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जनता का आशीर्वाद लेने के बाद बस्ती संपर्क अभियान चलाएगी भाजपा
मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी अब बस्तियों में भी दस्तक देने जा रही है। बस्तियों में एक बड़ा वोट बैंक रहता है और लाडली बहन योजना (ladli behna yojana) का सबसे बड़ा प्रभाव उन्हीं बस्तियों में ही देखने को मिलता है। लिहाजा भाजपा ने प्लान तैयार किया है कि इसके लिए कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जाएंगी। भाजपा के कार्यकर्ता बस्तियों में जाकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएंगे और भाजपा सरकार क्यों जरूरी है इसकी आवश्यकता भी वो बताएंगे। इस अभियान में रक्तदान से लेकर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे (Basti Sampark Campaign)। गौरतलब है कि भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के दौरान अब तक 11 लाख नए सदस्य बना चुकी है। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस (PM Modi Birthday) को सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है। यह 17 सितंबर से शुरू हो चुका है और महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 24 सितंबर तक विभिन्न योजनाओं के हितग्राही प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना करेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana) के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्ड बनवाने एवं वितरण की व्यवस्था भी कार्यकर्ता करेंगे। युवा मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा और पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करेगा। इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नव वर्ष की उपलब्धियां और राज्य में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार की 18 साल की उपलब्धियां को भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे। योजना के लाभ से वंचित पत्रों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा पखवाड़ा में सातों मोर्चा और प्रकोष्ठों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा की दूसरी सूची पर अब तक रहस्य, कांग्रेस के नाम के कारण रुकी भाजपा की सूची
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची (MP BJP Candidate list) बहुत पहले आ चुकी है लेकिन दूसरी सूची पर रहस्य लगातार बरकरार है। कहा यह जा रहा है कि भाजपा (mp bjp) की दूसरी सूची को कांग्रेस के दो विधायकों ने रोक रखा है। यह दोनों विधायक बुंदेलखंड और ग्वालियर- चंबल के दो अलग-अलग क्षेत्र में कांग्रेस के गद्दार विधायक हैं। दोनों ही सीटें भाजपा के सर्वे में भी डेंजर जोन में रखी गई हैं, इसीलिए दोनों विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश जारी हैं। दोनों को भाजपा में प्रवेश दिलाने और उनका टिकट पक्का करवाने के लिए प्रदेश के दो दिग्गज नेता प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक सीट भी दरबार है तो दूसरी राजनगर। छतरपुर जिले की राजनगर सीट कांग्रेस के पास 2008 से है। यहां से कांग्रेस के कुमार विक्रम सिंह 'नाती राजा' ने पिछला चुनाव मात्र 632 वोटों से भाजपा के अरविंद पटेरिया को हराया था। वही ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से लखन सिंह यादव विधायक हैं। यह सीट 2008 में कांग्रेस के पास आई थी दरअसल दूसरी सूची में भी 35 ऐसी सिम शामिल हैं जिनमें कांग्रेस मजबूत है। गौरतला अब है कि भाजपा ने 17 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। दूसरी सूची पर भी 13 सितंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) राजनगर सीट पर जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। वही एक बड़े नेता भितरवार से लखन सिंह यादव को भाजपा में ले जाने के पक्षधर हैं। लाखन सिंह यादव मूल रूप से दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें कमलनाथ (kamal natha) सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरे बड़े नेता ने भितरवार के एक अन्य ओबीसी नेट का नाम प्रस्तुत किया है जो ग्वालियर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों सीटों के टिकट पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल दूसरी सूची जारी नहीं हो पा रही है।

जन आक्रोश यात्रा में दलबदलू नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा
