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कांग्रेस प्रवक्ता ने ओपन डिवेट पर भगवा को कहा बलात्कारी,जमकर हुआ हंगामा
एक प्रतिष्ठित स्थानीय न्यूज चैनल ने भोपाल के टीटी नगर में ओपन चुनावी डिवेट का आयोजन मंगलवार शाम को किया था। डिबेट के दौरान कांग्रेस और भाजपा के प्रवक्ताओं सहित स्थानीय जनता को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन इस ओपन डिवेट में कांग्रेस के एक प्रवक्ता खुद से आपा खो बैठे और उन्होने शब्दों की मर्यादा को लांघते हुए भगवा को बलात्कारी कह डाला। फिर क्या था ओपन डिवेट देखने पहुंची स्थानीय जनता ने भी खुद से आपा खो दिया और हंगामा शुरु हो गया। स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। लेकिन समय रहते भाजपा के प्रवक्ताओं ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं को बचाया और स्थानीय नागरिकों के गुस्से को शांत किया। इस बीच मामले ने इतना तूल पकड़ा कि आनन फानन में मौके पर पुलिस भी पहुंची उसके बाद ही पूरा मामला शांत हो पाया। कांग्रेस के जिन प्रवक्ता ने शब्दों की मर्यादा लांघी वो ग्वालियर अंचल से आते हैं और खुद को सही साबित करने के लिए वो जब भी किसी न्यूज चैनल में डिबेट पर बैठते हैं तो हमेशा खुद से आपा खो देते हैं और आए दिन न्यूज चैनल में वो विवादों के केन्द्रबिंदु बनते रहते हैं।

तेजस्वी का चमका 'सूर्य' भाजपा युवा मोर्चा को मिली शक्ति
भोपाल के एक दिवसीय दौरे पर आए भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबेधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को “सुविधा, सुरक्षा, सम्मान“ प्रदान किया है। गैस कनेक्शन के लिए उज्ज्वला, महिला शौचालयों के लिए स्वच्छता और घरों में नल के पानी के लिए जल-जीवन जैसी योजनाओं ने न केवल महिलाओं के जीवन को सरल बनाया, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ आत्मविश्वास की भावना भी प्रदान की। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में नव मतदाता नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर निर्भर है। मुद्रा योजना कार्यक्रम के अंतर्गत 27 करोड़ से अधिक महिलाओं को 68 प्रतिशत ऋण प्रदान किये गए हैं। इसने देश भर में करोड़ों महिलाओं को उद्यमी बनाकर वित्तीय रूप से स्वतंत्र होने में सक्षम किया है। देश में 3.18 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत, महिलाओं को परिवार का स्वामित्व दिया जा रहा है, इस प्रकार वो घरेलू निर्णय लेने में सक्रिय रूप से भागीदार बन रही हैं। मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में महिलाएं सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बहनों, बेटियों, महिलाओं के हित में जितनी योजनाएं चलायीं हैं देश के किसी अन्य प्रदेश में इतनी नहीं हैं। लाडली लक्ष्मी योजना से समाज में ऐतिहासिक परिवर्तन सामने आए हैं और हाल ही में लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से बहनों का न केवल आत्मसम्मान बल्कि आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सूर्या ने ककहा कि नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी ढ़ेरों योजनाओं से पूरे देश में बेटियों को गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में अपनाने की अपील की, जिसके परिणामस्वरूप ये जन अभियान में बदला और लिंगानुपात में क्रांतिकारी सुधार आए। पीएम मोदी ने वूमेन डेवलपमेंट की सोच को वूमेन लीड डेवलपमेंट के संकल्प में बदला और अवसरों के द्वार खोले। आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।

खुद की उपेक्षाओं से आहत कांग्रेस मीडिया विभाग की पूर्व अध्यक्ष थाम सकती हैं भाजपा का दामन
