Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
Topic & Tag Archive

#madhya Pradesh news

Total published stories tagged under #madhya Pradesh news: 286

ADVERTISEMENT
भोपाल लोकसभा सीट के लिए बीजेपी में रायशुमारी शुरु,अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुमित पचौरी का सबसे ऊपर चल रहा नाम
भोपाल

भोपाल लोकसभा सीट के लिए बीजेपी में रायशुमारी शुरु,अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुमित पचौरी का सबसे ऊपर चल रहा नाम

लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने रायशुमारी शुरु कर दी है (lok sabha elections)। राजधानी भोपाल में तो दावेदारों की एक लंबी लिष्ट है लेकिन इस बीच सबसे ज्यादा जिनके नाम चर्चा में है वो हैं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma)और जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी (sumit pachauri)। हांलाकि इनके अलावा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और शैलेन्द्र शर्मा के अलावा पूर्व महापौर आलोक शर्मा और आलोक संजर भी लोकसभा चुनाव में ताल ठोंकने के लिए तैयार हैं। महिला उम्मीदवारों में भक्ति शर्मा के नाम की भी चर्चा है। खबर है कि पार्टी भी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भोपाल से ही चुनाल लड़ाना चाहती है। क्योंकि वीडी शर्मा पिछले कुछ सालों से कुशल संगठक के रुप में उभर कर सामने आए हैं उनके नेत्रृत्व में जितने भी चुनाव हुए सभी में भारतीय जनता पार्टी ने फतह हासिल की है। भोपाल लोकसभा सीट बीजेपी के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है यही कारण है कि बीजेपी वीडी शर्मा को भोपाल से चुनाव लड़ाने की सोच रही है जिससे वो अध्यक्ष रहते हुए प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट पर ध्यान दे सकें। फिलहाल पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से लगातार रायशुमारी कर रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि भोपाल लोकसभा सीट से कोई नया नाम भी सामने आ सकता है। बीजेपी हमेशा चौकाने वाले फैसले करती रही है इसलिए भोपाल लोकसभा सीट में कौन प्रबव दावेदार होगा इस विषय पर भाजपा का कोई भी नेता अथवा पदाधिकारी खुल कर बोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा है।

27/2/2024398
अमित शाह के कार्यक्रम में 'शिव' ने किया राज,दो बार बजी तालियां लूट ली पूरी महफिल
भोपाल

अमित शाह के कार्यक्रम में 'शिव' ने किया राज,दो बार बजी तालियां लूट ली पूरी महफिल

रविवार के दिन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एमपी दौरे पर थे (amit shah in mp)। ग्वालियर में बैठक के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री खजुराहो गए और फिर भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में अमित शाह शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आकर्षण का केंन्द्र रहे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) जिनके लिए पहले मंच पर बैठने की ब्यवस्था नहीं की गई थी लिहाजा वो मंच के बगल में लगी कुर्सियों में जाकर बैठ गए जहां पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा,राकेश सिंह,विश्वास सारंग और कैलाश विजयवर्गीय बैठे थे। सभागार में इंट्री से पहले अमित शाह को पता चला कि शिवराज सिंह चौहान के लिए मंच पर कुर्सी नहीं लगी है लिहाजा वो तब तक बाहर खड़े रहे जब तक शिवराज सिंह चौहान के लिए मंच पर कुर्सी नहीं लगाई गई। आखिरकार शिवराज सिंह चौहान के लिए मंच पर कुर्सी लगी जिसके बाद कार्यक्रम शुरु हुआ। अब बात सभी के सम्मान की आई तो सभी का सादगी तरीके से पुष्प गुच्छ के साथ स्वागत हुआ लेकिन जब शिवराज सिंह चौहान का सम्मान के लिए मंच से नाम पुकारा गया तो उनके नाम पर जम कर तालियां बजने लगी। बात यहीं खत्म नहीं हुई शिवराज सिंह चौहान के लिए एक नहीं बल्कि दो बार जम कर तालियां बजी। शिवराज के नाम पर तालियां बजती देख और हूटिंग के कारण मंच पर बैठे अन्य वरिष्ठ ने खुद को असहज सा महसूस करने लगे। आखिरकार कार्यक्रम शुरु हुआ अमित शाह ने प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के दस साल कज कामों की जानकारी दी। इस दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो एक ऐसा रॉकेट है जिसको कांग्रेस पिछले कई साल से लांच कर रही है और वो है कि लांच ही नहीं हो पा रहा है। अमित शाह ने कहा कि देश को विकास की गति देने और विश्वगुरु बनाने के लिए जरुरी है कि एक बार फिर मोदी के नेतृत्व में देश में एनडीए की सरकार बननी चाहिए।

26/2/2024233
शासकीय कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा,होली के चलते एक मार्च को मिलेगा वेतन
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा,होली के चलते एक मार्च को मिलेगा वेतन