कांग्रेस पार्टी की 19 सितंबर से जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का आगाज होने जा रहा है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी (mp congress) ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यात्रा की निगरानी का जिम्मा खुद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने उठा रखी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस यात्रा के माध्यम से एक तीर में दो निशाने भी लगाने जा रही है। दरअसल भाजपा से कांग्रेस में आए उन नेताओं पर कांग्रेस की विशेश नजर रहेगी जिन्होने कांग्रेस ज्वाइन करते समय कांग्रेस कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं की ताकत को दिखाया तो वही ताकत अब अग्नि परीक्षा के रुप में तब्दील हो चुकी है। भाजपा से कांग्रेस में आयातित नेताओं के प्रदर्शन के अनुसार ही पार्टी में उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ नेता चुनाव की दौड़ में भी शामिल हैं। अभी तक चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (Chandra bhushan singh bundela) और रघुनंदन शर्मा (Raghunandan Sharma) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। चुनाव से पहले जन आक्रोश यात्रा का बड़ा अभियान है। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेलाला कर रहे हैं तो लोकसभा पर्यवेक्षक विधानसभा क्षेत्रों में नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट केन्द्रीय संगठन को सौपी जाएगी। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अधुसार भाजपा से जो लोग आए हैं,उन्हे अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी इस यात्रा के माध्यम से दिया जा रहा है। सभी नेताओं से यह कह दिया गया है की वो अपने समर्थकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। जन आक्रोश में इस दावे को भी परखा जाएगा और इस आधार पर यह भी निर्धारित होगा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं,उनका आधार कितना है। इसलिए भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं को अब जन आक्रोश यात्रा अग्नि परीक्षा के रुप में बन गई है। भाजपा से कांग्रेस में आए नेताओं का प्रदर्शन ही संगठन में आगे बढ़ने का आधार होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अब तक नहीं हुई पूरी,संविदा कर्मियों को नहीं मिला वेतन और सुविधा
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में चार जुलाई को संविदा महापंचायत का आयोजन किया गया था (samvida mahapanchayat)। प्रदेश भर से हजारों की संख्या में संविदा कर्मी (samvida karmchari) भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने संविदा कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की जिसमें सीएम शिवराज ने कहा कि संविदा कर्मियों को वेतन और सभी प्रकार की सुविधाएं नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर दिया जाएगा (samvida news)। सीएम की घोषणा से संविदा कर्मियों को जैसे संजीवनी मिल गई। लेकिन सीएम शिवराज द्वारा की गई घोषणा का पालन आज तक नहीं हुआ है। संविदा कर्मियों को लगा था कि वो जंग जीत गए हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि जंग अभी तक बांकी है। क्योंकि नियमितीकरण की मांग कर रहे संविदा कर्मियों के बीच पहुंच कर सीएम शिवराज ने उन्हे नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन और सुविधाएं देने का ऐलान तो कर दिया लेकिन वो सिर्फ ऐलान ही बन कर रह गया है। अगले महीने अक्टूबर में चुनाव आचार संहिता लगने की उम्मीद है। कहा ये भी जा रहा है कि दस अक्टूबर के बाद कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग सकती है। ऐसे में अगर सीएम की घोषणा को अधिकारी लागू नहीं कर पाए तो सीएम की घोषणा झूठी साबित पड़ जाएगी और लाखों की संख्या में अलग-अलग विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मियों का वोटबैंक भी भाजपा से छिटक जाएगा। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार सीएम ने घोषणा तो कर दी है लेकिन अब सरकार बजट की ब्यवस्था नहीं कर पा रही है। क्योंकि इस वक्त सरकार की नजर प्रदेश की आधी आवादी महिलाओं पर है। हर महीने लाड़ली बहना की किस्त देने में ही सरकार के पसीने छूट रहे हैं ऐसे में संविदा कर्मियों का वेतन बढ़ाना यानि सरकार के खजाने पर और बोझ बढ़ना है। सरकार पहले ही कर्ज लेकर लगातार घोषणाओं को पूरा कर रही है ऊपर से संविदा कर्मियों की मांग को पूरा करना सरकार के लिए टेढी खीर बनता जा रहा है। सीएम की घोषणा को दो महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है इस बीच संविदा कर्मियों को दो सैलिरी मिल चुकी है। मतलब सीएम की घोषणा के बाद हर संविदा कर्मी को करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हो चुका है। संविदा कर्मियों का इंतजार अब आक्रोश में तब्दील होता चला जा रहा है। संविदा कर्मियों के कुछ संगठनों से बात हुई तो उनका साफ कहना है कि इस महीने के 30 तारीख तक सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो सरकार के खिलाफ हल्लाबोल होगा और फैसला करके ही संविदा कर्मी लौटेंगे।

