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#jitu patwari

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डेढ़ घंटे की प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता नहीं बता पाए कि आखिर वो कहना क्या चाहते हैं?
भोपाल

डेढ़ घंटे की प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता नहीं बता पाए कि आखिर वो कहना क्या चाहते हैं?

कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर एमपी कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता (congress press conference) का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,विवेक तन्खा अरुण यादव,पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक शामिल हुए। प्रेसवार्ता के दौरान सभी नेताओं ने एक-एक कर अपनी तरफ से मीडिया को संबोधित किया। करीब डेढ़ घंटे तक चली प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस का एक भी नेता यह नहीं बता पाया कि वो कहना क्या चाहता है। विवेक तन्खा के हाथ में माइक गया तो वो न्यायालय पर सवाल खड़ा करते नजर आए,अरुण यादव के पास माइक आया तो उन्होने किसानों के विषय में बात की। जीतू पटवारी ने भी कई मिनट तक अपनी बात रखी लेकिन उन्हे खुल नहीं मालूम होगा कि उन्होने किस बारे में बात की है। इन सब नेताओं की बात खत्म हुई अथवा बता नहीं पाए तो जेपी धनोपिया को अंत में माइक पकड़ा दिया गया। कुछ देर जेपी धनोपिया ने बोला तो इतना समझ में आया कि कांग्रेस के नेत्रृत्व में सरकार बनी तो मनरेगा में 400 रुपये के हिसाब से मजदूरी मिलेगी। प्रेसवार्ता के दौरान मुकेश नायक ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सबको लिख कर ले दिया गया है जिसको जो पूछना हो पूछ सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कांग्रेस कभी भेदभाव नहीं करती सभी को साथ लेकर चलती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने केन्द्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या कारण है कि केन्द्र सरकार जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाती है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अर्जुन सिंह की सरकार में भी पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने की कोशिश हुई थी लेकिन न्यायालय ने यह कहा था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरक्षण के लिए भारतीय संबिधान में संशोधन किया जाएगा।

10/4/2024167
जीतू पटवारी राहुल गांधी के पक्के चेले हैं,उन्हें हिंदी नहीं आती,इन्हें गिनती नही आती...
भोपाल

जीतू पटवारी राहुल गांधी के पक्के चेले हैं,उन्हें हिंदी नहीं आती,इन्हें गिनती नही आती...

कांग्रेस में लगातार भगदड़ मची है रोजाना सैकड़ों और हजारों की संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता बीजेपी की सदस्यता ले रहे हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) ने मीडिया से कहा कि सिर्फ 336 लोगों ने अब तक भाजपा की सदस्यता ली है। जीतू पटवारी के बयान के बाद बीजेपी ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने करारा प्रहार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी नींद से जागें और सही आंकड़े को स्वीकार करें। पूर्व गृह मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि छह अप्रैल को एक ही दिन में 47179 बूथ पर 282282 सदस्य बीजेपी के बने हैं। जितने जीतू पटवारी बता रहे हैं, उतने तो तीन दिन पहले दीपक सेक्सना कार्यकर्ता के साथ आए थे। पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि जितनी संख्या जीतू पटवारी ने बताई उतने तो पूर्व जनप्रतिनिधि ही आ चुके हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की चुटकी लेते हुए कहा कि जीतू पटवारी राहुल गांधी के पक्के चेले हैं। उन्हें हिंदी नही आती...इन्हें गिनती नही आती। हमारे दिल में और पार्टी में पर्याप्त जगह है और 'ज्वाइनिंग का अभियान आगे भी जारी रहेगा'

8/4/2024170
जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज होगा सबसे नाकाम अध्यक्ष का वर्ल्ड रिकार्ड,6 अप्रैल को लगेगा एक लाख झटका
भोपाल

जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज होगा सबसे नाकाम अध्यक्ष का वर्ल्ड रिकार्ड,6 अप्रैल को लगेगा एक लाख झटका

