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रीवा और सतना में जातीय समीकरण के आगे फेल हो सकती है मोदी की 'गारंटी'
विंध्य क्षेत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से हमेशा कठिन माना जाता रहा है। और बात जब चुनाव की आती है तो विंध्य में जातीय समीकरण पूरे शबाब पर आ जाते हैं। बात सतना और रीवा की हो तो कुछ अलग ही समीकरण सामने आते हैं। सतना से भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) को पांचवीं बार चुनाव मैदान में उतार दिया है जो विधानसभा चुनाव में शिकस्त खा चुके हैं फिर भी भाजपा ने उनके नाम पर ही विश्वास दिखाया है। उनके खिलाफ कांग्रेस ने शिद्धार्थ कुशवाहा (siddharth kushwaha) को चुनाव मैदान में उतारा है दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। गणेश सिंह को कट्टर कुर्मी और जातिवादी नेता माना जाता है इसी लिए सतना में अन्य वर्ग के वोटर गणेश सिंह को पसंद नहीं करते। अब पता चल रहा है कि मैहर विधानसभा से कई बार विधायक रह चुके नारायण त्रिपाठी फिर से चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बना रहे हैं। नारायण त्रिपाठी एक ब्राम्हण नेता हैं और भाजपा कांग्रेस दोनों दलों से ओबीसी नेताओं के चुनाव लड़ने के कारण नारायण त्रिपाठी को ब्राम्हण वोट मिलना तय है। कुछ इसी प्रकार रीवा में भी समीकरण देखने को मिल रहे हैं जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को फिर चुनाव मैदान में उतार दिया है। जनार्दन मिश्रा सरल और सौम्य ब्यक्तित्व के धनी हैं लेकिन उनकी क्षेत्र में उपस्थिति न के बराबर रहती है इसलिए रीवा की जनता उनसे नाराज है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस भी ब्राम्हण उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रही है। अगर यहां से कांग्रेस ने किसी DMT वर्ग के नेता यानि मिश्रा,तिवारी अथवा दुबे पर दांव लगाया तो मुकाबला दिलचश्प हो जाएगा। और इनसे हट कर बीएसपी ने अगर किसी कुर्मी वर्ग (पटेल) नेता को चुनाव मैदान में उतार दिया तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा और बीएसपी के जीतने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। रीवा और सतना में जिस प्रकार से जातीय समीकरण देखने को मिल रहे हैं उसमें मोदी की 'गारंटी' भी कुछ ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाएगी।

कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल,पूछ रही सवाल क्या गारंटी है टिकट मिला तो आप अंत तक टिके रहेंगे
कांग्रेस पार्टी जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। मंगलवार को कांग्रेस के दस नामों की जारी सूची में स्पष्ट नजर आया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के पास आज उम्मीदवारों का अकाल पड़ चुका है (congress lok sabha candidate list) । कांग्रेस पार्टी ने दस उम्मीदवारों में तीन वर्तमान विधायकों को चुनावी मैदान में उतारा है उससे यह तस्वीर साफ हो गई कि कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल पड़ गया है। हार के डर से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह,विवेक तन्खा सहित कई नेताओं ने चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है। ऊपर से कांग्रेस जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता अगले दिन भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस नेत्रृत्व ने जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह और सागर से अरुणोदय को भी लोकसभा में उतारने की रणनीति बनाई थी लेकिन इन दोनों नेताओं ने ऐन मौके पर कांग्रेस का हाथ छोड़ फूल का दामन थाम लिया। दिल्ली में जब कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक हुई तो सबसे पहले यही सवाल उठा कि जिन नेताओं को वो टिकट देंगे उनकी मैदान में टिके रहने की क्या गारंटी है। पिछले एक हफ्ते से कांग्रेस का केन्द्रीय नेत्रृत्व लगातार अपने नेताओं को फोन करके सवाल कर रहा है कि चुनाव लड़ने की इच्छा है क्या? और अगर पार्टी आपको टिकट देती है तो क्या आप चुनाव मैदान में डटे रहेंगे। इस प्रकार के कई सवाल कांग्रेस नेत्रृत्व द्वारा संभावित दावेदारों से किए जा रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की कमर तोड़ने का पूरी तरह से मन बना लिया है। वो लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कराते जा रहे हैं इसी लिए पूरी कांग्रेस में खलबली मची हुई है। कांग्रेस पार्टी में बचे खुचे नेताओं को सक की नजर से देखा जा रहा है। कोई भी नेता एक दूसरे पर विश्वास नहीं कर रहा है।

