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बीजेपी में पांच सीटों पर अब तक नहीं हुआ फैसला,चार में महिला उम्मीदवार की उम्मीद,कांग्रेस की बैठक आज
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए एमपी की 29 लोकसभा सीटों में 24 की घोषणा कर दी है (bjp lok sabha candidate list) । अब पांच सीटों पर संशय की स्थिति बन गई है। केन्द्रीय हाई कमान का मानना है कि कमजोर सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मौका दिया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि इसी लिए भाजपा में बची हुई पांच सीटों के लिए फैसला नहीं हो पार रहा है। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा छोड़ कर बांकी की चार सीटों पर बीजेपी महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतार सकती है (mo bjp)। अभी तक 24 सीटों में चार महिला उम्मीदवारों को भाजपा ने मौका दिया है। पार्टी के केन्द्रीय नेत्रृत्व का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी और बढ़नी चाहिए इसलिए पांच में चार सीटें महिलाओं के खाते में जाने की संभावना बढ़ गई है। उधर कांग्रेस की बात करें तो अभी तक एक भी प्रत्याशी की घोषणा कांग्रेस पार्टी नहीं कर पाई है। आज दिल्ली में कांग्रेस ने केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक आयोजित की है। जिसमें स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार कर उसे अंतिम रुप दिया जाएगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी,विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम भाग लेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन के लिए सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में रायशुमारी कराई थी। समन्वयकों ने जिला,ब्लाक इकाइयों के पदाधिकारी,विधायक,विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी,पार्टी के सभी संगठनों के पदाधिकारियों से संभावित दावेदारों से जानकारी ली है।

अबकी बार 'गणेश विसर्जन' पर ध्यान,सतना रीवा की जनता भाजपा के 'थोपे' उम्मीदवारों से नाराज
लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने देश के 16 राज्यों की 195वे लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें एमपी की 29 सीटों के 24 उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा ने इस बार कोई भी चौकाने वाला निर्णय नहीं लिया जो जनता के गले से नहीं उतर रहा है। विंध्य की बात करें तो सतना लोकसभा सीट से सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) पर भाजपा ने एक बार फिर भरोसा कर स्थानीय जनता को नाराज कर दिया है। सतना एक ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और गणेश सिंह कुर्मी समाज से आते हैं। और गणेश सिंह एक कट्टर जातिवादी नेता माने जाते हैं जिसके चलते अन्य वर्ग के लोग उनसे नाराज रहते हैं। दो बार सतना की जनता ने मोदी के नाम पर सांसद बना दिया लेकिन इस बार सतना की जनता गणेश सिंह को फिर सांसद नहीं बनाना चाहती है। जनता मोदी को तो चाहती है लेकिन गणेश सिंह को नहीं चाहती जिसका उदाहरण विधानसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है। सतना की जनता गणेश सिंह को विधानसभा चुनाव में हरा चुकी है। कुछ ऐसा ही हाल रीवा का भी देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। जनार्दन मिश्रा को राजेन्द्र शुक्ला का डमी कैंडीडेट के रुप में माना जाता है। जनार्दन मिश्रा एक सरल और सौम्य सांसद की छवि रखते हैं लेकिन उनकी समस्या ये है कि वो क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहते हैं। दस साल तक सांसद रहने के बाद भी जनार्दन मिश्रा आज तक पूरे रीवा का भ्रमण नहीं कर पाए हैं। रीवा की जनता बहुत जागरुक मानी जाती है। थोपे गए नेताओं को रीवा की जनता ज्यादा बर्दास्त नहीं करती है। लिहाजा इस बार के लोकसभा चुनाव में रीवा और सतना की लोकसभा सीटें भाजपा के लाए कठिनाई पैदा कर सकती हैं। देखना दिलचश्प यही होगा कि जनता की नाराजगी जीतती है अथवा मोदी की गारंटी के आगे जनता नतमस्तक होती है।

