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एमपी विधानसभा में बजा सनातन का डंका,12 विधायकों ने ली संस्कृत में शपथ
मप्र की 16 वीं विधानसभा (madhya pradesh vidhansabha) में भारतीय जनता प्रचंड बहुमत के साथ आई है। और जिस प्रकार से भाजपा के नेता सनातन की बात करते हैं उसकी छवि भी देखने को मिली है। पहले दिन 207 विधायकों ने विधायक पद की शपथ ली। जिसमें अहम बात यह रही कि उसमें भाजपा के 12 विधायकों ने देव लिपि संस्कृति में शपथ ली जिसके लिए वो सदन में चर्चा का विषय बने रहे। इन सब में भाजपा के युवा विधायक अभिलाश पांडे कुछ अलग ही अंदाज में दिखाई पड़े। अभिलाश पांडे (abhilash pandey) शुद्ध भारतीय परिधान धोती और कुर्ता पहन कर विधानसभा में दाखिल हुए। अभिलाश पांडे जब विधानसभा में प्रवेश कर रहे थे तब उनके हाथ में भगवान श्रीराम का मंदिर था। गौरतलब है कि 22 जनवरी को भगवान श्रीराम अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर (ayodhya ram mandir) में स्थापित हो रहे हैं जिसके लिए देश भर के लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। वही झलक अभिलाश पांडे ने दिखाने की कोशिश की।

मप्र सरकार पर वित्तीय संकट,कई योजनाओं पर लगा ब्रेक
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 जीतने के लिए शिवराज सरकार (shivraj government) ने सरकारी खजाना खोल दिया था। अब खजाना खाली हो गया है। मध्य प्रदेश पर 3.31 लाख करोड़ का लोन है और अब केवल 15000 करोड़ की लिमिट बची है। नतीजा सरकार ने मध्य प्रदेश के 38 विभागों द्वारा संचालित योजनाओं पर रोक लगा दिए। मध्य प्रदेश शासन (mp government) के वित्त विभाग ने 38 विभागों की योजनाओं पर रोक लगाते हुए, निर्देशित किया है कि सभी विभाग राजस्व संग्रहण के काम को प्राथमिकता पर रखें। जिन योजनाओं पर रोक लगाई गई है, उनमें नगरीय प्रशासन विभाग की महाकाल परिसर विकास योजना, मेट्रो ट्रेन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा संचालित तीर्थ दर्शन योजना भी शामिल है। इसके अलावा अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त कर दी गई है। गृह विभाग के अंतर्गत थानों के सुदृढ़ीकरण, परिवहन विभाग की ग्रामीण परिवहन नीति के क्रियान्वयन, खेल विभाग के खेलो इंडिया एमपी, सहकारिता विभाग की मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना, लोक निर्माण विभाग की विभागीय संपत्तियों के संधारण, स्कूल शिक्षा विभाग की निशुल्क पाठ्य सामग्री के प्रदाय, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटाप प्रदाय, एनसीसी के विकास एवं सुदृढीकरण, जनजातीय कार्य विभाग टंट्या भील मंदिर के जीणोद्धार, उच्च शिक्षा विभाग की योजना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नए आईटी पार्क की स्थापना, विमानन विभाग की भू-अर्जन के लिए मुआवजा, ग्रामीण विकास विभाग की पीएम सड़क योजना में निर्मित सड़कों का नवीनीकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण सहित अन्य योजनाओं में व्यय बिना वित्त विभाग की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंतिम संस्कार हेतु मदद वाली योजना भी बंद मध्य प्रदेश के अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि नहीं दी जाएगी। नई राज्य सरकार ने नौ साल पहले शिवराज सरकार के समय बनाई योजना, जिसमें अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनकी दुर्घटना में मृत्यु पर तीन हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता एवं एक लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रविधान था, इसे भी बंद कर दिया है। मध्य प्रदेश श्रम विभाग के अंतर्गत कार्यरत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल ने चार दिसंबर 2014 को मंडल में अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा देने की योजना जारी की थी जिसमें निर्माण श्रमिकों को उनकी मृत्यु पर तीन हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, निर्माण कार्य के दौरान घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रुपये एवं दुर्घटना में स्थाई अपंगता आने पर 75 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रविधान था। 13 जनवरी 2017 में इस योजना में बदलाव कर प्रविधान किया गया था कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये एवं दुर्घटना में स्थाई अपंगता आने पर दो लाख रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी। अब यह योजना पूरी तरह बंद कर दी गई है।