जीतू पटवारी (jitu patwari) की विधानसभा चुनाव (mp assembly elections) में करारी शिकस्त के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हे यह सोच कर पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था कि युवा चेहरा है कुछ नया करेगा। लेकिन इतना नया करेगा कांग्रेस के हाई कमान को इस बात का अंदाजा नहीं था। दरअसल जीतू पटवारी के पीसीसी चीफ बनने के बाद पार्टी में ऐसे पलायन का दौर चला कि अब तक 18 हजार से ज्याना नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। और जीतू पटवारी हैं कि अब भी अपने ही कार्यकर्ताओं पर सारा दोष मढ़ रहे हैं। और अब तो जीतू पटवारी अपने अध्यक्ष के नाकामी का वर्ल्ड रिकार्ड भी कायम करने वाले हैं। छह अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है। और इस दिन को यादगार बनाने के लिए बीजेपी ज्वाइनिंग कमेटी के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बड़ी मुहिम चला दी है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने ऐलान किया है कि वो भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रदेश भर में करीब एक लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ज्वाइनिंग भाजपा में कराने जा रहे हैं। पूर्व गृह मंत्री की इस घोषणा के बाद से पूरी कांग्रेस में हलचल सी पैदा हो गई है। मजे की बात यह है कि पार्टी में बचे-खुचे कार्यकर्ता एक दूसरे को सक की निगाहों से देख रहे हैं। कुछ कार्यकर्ता एक दूसरे से यह भी सवाल कर रहे हैं कि क्या तुम भी बीजेपी में शामिल हो रहे हो। Mukhbirmp.com की टीम ने कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क किया तो नाम न छापने की शर्त पर उन्होने कहा कि कांग्रेस में उन्हे किसी प्रकार का सम्मान नहीं मिल रहा है। पहले कमलनाथ अध्यक्ष थे तो उनका कद इतना बड़ा था कि उनसे मिलना बहुत मुस्किल था और कमलनाथ के बाद जीतू पटवारी को पीसीसी चीफ बनाया गया तो उनसे मिलना कमलनाथ से भी ज्यादा कठिन हो गया है। उनके निवास पर घंटों इंतजार करना पड़ता है किसी तरह जीतू पटवारी बंगले से बाहर निकलते हैं तो देखते हैं कि भीड़ में उनका करीबी कौन है और फिर वो उस कार्यकर्ता के कंधे पर अपना हाथ रख कर कुछ देर तक इधर- उधर घूमते हैं फिर सभी से यह कहते हैं कि जमकर चुनाव की तैयारियां कीजिए हम कुछ सीटों पर अच्छी स्थिति में हैं और जीत भी दर्ज करेंगे। पीसीसी चीफ की इस प्रकार की बांते सुन कर कार्यकर्ता और नेता उदास हो जाते हैं यही कारण है कि कार्यकर्ता अब कांग्रेस में अपने आपको ठगा सा महसूस करते हैं। जिसके चलते अब वो अपना भविष्य भाजपा में देख रहे हैं। इधर बीजेपी ने इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को शामिल कराने के लिए अपने बूथ स्तर की इकाइयों को भी लगा दिया है और सभी से कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हे बीजेपी में शामिल कराया जाए। तभी प्रदेश भर में एक लाख कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो पाएंगे।

4/4/2024209
एमपी कांग्रेस के सबसे नाकाम अध्यक्ष निकले जीतू पटवारी,18 हजार कार्यकर्ता छोड़ चुके पार्टी
भोपाल

एमपी कांग्रेस के सबसे नाकाम अध्यक्ष निकले जीतू पटवारी,18 हजार कार्यकर्ता छोड़ चुके पार्टी