बीजेपी ने पहली सूची में किये 195 नाम घोषित,विदिशा से मैदान में होंगे शिवराज
मप्र की 29 में से 24 लोकसभा सीटों पर नामों की घोषणा मुरैना - शिवमंगल सिंह तोमर भिंड - संध्या राय ग्वालियर - भारत सिंह कुशवाहा गुना - ज्योतिरादित्य सिंधिया सागर - लता वानखेड़े टीकमगढ़ - वीरेंद्र खटीक दमोह राहुल लोधी खजुराहो - वीडी शर्मा सतना - गणेश सिंह रीवा - जनार्दन मिश्रा सीधी - डॉक्टर राजेश मिश्रा शहडोल - हिमाद्री सिंह जबलपुर - आशीष दुबे मंडला - फगन सिंह कुलस्ते होशंगाबाद - दर्शन सिंह चौधरी विदिशा - शिवराज सिंह चौहान भोपाल - आलोक शर्मा राजगढ़ - रोडमल नागर देवास - महेंद्र सिंह सोलंकी मंदसौर - सुधीर गुप्ता रतलाम - अनीता नगर सिंह चौहान खरगोन - गजेंद्र पटेल खंडवा - ज्ञानेश्वर पाटिल बैतूल - दुर्गादास उईके

भाजपा की पहली सूची तैयार,आज शाम तक जारी होने की संभावना,विदिशा से होंगे शिवराज
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची तैयार है आज किसी भी वक्त केन्द्रीय नेतृत्व सूची जारी कर सकता है (bjp lok sabha candidate list)। बताया जा रहा है कि करीब 250 सीटों पर केन्द्रीय नेतृत्व ने चर्चा की है जिसमें 100 से 150 सीटें फायनल कर ली गई हैं और अब उन्हे जारी करने की तैयारी है। Mukhbir को मिली सूचना के हिसाब से पहली सूची में वाराणसी से पीएम मोदी,गांदी नगर से अमित शाह और विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल किया गया है। पहली सूची में उन सीटों को भी शामिल किया गया है जिनको भाजपा मुस्किल मानती है। मतलब साफ है कि एमपी की छिंदवाड़ा सीट की भी घोषणा पहली सूची में ही होने वाली है। दिल्ली में हुई बीजेपी की बैठक में 16 राज्यों की सीटों पर चर्चा की गई है। यूपी में भाजपा अपना दल को दो सीट दे रही है,निशाद पार्टी और सुभासपा को एक-एक सीट दे रही है। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में जिन नेताओं को पार्टी ने फिर से राज्यसभा नहीं भेजा है उन नेताओं को अब भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है। इन नेताओं में मनसुख मांडविया, भूपेन्द्र यादव, राजीव चन्द्रशेखर,धर्मेन्द्र प्रधान,पुरुषोत्तम रुपाला सहित कई अन्य नेता शामिल हैं जिन्हे भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस बार लोकसभा चुनाव में उतार कर उनके सियासी जमीन की भी पड़ताल करना चाहता है। बताया यह भी जा रहा है कि जिस प्रकार से भाजपा ने कई सांसदों को विधानसभा में उतारा था ठीक उसी प्रकार कुछ विधायकों को भी भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने जा रही है।

भोपाल लोकसभा सीट से भक्ति,नेहा और गुंजन ने की दावेदारी,केन्द्रीय नेत्रित्व की बढ़ी मुस्किलें
भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेत्रृत्व लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन में लगातार माथापच्ची कर रहा है। और जिस प्रकार से भाजपा की हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की लिष्ट सामने आ रही है उससे केन्द्रीय नेत्रृत्व की मुस्किलें लगातार बढ़ती चली जा रही हैं। (lok sabha elections) यहां पर एक कहावत चरितार्थ होती है कि एक अनार और सौ बीमार। बीजेपी में ये हाल तो प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों का है। लेकिन राजधानी भोपाल में तो गजब के दावेदार सामने आए हैं। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) जैसे दिग्गजों से लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश करने में कोताही नहीं बरती है। और उसमें अहम पहलू यह निकल कर सामने आया है कि तीन महिला शक्तियों ने भी भोपाल के लिए दावा ठोंक दिया है (bjp candidate list)। तीनों भाजपा की युवा और मेहनती वर्कर भी हैं जिससे भाजपा की मुस्किलें बढ़ने लगी है। तीन महिला नेत्रृयों में पहला नाम भक्ति शर्मा का है जो पहले विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाना चाहती थीं लेकिन मौका नहीं मिला,दूसरा नाम है प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा का ये भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रयास कर रहीं थी लेकिन सीनियरों के आगे इनको भी मौका नहीं मिला। चौकाने वाला नाम है गुंजन प्रजापति का जो पेशे से अधिवक्ता हैं और भाजपा में प्रवक्ता हैं इन्होने भी भोपाल लोकसभा सीट से अपना दावा ठोंक दिया है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार गुंजन ने तो दिल्ली तक दस्तक दी है। गुंजन ने दिल्ली दौरा करके अपने तरीके से अपने लिए माहौल तैयार करने का प्रयास किया है। अब उनको लिष्ट का इंतजार है। तो इस प्रकार महिला नेत्रियों ने भी बीजेपी की तरफ से भोपाल लोकसभा सीट में अपनी दावेदारी पेश की है। टिकट किसी एक को ही मिलना है लेकिन उम्मीदें सभी ने लगा रखी है शायद उन्ही का भाग्य चमक जाए।