कांग्रेस टिकट देने से पहले पूछ रही पार्टी तो नहीं छोड़ोगे,आज 14 उम्मीदवारों की घोषणा करेगी कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने केन्द्रीय चुनाव समिति (congress cec meeting) की बैठक में एमपी की 14 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम तय कर लिया है (congress candidate list)। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सोनिया गांधी की मौजूदगी में उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया गया। बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर भी शामिल हुए। बैठक के बाद जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि 70% सीटों पर नाम तय कर लिए गए हैं। सर्वे के आधार पर जो नाम सर्वश्रेष्ठ थे उन्ही नामों पर सहमति बनी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा से नकुलनाथ एक बार फिर चुनाव मैदान में होंगे। जिन सीटों पर सिंगल नाम थे उन सीटों को भी फायनल कर दिया गया है। कांग्रेस के पास उम्मीदवारों की कमी का मुद्दा भी इस बैठक में जमकर गर्माया है। कांग्रेस के कई ऐसे दावेदार थे जिन्हे पार्टी लोकसभा में उतारने जा रही थी लेकिन उन्होने नाम की घोषणा से पहले ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर फूर थाम लिया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी को उम्मीदवारों की घोषणा करने पर दिक्कत हो रही है। कांग्रेस के नेता एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। टिकट देने से पहले कांग्रेस अपने संभावित दावेदारों से पूछ रही है कि ऐन मौके पर पार्टी छोड़ कर तो नहीं जाओगे। जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने मिशन कांग्रेस मुक्त अभियान चला कर कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल करने का अभियान चलाया है उससे कांग्रेस का केन्द्रीय नेत्रृत्व काफी सहमा हुआ है। कांग्रेस के नेता पूरे दम-खम के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने की बात तो कर रहे हैं लेकिन उन्हे यही विश्वास नहीं हो रहा कि जिन्हे वो टिकट दे रहे हैं क्या वास्तव में वो नामांकन के आखिरी दिन तक कांग्रेस पार्टी में रहेंगे अथवा मौके पर पार्टी का दामन छोड़ कर हाथ में फूल तो नहीं थाम लेंगे।

बीजेपी में पांच सीटों पर अब तक नहीं हुआ फैसला,चार में महिला उम्मीदवार की उम्मीद,कांग्रेस की बैठक आज
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए एमपी की 29 लोकसभा सीटों में 24 की घोषणा कर दी है (bjp lok sabha candidate list) । अब पांच सीटों पर संशय की स्थिति बन गई है। केन्द्रीय हाई कमान का मानना है कि कमजोर सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मौका दिया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि इसी लिए भाजपा में बची हुई पांच सीटों के लिए फैसला नहीं हो पार रहा है। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा छोड़ कर बांकी की चार सीटों पर बीजेपी महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतार सकती है (mo bjp)। अभी तक 24 सीटों में चार महिला उम्मीदवारों को भाजपा ने मौका दिया है। पार्टी के केन्द्रीय नेत्रृत्व का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी और बढ़नी चाहिए इसलिए पांच में चार सीटें महिलाओं के खाते में जाने की संभावना बढ़ गई है। उधर कांग्रेस की बात करें तो अभी तक एक भी प्रत्याशी की घोषणा कांग्रेस पार्टी नहीं कर पाई है। आज दिल्ली में कांग्रेस ने केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक आयोजित की है। जिसमें स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नामों पर विचार कर उसे अंतिम रुप दिया जाएगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी,विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम भाग लेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन के लिए सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में रायशुमारी कराई थी। समन्वयकों ने जिला,ब्लाक इकाइयों के पदाधिकारी,विधायक,विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी,पार्टी के सभी संगठनों के पदाधिकारियों से संभावित दावेदारों से जानकारी ली है।