कांग्रेस मीडिया विभाग की बात निराली है। किसी जमाने में कांग्रेस का पूरा मीडिया विभाग और जनसंपर्क चलाने वाली कांग्रेस नेत्री इन दिनों खुद की उपेक्षाओं से काफी आहत नजर आ रही हैं। खुद की क्षमता साबित करने के लिए उन्होने भोपाल से दिल्ली तक सफर किया लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। एक दौर हुआ करता था जब वो कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता हुआ करती थीं उनकी इसी काबिलियत को देखते हुए पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन्हे साल 2018 में कांग्रेस मीडिया विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया था उसके बाद तो उन्होने जो किया वो सारी मीडिया को पता है साथ में कांग्रेस मीडिया विभाग का हर प्रवक्ता उनसे खार खाए बैठा है। कुछ प्रवक्ता बस मुंह नहीं खोल पा रहे हैं कि कहीं वक्त फिर ना बदल जाए। इस वक्त कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा हैं उन पर सीधे कमलनाथ के एक सिपेसालार का हाथ है यही कारण है कि वो मीडिया विभाग में अपनी चला रहे हैं लेकिन पीसीसी चीफ कमलनाथ की ओर से तैनात सिपेसालार से वो हमेशा सजग रहते हैं जब तक वो कांग्रेस कार्यालय में रहते हैं तब तक मिश्रा जी उनके इर्द-गिर्द मौजूद रहने का कोई ना कोई बहाना बनाए रहते हैं। एक और बात देखने को मिली कि कांग्रेस मीडिया विभाग में अब तक सारी नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष करते थे लेकिन हाल में एक पत्र एआईसीसी मीडिया विभाग से जारी हुआ इसमें यशोमति ठाकुर,अनंत पटेल,अभय दुबे और अनुमा आचार्य को मीडिया समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। अब फिर से बात करते हैं कांग्रेस के उन नेत्री की जो खुद को उपेक्षित महसूस कर अब दूसरे विकल्प की तलाश में चल रही हैं। पता चला है कि वो केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संपर्क में हैं। करीब महीने भर पहले उन्होने ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में मुलाकात भी की थी। उस वक्त बात नहीं बन पाई थी क्योंकि वो चाहती हैं कि जब भाजपा में आएं तो उकी एंट्री जोरदार तरीके से होनी चाहिए और उनको पद भी मिलना चाहिए लेकिन भाजपा तो एक कैडर वेस पार्टी है भाजपा में किसी की ज्वाइनिंग होती है तो उसके पहले सभी प्रकार के समीकरण देखे जाते हैं कि किसको ज्वाइन कराने से पार्टी को क्या लाभ होगा। लेकिन पता चला है कि अब बात बनने वाली है और भाजपा के कुछ नेताओं ने मामले में सहमति दे दी है उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में ज्वाइनिंग कराई जाएगी।

ना खाट पर ना चौपाल पर अब तो घर-घर भाजपा करेगी अबकी बार फिर भाजपा सरकार
भारतीय जनता पार्टी ने मेगा प्लान तैयार करते हुए जनता का मूड भाजपा की ओर डायवर्ट करने की योजना पर काम शुरु कर दिया है। जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश भर की जनता के मन मस्तिस्क में यह बैठा दिया था कि कांग्रेस की सरकार आने वाली है और परसेप्शन को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने खत्म करने की योजना तैयार कर ली है। भाजपा ने मेगा प्लान तैयार करते हुए घर-घर चाय पीने की योजना तैयार की है। भाजपा की इस योजना के तहत पार्टी के एक कार्यकर्ता को पांच घरों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिसके तहत भाजपा का कार्यकर्ता एक दो दिन अंतर में अलग-अलग लोगों के घर पर चाय पीने जाएंगे। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता सरकार के कामों का बखान कर जनता का ना सिर्फ मूड परखने का काम करेंगे बल्कि उन्हे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए भी प्रेरित करेंगे। इतना ही नहीं भाजपा के हर कार्यकर्ता से साफ कहा जा रहा है कि वो रोजाना करीब दस लोगों को फोन लगाएं और उन्हे भाजपा सरकार के योजनाओं की जानकारी दें। भारतीय जनता पार्टी को इस बात का अहसास है कि उन्होने जनता की मांग को करीब-करीब पूरा कर दिया है अब जनता के बीच के मूड को बदलने की जरुरत है। इस बात में कोई शक नहीं कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों की नौ से 18 हजार वेतन किया तो पंचायत सचिवों को शासकीय सेवकों की तर्ज पर कर दिया है संविदा कर्मियों को भी सरकार ने नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं कर दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का भी सरकार ने मानदेय बढ़ा दिया है। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का भी मानदेय बढ़ाया गया है लाडली बहना योजना के तहत हर घरेलू महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं लिहाजा सरकार ने हर वर्ग को संतुष्ठ करने का प्रयास किया है और अब भाजपा की योजना है कि जनता की सरकार से जिन बातों को लेकर नाराजगी थी उन्हे खत्म कर दिया गया है और इसी लिए अब जनता का मूड बदलने की जरुरत है जिसके लिए हर घर में भाजपा के कार्यकर्ताओं को भेजने की योजना है ताकि वो अम जनता के घर पर जाएं चाय पियें और यह बताएं की सरकार ने उनके लिए क्या-क्या किया है और अबकी बार फिर भाजपा की सरकार बनाना क्यों जरुरी है।

फिर उठा चेहरे पर सवाल,'उमंग' में सिंघार
पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने एकबार फिर बगावती तेवर अपनाते हुए मध्यप्रदेश में आदिवासी सीएम की आवाज को बुलंद किया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि एमपी में जिस प्रकार से आदिवासियों के ऊपर अपराध और अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं ऐसी स्थिति में प्रदेश में आदिवासी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि यह वही उमंग सिंघार हैं जिन्होने तत्कालीन कमलनाथ सरकार के दौरान कहा था कि पर्दे के पीछे से दिग्विजय सिंह सरकार को चलाते हैं उन्होने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर अवैध रेत उत्खनन का भी आरोप लगाया था हांलाकि इस पूरे मामले में दिग्विजय सिंह की ओर से आज तक किसी प्रकार की सफाई अथवा बयान नहीं आया है कि उमंग सिंघार के आरोप निराधार हैं अथवा उनमें किसी प्रकार की सत्यता भी है। इस बात में कोई सक नहीं है कि उमंग सिंघार एक राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते हैं और जिस प्रकार से उनके पूरे परिवार ने कांग्रेस पार्टी की सेवा की है उसके हिंसाब से उन्हे पार्टी में महत्व नहीं दिया गया है। जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तब भी उन्हे वन मंत्रालय दिया गया था लेकिन पार्टी कभी उनके साथ खड़ी नजर नहीं आई। लेकिन उमंग सिंघार ने जिस प्रकार से आदिवासी सीएम की मांग खुलेआम उठाई है इससे यह स्पष्ट हो गया है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने जिस प्रकार से आदिवासियों पर फोकस किया है तो इस मांग के बाद आदिवासी वोट कांग्रेस पार्टी से छिटक सकता है। इतिहास की ओर नजर डालें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा कांग्रेस पार्टी का ही राज रहा है जिसमें एक भी आदिवासी सीएम नहीं बन पाया है उसके उलट भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो आदिवासी को राष्ट्रपति बना कर उन्होने यह साबित कर दिया है कि वो आदिवासियों के कितने हितैषी हैं साथ में एमपी में भी भाजपा ने आदिवासियों के हित में कई सारी