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है (mp government employees)। प्रदेश की मोहन सरकार इस बार मार्च महीने की सैलिरी पहले ही कर्मचारियों के खाते में जनरेट कर देगी (mohan government)। गौरतलब है कि मार्च महीने में आठ तारीख को महाशिवरात्रि है और होली सहित अन्य पर्व भी हैं। जिसको देखते हुए लाड़ली बहना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों को भी सैलिरी का बड़ा तोहफा देने का काम करने जा रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर बड़ा निर्देश दिया गया है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी आरडी चौधरी ने जिले के सभी आहरण संवितरण अधिकारियों से 27 फरवरी तक वेतन देयक जनरेट करने का अनुरोध किया है। कोषालय अधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित तारीख तक अनिवार्य रुप से वेतन देयक जनरेट कर दें। जिससे एक मार्च को शत प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जा सके। समय पर वेतन जनरेट न करने से मार्च की प्रथम तारीख को वेतन दिया जाना संभव नहीं हो पाएगा। जिन अधिकारी कर्मचारियों का वेतन किसी कारण वश रोका गया है उन्हे छोड़ कर शेष सभी के वेतन देयक जनरेट करने के निर्देश सख्ती से जारी किए गए हैं।

24/2/202416845
भ्रष्ट अधिकारियों पर मोहन सरकार की टेढ़ी नजर,रिटायरमेंट से पहले अधिकारियों-कर्मचारियों की होगी विभागीय जांच
मध्य प्रदेश

भ्रष्ट अधिकारियों पर मोहन सरकार की टेढ़ी नजर,रिटायरमेंट से पहले अधिकारियों-कर्मचारियों की होगी विभागीय जांच

प्रदेश की मोहन सरकार (mohan government) अलग-अलग विभागों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त हो गई है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी शासकीय अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही हैं (Departmental inquiry conducted) तो उन्हें 30 जून 2024 के पहले खत्म करना होगा। ये आदेश मप्र सरकार ने जारी किए है(Mp Govt instructions)। अब प्रदेश में रिटायरमेंट से पहले भ्रष्ट अफसरों की विभागीय जांच होगी। भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों की विभागीय जांच के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। एक साल के अंदर रिटायर होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ 30 जून 2024 तक जांच पूरी करने के आदेश जारी किए गए हैं। मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सरकार सख्त हो गई है। इस साल रिटायर हो रहे ऐसे अफसरों की जानकारी मांगकर जून तक जांच पूरी करने को कहा गया है (Investigation of corrupt officers before retirement)। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 5 हजार अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और आर्थिक अनियमितताओं के मामले लंबित हैं। प्रदेश में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के मामले ही 3-4 साल से चल रहे हैं। रिटारयमेंट हो गया, लेकिन जांच ही पूरी नहीं हुई, जिससे पेंशन रुक गई। अब इन मामलों के निराकरण की टाइम लिमिट ज्यादा से ज्यादा एक साल और कम से कम 5 महीने होगी।

23/2/2024475
लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी,इस बार एक मार्च को डाली जाएगी उनके खाते में राशि
भोपाल

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी,इस बार एक मार्च को डाली जाएगी उनके खाते में राशि

प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने लाड़ली बहनों (ladli behna yojana) के हित में बड़ा फैसला किया है। मार्च के महीने में महाशिवरात्रि और होली का पर्व होने के कारण मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों के खाते में एक मार्च को ही राशि डालने का फैसला किया है। अभी तक यह राशि महीने की दस तारीख को डाली जाती है। छिंदवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अगले महीने दो बड़े त्योहार हैं। जिसमें पहले आठ मार्च को महाशिवरात्रि और फिर होली का महापर्व है। लिहाजा लाड़ली बहनों को पैसों की जरुरत होगी और उन्हे किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए प्रदेश सरकार की तरफ से एक मार्च को ही लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की राशि डाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए यह भी दावा किया है कि पूर्व से जितनी भी योजनाएं संचालित हो रही हैं उन किसी भी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। भाजपा की सरकार सभी योजनाओं को संचालित करती रहेगी।