अबकी बार 'गणेश विसर्जन' पर ध्यान,सतना रीवा की जनता भाजपा के 'थोपे' उम्मीदवारों से नाराज
लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने देश के 16 राज्यों की 195वे लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें एमपी की 29 सीटों के 24 उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा ने इस बार कोई भी चौकाने वाला निर्णय नहीं लिया जो जनता के गले से नहीं उतर रहा है। विंध्य की बात करें तो सतना लोकसभा सीट से सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) पर भाजपा ने एक बार फिर भरोसा कर स्थानीय जनता को नाराज कर दिया है। सतना एक ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और गणेश सिंह कुर्मी समाज से आते हैं। और गणेश सिंह एक कट्टर जातिवादी नेता माने जाते हैं जिसके चलते अन्य वर्ग के लोग उनसे नाराज रहते हैं। दो बार सतना की जनता ने मोदी के नाम पर सांसद बना दिया लेकिन इस बार सतना की जनता गणेश सिंह को फिर सांसद नहीं बनाना चाहती है। जनता मोदी को तो चाहती है लेकिन गणेश सिंह को नहीं चाहती जिसका उदाहरण विधानसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है। सतना की जनता गणेश सिंह को विधानसभा चुनाव में हरा चुकी है। कुछ ऐसा ही हाल रीवा का भी देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। जनार्दन मिश्रा को राजेन्द्र शुक्ला का डमी कैंडीडेट के रुप में माना जाता है। जनार्दन मिश्रा एक सरल और सौम्य सांसद की छवि रखते हैं लेकिन उनकी समस्या ये है कि वो क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहते हैं। दस साल तक सांसद रहने के बाद भी जनार्दन मिश्रा आज तक पूरे रीवा का भ्रमण नहीं कर पाए हैं। रीवा की जनता बहुत जागरुक मानी जाती है। थोपे गए नेताओं को रीवा की जनता ज्यादा बर्दास्त नहीं करती है। लिहाजा इस बार के लोकसभा चुनाव में रीवा और सतना की लोकसभा सीटें भाजपा के लाए कठिनाई पैदा कर सकती हैं। देखना दिलचश्प यही होगा कि जनता की नाराजगी जीतती है अथवा मोदी की गारंटी के आगे जनता नतमस्तक होती है।

बीजेपी का अभियान 'मोदी का परिवार' प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने X पर बदली प्रोफाइल
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने एक्स पर अपनी प्रोफाइल बदल दी है। इसके साथ ही बीजेपी ने 'मोदी का परिवार' नाम को अभियान भी बना लिया है (modi ka parivar)। सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अपनी प्रोफाइल में लिखा है 'मोदी का परिवार' गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पूरे देश की जनता को अपना परिवार बताया था। जिसके बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने मोदी के परिवार पर निशाना साधा था। लालू के तंज कसने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी प्रोफाइल को बदला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को युवाओं का प्रेरणाश्रोत माना जाता हैं और जिस प्रकार से उन्होने अपनी प्रोफाइल बदली है उससे यह साफ है कि अब बीजेपी के अन्य नेता भी अपनी प्रोफाइल बदलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य मंत्रियों ने भी प्रदेश अध्यक्ष के बाद अपनी प्रोफाइल को बदल दिया है। माना जा रहा है कि अब बीजेपी का हर कार्यकर्ता अपनी प्रोफाइल बदलने वाला है।

'ऐसा लगा जैसे बम फूटा हो' बीजेपी से नाम की घोषणा होने पर बोली अनीता नागर
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए 194वे उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है जिसमें एमपी की 24 सीटें शामिल हैं (bjp lok sabha candidate list)। एमपी की जैसे ही घोषणा हुई तो कुछ उम्मीदवारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रतलाम से अनीता नागर (anita nagar chouhan) को लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया है उन्होने उम्मीद ही नहीं की थी कि उनका नाम भी लोकसभा प्रत्याशियों में हो सकता है। अनीता नागर ने कहा कि जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई 'ऐसा लगा जैसे बम फूट गया हो' अनीता नागर एक युवा नेत्री हैं उन्होने खुले तौर पर कहा कि पार्टी उन्हे भी मौका दे सकती है ऐसी उम्मीद उन्होने नहीं की थी। कुछ ऐसा ही हाल भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी के साथ भी हुआ। हांलाकि वो टिकट को लेकर काफी समय से कोशिश कर रहे थे। विधानसभा चुनाव में भी दर्शन सिंह ने प्रयास किया था लेकिन बात नहीं बनी और बात बनी तो लोकसभा चुनाव में। दर्शन सिंह का कहना है कि उन्होने अपने जीवन में पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है कभी फल की उम्मीद नहीं की और उन्हे उम्मीद नहीं थी कि उनके जैसे छोटे कार्यकर्ता को मौका मिलेगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी में मोदी हैं तो सबकुछ मुमकिन है। दर्शन सिंह ने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय और प्रदेश के नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है उस पर वो पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने एमपी की 29 में से 24 सीटों की घोषणा की है जिसमें छह सांसदों के टिकट काटे गए हैं। और जिन छह नए लोगों को मौका मिला है वो अभी तक इस बात का विश्वास नहीं कर पा रहे कि पार्टी ने उन्हे लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है।

