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उमंग सिंघार ने कांग्रेस कार्यालय से बनाई दूरी होटल में लेने लगे प्रेसवार्ता पटवारी और सिंघार की आपसी कलह फिर सतह पर आई

राज्यसभा में 'कमल' के खिलने की बढ़ी संभावना क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए कांग्रेस आजमाएगी आखिरी दांव

हाजिर जवावी में सरदार जी का कोई जवाब नहीं लेकिन तनखैया भैया भी पीछे नहीं,किस्सा अमरवाड़ा सीट की हार का है जब दोनों के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ी

आधार अपडेट होते ही दिग्विजय और कमलनाथ के क्षेत्र में बुजुर्गों की बंद हुई पेंशन, 600 रुपये प्रतिमाह मिलती थी पेंशन

लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप का दंश झेल रही कांग्रेस में सिर फुटव्वल का माहौल,पोस्टमार्टम की उठी मांग

चुनाव परिणाम तय करेगा एमपी कांग्रेस के नेताओं का भविष्य,कई नेताओं के फ्यूचर पर लटक सकती है तलवार

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

ना 'मामा हूं ना चाचा हूं, मै प्रदेश का भाई हूं' कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने प्रदेश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए खुद को प्रदेश की जनता का भाई बताया है। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पिछले दो महीना में घोषणाओं के स्पीड ब्रेकर पर पैर रख दिया है और दोगुनी रफ्तार में घोषणाएं करते चले जा रहे हैं। एक न्यूज़ चैनल में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ी बेबाकी के साथ भाजपा और प्रदेश सरकार (MP Government) पर ताबड़ तोड़ हमले किए। कमलनाथ ने साल 2020 की बात करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार गिराई गई,भाजपा नेताओं की बात जब कांग्रेस विधायकों से शुरु हुई तो उसकी जानकारी उन्हे दो महीने से थी। कमलनाथ ने साफ कहा कि उन्होने विधायकों से कहा था कि मजे करो। एमपी में निवेश आने के मामले में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि निवेश विश्वास से आता है लेकिन इस वक्त निवेशकों को एमपी पर भरोसा नहीं है अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो एमपी में निवेशक भी आएंगे। दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और खुद के संबंधों पर कमलनाथ ने कहा कि उनके और दिग्विजय के बीच अच्छे संबंध हैं और वो बयान देते हैं तो उनका ब्यक्तिगत बयान होता है उस बयान का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। कमलनाथ ने एक और बड़ी बात कही। दरअसल सीएम शिवराज को एमपी में मामा के नाम से संबोधित किया जाता है जिस पर कटाक्ष करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वो न मामा हैं न चाचा हैं वो प्रदेश की जनता के भाई हैं। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि मंत्रालय में सीसीसीटीवी कैमरे लगे हैं अधिकार सरकार के पास है वो वीडियो फुटेज निकलवा कर चेक कर सकते हैं कि मैने किस प्रकार का भ्रष्टाचार किया है और उनसे मिलने के लिए कौन आया करते थे। कमलनाथ ने एक बड़ी बात कही कि अगर गलत है तो बुलडोजर चलाना गलत नहीं लेकिन कई जगहों पर लोगों को टारगेट करके बुलडोजर चलाए गए हैं जो गलत है। कमलनाथ ने यह भी कहा कि इस बार भाजपा पर जनता का बुलडोजर चलेगा।

'सनातन पर बात आती है तो कमलनाथ मौनी बाबा और वोट लेना हो तो ढोंगी बाबा होते हैंःशिवराज सिंह चौहान
जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) समाप्त होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान सीएम शिवराज ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) पर बड़ा हमला बोला। सीएम शिवराज ने कहा कि जब सनातन का अपमान होता है, तो कमलनाथ आप मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना होता है, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता की राजनीति करती है और भाजपा सकारात्मकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम एकात्म यात्रा निकालते हैं, स्नेह यात्रा निकालते हैं, जन आशीर्वाद यात्रा निकालते हैं, कांग्रेसी जन आक्रोश यात्रा निकालते हैं। दिग्विजय सिंह जनआक्रोश (Jan Aakrosh Yatra) के पोस्टर से गायब है, कमलनाथ यात्रा से गायब हैं।जिनका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर लेकर चलता हो, उस पार्टी का क्या भविष्य होगा! प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आए जो गौरव की बात है। आजादी के अमृतकाल में आधी आबादी को न्याय मिला है। भाजपा की प्राथमिकता नारी सशक्तीकरण है। मुक्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया। जिसने सेक्स रेशियो ठीक करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई, जहां महिलाओं को पुलिस में 35% आरक्षण मिलेगा,जहां महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाती है। जहां संबल योजना बनाई गई, जहां एक करोड़ 32 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पहले 1,000 रुपये डाले गए और अब 1,250 रुपये डाले जा रहे हैं। हम जनता की सेवा के काम करने के लिए हैं जनआशीर्वाद यात्रा को अभूतपूर्व सफलता मिली है, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) और समस्त कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।