कांग्रेस मीडिया विभाग की लंका लगा चुके आखिर आपस में बात क्या कर रहे हैं?
मप्र में कांग्रेस (mp congress) की करारी हार के बाद बड़ा बदलाव किया गया है। आमतौर पर किसी भी राजनीतिक पार्टी का चेहरा उसका मीडिया विभाग माना जाता है (congress media department)। भाजपा के मीडिया विभाग ने तो बगैर आत्म विश्वास में आए बढ़िया काम किया लेकिन कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग की हालत तो ऐसी हो गई कि वो मंत्रिमंडल से लेकर निगम मंडल तक बनाने लगे थे। इतना ज्यादा आत्म विश्वास बढ़ गया था कि किसी को फोन पर बात करते थे तो यही कहते थे कि कांग्रेस की सरकार आ रही है हमारे हिसाब से काम करो। कांग्रेस का मीडिया विभाग ही था जो कमलनाथ से जाकर कहता था कि इस बार 180 से ज्यादा सीटें कांग्रेस जीत कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। ये ऐसे लोग हैं जो अति आत्म विश्वास में आकर पत्रकारों की लिष्ट तैयार कर रहे थे। बहुत सारे पत्रकारों को इन्होने ब्लैकलिष्ट किया था। कांग्रेस मुडिया विभाग की कमान पूर्व पत्रकार पीयूस बबेले और केके मिश्रा के हाथ में थी। जिन्होने अति आत्म विश्वास के चलते पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर पत्रकारों तक को कुछ नहीं समझा। कांग्रेस मीडिया विभाग को लग रहा था कि 'गोल्डन' गैंग को अपने पक्ष में कर लेंगे तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। हुआ भी वैसा ही। इन्होने खुद का तो ठीक कर लिया लेकिन दूसरों को बरबाद कर दिया। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की करारी हार के बाद इनके चेहरे में सिकन नहीं बल्कि और ज्यादा चमक दिखाई पड़ रही है। तस्वीर से ऐसा लग रहा है कि जैसे दोनों एक दूसरे को कान में कह रहे हों कि कांग्रेस का काम तो ठिकाने लगा दिया अब अगे क्या करना है।

लगातार चुनाव जीतने वाले भाजपा नेताओं की केस स्टडी करवाएगी भाजपा
मप्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल कर यह बता दिया है कि भाजपा को चुनाव लड़ना और जीतना आता है (madhya pradesh elections)। लेकिन भाजपा की खूबी यह है कि भाजपा सिर्फ इतने में ही सीमित नहीं है। इस जीत को अजेय बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कुछ अलग-अलग पहलुओं पर काम करने की योजना तैयार कर रही है जिससे इस प्रकार की जीत को लगातार कायम रखा जा सके। जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की बड़ी प्रयोगशाला मध्यप्रदेश माना जाता है ठीक उसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी अलग-अलग तरह के प्रयोग करने से किसी प्रकार का गुरेज नहीं करते हैं। उनकी चुनाव जीत की भूख और संगठन को लगातार मजबूत करने की इच्छा शक्ति पार्टी को और मजबूत करने में अक्शर कारगर साबित होती है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अब कुछ और नया प्रयोग करने की योजना तैयार कर रहे हैं। भाजपा अब अपने ही उन नेताओं की केस स्टडी करवाएगी जो लगातार चुनाव जीत रहे हैं। भाजपा में कुछ ऐसे विधायक हैं जो एक लाख से अधिक मतों से चुनाव जीत रहे हैं। लगातार चुनाव जीतने वालों में सबसे पहला नाम आता है गोपाल भार्गव का उसके बाद एक लाख से अधिक मतों से लगातार चुनाव जीतने वाले हैं रमेश मेंदोला,ठीक इसी प्रकार भाजपा अन्य नेताओं की लिष्ट तैयार कर रही है जो लगातार ज्यादा से ज्यादा मतों से चुनाव जीत रहे हैं। इन सभी नेताओं के चुनाव प्रबंधन और चुनाव जीतने के तरीके पर पार्टी की एक विशेश टीम स्टडी करेगी और उस फॉर्मूले को भाजपा लोकसभा चुनाव के अलावा अन्य चुनावों में इस्तेमाल करेगी।