भाजपा की पहली सूची तय,100 नामों की होगी पहली सूची,एमपी से बीस सांसदों के टिकट कटना तय
भारतीय जनता पार्टी में लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) को लेकर लगातार मंथन जारी है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार केन्द्रीय नेत्रृत्व अगले दो दिन में पहली सूची जारी कर देगी। पहली सूची 100 नामों की होगी जिसमें एमपी की करीब 15 सीटें हैं जिनको पहली सूची (bjp lok sabha list) में शामिल किया जाएगा। दो दिन पहले भाजपा ने उम्मीदवारों को लेकर रायशुमारी की थी इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी पूछी गई थी। बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव,अध्यक्ष वीडी शर्मा,उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने केन्द्रीय नेताओं के साथ उम्मीदवारों के चयन पर काफी देर तक माथापच्ची की है। बताया जा रहा है कि तीन से अधिक बार चुनाव लड़ने वाले सांसदों को टिकट देने से भाजपा परहेज कर रही है। इनकी जगह पर किसान, गरीब, युवा और महिलाओं को चुनाल मैदान में उतारा जाएगा। कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने इस बात के संकेत भी दिए थे। उनकी नजर में केवल गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की ही जातियां हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में यही लाइन रहने की पूरी उम्मीद है। ऐसे चेहरे केन्द्रीय नेत्रृत्व में सर्वे करा कर चिन्हित कर लिए गए हैं। और भाजपा अब इन्हे लोकसभा भेजने की तैयारी में है। उम्मीदवारों के चयन के साथ भाजपा उन नेताओं के लिए भी जिम्मेदारी तय करने में जुट गई है जो पिछले कई साल से सांसद हैं और इस बार उनका टिकट केन्द्रीय नेत्रृत्व काटने जा रहा है। ऐसे नेताओं में हरिशंकर खटीक,फग्गन सिंह कुलस्ते,सतना सांसद गणेश सिंह सहित कुछ नेता शामिल हैं। इन सभी नेताओं की जगह पर भाजपा ऐसे युवा चेहरों को मौका देना चाहती है जो अगले 15 साल तक अपने संसदीय क्षेत्र का नेत्रृत्व कर सकें। बताया जा रहा है कि दिल्ली आज बड़ी बैठक होगी जिसमें सूची को अंतिम रुप देकर कल तक सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