कार्यकर्ताओं का एक से दूसरी पार्टी में आना जाना अब कोई बड़ी बात नहीं रही लेकिन एक के बाद,झटके पर झटके एमपी कांग्रेस (mp congress) को लगते जा रहे हैं जिस दिन से जीतू पटवारी (jitu patwari) को पीसीसी चीफ बनाया गया है ठीक उसी दिन से कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर शुरु हो गया है। एक दो नहीं,एक दो हजार भी नहीं अब तक करीब 18 हजार कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस का हाथ छोड़ कर कमल का फूथ हाथ में थाम चुके हैं। पिछले तीन महीने में ऐसा एक भी दिन नहीं गुजरा जब कांग्रेस के सौ-दो सौ कार्यकर्ता पार्टी न छोड़ते हों लेकिन अपनी मस्ती में सराबोर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को तो जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। जो लोग कांग्रेस के लिए सालों से काम करते रहे हैं उनके पार्टी छोड़कर जाने का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कारण भी नहीं पूछते हैं। इतना ही नहीं उनसे कोई मिलने जाता है तो घंटों तक इंतजार करना पड़ता है किसी तरह से वो सूजी हुई आंखों के साथ बाहर निकलते हैं तो सफाई में कहते हैं कि वर्चुअली मीटिंग चल रही थी। जबकि नेताओं कार्यकर्ताओं को यह मालूम रहता है कि कोई मीटिंग नहीं चल रही थी बल्कि उनके अध्यक्ष सोने में ब्यस्त थे। जीतू पटवारी जब तक अध्यक्ष नहीं थे तब तक अक्शर प्रदेश कार्यालय भी आया करते थे लेकिन अध्यक्ष बनने के बाद वो कार्यालय का रास्ता ही भूल गए। शुक्रवार को Mukhbirmp.com की टीम पीसीसी कार्यालय का मुआयना करने पहुंची तो गिनती के एक दो लोग मिले। जो मिले तो कुछ ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं थे लेकिन दवी जुवां से इतना बोल गए कि ऐसा लगता है जैसे पार्टी में कोई अध्यक्ष ही नहीं है और पूरी पार्टी के कार्यकर्ता खुद को अनाथ सा महसूस करते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव सिर पर है नामांकन की प्रक्रियाएं चल रही हैं लेकिन पार्टी की तरफ से उन्हे कोई काम ही नहीं बताया जा रहा है जिससे वो खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जब पार्टी कोई काम ही नहीं दे रही है तो कार्यालय आने का भी कोई मतलब नहीं है। जो कार्यकर्ता और नेता कार्यालय आते भी हैं तो उनका समय वर्मान और पूर्व अध्यक्षों की तुलना में ही बीतता है। कुछ कार्यकर्ता दवी जुवां यह भी कहते हैं कि यही हाल रहा तो आने वाले समय में कार्यालय में जो कर्मचारी काम कर रहे हैं वो भी बीजेपी कार्यालय में नौकरी ढूढने के लिए निकल जाएंगे।

30/3/2024173
कांग्रेस की भगदड़ पर जीतू पटवारी का जवाब,दिग्विजय और कमलनाथ पर मढ़ा सारा दोष
भोपाल

कांग्रेस की भगदड़ पर जीतू पटवारी का जवाब,दिग्विजय और कमलनाथ पर मढ़ा सारा दोष

पिछले तीन महीने से कांग्रेस पार्टी में लगातार भगदड़ का माहौल है। अब तक करीब 17 हजार से ज्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ फूल का दामन थाम लिया है। इस मामले में कांग्रेस के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (jitu patwari) से जवाब तलब किया है। कहा यह भी जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (mallikarjun kharge) ने जीतू पटवारी को बंद कमरे में जमकर खरी खोटी भी सुनाई है। कांग्रेस के केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा पूछे गए सवाल पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपनी लिखित सफाई दी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जीतू पटवारी ने अपनी सफाई में सारा दोष दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर मढ़ दिया है। जीतू पटवारी ने अपने जवाब में कहा है कि उनको नाकाम साबित करने के लिए दिग्विजय सिंह और कमलनाथ इस प्रकार का भयानक षड़यंत्र रच रहे हैं इसी लिए ज्यादातर दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के करीबी लोग ही बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। पीसीसी चीफ ने इनके अलावा दो और नेताओं का नाम भी शामिल किया है जिसमें अरुण यादव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह (राहुल) को भी कांग्रेस की भगदड़ का दोषी बताया है। उन्होने कहा है कि बीजेपी ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा और इन नेताओं की आपस में दोस्ती है और ये सब मिल कर इतना बड़ा खेल- खेल रहे हैं। हांलाकि केन्द्रीय नेत्रृत्व ने जीतू पटवारी के आरोपों को ज्यादा तबज्जो नहीं दी है। बल्कि कांग्रेस में लगातार जारी पलायन को जल्दी से जल्दी रोकने की नसीहत दी गई है।