मोहन यादव की कैबिनेट में राजगढ़ जिले से मिल सकता है मंत्री पद
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मोहन यादव के साथ जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) और राजेश शुक्ला (rajesh shukla) ने भी राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बता दें, बीजेपी ने मुरैना से विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (narendra singh tmar) को विधानसभा स्पीकर नियुक्त किया है। वहीं, आज वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव (gopal bhargava) को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई गई। अब सबके मन में सवाल उठ रहा है कि मध्य प्रदेश की नई सरकार में कौन-कौन विधायक होंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि 30 से 35 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में मंत्री पद पर उनका हक ज्यादा बताया जा रहा है जहां वोट प्रतिशत अधिक रहा है। वोट प्रतिशत अधिक, इसलिए मंत्री पद पर हक ज्यादा राजगढ़ जिले की पांचों सीटों पर भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राजगढ़ जिले में वोट प्रतिशत 80 रहा है। ऐसे में इस जिले से नई सरकार में मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। जिले की ब्यावरा विधानसभा सीट से नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ सीट से अमर सिंह यादव और नरसिंहगढ़ से मोहन शर्मा का नाम शामिल है। बता दें कि पिछली 15 वीं विधानसभा में इस जिले से कोई मंत्री नहीं था। वहीं, 18 महीने की कांग्रेस सरकार में खिलचीपुर सीट से विधायक प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। ऐसे में नई सरकार इस जिले से किसी एक विधायक को मंत्रीमंडल में शामिल कर सकती है। बता दें कि शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव राजगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। जिसका फायदा जीतकर आए विधायकों को मिल सकता है। इन सीटों पर 80 प्रतिशत वोट राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, शाजापुर, सिवनी, राजगढ़ और रतलाम इनका हक ज्यादा राजगढ़ और सिवनी इन सीटों पर 75 से फीसदी तक बालाघाट, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम, देवास, विदिशा, खरगोन और शहडोल इनका हक ज्यादा श्योपुर, निवाड़ी और शहडोल

मोहन यादव की पहली शॉर्ट कैबिनेट में दिखा संघ का एजेंडा
मध्यप्रदेश के नए सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव (mohan yadav) पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने बाबा महाकाल (mahakaleshwar) का आशीर्वाद लिया और फिर भोपाल लौटकर सीधे मंत्रालय पहुंचकर सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और अधिकारियों के साथ पहली शॉर्ट कैबिनेट बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम का पदभार संभालते ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने ली शॉर्ट कैबिनेट की बैठक। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व मुख्य सचिव वीरा राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शॉर्ट कैबिनेट की बैठक की । शॉर्ट कैबिनेट के अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद खुद सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए इन फैसलों के बारे में जानकारी दी। शॉर्ट कैबिनेट में जो अहम फैसले लिए गए हैं वो इस प्रकार हैं.. - मध्यप्रदेश में खुले में मांस की दुकानें नहीं चलेंगी - खुले में चलने वाली अंडे-मांस की दुकानों पर होगी कार्रवाई - प्रदेश के हर जिले में युवाओं के लिए बनेंगे एक्सिलेंस कॉलेज, प्रधानमंत्री एक्सिलेंस कॉलेज होगा नाम - धार्मिक स्थलों (मंदिर/मस्जिद) में तय सीमा से ज्यादा आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे लाउड स्पीकर - जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद लोगों को नहीं होना पड़ेगा परेशान - रजिस्ट्री के साथ ही पूरी की जाएगी नामांतरण की प्रक्रिया - तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 4000 रुपए के आदेश जारी - आदतन अपराधियों द्वारा अपराध करने पर पूर्व में सक्षम न्यायालय से प्राप्त ज़मानत को निरस्त करने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437, 438 और 438 के प्रावधानों अनुसार सक्षम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के दिशा निर्देश जारी किए गये । यह प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

महाकाल को 'मोहने' निकले डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) भोपाल में शपथ लेते ही महाकाल की नगरी के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल (mahakaleshwar) का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया और प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के ही रहने वाले हैं और वो अक्शर भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री के पिता भी महाकाल के भक्त हैं। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके पिता का बयान भी आया था कि वो भगवान महाकाल के सेवक हैं और उसी सेवा के फल स्वरुप उनके बेटे को प्रदेश का सीएम बनने का मौका मिला है।

