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सन्यास के लिए कमलनाथ हुए तैयार,चौरई में कमलनाथ ने किया ऐलान
बेटे का भविष्य संवारने के लिए पिता कोई भी त्याग करने से पीछे नहीं हटता। और इसकी जीती जागती मिशाल हैं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath)। कुछ समय पहले तक उन्होने भाजपा में शामिल होने के लिए अपनी ओर से तमाम प्रयास किए लेकिन बात नहीं बन पाई। अब कमलनाथ पर कांग्रेस हाई कमान भी पहले की तरह विश्वास नहीं कर रहा है। और यही कारण है कि कमलनाथ ने राजनीति से सन्यास लेने की योजना तैयार कर ली है। लेकिन बेटे को एक बार फिर सांसद बनाने के लिए उन्होने छिंदवाड़ा जिले के चौरई विधानसभा की जनता के सामने कुछ ऐसी बातें कही जिससे स्थानीय जनता का दिल भर आया। दरअसल कमलनाथ ने भावुक होते हुए कहा कि मुझे आपने इतने साल तक प्यार और सम्मान दिया है। अगर कमलनाथ को आप विदा करना चाहते हैं तो मै विदा होने के लिए तैयार हूं। कमलनाथ ने चौरई की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मै खुद को आपके ऊपर थोपना नहीं चाहता हूं। कमलनाथ यहीं नहीं रुके उन्होने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा बहुत मजबूत और आक्रामक प्रचार कर रही है। लेकिन डरिएगा नहीं मुझे विश्वास है कि आप फिर नकुलनाथ को सांसद बनाएंगे। गौरतलब है कि भाजपा पिछले कुछ समय से छिंदवाड़ा में लगातार किलेबंदी करने में जुटी है। जिससे कमलनाथ को अपने बेटे नकुलनाथ (nakul nath) का भविष्य अधर में दिख रहा है यही कारण है कि कमलनाथ बेटे सहित भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे थे। दो चरणों में उनकी भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व से बात भी हुई लेकिन उन पर सिक्ख दंगे का आरोप है और भाजपा के नेता लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। एमपी बीजेपी के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने का विरोध किया था जिसके कारण कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। अब कमलनाथ अपने बेटे को जिताने के लिए चुनाव प्रचार में जुट चुके हैं और जनता के सामने इमोश्नल कार्ड खेल कर किसी भी तरह से नकुलनाथ को एक बार फिर सांसद बनाना चाहते हैं।

भाजपा की पहली सूची तय,100 नामों की होगी पहली सूची,एमपी से बीस सांसदों के टिकट कटना तय
भारतीय जनता पार्टी में लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) को लेकर लगातार मंथन जारी है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार केन्द्रीय नेत्रृत्व अगले दो दिन में पहली सूची जारी कर देगी। पहली सूची 100 नामों की होगी जिसमें एमपी की करीब 15 सीटें हैं जिनको पहली सूची (bjp lok sabha list) में शामिल किया जाएगा। दो दिन पहले भाजपा ने उम्मीदवारों को लेकर रायशुमारी की थी इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी पूछी गई थी। बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव,अध्यक्ष वीडी शर्मा,उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने केन्द्रीय नेताओं के साथ उम्मीदवारों के चयन पर काफी देर तक माथापच्ची की है। बताया जा रहा है कि तीन से अधिक बार चुनाव लड़ने वाले सांसदों को टिकट देने से भाजपा परहेज कर रही है। इनकी जगह पर किसान, गरीब, युवा और महिलाओं को चुनाल मैदान में उतारा जाएगा। कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने इस बात के संकेत भी दिए थे। उनकी नजर में केवल गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की ही जातियां हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में यही लाइन रहने की पूरी उम्मीद है। ऐसे चेहरे केन्द्रीय नेत्रृत्व में सर्वे करा कर चिन्हित कर लिए गए हैं। और भाजपा अब इन्हे लोकसभा भेजने की तैयारी में है। उम्मीदवारों के चयन के साथ भाजपा उन नेताओं के लिए भी जिम्मेदारी तय करने में जुट गई है जो पिछले कई साल से सांसद हैं और इस बार उनका टिकट केन्द्रीय नेत्रृत्व काटने जा रहा है। ऐसे नेताओं में हरिशंकर खटीक,फग्गन सिंह कुलस्ते,सतना सांसद गणेश सिंह सहित कुछ नेता शामिल हैं। इन सभी नेताओं की जगह पर भाजपा ऐसे युवा चेहरों को मौका देना चाहती है जो अगले 15 साल तक अपने संसदीय क्षेत्र का नेत्रृत्व कर सकें। बताया जा रहा है कि दिल्ली आज बड़ी बैठक होगी जिसमें सूची को अंतिम रुप देकर कल तक सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