योजनाएं शुरु की है जिसमें पेसा ऐक्ट योजना सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाओं में हैं। हवीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर रानी कमला पति रेलवे स्टेशन किया गया। शंकर और रघुनाथ शाह की मुर्ण्यतिथि से लेकर टंट्यामामा भील को लेकर भाजपा की ओर से लगातार कोई ना कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से आदिवासी नेता तो कई तैयार हुए जिसमें कांतीलाल भूरिया हों अथवा ओमकार मरकाम लेकिन उन्हे ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है जब आदिवासियों को साधने की बात आती है तब जरुर इन नेताओं को कांग्रेस पार्टी आगे करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने लगती है। उमंग सिंघार के बयान के बाद प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी खुलेतौर पर चुटकी ली और कहा कि वो उमंग सिंघार के कायल हैं जिस प्रकार से वो कांग्रेस में रह कर खुल कर बोलते हैं और यह स्वीकार करते हैं कि सरकार को पर्दे के पीछे से कोई और चला रहा है ऐसा बयान सिर्फ उमंग सिंघार ही दे सकते हैं।

अब भाजपा क्रियान्वयन समिति का करेगी गठन,दिए गए टास्क की निगरानी करेगी समिति
दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई भाजपा की हाई लेवल मीटिंग कर गई बिंदुओं पर चर्चा हुई है। सबसे पहले भाजपा ने हारी हुई सीटों पर जीत को लेकर मंथन किया है। ऐसी सीटें जहां पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा और और उन सीटों पर भी फोकस किया गया है जहां साल 2018 में भाजपा 500 से एक हजार वोट से चुनाव जीती थी अथला इतने ही वोटों से चुनाव हारी थी। भाजपा की इस बैठक में प्रत्येक नेताओं को 50 बूथों का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा प्रतिनिदियों को 15 सूत्रीय कार्यक्रम सौंपे गए हैं। भाजपा के बूथ प्रबंधन की कार्ययोजना के अनुरुप संभागीय सम्मेलनों के बाथ अब विधानसभावार कार्यकर्ता सम्मेलनों पर अब भाजपा फोकस कर रही है। दिल्ली की बैठक में ढाई महीने की कार्ययोजना तय की गई है। इस दौरान जो टास्क दिए जाएंगे उसका पालन हुआ या नहीं उसके लिए क्रियान्वयन कमेटी गठित करने पर भी फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि रविवार शाम को दिल्ली में अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में एमपी भाजपा की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित अन्य नेता भी इस बैठक में शामिल हुए। 12 अगस्त को पीएम मोदी भी सागर आ रहे हैं जहां वो संत रविदास के मंदिर की आधारशिला रखेंगे। भाजपा की हाई लेवल में पूर्व में निर्धारित की गई कार्ययोजना के तहत मोर्चा प्रकोष्ठ,विधायक-सांसद या कोई अन्य प्रतिनिधि,नगर निगम-नगर पालिका,पंचायत मंडी सहित 50 प्रतिनिधियों को 15 सूत्रीय कार्यक्रम सौंपे गए हैं। इसके तहत वो पंचायत सचिव,आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से लेकर बूथ में रहने वाले गणमान्य लोगों से मुलाकात करेंगे और उन्हे भाजपा सरकार के रहने और न रहने के मायने समझाएंगे। अगर कोई स्थानीय नेता से नाराज है तो उससे संवाद स्थापित कर नाराजगी दूर की जाएगी। दीवार लेखन कर मोदी-शिवराज सरकार की योजनाओं को जनता को बताने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विधान चुनाव 2023: भाजपा या कांग्रेस जानिए इस बार क्या है जनता की राय
गांव से लेकर शहर तक हर ब्यक्ति की जुवान पर एक ही नाम है सरकार किसकी बनेगी। कुछ लोग कहते हैं सरकार भाजपा की बनेगी तो कुछ लोग कहते हैं कि कांग्रेस की सरकार बनेगी। वास्तव में प्रदेश की जनता अब तक यही तय नहीं कर पा रही है कि वोट किसको देना है।