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71.72% रहा आठ लोकसभा सीटों का मतदान प्रतिशत,उम्मीद से कम रहा मतदान

चौथे चरण के सभी 8 संसदीय क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान की तैयारी पूरी

निर्वाचन आयोग को 'सी-विजिल एप' पर उल्लंघन की मिली 4 हजार 292 शिकायतें

INDORE NEWS: इंदौर 'बम' धमाके की गूंज पहुंची दिल्ली,केन्द्रीय नेत्रृत्व ने कांग्रेस नेताओं से मांगी रिपोर्ट,जीतू की बढ़ेंगी मुस्किलें

वोटिंग प्रतिशत को लेकर निर्वाचन आयोग सतर्क,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने दिए गंभीर आदेश

एक देश-एक चुनाव के लिए होगा संसद का विशेष सत्र,महिला आरक्षण जैसे विधेयक पर भी होगी चर्चा
मोदी सरकार ने अचानक पांच दिवसीय संसद सत्र बुला कर विपक्षी खेमें में हलचल पैदा कर दी है (special session of parliament)। हांलाकि संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के बारे में कोई एजेंडा जारी नहीं किया गया है जिसके कारण विपक्षी दलों में टेंशन ज्यादा देखने को मिल रही है। लेकिन माना यह जा रहा है कि संसद के इस विशेष सत्र में एक देश-एक चुनाव (one nation one election) और महिला आरक्षण (women reservation) जैसे विधेयकों को पारित कराने की सरकार कोशिश कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि यह सत्र संसद के नए भवन में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में देखना होगा कि उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाले विपक्षी दल इस सत्र में आते हैं या नहीं। संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि 'संसद का विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक बुलाया जा रहा है जिसकी पांच बैठकें होंगी। अमृत काल में संसद में सार्थक चर्चा और बहस की आशा है' पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नौ वर्षों में पहली बार ऐसा विशेष सत्र बुलाया गया है। यह पांच दिन का पूर्ण सत्र होगा जिसमें दोनों सदनों की अलग-अलग बैठकें होंगी जैसी सामान्य सत्रों में होती हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की जन्मतिथि के अगले ही दिन बुलाए गए सत्र में लोकसभा,विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने संबंधी विधेयक,लोकसभा और विधानसभाओं जैसे प्रत्यक्ष रुप से निर्वाचित होने वाले सदनों में महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक ला सकती है। सरकार विशेष सत्र में चन्द्रयान,जी-20 जैसी कुछ बड़ी उपलब्धियों पर चर्चा कराने का प्रयास करेगी। इसके अलावा सरकार अंग्रेजों के कानूनों (आईपीसी, सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट) में बदलाव से जुड़े विधेयकों को भी पारित कराने का प्रयास कर सकती है। जिन्हे मानसून सत्र में पेस किया गया था और स्थाई समिति में भेज दिया गया था। बताया यह भी जा रहा है कि सत्र के दौरान मोदी सरकार अपनी चपलब्धियां भी सबके सामने रखेगी।

महंगाई पर लगेगी लगाम,केन्द्र सरकार ने ब्लू-प्रिंट किया तैयार
केन्द्र सरकार (Modi government) आम चुनाव से पहले मंहगाई नियंत्रित करने के लिए एक्शन में आ गई है। जानकारी के मुताविक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आने वाले हफ्ते में पेट्रोल की बिक्री पर टैक्स कम करने,खाद्य तेल और गेहूं पर आयात शुल्क कम करने जैसे बड़े फैसले ले सकते हैं। इतना ही नहीं केन्द्र सरकार के अधिकारी खाद्य और ईंधन की लागत में वृद्धि को रोकने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बजट से करीब एक लाख करोड़ रुपये को पुनः आवंटित करने की योजना पर काम कर रहे हैं (inflation control)। यह फंड कुल बजट का करीब 2% है। इसका इस्तेमाल गरीबों के लिए सस्ता कर्ज और घर उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। इस सप्ताह प्रधानमंत्री ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची मंहगाई से लड़ने का भी ऐलान किया है। इससे नौकरशाही में उत्सुकता बढ़ गई है। हांलाकि सरकार के पास कीमतों पर लगाम कसने के लिए कुछ ही महीने बचे हैं। बताया जा रहा है कि देश के कई हिस्सों में असामान्य बारिश और बाढ़ के कारण कई घरेलू वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है,जिसमें टमाटर और प्याज जैसी प्रमुख खाद्य सामग्री शामिल है। सरकार ने मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। खाद्य जमाखोरों पर कार्रवाई से कीमतें कम होती रहेंगी। 2022 के गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के बाद,सरकार ने पिछले महीने चावल की कुछ किस्मों में शिपमेंट पर भी रोक लगा दी है। साथ ही कुछ खाद्य पदार्थों के भंडारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

पीएम मोदी का वंशवाद पर करारा प्रहार,गांधी प्रतिमा के सामने NDA के सांसदों ने किया प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंशवाद पर करारा प्रहार करते हुए कुछ नारे बुलंद किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन सन्देश दिए हैं जिसमें उन्होने कहा है कि वंशवाद छोड़ो इंडिया, तुष्टिकरण छोड़ो इंडिया, भ्रष्टाचार छोड़ो इंडिया। पीएम मोदी की तरफ से वंशवाद पर संदेश मिलते ही NDA के सांसदों ने संसद भवन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने वंशवाद के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने हाथ में तख्ती थाम कर अन्य सांसदों के साथ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी राजनीति में लगातार वंशवाद को खत्म करने की वकालत करते रहे हैं। जब भी पीएम मोदी की जनसभाएं होती हैं तो वंशवाद के निशाने पर सबसे आगे गांधी खानदान ही होता है। भोपाल दौरे पर भी पीएम मोदी ने कहा था कि अगर गांधी खानदान को समृद्ध करना है तो कांग्रेस को वोट दीजिए और देश को समृद्ध करना करना है तो भाजपा को वोट दीजिए। पीएम मोदी ने जिस इंडिया की बात कही है वो कांग्रेस सहित अन्य दलों ने महागठबंधन बनाया है जिसको 'इंडिया' नाम दिया गया है। इसी लिए पीएम मोदी ने वंशवाद छोड़ो इंडिया का नारा दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा पीएम मोदी ने अपनी आवाज बुलंद की है और वो जीरो टालरेंस की हमेशा बात करते रहे हैं। वंशवाद को लेकर जिस प्रकार से पीएम मोदी ने रणनीति अपनाई है उसी का नतीजा है कि भाजपा के कई नेता पुत्रों का राजनीतिक भविष्य दांव पर लग गया है। गोपाल भार्गव बेटे को टिकट दिलाने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक चुके हैं लेकिन उन्हे संगठन की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने बेटे के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं तो वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। भाजपा में भी लिष्ट बहुत बड़ी है नेता पुत्रों की जिन नेताओं के बेटे राजनीति में सफल हो गए उन्हे दिक्कत नहीं है लेकिन अब जो मंत्री और विधायक हैं उनके पुत्रों को लेकर राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। और यही कारण है कि कई वरिष्ठ नेता इस वक्त केन्द्रीय नेतृत्व से नाराज भी चल रहे हैं।