कमलनाथ ने दिया भाजपा को चार नाम,बनावटी,मिलावटी,दिखावटी और सजावटी भाजपा
कांग्रेस पार्टी ने जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) का रोडमैप जारी कर दिया है। 15 दिनों तक चलने वाली यात्रा 11 हजार 400 किलोमीटर का सफर तय कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा से होते हुए गुजरेगी। हर विधानसभा में भाजपा के नेता जनसभा को आयोजित करेंगे और इसके अलावा वो हर विधानसभा में नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन करेंगे (MP Elections)। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता घर-घर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ पर्चे वितरित करेंगे जिसमें मंहगाई,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों का उल्लेख किया जाएगा। इस जन आक्रोश यात्रा के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है (mp congress)। यात्रा का आगाज गणेश चतुर्थी से किया जाएगा मतलब साफ है कि सनातन को लेकर चल रहे विवाद को कांग्रेस यहां से खत्म करने की कोशिश कर रही है। प्रेसवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने इतने सालों में सिवाय घोटालों के और कुछ नहीं किया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भाजपा को चार नाम भी दिए। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के चार नाम हैं बनावटी भाजपा,मिलावटी भाजपा,दिखावटी भाजपा और सजावटी भाजपा। कमलनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि आज प्रदेश की जनता इस सरकार से परेशान है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का माहौल पूरे प्रदेश में है। इंडिया गठबंधन पर जब कमलनाथ से सवाल किए गए तो वो टालते नजर आए और कहा कि अभी हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। कांग्रेस नहीं चाहती की इंडिया गठबंधन का कार्यक्रम भोपाल में हो और उसमें कोई भी गलती हो जिसका खामियाजा कां ग्रेस पार्टी को उठाना पड़े। यात्रा में कई वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया गया लेकिन महिलाओं को प्रभारी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है। हांलाकि इस मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सहयोगी के तौर पर कई महिला नेतृयों को इस यात्रा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

नियुक्ति की मांग के लिए चयनित पटवारी करेंगे सीएम हाउस का घेराव फिर आमरण अंशन
नियुक्ति की मांग कर रहे चयनित पटवारियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने चयनित पटवारी अभ्यर्थियों से कहा है कि डरना मत और थकना मत आपको आपके हक की लड़ाई में कोई नहीं हरा सकता। यह बात डिजिटल महापंचायत के दौरान कही गई। महापंचायत का नेतृत्व कर रहे अरुणोदय सिंह परमार ने शिवराज सरकार (Shivraj Government) को चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ( mp selected patwaris) की नियुक्ति पर 19 सितंबर तक सरकार फैसला ले नहीं तो हजारों चयनित अभ्यर्थियों के साथ CM हाउस का घेराव किया जाएगा।गौरतलब है कि 15 सितंबर को मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों ने युवा हल्ला बोल के फेसबुक पेज पर हजारों की तादात में फेसबुक लाईव के माध्यम से जुड़ कर महापंचायत की। जिसमें चयनित पटवारियों ने प्रस्ताव पेश किया की मध्यप्रदेश सरकार 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की नियुक्ति के लिए निर्णायक कदम उठाए और 3 सितम्बर के आंदोलन में दर्ज हुए मुकदमे वापस ले (MP Patwari)। यदि 19 सितंबर तक चयनित पटवारियों की मांगों को लेकर सरकार द्वारा कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता है तो सभी चयनित पटवारी भोपाल में एकत्रित होकर आमरण अनशन करेंगे। इसी के साथ कई चयनित पटवारियों ने अपनी दर्द भरी दास्तां इस महापंचायत (patwari mahapanchayat) में रखी और सरकार से उन्हें नियुक्ति देने की गुहार लगाई। सभी चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा पास (patwari exam)की है। सरकार चाहे तो शपथ पत्र लेले लेकिन हमारी नियुक्ति रोक के हमारे भविष्य से ना खेले। इस महापंचायत को युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत देश में आज हर भर्ती