शन की दुकान है' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा आरोप

कांग्रेस और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई शुरु हो गई है (MP Elections 2023)। पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर ताबड़ तोड़ आरोप लगाए। आरोपों का असर इतना तेज हुआ कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने कमलनाथ को 1983 दगों का माडल बता डाला। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के घोटालों का जखीरा खोलते हुए 15 महीने की सरकार में किए घोटालों की लंबी लिस्ट पेस की। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को दिग्विजय सिंह चला रहे थे। उन्ही के इशारों पर प्रदेश में घोटाले हुए। बीजेपी अध्यक्ष ने ग्वालियर में हुई प्रियंका गांधी की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वो भाजपा के घोटालों की लिष्ट लेकर आई थी और मंच पर उनकी लिष्ट गायब हो गई। वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सरकार पर 50% कमीशन का आरोप लगाती है वो ये क्यों नहीं बताते कि रतुलपुरी कौन है रतुलपुरी के घर पर छापा क्यों पड़ा था। मृगलानी का जिक्र करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रतुलपुरी के साथ मृगलानी का नाम क्यों जोड़ा जाता है। सिंचाई परियोजनाओं में हुए घोटाले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि बिना काम शुरु हुए 877 करोड़ का पेमेंट किसने करवाया था। मोबाइल घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बगैर मोबाइल खरीदे 63 करोड़ का पेमेंट किसने किया था। आइफा अवार्ड अवार्ड का जिक्र करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उद्योगपतियों पर दबाव डाल कर बृजक्राफ्ट कंपनी को किसने फायदा पहुंचाया है। इसी प्रकार के बहुत सारे घोटालों की लिष्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की और कहा कि भाजपा पहले से ही कहती रही है कि वल्लभ भवन को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया था। यही कारण था कि 15 महीने में जितने तबादले हुए उतना कभी किसी सरकार में तबादले नहीं हुए हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ की प्रेसवार्ता के बाद जिस प्रकार से बीजेपी अध्यक्ष ने हड़बड़ाहट में प्रेसवार्ता आयोजित कर उनके आरोपों के बदले जवाब नहीं दिया बल्कि कांग्रेस सरकार पर आरोपों और घोटालों की जमकर बारिश की है। मतलब साफ है कि अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और आने वाले समय में जहां कांग्रेस 18 महीने की भाजपा सरकार का पोस्टमार्टम करेगी तो वहीं भाजपा ने भी जमकर तैयारी कर रखी है और कांग्रेस के हर आरोप पर कटाक्ष करने के लिए भाजपा के नेता तत्काल अटैक करेगी।

18/8/2023148
लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी
भोपाल

लगातार हारने वाली 50 सीटों पर भाजपा जल्द तय करेगी प्रत्याशी

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई। इसमें मप्र से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश ध्यक्ष वीडी शर्मा,संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ प्रदेश चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव शामिल हुए। केन्द्रीय नेताओं के सामने मप्र (MP BJP) ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा। इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द ही इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सितंबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी,ताकि उन उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी विधानसभा सीटें चुनी गई हैं जिनमें पिछले तीन-चार या इससे अधिक चुनावों में हार रही भाजपा मजबूत तैयारियों के साथ जाना चाहती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल उत्तर और मध्य सीटों की सूची में रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम को बाहर रखा गया है। क्योंकि भाजपा इसे जीती सीट मान कर चल रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही भोपाल में प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारी संगठन के प्रमुख लोगों के साथ बैठक लेंगे। बुधवार को दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र के एक मात्र सदस्य सत्यनारायण जटिया शामिल हुए। पहली बार मप्र के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। बीच में अन्य राज्यों पर मंथन किया गया फिर करीब डेढ़ घंटे बाद मप्र को फिर बुलाया गया। जानकारी मिली है कि कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केन्द्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी है। बात स्पष्ट है भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सक्रिय है और केन्द्रीय नेतृत्व कांग्रेस को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहता जिससे एकबार फिर से एमपी में कांग्रेस को मौका मिल पाए।