कार्यकारी सीएम शिवराज का बयान,यह अंत नहीं लौट कर आउंगा
प्रदेश की 18 साल तक बागडोर संभालने वाले कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने 18 साल के कार्यकाल की जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री बने थे तब प्रदेश बीमारु राज्य हुआ करता था जिसको उन्होने दिन रात मेहनत कर विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना उन्होने महिलाओं वोट के लिए नहीं शुरु की थी बल्कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाने के प्रयास किया था। और उसका असर भी देखने को माला है। कार्यकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि भाई बहन और मामा का जो रिस्ता है वो हमेशा आखिरी सांस तक बना रहेगा। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद शिवराज सिंह चौहान जब मीडिया कर्मियों के बीच आए तो उन्होने कहा कि यह अंत नहीं है लौक कर जरुर आउंगा किसी न किसी भूमिका में। शिवराज सिंह चौहान जब 74 बंगला स्थित उनके नवीन भवन में पहुंचे तो उनसे मिलने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला भी उनका स्वागत करने के लिए आए। जहां दोनों नेताओं ने काफी देर तक आपस में बात की। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला और शिवराज सिंह चौहान को एक दूसरे का बेहद करीबी माना जाता है।

कल होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह,पीएम मोदी होंगे शामिल
प्रदेश की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल यानि बुधवार को आयोजित किया जाएगा (mp government)। भोपाल के जंबूरी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का भब्य आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (narendra modi) के भी शामिल होने की बात सामने आई है। नई सरकार में मंत्रिमंडल को लेकर अभी से जद्दोजहद शुरु हो चुकी है। मंत्री बनने के लिए नेता अपनी तरफ से जुगाड़ बनाने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में 12 मंत्री हारे हैं लिहाजा उनकी जगह 12 नए मंत्री बनाए जाएंगे। इस मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों का समावेश देखने को मिलेगा। भाजपा का प्रयास है कि युवा और अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। खास बात यह भी है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हर लोकसभा सीट से एक मंत्री बना सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 29 मंत्रियों को शामिल करने की रणनीति तैयार हो रही है। मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की रणनीति तैयार हो रही है। जिससे प्रदेश में युवा नेत्रृत्व को प्रदेश में तैयार किया जा सके। भाजपा वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी विचार कर रही है क्योंकि इस चुनाव में कई केन्द्रीय नेताओं को विधानसभा चुनाव उतारा गया था लिहाजा अब यही बात हो रही है कि अब वरिष्ठ नेताओं को भाजपा किस प्रकार से जिम्मेदारी सौंपने जा रही है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बढ़ेगा कद,अध्यक्ष बनने के बाद मप्र भाजपा की बढ़ी लोकप्रियता
मप्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) को शुभंकर अध्यक्ष कहा जाता है। दरअसल शुभंकर का तमगा भी उन्हे उनकी मेहनत के बल पर ही मिला है। वीडी शर्मा जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे तब पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी थी। लेकिन सिंधिया भाजपा में आए और साल 2020 में भाजपा की सरकार मप्र में एकबार फिर स्थापित हो गई। इस बीच 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमें भाजपा ने 19 सीटों पर जीत हासिल कर प्रदेश में स्थाई सरकार बना ली। वीडी शर्मा पर कांग्रेस के नेताओं ने लगातार आरोप लगाए लेकिन उन्होने कांग्रेस के हर आरोप का मुहुतोड़ जवाब दिया। विधानसभा चुनाव की बारी आई तो लगातार प्रचारित किया गया कि उनके ब्योहार से पार्टी के कार्यकर्ता खुश नहीं हैं और प्रदेश अध्यक्ष ने उसी आरोप को अपनी ताकत बना लिया। लगातार पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की (mp bjp)। ताबड़तोड़ प्रवास किया,बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की उनकी शिकायतें सुनी और यथा संभव उनकी शिकायतों को दूर भी किया। नतीते के तौर पर भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट हो गए। प्रदेश के अलग-अलग मीडिया संस्थानों से सरकार विरोधी लहर की खबर आ रही थी तब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एक ही बात कहते नजर आते थे कि इस बार भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। आखिर तीन दिसंबर को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की बात सही साबित हुई और भाजपा ने 163 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया (madhya pradesh elections)। अब पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन चल रहा है। सार्वजनिक तौर पर प्रदेश अध्यक्ष यह कह चुके हैं कि वो सीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं लेकिन यह बात तो तय है कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में दो बार जीत का पर्चम लहराया है मतलब साफ है कि केन्द्रीय नेत्रृत्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की योजना तैयार कर रहा है।