भाजपा और कांग्रेस में धधकी विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन
एमपी में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है (Madhya Pradesh Elections)। लेकिन दोनों ही दलों की सूचियां जारी होते ही विरोध की आग दोनों दलों में धधकने लगी है। इसका असर भाजपा से ज्यादा कांग्रेस कार्यालय में ज्यादा देखने को मिल रहा है (congress protest)। अलग-अलग सीटों पर कांग्रेस के अन्य दावेदार खुद को ज्यादा मजबूत बता कर पार्टी के नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। विरोध इतना बढ़ गया है कि कुछ समर्थकों ने पीसीसी कार्यालय के बाहर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का पुतला दहन कर दिया तो कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए टायर में आग लगा कर अपना विरोध दर्ज कराया। हाल कुछ ऐसा ही भाजपा का भी है जहां प्रदेश कार्यालय में तो जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ ही है साथ ही भाजपा के अलग-अलग जिला कार्यालयों में भी जमकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है (BJP Protest)। हांलाकि भारतीय जनता पार्टी विरोध को शांत करने में काफी माहिर मानी जाती है। इसी लिए भाजपा ने अप्रिय स्थितियों से निपटने और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है जो डैमेज को कंट्रोल करने का पूरा प्रयास कर रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की 47 सीटों पर बगावत की आग धधक रही है तो भाजपा की 27 सीटों पर कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। विरोध का आलम ये है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नाराज कार्यकर्ता 5 - 5 सीटों से बागी होकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। अब बात उन सीटों की करते हैं जिनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। सुमावली, ग्वालियर, दतिया, पिछोर, निवाड़ी, नागौद, सिरमौर, सेमरिया, रीवा, गोटेगांव, पिपरिया, कुरवाई, भोपाल उत्तर, बैरसिया, गोविंदपुरा, हुजूर, नरसिंहगढ़, खातेगांव, नेपानगर, बुराहनपुर, बदनावर, रतलाम ग्रामीण, जावरा, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, डबरा, सेवढ़ा, भांडेर, सुर्खी, नरयावली, खरगापुर, बिजावर, पवई, गुन्नौर, नागोद, त्योंथर, हरदा, बुधनी, इंदौर 4, उज्जैन उत्तर, आलोट शामिल हैं। वहीं बीजेपी की बात करें तो उनको इन सीटों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीकमगढ़, पवई, भोपाल दक्षिण पश्चिम, त्योंथर, जबलपुर उत्तर, बुराहनपुर, जोबट, अलीराजपुर, कालापीपल, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, अटेर, रैगांव, नागौद, वारासिवनी, नर्मदापुरम, भिंड, महू, मनावर, महेश्वर और देपालपुर शामिल हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि मतदान 17 नवंबर को होना है और 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है ऐसी स्थिति में भाजपा और कांग्रेस किस प्रकार से डैमेज कंट्रोल कर पाएंगी यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई
भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची में 92 वे उम्मीदवारों की घोषणा कर अब तक 228 सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है (bjp candidate list)। इस सूची में भोपाल की दक्षिण -पश्चिम विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट के इतिहास पर जाएं तो इस सीट से जिस पार्टी का विधायक जीता है उसी की प्रदेश में सरकार बनी है। पहले इस सीट से पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता (Umashankar Gupta) जीता करते थे लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने जीत दर्ज की और प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई। पीसी शर्मा उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे अपने क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। 2019 में गणेश चतुर्थी के दौरान एक घटना खटलापुरा में हुई थी जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कई बच्चे तालाब में डूब गए थे। रात के करीब दो बजे थे पीसी शर्मा जी को कहीं से घटना की जानकारी हुई,उस वक्त उनके पास ड्राइवर तक नहीं था लेकिन पीसी शर्मा ने सबकुछ परवाह किए बगैर घटना स्थल पर पहुंचे और अपनी तरफ से यथासंभव मदद की। उसके बाद कोरोनाकाल का दौर आया जब ना सिर्फ दक्षिण-पश्चिम विधानसभा (Bhopal Dakshin Paschim) बल्कि भोपाल की अलग-अलग विधानसभा सीटों की जनता राशन से लेकर उपचार तक के लिए परेशान होकर भटक रही थी उस दौरान भी पीसी शर्मा के दरवाजे लगातार जनता की मदद के लाए खुले रहे। पीसी शर्मा जनता की भलाई के लिए ना सिर्फ शारीरिक अथवा आर्थिक रुप से मदद करने के लिए तैयार रहते हैं बल्कि उनके क्षेत्र की जनता खुशहाल और समृद्ध रहे उसके लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सावन के महीने में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन कराया लगातार पार्थिव शिवलिंग का भी निर्माण कराया,हाल ही में जब भाजपा और कांग्रेस के नेता टिकट के लिए अपने हाई कमान के पास चक्कर काट रहे थे उस दौरान पीसी शर्मा शास्त्री नगर में तीन दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कर रहे थे। पीसी शर्मा हमेशा कहते हैं कि वो दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आने वालों को वोटर नहीं बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। चुनाव वो पद अथवा प्रतिष्ठा के लिए नहीं लड़ते बल्कि जनता की सेवा के लिए वो चुनाव लड़ते हैं जिससे वो अपने क्षेत्र के जनता की पूरी शक्ति के साथ सेवा कर सकें।

सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची की जारी,त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिला टिकट
लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पांचवी लिष्ट जारी कर दिया है (bjp candidate list)। भोपाल में कई बैठकें और फिर दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकों के बाद भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय संगठन ने सूची जारी कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी 92 वे नामों की सूची जारी की गई है दो नाम अब भी होल्ड किए गए हैं। भोपाल की दक्षिण पश्चिम से भाजपा ने प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी पर विश्वास दिलाया है,अब पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और भगवानदास सबनानी के बीच लड़ाई देखने को मिलेगी। त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिरा टिकट,सुभाष वर्मा,देवसर,आष्टा से गोपाल सिंह सहित कुल 92 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। विजयपुर से- बाबूलाल मेवरा,जौरा से सुबेदार सिंह,अंबाह (अजा) से कमलेश जाटव,भिंड से नरेन्द्र सिंह कुशवाह,मेहगांव से राजेन्द्र शुक्ला,ग्वालियर पूर्व से माया सिंह,नेपानगर (अजजा) से मंजू राजेन्द्र दादू को मिला टिकट।