17/8/2023154
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
भोपाल

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का जारी होगा रिपोर्ट कार्ड

प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) अब जनता के बीच अपने काम का लेखा-जोखा लेकर जाएगी और फिर उसी के हिसाब से जनता से वोट मांगेगी। दरअसल Mukhbirmp.com को मिली जानकारी मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने योजना तैयार की है जिसके तहत भाजपा ना सिर्फ अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएगी बल्कि साल 2003 के पहले वाले मध्यप्रदेश की तस्वीर भी जनता के सामने पेश करेगी। इतने सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के विकास की गति को तेज किया है उसका फल लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी को फ्लैशबैक में जाकर साल 2003 से पहले की तस्वीर से युवा पीढ़ी को अवगत कराएगी। भाजपा के नेताओं का मानना है कि जब भाजपा की सरकार बनी उस वक्त जो बच्चा था वो आज युवा है लिहाजा उसे दिग्विजय सरकार के कार्यकाल की ज्यादा जानकारी नहीं है इस लिए उन युवाओं को यह बताया जाएगा कि दिग्विजय सरकार में प्रदेश की क्या स्थिति थी। यही कारण है कि प्रदेश की सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के हाथों अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख कर फिर कांग्रेस के जमाने की बात करेगी। रिपोर्ट कार्ड में सड़क,पुल-पुलिया सहित बिजली की आपूर्ति,सिंचाई का रकवा बढ़ा उसकी जानकारी दी जाएगी,युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए और फिर संविदा कल्चर समाप्त कर उन्हे नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं दी गई इतना ही नहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की गई जिसके कारण आज प्रदेश में सेक्स रेसियो भी बढ़ा यही कारण है कि अब सरकार चाहती है कि उसने जनता के हित में इतने फैसले लिए हैं तो उसका लाभ भी पार्टी को मिलना चाहिए इसी लिए अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर जनता को बताएगी कि इतने सालों में भाजपा की सरकार ने उनके लिए क्या किया। बांकी जो काम रह गए हैं उसके लिए सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र को तैयार करने में जुट गई है। 20 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह भोपाल और ग्वालियर दौरे पर रहेंगे इसी दौरान अमित शाह के हाथों मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर एकबार फिर भाजपा सरकार बनाने की नींव रखेंगे।

16/8/2023172
AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन
भोपाल

AICC ने बनाई EVM जांच कमेटी,दिग्विजय सिंह बने चेयरमैन

EVM को लेकर कांग्रेस पार्टी अब भी संशय में है यही कारण है कि AICC ने EVM का परीक्षण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है। गौरतलब है कि देश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है और केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तभी से कांग्रेस पार्टी EVM से होने वाली वोटिंग का विरोध करती रही है। लेकिन मजे की बात उस वक्त देखने को मिलती है जब EVM से वोटिंग होती है और कांग्रेस की सरकार बनती है तब कांग्रेस के नेता EVM का विरोध नहीं करते हैं। अब एमपी,राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इसी साल विदानसभा चुनाव होने जा रहे हैं ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने EVM मशीन पर अविश्वास जाहिर करते हुए उसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी EVM में गड़बड़ी करके चुनाव जीतती है इसी लिए भाजपा की सरकारें बनती हैं। लिहाजा अब आरोपों का पटाक्षेप करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने कमेटी का गठन कर दिया है। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ईवीएम की जांच पड़ताल करेगी और अगर कांग्रेस पार्टी को ईवीएम में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो उसका विरोध कर ईवीएम से होने वाली वोटिंग बंद करने के लिए कहा जाएगा। इस पूरे मामले में बीजेपी का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को जब खुद की पार्टी का हार वाला फीडबैक मिलने लगता है तो इस प्रकार की हरकतें कांग्रेस पार्टी पहले से ही करने लगती है। जिससे चुनाव के बाद जब नतीजे आएं और कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़े तो वो पहले से ही ईवीएम से हार का प्रारुप तैयार कर लेती है। और इस बार कांग्रेस पार्टी ने ईवीएम की जांच के लिए कमेटी का गठन कर पहले ही साबित कर दिया है कि उसके फीडबैक पार्टी की हार सुनिश्चित है इसी लिए मतगणना के बाद की तैयारी कांग्रेस पार्टी अभी से करने लगी है।

16/8/2023131