गंगा जल देकर 11 गारंटी पूरा करने का वचन देगी कांग्रेस
एमपी में विधानसभा चुनाव (MP Elections) में अब गंगाजल की एंट्री हो चुकी है। कांग्रेस कार्यकर्ता (MP Congress) गंगाजल के साथ कमलनाथ (Kamal Nath) के 11 वचनों का पर्चा लेकर जनमानस के बीच जाएगें। सरकार बनने के बाद 11 वचनों को पूरा करने का यकीन दिलाएगें। इसकी औपचारिक घोषणा भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गंगाजल से भरी बोतल और 11 वचन के पोस्टर जारी कर की गई हैं। गंगाजल से भरी बोतलें कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर की सभी 9 विधानसभा क्षेत्र लेकर जाएंगे, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के दस हजार घरों में गंगाजल की बोतल और 11 वचन पत्र के पोस्टर देगें। कांग्रेस ने एक लाख घरों में गंगाजल और 11 वचन पोस्टर भेंट करने का लक्ष्य तय किया है। इंदौर ओबीसी प्रकोष्ठ के लोकसभा अध्यक्ष हिमांशु यादव (Himanshu Yadav) हरिद्वार से गंगाजल की बोतल लेकर भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे (PCC)। यहां उन्होंने गंगाजल की बोतल और उन पर लगे 11 वचन के पर्चे जारी किए। इन पर कमलनाथ की तस्वीर भी है। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी के कुछ अन्य नेता भी प्रचार के अलग-अलग तरीके अपनाने की योजना बना रहे हैं। जिस प्रकार से गंगा जल को हिंदू वर्ग में पवित्रता का प्रतीक माना जाता है ठीक उसी का अनुसरण करते हुए कांग्रेस के और नेता जनता को विश्वास दिलाने के लिए और भी नुस्खे तैयार कर रहे हैं जिससे जनता को विश्वास दिलाया जा सके कि कांग्रेस की सरकार आएगी तो सारे वचन पूरे किए जाएंगे।

भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची (MP BJP Candidate list) बहुत पहले आ चुकी है लेकिन दूसरी सूची पर रहस्य लगातार बरकरार है। कहा यह जा रहा है कि भाजपा (mp bjp) की दूसरी सूची को कांग्रेस के दो विधायकों ने रोक रखा है। यह दोनों विधायक बुंदेलखंड और ग्वालियर- चंबल के दो अलग-अलग क्षेत्र में कांग्रेस के गद्दार विधायक हैं। दोनों ही सीटें भाजपा के सर्वे में भी डेंजर जोन में रखी गई हैं, इसीलिए दोनों विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश जारी हैं। दोनों को भाजपा में प्रवेश दिलाने और उनका टिकट पक्का करवाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेता प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक सीट भी दरबार है तो दूसरी राजनगर। छतरपुर जिले की राजनगर सीट कांग्रेस के पास 2008 से है। यहां से कांग्रेस के कुमार विक्रम सिंह 'नाती राजा' ने पिछला चुनाव मात्र 632 वोटों से भाजपा के अरविंद पटेरिया को हराया था। वही ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से लखन सिंह यादव विधायक हैं। यह सीट 2008 में कांग्रेस के पास आई थी दरअसल दूसरी सूची में भी 35 ऐसी सिम शामिल हैं जिनमें कांग्रेस मजबूत है। गौरतला अब है कि भाजपा ने 17 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। दूसरी सूची पर भी 13 सितंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) राजनगर सीट पर जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। वही एक बड़े नेता भितरवार से लखन सिंह यादव को भाजपा में ले जाने के पक्षधर हैं। लाखन सिंह यादव मूल रूप से दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें कमलनाथ (kamal natha) सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरे बड़े नेता ने भितरवार के एक अन्य ओबीसी नेट का नाम प्रस्तुत किया है जो ग्वालियर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों सीटों के टिकट पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल दूसरी सूची जारी नहीं हो पा रही है।

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।