22/2/2024171
जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी
भोपाल

जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी

कई बार खेल में जीतते जीतते भी टीमें हार जाती हैं। और ठीक उसी प्रकार राजनीति में भी देखने को मिलता है। ताजा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का है जिनकी बीजेपी में बात हो ग ई लेकिन अंत में बीजेपी के कुछ नेताओं ने कमलनाथ को लेकर विरोध कर दिया जिसके चलते कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ (nakul nath) की बीजेपी में ज्वाइनिंग पर सस्पेंश बन गया है।दरअसल भाजपा के नेताओं का मानना है कि सिक्ख दंगे के मुख्य आरोपी कमलनाथ थे और अभी तक भारतीय जनता पार्टी के नेता कमलनाथ पर सिक्ख दंगे को लेकर लगातार टिप्पड़ी करते रहे हैं ऐसे में कमलनाथ भाजपा ज्वाइन करते हैं तो पार्टी को दिक्कत हो सकती है। हांलाकि भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कमलनाथ की बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हुई थी और यही कारण था कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली गए थे लेकिन वहां पर ठीक से बात नहीं बन पाई। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ समय में कमलनाथ फिर भाजपा नेताओं से बात करेंगे और भाजपा में भी कमलनाथ को लेकर आपसी सहमति बनाई जाएगी। माना जा रहा है कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को भाजपा में ज्वाइनिंग कराई जाएगी और कमलनाथ राजनीति से दूरी बना लेंगे। हांलाकि नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने से पहले शर्ते भी हैं जिन्हे पूरा करना कमलनाथ के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। भाजपा की शर्त है कि नकुलनाथ के साथ कमसे कम 20 विधायक भाजपा में शामिल होने चाहिए। कमलनाथ के साथ कुछ विधायक भाजपा ज्वाइन करने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनकी संख्या 20 तक नहीं पहुंच रही है। इधर कांग्रेस पार्टी को भी जबसे इसकी जानकारी हुई है तभी से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधायकों की घेराबंदी करने में जुट गए हैं। जोड़ तोड़ की राजनीति अगले कुछ समय पर पूरे शबाब में पहुंचने वाली है। आने वाले कुछ समय में कांग्रेस और भाजपा में काफी बदलाव देखने को मिलने वाले हैं।

20/2/2024146
संविदा कर्मियों को भाजपा सरकार ने दिया धोखा,नियमित के समान वेतन और सुविधा का किया वादा,आज तक नहीं किया पूरा
भोपाल

संविदा कर्मियों को भाजपा सरकार ने दिया धोखा,नियमित के समान वेतन और सुविधा का किया वादा,आज तक नहीं किया पूरा

विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) से पहले प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) ने जमकर पंचायतों का आयोजन किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों (samvida workers) की महापंचायत बुलाई। सभी संविदा कर्मियों को बड़े-बड़े प्रलोभन दिए गए और उसका फायदा भाजपा को वोट के रुप में हुआ। सभी संविदा कर्मियों ने एकमुस्त भाजपा को वोट दिया और उसका परिणाम ये निकला की भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई। जबकि सर्वे और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा नहीं किया जा रहा था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद प्रदेश के अलग-अलग विभागों में पदस्थ संविदा कर्मियों ने शिवराज सिंह चौहान के वादे पर विश्वास किया और वोट दिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादे के मुताबिक संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य जितनी भी शासकीय सुविधाएं हैं वो सभी देने का वादा किया गया था। इसके लिए फर्जी आदेश भी जारी किए गए जिससे संविदा कर्मियों को लगे कि सरकार अपने किए वादे पर कायम है और प्रक्रिया जारी है। घोषणा के कुछ समय बाद चुनाव आचार संहिता लग गई तब तक संविदा कर्मी यह ढाढ़स बांध कर बैठे रहे कि चुनाव आचार संहिता लगने के कारण सरकार उनको वेतन और सुविधाएं नहीं दे पार रही। लेकिन इस बीच सरकार ने भले अपना वादा पूरा न किया हो लेकिन संविदा कर्मियों ने अपना वादा भाजपा के पक्ष में वोट देकर निभाया और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई। सरकार तो बनी लेकिन मुख्यमंत्री बदल गए जिसके बाद प्रशासनिक अमले ने संविदा कर्मियों की सुध नहीं ली। आज तक संविदा कर्मियों से किया वादा पूरा नहीं हुआ। खुले तौर पर कहा जाए तो वोट के नाम पर भाजपा की सरकार ने संविदा कर्मियों को ठगने का काम किया है। अब सभी संविदा कर्मी लोकसभा चुनाव में अपना बदला लेने की योजना बना रहे हैं।

18/2/2024914
19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक
भोपाल

19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच कमलनाथ के करीबी विधायक ने बड़ा दावा किया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 फरवरी को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी और कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। बीजेपी का अभी राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है और यह माना जा रहा है कि अधिवेशन समाप्त होने के बाद कमलनाथ अपने बेटे नकुकलनाथ के साथ बीजेपी ज्वाइन करेंगे। कमलनाथ के साथ 10 से 12 विधायक और एक मेयर भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हांलाकि कमलनाथ को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ हमेशा साथ खड़े रहे है, ऐसा व्यक्ति बीजेपी के साथ कैसे जा सकता है। गौरतलब है कि कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वो राज्यसभा जाना चाहते थे. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अशोक सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया. कमलनाथ की 'नाराजगी' तब भी देखने को मिली जब वो अशोक सिंह के नामांकन में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, जब पार्टी ने अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया था तो कमलनाथ ने अशोक सिंह को शुभकामनाएं दी थीं। यहां ये भी जानना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ही कांग्रेस का सीएम चेहरा था। लेकिन पार्टी को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