टिकट वितरण में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का रहा जलवा,जो नाम दिये वो हुए कुबूल
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने एमपी की 29 सीटों में 24 सीटों की घोषणा कर दी है (mp lok sabha candidate list)। हालाकि इस सूची की बात करें तो भाजपा ने एक बार फिर चौका दिया है। जिस प्रकार से लोगों ने सूची में बदलाव की उम्मीद की थी वैसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। जिन 24 सीटों की घोषणा हुई है उसमें सिर्फ छह सांसदों के टिकट काटे गए हैं। मतलब साफ है कि भाजपा ने सुरक्षात्मक रवैया अपनाते हुए किसी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रदेश की आम जनता को उम्मीद थी कि भाजपा इस चुनाव में काफी कुछ चौकाएगी। लेकिन सभी की उम्मीदों पर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने पानी फेर दिया। जिन सांसदों के टिकट कटने का लोग इंतजार कर रहे थे उन सांसदों का टिकट नहीं कटा। हांलाकि एमपी बीजेपी (mp bjp) इस सूची को सर्वश्रेष्ठ बताने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने जिस प्रकार से सीटों का आंकलन किया और अपनी अंतिम सहमति दी उसे केन्द्रीय नेतृत्व ने सहर्स स्वीकार किया। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भोपाल से जरुर उम्मीद की जा रही थी लेकिन उन्हे खजुराहो से ही रिपीट किया गया है। एक बड़ा नाम है जिसकी सभी उम्मीद लगा रहे थे कि उनको भाजपा लोकसभा चुनाव में मौका देगी डॉ. नरोत्तम मिश्रा लेकिन अभी तक घोषित 24 नामों की सूची में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम पर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने किसी प्रकार से दिलचश्पी नहीं दिखाई है। अभी पांच सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होनी बांकी है अब सभी की नजरें पांच सीटों पर टिकी हैं कि किसका भाग्य उन सीटों पर पलटने वाला है।

बीजेपी ने पहली सूची में किये 195 नाम घोषित,विदिशा से मैदान में होंगे शिवराज
मप्र की 29 में से 24 लोकसभा सीटों पर नामों की घोषणा मुरैना - शिवमंगल सिंह तोमर भिंड - संध्या राय ग्वालियर - भारत सिंह कुशवाहा गुना - ज्योतिरादित्य सिंधिया सागर - लता वानखेड़े टीकमगढ़ - वीरेंद्र खटीक दमोह राहुल लोधी खजुराहो - वीडी शर्मा सतना - गणेश सिंह रीवा - जनार्दन मिश्रा सीधी - डॉक्टर राजेश मिश्रा शहडोल - हिमाद्री सिंह जबलपुर - आशीष दुबे मंडला - फगन सिंह कुलस्ते होशंगाबाद - दर्शन सिंह चौधरी विदिशा - शिवराज सिंह चौहान भोपाल - आलोक शर्मा राजगढ़ - रोडमल नागर देवास - महेंद्र सिंह सोलंकी मंदसौर - सुधीर गुप्ता रतलाम - अनीता नगर सिंह चौहान खरगोन - गजेंद्र पटेल खंडवा - ज्ञानेश्वर पाटिल बैतूल - दुर्गादास उईके

घर-घर जय श्रीराम कहेंगे बीजेपी नेता,पीएम मोदी की चिट्ठी देकर बताएंगे सरकार की उपलब्धि
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024) फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब एक बार फिर राम भरोसे है। दरअसल बीजेपी ने एक बड़ा अभियान शुरु किया है जिसके तहत बीजेपी के नेता घर-घर दस्तक देंगे और पीएम मोदी की तरफ से सभी घरों में जय श्रीराम कहेंगे। इतना ही नहीं भाजपा के नेता हर घर में पीएम मोदी की एक चिट्ठी भी लोगों को देंगे जिसमें पीएम मोदी की जनता से भावुक अपील के साथ केन्द्र सरकार की ओर से जनहित में संचालित की जा रही योजनाओं के बारे में भी चिट्ठी में जिक्र किया जाएगा। भाजपा के इस अभियान में मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav),प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और सभी मंत्री,विधायकों के साथ पार्टी के सभी नेता कार्यकर्ता और पदाधिकारी लोगों के घर में जय श्रीराम करने के लिए पहुंचेंगे। भाजपा का यह अभियान दो मार्च से चार मार्च तक चलेगा और इस दौरान भाजपा के नेता प्रदेश के हर घर पहुंच कर मोदी की चिट्ठी के साथ जय श्रीराम कहेंगे। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने लाभार्थी अभियान का आगाज किया है जिसके जहत भाजपा के सभी नेता घर-घर जाकर पीएम मोदी की तरफ से जय श्रीराम कहेंगे और मोदी की चिट्ठी भी लोगों को सौपेंगे। इस अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने किया है जिसके तहत उन्होने घर-घर जाकर लाभार्थियों से न सिर्फ संपर्क किया है बल्कि केन्द्र सरकार की तरस से संचालित जनहित की योजनाओं के बारे में भी बताया है।