का भरता बना दिया जाता है। मध्यप्रदेश के चयनित पटवारियों से अनुपम ने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई में या तो व्यक्ति डर जाता है, या थक जाता है या जीत जाता है। आप डरना मत और थकना मत, अगर आप डरे नहीं और थके नहीं तो अपने हक की लड़ाई जरूर जीतेंगे। युवा हल्ला बोल देश के हर युवा के हक की लड़ाई लड़ रहा है हम आपकी लड़ाई में भी आपके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं। डिजिटल महापंचायत के दौरान चयनित पटवारियों ने कहा कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) के अनुसार परिणाम के प्रकाशन से लेकर 90 दिनों की अवधि में नियुक्ति देने के प्रावधान पर विचार करते हुए सितंबर माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

19 सितंबर से 'आक्रोश' में आएगी कांग्रेस,प्रदेश भर में निकाली जाएगी जन आक्रोश यात्रा
भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी 19 सितंबर से प्रदेश भर में जन आक्रोश यात्रा (Jan Aakrosh Yatra) निकालने जा रही है। भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) की तर्ज पर कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के सात स्थान से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी सभा और छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं होंगी। इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भोपाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यात्रा के प्रभारी,जिला अध्यक्ष, प्रभारी और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की। यात्रा के दौरान घर-घर भाजपा सरकार के विरुद्ध जारी पार्टी का आरोप पत्र जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान मंहगाई,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,महिलाओं पर अत्याचार,अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उत्पीड़न की घटनाओं को मुद्दा बना कर भाजपा सरकार को घेरा जाएगा। साथ ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा की जा रही घोषणाओं की स्थिति भी जनता के बीच रखी जाएगी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार बनने पर विभिन्न वर्गों के हित में जो कदम उठाए जाएंगे,उसे भी प्रचारित किया जाएगा। यात्रा की पूरी रुपरेखा आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला सार्वजनिक करेंगे।

सहकारी समितियों के कर्मचारी होंगे नियमित,चुनाव से पहले सीएम शिवराज का बड़ा दांव
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक और बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं जिसके तहत प्रदेश की साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के 45 हजार कर्मचारियों को सरकार नियमित करेगी। इन्हे सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधा मिलेगी। वेतन का आधा हिस्सा शासन द्वारा संचालित उचित मूल्य की राशन दुकानों के सेल्समैन का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संबंध में 23 सितंबर को भोपाल के लाल परेड मैदान पर होने वाली सहकारी समितियों (cooperative society) की पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा की जा सकती है। प्रदेश में साढे चार हजार प्राथमिक कृषि साखा सहकारी समितियां हैं। इनमें 45 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। समितियों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण नियमित वेतन का भुगतान नहीं हो पाता है। छठा वेतनमान देने (6th pay commission) का निर्णय के बाद भी वह क्रियान्वित नहीं हो पा रहा है। इससे नाराज कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जिस तरह से सरकार ने अन्य कर्मचारी संवर्ग की समस्याओं का निराकरण किया है,उसी तरह सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार सेल्समैन को जो वर्तमान में पांच से लेकर साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं,उसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाएगा। समिति प्रबंधन के रिक्त पदों को 60 प्रतिशत सहायक समिति प्रबंधक का चयन करके किया जाएगा, 40 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होगी।

विपक्षी दलों पर गृह मंत्री ने किया करारा प्रहार,कहा गठबंधन के ताजिए भोपाल के तालाब में ठंडे पड़ जाएंगे