मोदी की जड़ी बूटी और माइक्रो मैनेजमेंट से बीजेपी ने तैयार किया जीत का ड्राफ्ट,कैसा होगा ड्राफ्ट देखिए Mukhbir
भारतीय जनता पार्टी की और मध्य प्रदेश चुनाव समिति (mp bjp meeting) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) की दृष्टि से पूरे एजेंडों पर सभी सदस्यों ने गंभीरता से चर्चा की। बैठक में आगामी चुनाव की दृष्टि से माइक्रो मैनेजमेंट प्रत्येक बूथ पर चुनाव लड़ना और प्रत्येक बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) की जड़ी बूटी 370 वोट हर बूथ पर बढ़ाने का जो संकल्प है उसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई कि किस प्रकार से हर बूथ पर 370 वोट प्रधानमंत्री के नेतृत्व में और हर बूथ पर 10% वोट बढ़ाना और मध्य प्रदेश में जो 70% वोट का भाजपा का संकल्प है उस पर गंभीरता से बात सभी सदस्यों ने की है। चुनाव समिति में आने वाले लोकसभा चुनाव की दृष्टि से 29 के 29 लोकसभा पर विस्तृत चर्चा की गई है। कार्यकर्ता चुनाव की दृष्टि से अच्छे से अच्छे प्रत्याशी के तौर पर हो सकते हैं। एक अच्छे भाव के साथ सभी सदस्यों ने मिलकर गंभीरता से चर्चा की। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से एमपी बीजेपी ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया है उसी ड्राफ्ट के हिसाब से अब भाजपा में बूथ स्तर के कार्यकर्ता काम करेंगे। जल्दी ही लोकसभा चुनाव की दृष्टि से केंद्रीय नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर भी निर्णय लेगा।

एमपी की 23 सीटों पर बीजेपी ने की रायशुमारी,दिल्ली से मुहर लगना बांकी,बीजेपी जल्द जारी करेगी सूची
भारतीय जनता पार्टी विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में भी अपने प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी करना चाहती है जिससे चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को प्रचार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके (lok sabha elections)। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (mp bjp) ने मंगलवार को 23 लोकसभा सीटों पर रायशुमारी की है। उसके बाद प्रदेश कार्यालय में चुनाल समिति की बैठक में उन्ही 23 सीटों पर चर्चा हुई। मप्र के मंत्रियों और संगठन नेताओं द्वारा सभी संसदीय सीटों पर राजकुमारी करने के बाद भाजपा ने 6 सीटों पर नाम का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। इनमें सांसदों के चुनाव लड़ने पर रिक्त हुई पांच सिटें मुरैना, दमोह, सीधी, जबलपुर, होशंगाबाद, और एक अन्य छिंदवाड़ा संसदीय सीट शामिल है। वहीं मंगलवार की बैठक में उन 14 सीटों को लेकर मंथन हुआ जहां बड़े नेताओं की भी दावेदारी है। इन सीटों पर तीन-तीन नाम का पैनल बनाया गया है। शेष नौ सीटों पर भी प्रत्याशियों के नाम को लेकर चर्चा हुई है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्री संगठन महामंत्री अजय जमवाल सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।

बीजेपी की रायशुमारी में चौकाने वाला नाम,मंडल अध्यक्षों ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा का लिया नाम
लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) को लेकर जिला पार्टी पदाधिकारियों की हुई रायशुमारी में पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) अब तक के दावेदारों में सबसे आगे आ चुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा सभी लोकसभा सीटों से मंडल अध्यक्ष और स्थानीय विधायकों सहित अन्य पदाधिकारियों से रायशुमारी की योजना तैयार की गई है। रायशुमारी में पहले प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और फिर जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी का नाम सामने आया था लेकिन अब पता चला है कि पहली तीन पसन्दों में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम उभरा है। मंडल अध्यक्षों और पदाधिकारियों को अपनी पसंद के तीन नाम देने को कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि तीन नामों में अधिकांश ने पहले दो नामों में प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम दिया है। डॉ. मिश्रा का नाम अचानक सामने आने से पार्टी का नेतृत्व भी हैरान है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा कि अभी तक ग्वालियर या मुरैना से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। इन दो नामों के अलावा मौजूदा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह,जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी,शैलेन्द्र शर्मा के नाम भी रायशुमारी में सामने आए हैं।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस में फिर लगाई सेंध,एक साथ कई नेताओं को दिलाई बीजेपी की सदस्यता