भाजपा की पहली सूची तैयार,आज शाम तक जारी होने की संभावना,विदिशा से होंगे शिवराज
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची तैयार है आज किसी भी वक्त केन्द्रीय नेतृत्व सूची जारी कर सकता है (bjp lok sabha candidate list)। बताया जा रहा है कि करीब 250 सीटों पर केन्द्रीय नेतृत्व ने चर्चा की है जिसमें 100 से 150 सीटें फायनल कर ली गई हैं और अब उन्हे जारी करने की तैयारी है। Mukhbir को मिली सूचना के हिसाब से पहली सूची में वाराणसी से पीएम मोदी,गांदी नगर से अमित शाह और विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल किया गया है। पहली सूची में उन सीटों को भी शामिल किया गया है जिनको भाजपा मुस्किल मानती है। मतलब साफ है कि एमपी की छिंदवाड़ा सीट की भी घोषणा पहली सूची में ही होने वाली है। दिल्ली में हुई बीजेपी की बैठक में 16 राज्यों की सीटों पर चर्चा की गई है। यूपी में भाजपा अपना दल को दो सीट दे रही है,निशाद पार्टी और सुभासपा को एक-एक सीट दे रही है। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में जिन नेताओं को पार्टी ने फिर से राज्यसभा नहीं भेजा है उन नेताओं को अब भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है। इन नेताओं में मनसुख मांडविया, भूपेन्द्र यादव, राजीव चन्द्रशेखर,धर्मेन्द्र प्रधान,पुरुषोत्तम रुपाला सहित कई अन्य नेता शामिल हैं जिन्हे भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस बार लोकसभा चुनाव में उतार कर उनके सियासी जमीन की भी पड़ताल करना चाहता है। बताया यह भी जा रहा है कि जिस प्रकार से भाजपा ने कई सांसदों को विधानसभा में उतारा था ठीक उसी प्रकार कुछ विधायकों को भी भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने जा रही है।

भोपाल लोकसभा सीट से भक्ति,नेहा और गुंजन ने की दावेदारी,केन्द्रीय नेत्रित्व की बढ़ी मुस्किलें
भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेत्रृत्व लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन में लगातार माथापच्ची कर रहा है। और जिस प्रकार से भाजपा की हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की लिष्ट सामने आ रही है उससे केन्द्रीय नेत्रृत्व की मुस्किलें लगातार बढ़ती चली जा रही हैं। (lok sabha elections) यहां पर एक कहावत चरितार्थ होती है कि एक अनार और सौ बीमार। बीजेपी में ये हाल तो प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों का है। लेकिन राजधानी भोपाल में तो गजब के दावेदार सामने आए हैं। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) जैसे दिग्गजों से लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश करने में कोताही नहीं बरती है। और उसमें अहम पहलू यह निकल कर सामने आया है कि तीन महिला शक्तियों ने भी भोपाल के लिए दावा ठोंक दिया है (bjp candidate list)। तीनों भाजपा की युवा और मेहनती वर्कर भी हैं जिससे भाजपा की मुस्किलें बढ़ने लगी है। तीन महिला नेत्रृयों में पहला नाम भक्ति शर्मा का है जो पहले विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाना चाहती थीं लेकिन मौका नहीं मिला,दूसरा नाम है प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा का ये भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रयास कर रहीं थी लेकिन सीनियरों के आगे इनको भी मौका नहीं मिला। चौकाने वाला नाम है गुंजन प्रजापति का जो पेशे से अधिवक्ता हैं और भाजपा में प्रवक्ता हैं इन्होने भी भोपाल लोकसभा सीट से अपना दावा ठोंक दिया है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार गुंजन ने तो दिल्ली तक दस्तक दी है। गुंजन ने दिल्ली दौरा करके अपने तरीके से अपने लिए माहौल तैयार करने का प्रयास किया है। अब उनको लिष्ट का इंतजार है। तो इस प्रकार महिला नेत्रियों ने भी बीजेपी की तरफ से भोपाल लोकसभा सीट में अपनी दावेदारी पेश की है। टिकट किसी एक को ही मिलना है लेकिन उम्मीदें सभी ने लगा रखी है शायद उन्ही का भाग्य चमक जाए।