देश की सियासत में पीएम मोदी और प्रदेश की सियासत में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अलग पहचान है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अमित शाह (Amit Shah) हों अथवा पीएम मोदी (PM Narendra Modi)जब दोनों नेताओं का एमपी दौरा होता है तो गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra)को उनकी अगवानी का मौका मिलता है। गुरुवार को जब एक बार फिर एमपी दौरे पर पीएम मोदी (PM Modi in MP) आए तो उनकी अगवानी के लिए गृह मंत्री मौजूद थे। इस बीच जब गृह मंत्री ने देश के प्रधानमंत्री का स्वागत किया तो वो पल और वो तस्वीर देखने लायक ही थी। पीएम मोदी के रवाना होने के बाद गृह मंत्री ने विपक्षी दलों पर हमला बोल दिया। गृह मंत्री ने आई एन डी आई ए गठबंधन की पहली रैली पर तंज कसा और कहा कि भोपाल में होने वाली इस रैली के ताजिए भोपाल के बड़े तालाब में ही ठंडे पड़ जाएंगे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि घमंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नही है और उसके ताजिए भोपाल ताल में ही ठंडे हो जाएंगे।गठबंधन द्वारा मीडिया को लेकर लिए फैसले को भी उन्होंने इसे एमरजेंसी वाली मानसिकता बताया। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि घमंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नही है। यह गठबंधन बोलता कुछ है,करता कुछ है और होता कुछ और ही है। पहले गठबंधन के लोग सनातन धर्म के खिलाफ बोले,विरोध हुआ तो अब फिर नही बोलने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि इन्होंने गठबंधन जरूर बना लिया है मगर रहने वाले यह अलग अलग ही हैं।यह खुद भ्रम में हैं और इसी भ्रम में यह समाप्त भी हो जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि यह गठबंधन अपनीं पहली रैली भोपाल में करने वाला है । आप तय मानिए कि इस गठबंधन के ताज़िये का विसर्जन भोपाल तालाब में हो जायेगा। गठबंधन द्वारा चुनिंदा एंकरों और पत्रकारों के बहिष्कार के फैसले पर गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि जैसे इंदिरा जी ने एमरजेंसी लगा कर प्रेस को कुचला था उसका दमन किया था उसी दिशा में यह गठबंधन भी जा रहा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के इस फैसले से उसकी एमरजेंसी वाली मानसिकता भी सामने आ गयी है।

भाजपा 'जनता का आशीर्वाद' लेने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का 'आशीर्वाद' लेना भूली
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है (Jan Ashirwad Yatra)। लेकिन भाजपा की इस यात्रा के दौरान भाजपा यह भूल गई कि पार्टी के नेताओं का आशीर्वाद भी जरुरी होता है क्योंकि उनके एक मत हुए बगैर चुनाव जीतना संभव नहीं है। जबकि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit Shah) ने सबसे पहले पार्टी की एकजुटता पर ही सभी नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन एमपी बीजेपी (mp bjp) के नेताओं ने जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैम तैयार किया तो उसमें कई वरिष्ठ नेताओं को उन्होने अनदेखा करते हुए ऐसे नेताओं को आगे किया जो वरिष्ठता की सूची में काफी पीछे आते हैं। जब जन आशीर्वाद यात्रा का रोडमैप तैयार हुआ तो केन्द्रीय नेतृत्व ने क्षेत्रीय और प्रभावशाली नेताओं को महत्व देने के लिए कहा था लेकिन पार्टी ने सबसे पहले महाकौशल क्षेत्र से राकेश सिंह (Rakesh Singh) की ही उपेक्षा कर दी जिनको प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav)के हस्तक्षेप के बाद टीम में शामिल किया गया। लेकिन बुंदेलखंड से वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) एमपी बीजेपी संगठन ने अपने किसी प्लान में शामिल नहीं किया जिसके चलते उन्होने खुद को अपनी विधानसभा तक सीमित कर लिया। जबकि अमित शाह ने भोपाल दौरे पर सभी नेताओं को स्पष्ट तौर पर बोल दिया ता कि सभी अपने गिले सिकवे दूर कर लें फिर भी उनकी बात को नजरअंदाज कर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव को उपेक्षित कर दिया गया। यात्रा के बैकड्राप में भी गोपाल भार्गव और राकेश सिंह के चेहरे गायब हैं जबकि महिला होने के नाते राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार (Kavita Patidar) को बैकड्राप में स्थान दिया गया है। पाटीदार के चेहरे पर भी नेताओं को आपत्ति है,दबी जुबान में वो कह रहे हैं कि ओबीसी से कृष्णा गौर से लेकर सांसर रीति पाठक और एससी वर्ग से संध्या राय का अधिकार वरिष्ठता के चलते बनता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने अपने तरीके से अपने पसंदीदा लोगों को यात्रा के बैकड्राप में शामिल कर एक बार फिर पार्टी के अंदर गुटवाजी को हवा दे दिया है। एक तरफ भाजपा चुनाव जीतने और पार्टी में किसी प्रकार के गुटबाजी होने के दावे को शिरे से खारिज करती है दूसरी तरफ पार्टी के नेता अंदर ही अंदर गुटबाजी की बात को भी स्वीकार कर रहे हैं। सालों से सत्ता और संगठन के लिए काम करने वाले कई नेता हर तीसरे दिन प्रदेश कार्यालय दस्तक देने पहुंचते हैं जिन्हे ऐसे नजरअंदाज किया जाता है जैसे वो किसी अन्य ग्रह के प्राणी हों। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बर्ताव से बहुत से पदाधिकारी काफी नाराज हैं। बहुत से नेता कांग्रेस के दरवाजे झांक रहे हैं।