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (vd sharma)और वरिष्ठ नेता न्यू ज्वाइनिंग टोली के प्रदेश प्रभारी डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) के के नेत्रृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित दो दर्दन से अधिक कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। जिसमें कांग्रेस महिला कांग्रेस की प्रदेश संगठन मंत्री रश्मि मिश्रा, रायसेन जिले के पिछडा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री मिट्ठू लाल धाकड़, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की पूर्व कुल सचिव डॉ. बी. भारती सहित रायसेन के 40 से अधिक सरपंच पूर्व सरपंचों ने पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कल ली। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में आगर नगर पालिक अध्यक्ष निलेश जैन, महिला कांग्रेस की प्रदेश संगठन मंत्री रश्मि मिश्रा, रायसेन जिले के पिछडा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री मिट्ठू लाल धाकड़, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की पूर्व कुल सचिव डॉ. बी. भारती, रायसेन जिले के देव नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह सिगोरिया, सदालपुरा सरपंच मोहर सिंह पूर्व सांची मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बघेल, पूर्व सरपंच संतोष पाटीदार, तेज सिंह बैरागी, युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष हेमंत पटेल, पूर्व जनपद सदस्य नथन सिंह कुशवाह, मोर्चा पदाधिकारी अमित शर्मा, मंडल महामंत्री श्री रघुनाथ पटेल, रघुनाथ सिंह कुशवाह, कुशवाह समाज के जिला अध्यक्ष मुलचंद कुशवाह सहित पूर्व सरपंच शामिल है।

भोपाल लोकसभा सीट के लिए बीजेपी में रायशुमारी शुरु,अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुमित पचौरी का सबसे ऊपर चल रहा नाम
लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने रायशुमारी शुरु कर दी है (lok sabha elections)। राजधानी भोपाल में तो दावेदारों की एक लंबी लिष्ट है लेकिन इस बीच सबसे ज्यादा जिनके नाम चर्चा में है वो हैं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma)और जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी (sumit pachauri)। हांलाकि इनके अलावा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और शैलेन्द्र शर्मा के अलावा पूर्व महापौर आलोक शर्मा और आलोक संजर भी लोकसभा चुनाव में ताल ठोंकने के लिए तैयार हैं। महिला उम्मीदवारों में भक्ति शर्मा के नाम की भी चर्चा है। खबर है कि पार्टी भी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भोपाल से ही चुनाल लड़ाना चाहती है। क्योंकि वीडी शर्मा पिछले कुछ सालों से कुशल संगठक के रुप में उभर कर सामने आए हैं उनके नेत्रृत्व में जितने भी चुनाव हुए सभी में भारतीय जनता पार्टी ने फतह हासिल की है। भोपाल लोकसभा सीट बीजेपी के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है यही कारण है कि बीजेपी वीडी शर्मा को भोपाल से चुनाव लड़ाने की सोच रही है जिससे वो अध्यक्ष रहते हुए प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट पर ध्यान दे सकें। फिलहाल पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से लगातार रायशुमारी कर रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि भोपाल लोकसभा सीट से कोई नया नाम भी सामने आ सकता है। बीजेपी हमेशा चौकाने वाले फैसले करती रही है इसलिए भोपाल लोकसभा सीट में कौन प्रबव दावेदार होगा इस विषय पर भाजपा का कोई भी नेता अथवा पदाधिकारी खुल कर बोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एमपी से करेंगे लोकसभा चुनाव का शंखनाद,कई वरिष्ठ नेता एमपी का करेंगे दौरा