17/2/2024328
अब 65 वर्ष नहीं होगी शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु,वित्त विभाग ने किया क्लियर
भोपाल

अब 65 वर्ष नहीं होगी शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की आयु,वित्त विभाग ने किया क्लियर

मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों (mp government employees) की सेवानिवृत्ति की आयु अब 65 वर्ष नहीं होगी। पिछले कुछ समय से इस बात को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि शासकीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की सीमा बढ़ने वाली है। इस मामले में जहां युवाओं में सरकार के प्रति विरोध के स्वर निकलने लगे थे वहीं शासकीय कर्मचारी भी इस फैसले पर हैरान थे। कुछ कर्मचारी तो रिटायरमेंट आयु की सीमा बढ़ाए जाने से नाराज थे कुछ इसका समर्थन कर रहे थे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने रिटायरमेंट एज लिमिट बढ़ाने से इनकार कर दिया है। यह मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए गुड न्यूज़ है लेकिन सरकार के लिए चिंता की बात है क्योंकि सरकार के पास रिटायर होने वाले कर्मचारियों को देने के लिए GPF और दूसरा फंड नहीं है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र-2023 में मप्र सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में एकरूपता लाने का बिंदु शामिल था। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बीती 11 जनवरी को राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश शर्मा ने मप्र के शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा में एकरूपता लाने के लिए नोटशीट लिखी। जिसमें कहा गया कि शासकीय सेवकों की सेवानिवत्ति की आयु सीमा 62 से बढ़ाकर 65 करने पर शासन को विचार करना चाहिए। उन्होंने पदोन्नति नहीं होने की वजह से सरकारी विभागों में कैडर गड़बड़ाने और खाली पदों को लेकर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की फाइल मंत्रालय में दौड़ पड़ी थी। सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग से खजाने पर पड़ने वाले भार के लिए अभिमत मांगा था। इसी बीच कई कर्मचारी संगठन व युवा सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का विरोध करने लगे। वहीं, अब वित्त विभाग ने सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने का आईडिया ड्रॉप कर देने के लिए कहा है। विद्युत विभाग का कहना है कि अब इन कर्मचारियों को देने के लिए वेतन भी नहीं है।

16/2/202417121
भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
भोपाल

भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय

मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

15/2/2024477
चयनित पटवारियों के लिए खुशखबरी,नियुक्ति संबंधी जारी हुए आदेश
भोपाल

चयनित पटवारियों के लिए खुशखबरी,नियुक्ति संबंधी जारी हुए आदेश

कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा (patwari exam) के घोषित परिणाम के आधार पर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही के आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित विभागों को दिए गए हैं। गौरतलब है कि पटवारी परीक्षा (mp patwari) में धांधरी का आरोप लगा कर चयनित पटवारियों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए चांच बैठा दी गई थी। जिसके बाद चयनित पटवारियों ने लगातार नेताओं के चक्कर काटे साथ ही उन्होने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। आखिरकार उनके नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं अब सामान्य प्रशासन विभाग अब भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रुप देगा।

15/2/2024274
'श्री कृष्ण' ने पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत,बेटियों के लिए मांगी सुरक्षा
भोपाल

'श्री कृष्ण' ने पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत,बेटियों के लिए मांगी सुरक्षा

महाभारत में भगवान कृष्ण का पात्र निभाने वाले अभिनेता और राजनेता नितीश भारद्वाज (Nitish Bharadwaj) ने अपनी जुड़वा बेटियों की सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्र (harinarayan chari mishra) से सहायता मांगी है। नितीश भारद्वाज ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को मेल से पत्र भेज कर अपनी पत्नी मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत की है। पुलिस कमिश्नर ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि नितीश भारद्वाज और उनकी पत्नी के बीच कुटुंब न्यायालय में मामला चल रहा है। पुलिस कमिश्नर ने महिला एडिशनल डीपी को मामले की जांच सौंप दी है शिकायती आवेदन में बताया गया है कि 2009 में मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी स्मिता भारद्वाज के साथ उनका विवाह हुआ था। इसके बाद उनकी दो जुड़वा बेटियां हुई थी। पत्नी के अप्रिय व्यवहार एवं आचरण के कारण उनके समस्त प्रयासों के बावजूद वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर है। जिसकी कानूनी कार्यवाही न्यायालय में चल रही है। पत्नी वर्तमान में भोपाल में पदस्थ हैं और उनके पिता को उनकी बेटियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। नितीश भारद्वाज ने अपने पत्र में भोपाल पुलिस कमिश्नर से बेटियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने एवं कानूनी सहायता मांगी है।

15/2/2024155
Page 7 of 24