29/3/2024196
डॉ. नरोत्तम मिश्रा के आगे जीतू पटवारी का सरेंडर,कुनवा रोकने में नाकाम हुए जीतू पटवारी
भोपाल

डॉ. नरोत्तम मिश्रा के आगे जीतू पटवारी का सरेंडर,कुनवा रोकने में नाकाम हुए जीतू पटवारी

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) विधानसभा चुनाव क्या हारे ऐसा लगता है उन्होने रौद्र रुप धारण कर लिया है। जब-जब पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को राजनीतिक आघात लगा है तब-तब उन्होने कांग्रेसी खेमे में तबाही मचाई है। इससे पहले साल 2019 में कांग्रेस की सरकार बनी थी जिसके बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस ने टारगेट करने का प्रयास किया नतीजा यह निकला कि उन्होने कांग्रेस की सरकार गिराने की कसम खा ली और कांग्रेस की सरकार को धराशाही भी कर दिया। 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए भाजपा ने उन्हे बीजेपी ज्वाइनिंग कमेटी (bjp joining committee) का प्रदेश संयोजक बना दिया। पूर्व गृह मंत्री को भाजपा ने ज्वाइनिंग कमेटी का संयोजक क्या बनाया उन्होने रौद्र रुप धारण कर कांग्रेस के समूल नाश का बीड़ा उठा लिया। हालात यहां तक पहुंच गए अब तक 17 हजार से ज्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीजेपी में शामिल करा चुके हैं। ऐसा लगता है कि जैसे नरोत्तम मिश्रा के आगे पूरी कांग्रेस ने सरेंडर कर दिया है। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने जीतू पटवारी को पीसीसी चीफ बना दिया उनके अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस में पलायन का दौर तेज हो गया। ऐसा लगता है जैसे पर्दे के पीछे से जीतू पटवारी (jitu patwari) खुद अपने नेताओं को बीजेपी में जाने की सलाह दे रहे हैं। दिलचश्प बात यह भी है कि चुनाव से पहले कांग्रेस के नेता पार्टी छोड़ रहे हैं और जीतू पटवारी ने एक भी ऐसी बैठक नहीं की जिसमें उन्होने नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने का कारण पूछा हो। मतलब साफ है कि जीतू पटवारी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सामने खुद सरेंडर कर दिया है।

28/3/2024362
कांग्रेस की जीत में रोड़ा बने 'जीतू पटवारी' पर्दे के पीछे से चार पत्रकार चला रहे कांग्रेस
भोपाल

कांग्रेस की जीत में रोड़ा बने 'जीतू पटवारी' पर्दे के पीछे से चार पत्रकार चला रहे कांग्रेस