चुनावी मोड में आ चुकी भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह से विपक्षी पार्टी को मौका नहीं देना चाहती है (lok sabha elections)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने एमपी में अभी से केन्द्रीय नेताओं को बुलाने की लिष्ट तैयार कर ली है। लिष्ट बना कर दिल्ली भेज भी दी गई है बस अंतिम मुहर लगना बांकी है। लिष्ट में पहला नाम केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) का है जो 25 फरवरी को एमपी का दौरा करेंगे। अमित शाह का दौरा और स्थान तय हो चुका है लेकिन भारतीय जनता पार्टी अभी उनके दौरे को सार्वजनिक नहीं कर रही है (amit shah in mp)। पता चला है कि अभी अंतिम अनुमति मिलना बांकी है जिसके चलते अमित शाह के दौरे को भाजपा की तरफ से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। उम्मीद है एक दो दिन में अमित शाह के दौरे को भाजपा की तरफ से आफीसियली अनाउंसमेंट किया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार विदानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में जहां नतीजे ठीक नहीं आए थे वहीं से अमित शाह चुनावी शंखनाद करेंगे। अमित शाह के अलावा नितिन गड़करी,राजनाथ सिंह,भूपेन्द्र सिंह,अश्विनी वैष्णव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी एमपी में दौरा प्रस्तावित है। ये वही नेता हैं जिन्होने विधानसभा चुनाव में हारी हुई बाजी को पलट कर रख दिया था। यही कारण है कि एमपी बीजेपी संगठन की तरफ से एक बार फिर इन नेताओं के एमपी में दौरे तय किए जा रहे हैं। जो पीएम मोदी की गारंटी पर जनता से भाजपा के पक्ष में वोट की अपील करेंगे। सभी नेताओं के दौरे स्थल को भी एमपी बीजेपी की तरफ से अंतिम रुप दे दिया गया है। अंतिम अनुमति मिलते ही सभी नेताओं के दौरों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी
कई बार खेल में जीतते जीतते भी टीमें हार जाती हैं। और ठीक उसी प्रकार राजनीति में भी देखने को मिलता है। ताजा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का है जिनकी बीजेपी में बात हो ग ई लेकिन अंत में बीजेपी के कुछ नेताओं ने कमलनाथ को लेकर विरोध कर दिया जिसके चलते कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ (nakul nath) की बीजेपी में ज्वाइनिंग पर सस्पेंश बन गया है।दरअसल भाजपा के नेताओं का मानना है कि सिक्ख दंगे के मुख्य आरोपी कमलनाथ थे और अभी तक भारतीय जनता पार्टी के नेता कमलनाथ पर सिक्ख दंगे को लेकर लगातार टिप्पड़ी करते रहे हैं ऐसे में कमलनाथ भाजपा ज्वाइन करते हैं तो पार्टी को दिक्कत हो सकती है। हांलाकि भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कमलनाथ की बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हुई थी और यही कारण था कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली गए थे लेकिन वहां पर ठीक से बात नहीं बन पाई। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ समय में कमलनाथ फिर भाजपा नेताओं से बात करेंगे और भाजपा में भी कमलनाथ को लेकर आपसी सहमति बनाई जाएगी। माना जा रहा है कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को भाजपा में ज्वाइनिंग कराई जाएगी और कमलनाथ राजनीति से दूरी बना लेंगे। हांलाकि नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने से पहले शर्ते भी हैं जिन्हे पूरा करना कमलनाथ के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। भाजपा की शर्त है कि नकुलनाथ के साथ कमसे कम 20 विधायक भाजपा में शामिल होने चाहिए। कमलनाथ के साथ कुछ विधायक भाजपा ज्वाइन करने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनकी संख्या 20 तक नहीं पहुंच रही है। इधर कांग्रेस पार्टी को भी जबसे इसकी जानकारी हुई है तभी से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधायकों की घेराबंदी करने में जुट गए हैं। जोड़ तोड़ की राजनीति अगले कुछ समय पर पूरे शबाब में पहुंचने वाली है। आने वाले कुछ समय में कांग्रेस और भाजपा में काफी बदलाव देखने को मिलने वाले हैं।

भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कौन सी 'जड़ी बूटी' दी,क्या है 'जड़ी बूटी' का रहस्य
रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाबुआ (pm modi in jhabua) प्रवास पर थे। ये माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस प्रवास से भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है (madhya pradesh elections)। झाबुआ जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है और पीएम मोदी ने जनजातीय वर्ग को देखते हुए हजारों करोड़ रुपये की सौगात भी दी है मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी इस लोकसभा चुनाव में 400 पार का लक्ष्य लेकर चल रही है उसको देखते हुए पीएम मोदी से लेकर पार्टी के हर स्तर का कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गया है। इस बीच झाबुआ में पीएम मोदी की प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) से कुछ देर मुलाकात हुई जिसमे उन्होने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एअ जड़ी बूटी दी है। अब सवाल ये उठता है कि पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष को कौन सी जड़ी बूटी दी है और वो किस बीमारी के काम आती है। तो हम आपको बताते हैं कि ये चुनावी जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल करने से प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें भालतीय जनता पार्टी जीतेगी। पीएम मोदी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात के दौरान कहा कि हर बूथ में 370 पार का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। मतलब साफ है कि विपक्षी पार्टी को चारों खाने चित्त करना है तो उससे 370 वोट अधिक लाना जरुरी है। इस नारे के साथ एक और मतलब निकल रहा है। जम्मू कास्मीर में मोदी सरकार ने ही धारा 370 को खत्म किया है। मतलब मोदी ने 370 की जो जड़ी बूटी दी है वो ऐसे कारगर होनी चाहिए कि किसी भी असाध्य रोग को वो जड़ से खत्म कर सके।

'की' वोटर्स के हाथ से खुलेगा मोदी सरकार का ताला,विधानसभा सत्र के बाद मोहन सरकार गांव-गांव में करेगी रात्रि विश्राम
जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी अभी लोकसभा चुनाव को लेकर बैठकें कर रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी धरातल में उतर चुकी है। भाजपा के नेताओं में गांव में डेरा डाल दिया है और मिशन 2024 को फतह करने के लिए जी जीन लगा रहे हैं। (gaon chalo abhiyan) भारतीय जनता पार्टी ने अब पन्ना और अर्ध पन्ना प्रभारियों से भी नीचे उतरते हुए की वोटरों को अपने टारगेट पर लिया है। की वोटर भाजपा की तरफ से उन्हे कहा जाता है जो गांव मोहल्ले में चर्चित लोग हों। वो किसी भी जाति वर्ग अथवा धर्म के लोग हो सकते हैं। ऐसे की वोटरों को भाजपा के पदाधिकारियों के द्वारा पहले सम्मानित किया जाता है और फिर उन्हे भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया जाता है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गांव के टोला मोहल्ले में ऐसा कोई ब्यक्ति होता है जिसका प्रभाव जनता के बीच होता है यानि उसी के हाथ में उस गली मोहल्ले के वोटरों की चाभी होती है। मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी शहर और गांव का ऐसा कोई कोना नहीं छोड़ना चाहती जहां पर भाजपा के वोटर न हों। अभी तक इस अभियान में भारतीय जनता पार्टी का संगठन अकेले चल रहा है लेकिन विधानसभा का सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक भी गांव में रात्रि विश्राम करेंगे। इस अभियान के तहत एक नेता किसी एक गांव में जाएगा और पूरे 24 घंटे तक उसी गांव में चाय पर चर्चा,खाने पर चर्चा अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित कर उस गांव की जनता को मोदी सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं को बताएगा और उन्हे प्रेरित कर भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए कहेगा। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ड़ॉ. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि भाजपा जनता के घर पर पहुंचती है। उनका सुख और दुख सुनती है उसी से जनता का झुकाव भाजपा की तरफ होता है। और कांग्रेस पार्टी सिर्फ बातें और ट्विटर पर ही सीमित है अज भी कांग्रेस में सामंतवाद के अलावा कुछ और नहीं है। कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि जनता घर बैठे उन्हे जिताएगी इसी लिए आज उनकी यह दशा हो रही है। लेकिन भाजपा अपने काम पर विश्वास रखती है यही कारण है कि जब वोटर ईवीएम तक पहुंचता है तो उनकी उंगली कमल के बटन पर ही जाती है और कांग्रेस कहती है कि ईवीएम की हैकिंग हो रही है जबकि उसके पीछे भाजपा के नेताओं की मेहनत और मोदी की योजनाएं हैं और कुछ नहीं है। (lok sabha elections)