आग इधर भी है आग उधर भी है,अब देखना है इस आग में घी कौन डालता है
सियासी आग इस वक्त प्रदेश में इस कदर जल रही है कि उसकी लपटें प्रदेश के हर कोने में जल रही हैं और धुंआ चारों ओर फैला हुआ है (MP elections)। दरअसल मतदान की तारीख जितनी करीब आती चली जा रही है चुनाव का नशा और उसकी खुमारी उसी प्रकार बढ़ती चली जा रही है। जिन वर्तमान विधायकों का टिकट कटा वो हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। और जिन्हे टिकट मिला उन्हे भाजपा और कांग्रेस अपना बेस्ट आप्शन मान कर चल रहे हैं। अब बात करते हैं उम्मीदवारों के चयन और सरकार के रास्ते का। कांग्रेस ने पहली सूची में 144 नामों की घोषणा की जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसमें पार्टी को कमसे कम 120 सीटें मिलेंगी (congress candidate list)। दूसरी सूची 88 नामों की आई जिसमें कांग्रेस यह मान कर चल रही है कि उसके खाते में 30 विधायक आएंगे। कुल मिला कर कांग्रेस का यह मानना है कि उसके 150 विधायक आएंगे। कांग्रेस के कुछ नेताओं का यह मानना है कि 150 विधायक आएंगे तो भाजपा खरीद फरोख्त नहीं कर पाएगी,इसी लिए कांग्रेस पार्टी 150 से अधिक विधायकों का लक्ष्य लेकर चल रही है। कांग्रेस की जिस प्रकार 2020 में सरकार गिरी उसके बाद कांग्रेसी खेमें में विश्वास की कमी आई और यही कारण है कि कांग्रेस नेता चाहते हैं कि माहौल का फायदा उठाया जाना चाहिए और कमसे कम 150 विधायकों की जीत होनी चाहिए। वहीं भारतीय जनता पार्टी है कि वो सत्ता को अपने हाथ से जाने नही देना चाहती है। जिसके चलते आलम ये है कि भाजपा अभी भी 94वे उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पाई है (bjp candidate list)। भाजपा के नेताओं का मानना है कि गिरी हालत में उसके 120 से 130 विधायक जीत कर आएंगे। मतलब साफ है कि भाजपा किसी भी सूरत में सत्ता को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।

भाजपा में पांचवी सूची की नहीं सुलझ रही गुत्थी,पहले प्रदेश और अब दिल्ली में चल रही माथापच्ची
भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूची जारी कर बहुत बड़ा दंभ भरा था कि कांग्रेस कहती रही और भाजपा ने सूची जारी कर दिखा दिया कि चुनावी तैयारी में कौन तेज चल रहा है (bjp candidate list)। भाजपा ने पहली सूची अगस्त के महीने में जारी कर सभी को चौंकाया उसके बाद सितंबर के महीने में भाजपा ने तीन सूचियां जारी की और लगातार कांग्रेस पर सूची को लेकर हमला किया। भाजपा ने चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया लेकिन पांचवीं सूची से भाजपा भटक गई,भाजपाई खेमें में हार का फोविया ऐसे हावी हुआ कि भाजपा का संगठन सूची जारी करने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहा है। उधर कांग्रेस ने दो सूचियों में ही अपने सारे तुरुप के इक्कों को चुनावी मैदान में उतार कर यह बता दिया कि वो इस चुनाव को टेस्ट स्टाइल में नहीं टी20 की स्टाइल में देख रहे हैं। अब बारी भाजपा की है लेकिन एक-एक दिन कर बढ़ते चले जा रहे हैं आज से नामांकन की तारीख भी शुरु हो चुकी है और आलम यह है कि भाजपा ने अभी तक 94वे नामों पर सहमति नहीं बनाई है। एमपी बीजेपी से लेकर दिल्ली तक भाजपा की कई चरणों में बैठक हो चुकी है लेकिन पार्टी सही उम्मीदवारों का चयन करने में अब तक नाकाम साबित हुई है (bjp meeting)। भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का भी दंभ भरती है और हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि 94वे नाम भाजपा को नही मिल रहे जो कांग्रेस को चुनौती दे पाएं। मतलब साफ है। भाजपा के सर्वे में पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है यही कारण है कि भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पा रही है।