लाड़ली बहन को सीएम भाई का वादा,बहन मै तुम्हारे साथ हूं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना (ladli behna yojana) कहने तक ही सीमित नहीं हैं इसकी जीती जागती तस्वीर भी जनता के सामने आती रहती है। जब भी किसी महिला पर अत्याचार की खबर मुख्यमंत्री के पास पहुंची है तो वो एक भाई की तरह ही उससे संपर्क करते हैं और यथासंभव अपने निवास पर बुला कर उसको संबल देने का काम भी करते हैं। दरअसल सीहोर से लगे अहमदपुर थाना के बरखेड़ा हसन गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जहां की रहने वाली महिला का आरोप है कि बीजेपी को वोट देने पर उसके देवर ने जमकर मारपीट कर दी। सीएम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने महिला को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। दरअसल, समीना बी नाम की महिला अपने बच्चों के साथ सीएम हाउस पहुंचीं. उन्हें सीएम शिवराज सिंह ने यहां बुलाया था। कारण, सीएम को जानकारी मिली थी कि बीजेपी को वोट देने पर सीहोर जिले के बरखेड़ा हसन गांव की मुस्लिम महिला के साथ मारपीट की गई है. इसके बाद सीएम शिवराज ने समीना बी को सीएम आवास बुलाकर चर्चा की, उसका हाल जाना और उसे सुरक्षा और सम्मान देने को लेकर आश्वस्त किया। मुलाकात के बाद सीएम शिवराज ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए भाजपा को अपना मत देने पर मेरी एक बहन को उसके परिवार द्वारा प्रताड़ित करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित कर उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके साथ ही पीड़ित बहन को पूरी सुरक्षा व आर्थिक मदद भी दी जाएगी। मैंने उनसे कहा है कि मेरी बहन, तुम किसी बात की चिंता मत करना, तुम्हारा भाई सदैव तुम्हारे साथ है।

झोपड़ी में रहने वाला बना विधायक,बाइक से पहुंचा विधानसभा,मंत्री बनने की जताई इच्छा
आज के दौर में भी सही नीयत और अथक परिश्रम की लगन हो तो आप मंजिल हासिल कर सकते हैं। बस आपको सही दिशा में काम करने की जरूरत होती है। इस जज्बे को हकीकत में बदलकर दिखाया है रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट पर जीत हासिल करके कमलेश्वर डोडियार (kamleshwar dodiyar) ने। जिस समय भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत की खुशी में बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, ऐसे में कमलेश्वर दोनों राष्ट्रीय पार्टियों को आईना दिखा रहे हैं। आज चुनाव रुपया-पैसा, पीआर एजेंसी, महंगी गाड़ियां और दबदबे के बल पर लड़ा जाता है, लेकिन कमलेश्वर डोडियार ने इन सबके आभाव में भी चुनाव जीत लिया है। कमलेश्वर के पास ना तो आलीशान घर, महंगी गाड़ी और ना ही पैसे हैं, उनके पास है तो बस जनता का प्यार। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमलेश्वर डोडियार ने 12 लाख रुपये कर्ज लेकर चुनाव लड़ा। वह झोपड़ी में रहते हैं। सोशल मीडिया पर कमलेश्वर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो एक हीरो स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर भोपाल विधानसभा में कागज जमा करने जा रहे हैं। उनकी बाइक पर 'MLA' लिखआ हुआ है। जिस जमाने में एक मामूली नेता भी स्कार्पियो और फॉर्च्यूनर कार लेकर चलते हैं उस जमाने में डोडियार बाइक से सवारी कर रहे हैं। कमलेश्वर डोडियार की जीत खास है क्योंकि वह पूरे प्रदेश में एक मात्र गैर भाजपा-कांग्रेस विधायक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदिवासी नेता कमलेश्वर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।आदिवासी बहुल सैलाना विधानसभा सीट पर जयस (जय आदिवासी युवा संगठन) से जुड़े कमलेश्वर डोडियार ने भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले चुनाव जीता है। उनकी जीत ने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर चुनाव जीता है, वहीं भाजपा का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा (madhya pradesb elections)। चुनाव जीतने के बाद कमलेश्वर डोडियार ने कहा, "यह मतदाताओं की जीत है। मतदाताओं ने भरपूर साथ देकर सैलाना विधानसभा में इतिहास रचा है। जन अपेक्षाओं पर खरा उतर कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाऊंगा। क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखूंगा।"