सीएम शिवराज की 'लाड़ली बहनों' को सौगात,450 रुपये में मिलेगी रसोई गैस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों (Ladli behna yojana) को एक और बड़ी सौगात देते हुए उन्हे घरेलू गैस 450 रुपये में देने का ऐलान कर दिया है। उज्वला योजना (ujjwala yojana) में पंजीकृत 82 लाख उपभोक्ताओं के अलावा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत लगभग 15 लाख महिलाएं भी गैस सब्सिडी (gas cylinder subsidy) के लिए पात्र होंगी। कुल 97 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस योजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश में एक करोड़ 97 वे लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। केन्द्र सरकार के अनुदान और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित विक्रय दर 450 रुपये को कम करने के बाद जो राशि बचेगी,उसे हितग्राही के आधार लिंक खाते में बतौर अनुदान अंतरित कर दी जाएगी। योजना का लाभ उन्ही महिलाओं को मिलेगा,जिनके नाम गैस कनेक्शन होगा। सीएम शिवराज ने पहले यह घोषणा की थी कि सावन के महीने में जिन लाड़ली बहनों ने रसोई गैस सिलेंडर भरवाए हैं,उन्हे 450 रुपये अनुदान दिया जाएगा। अब उसी योजना को विस्तार देते हुए इस ब्यवस्था को परमानेंट कर दिया गया है। एक सितंबर से प्रधानमंत्री उज्वला योजना और लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत वे महिलाएं,जिनके नाम घरेलू गैस सिलेंडर के कनेक्शन हैं, उन्हे अब 450 रुपये में रसोई गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उज्वला योजना में 200 रुपये का अनुदान केन्द्र सरकार पहले से दे रही है। प्रतिमाह एक सिलेंडर पर अनुदान मिलेगा।

युवाओं और महिलाओं को आगे कर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रुप देने में जुटी कांग्रेस पार्टी युवाओं पर ज्यादा दांव लगाने की कोशिश में जुटी है (Congress Meeting)। कांग्रेस की ओर से ना सिर्फ युवाओं को ही आगे रखा जाएगा बल्कि महिलाओं को भी काफी मौके दिए जाएंगे। लगातार दो चुनाव हार चुके उन्ही नेताओं को टिकट मिलेगा जिनके नाम सर्वे के साथ पर्यवेक्षक की रिपोर्ट में जीतने की संभावना वाले दावेदार के रुप में आएंगे। प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली में मध्य प्रदेश कांग्रेस (MP Congress)की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी (Congress Screening Committee)। इसमें समिति अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह(Jitendra Singh),प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) पिछले दिनों भोपाल में जिला,ब्लाक, प्रदेश पदादिकारी, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक और पूर्व विधायकों से दावेदारों को लेकर जो रायशुमारी की थी,उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने प्रत्याशी चयन को लेकर अपनी भी बात रखी। दिल्ली में कांग्रेस के वार रुम में आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव,सुरेश पचौरी,नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह,अजय सिंह,अजय कुमार लल्लू,सप्तगिरी उल्का,कमलेश्वर पटेल,प्रदेश प्रभारी सहित अन्य नेता शामिल हुए। देर रात तक चली बैठक में वर्तमान विधायकों और लगातार हारने वाली 66 सीटों की स्थिति को लेकर प्रारंभिक चर्चा की गई। Mukhbirmp.com के अनुसार बैठक में एक बात साफ कर दी गई कि प्रत्याशी कोई भी हो उसे जिताने की जिम्मेदारी सामूहिक होगी। यह चुनाव पार्टी के लिए अहम है। इसका असर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की सभाओं पर पड़ेगा (Loksabha Elections 2024)। इसलिए प्रत्याशी चयन में जातिगत और स्थानीय समीकरण को ध्यान में रखा जाएगा। प्रत्याशी चयन के लिए तीन सूचियां तैयार होंगी। इसमें कमलनाथ और कांग्रेस द्वारा कराए गए सर्वे, पर्यवेक्षक के साथ प्रभारी और पदाधिकारियों की रिपोर्ट में जिन सीटों के लिए एक ही नाम होगा उसकी सूची अलग बनेगी। वर्तमान विधायकों की एक सूची रहेगी और एक सूची उन सीटों की होगी,जहां दो या उससे अधिक दावेदार होंगे। आज एक बार फिर बैठक होगी जिसमें वर्तमान विधायक और लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा होगी।