देश भर की राजनीतिक पार्टिया लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) जीतने की रणनीति बनाने में जुटी हैं। लेकिन एमपी कांग्रेस (mp congress) के अध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) कांग्रेस को खाली करने में लगे हैं। जिस दिन से कांग्रेस के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है उसी दिन से कांग्रेस में पलायन का दौर शुरु हुआ जो अब तक निरंतर जारी है। जीतू पटवारी के पीसीसी चीफ बनने के बाद से अब तक करीब 16 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता पार्टी छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। इन दिनों एक और बात भी निकल कर सामने आ रही है कि एमपी कांग्रेस को पर्दे के पीछे से चार पत्रकार चला रहे हैं। वो पत्रकार अक्सर जीतू पटवारी के निवास पर पाए जाते हैं। इनके अलावा जो भी पत्रकार जीतू पटवारी से मिलने जाता है कुछ देर बैठ कर बात करना चाहता है उसको जीतू पटवारी बड़े ही आदर भाव से चलता करते हैं। जीतू पटवारी पहले पत्रकार के कंधे पर हाथ रखते हैं कुछ देर इधर-उधर घुमा कर कुछ बातें करते हुए कहते हैं कि तू तो मेरा भाई है और फिर बड़े प्यार से गेट के बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने पर लोगों को लगा था कि युवा चेहरे को मौका मिला है कुछ नया और अच्छा बदलाव देखने को मिलेगा। लेकिन जीतू पटवारी की अकड़ ने कुछ नया करने की बजाय पार्टी को और गर्त में डालने का काम किया है। पार्टी के कितने कार्यकर्ता छोड़ कर भाजपा में जा चुके हैं उन्हे तो ये भी नहीं मालूम मीडिया कर्मियों से जीतू पटवारी पूछते नजर आते हैं कौन छोड़ कर चला गया।

26/3/2024225
रीवा,सतना,अनूपपुर,जबलपुर और छिंदवाड़ा के हजारों कांग्रेसियों ने थामा बीजेपी का दामन
भोपाल

रीवा,सतना,अनूपपुर,जबलपुर और छिंदवाड़ा के हजारों कांग्रेसियों ने थामा बीजेपी का दामन

लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) से पहले कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर लगातार जारी है। गुरुवार को हजारों की संख्या में रीवा,सतना,अनूपपुर जबलपुर और छिंदवाड़ा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। भाजपा में ज्वाइन करने वाले नेताओं में पूर्व विधायक और जिला पंचायत अध्यक्षों सहित अलग- अलग तरह के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ली है। ज्वाइनिंग कमेटी के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक करीब 15 हजार कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। और यह आंकड़ा ठीक इसके डबल होने की उम्मीद जताई जा रही है। होली के बाद एक बार फिर ज्वाइनिंग का दौर शुरु होगा जिसमें हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जीतू पटवारी (jitu patwari) के पीसीसी चीफ बनने के बाद ऐसा पहला मौका है जब कांग्रेस के कार्यकर्ता इतनी बड़ी संख्या में बीजेपी का रुख कर रहे हैं। इस पलायन का कारण भी जीतू पटवारी ही बताए जा रहे हैं क्योंकि उनके पीसीसी चीफ बनने के बाद कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है इसके अलावा पार्टी का सत्ता में नहीं आना भी कांग्रेस से पलायन बड़ा कारण बताया जा रहा है।

21/3/2024320
धर्म से बात न बने तो जातियों को अलग कर सत्ता तक पहुंचा जा सकता है,ऐसा सोचते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता
भोपाल

धर्म से बात न बने तो जातियों को अलग कर सत्ता तक पहुंचा जा सकता है,ऐसा सोचते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता

मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी भाजपा और कांग्रेस में इन दिनों जनता के दिल तक उतरने के लिए मुद्दों की तलाश है। भाजपा का स्टैंड तो क्लियर है राम मंदिर और हिंदुत्व लेकिन कांग्रेस अब तक अपना चुनावी एजेंडा तय नहीं कर पाई कि चुनाव में जाकर वो भाजपा का काउंटर कैसे करेगी। ऐसे में शुक्रवार को कांग्रेस का एक कार्यकर्ता पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (jitu patwari) के पास टिकट की चाहत लिए पहुंचता है। जीतू पटवारी कहते हैं कि युवा वर्ग चुनाव लड़ने का इच्छुक है अच्छी बात है लेकिन चुनावी समर में जब उतरोगे तो भाजपा के बड़े मुद्दों का काउंटर कैसे करोगे। ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता का जवाब आता है कि भाजपा धर्म की और भगवा की बात करती है जो जनता को पसंद आती है। इसकी काट यही है कि हम लगातार जातियों की बात करें। जाति आधारित जनगणना की बात करे। अलग-अलग वर्गों के पास जाएं बार-बार उनके पिछड़े होने का अहसास दिलाएं और बताएं की जातियों की जनगणना होने से सभी जातियों की संख्या क्लियर हो जाएगी और उससे विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। मतलब साफ है कि कांग्रेस के पास भाजपा का काउंटर करने के लिए कुछ नहीं बचा तो डिवाइड एंड रुल की पॉलिसी पर कांग्रेस काम करने लगी मतलब फूट डालो और शासन करो की रणनीति पर कगंग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है। राहुल गांधी भी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हर जगह अपने संबोधन में जाति आधारित जनगणना कराने की बात करते हैं। सत्ता पाने के लिए जब धर्म का मुद्दा काम नहीं आया तो कांग्रेस ने जातियों का सहारा लेना शुरु कर दिया है।

16/3/2024104
असम में राहुल गांधी पर हुए हमले के विरोध में भोपाल में मौन धरना
भोपाल

असम में राहुल गांधी पर हुए हमले के विरोध में भोपाल में मौन धरना

जहां एक ओर पूरा देश राम मय है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन (mp congress protest) का रास्ता अपना रखा है। दरअसल राहुल गांधी (rahul gandhi) की भारत जोड़ो न्याय यात्रा (bharat jodo nyay yatra) पर असम में हमला होने का आरोप लगाया जा रहा है। लिहाजा कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में भोपाल में मौन प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता हाथ में काली पट्टी बांधकर बैठे। कांग्रेस का यह धरना भोपाल के रोशनपुरा में आयोजित किया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

23/1/2024125
बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात
भोपाल

बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात

विधासभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को पीसीसी चीफ पद से बड़ी बेरहमी के साथ हटा कर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान थमा दी ग ई। और कांग्रेस ने कमलनाथ को यह सीधे तौर पर बता दिया कि 'तुमसे ने हो पाएगा' कमलनाथ लिधानसभा के सत्र में भी उपस्थित नहीं हुए थे,विधायक पद की शपथ भी उन्होने नहीं ली थी। भाजपा के नेता आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ को पार्टी ने जिस प्रकार अध्यक्ष पद से निकाला है उसी से वो नाराज हैं। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए। कमलनाथ अब भोपाल आ चुके हैं। और उनके आने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कमलनाथ के निवास पहुंचे और उनसे काफी देर तक बंद कमरे में बात की। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि कमलनाथ जीतू पटवारी से खुश नहीं हैं। माना यह भी जा रहा है कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद अब कमलनाथ का एमपी कांग्रेस में किसी प्रकार का हस्तक्षेप भी नहीं रहेगा। फिलहाल चुनाव में करारी हार के चलते अब कमलनाथ को जीवन के आखिरी दौर में फिर से अपनी जमीन तैयार करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है।

7/1/2024189
जीतू पटवारी बने पीसीसी चीफ,उमंग सिंघार होंगे नेता प्रतिपक्ष
भोपाल

जीतू पटवारी बने पीसीसी चीफ,उमंग सिंघार होंगे नेता प्रतिपक्ष

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद एआईसीसी ने एमपी कांग्रेस में बड़ा फेर बदल किया है (mpcc)। अब मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान युवा नेता जीतू पटवारी (jitu patwari) के हाथों में होगी जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। वही आदिवासी नेता उमंग सिंघार (umang singhar) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हेमंत कटारे (hemant katare) को उप नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। विधानसभा चुनाव में हर के बाद लगातार इस बात के प्रयास लगाए जा रहे थे कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब फेरबदल होगा और आज वह फिर बदल व्यापक स्तर पर देखने को मिला है। माना यह जा रहा है कि जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस पार्टी की स्थिति सुधरेगी और उसमें युवाओं को मौका मिलेगा।

16/12/2023136
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