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जमीन की रजिस्ट्री होगी आसान,नहीं पड़ेगी गवाहों की जरूरत, नई व्यवस्था जल्द होगी लागू
प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना अब और आसान होने जा रहा है (land registry in mp)। दरअसल जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन दफ्तरों में गवाहों की जरूरत खत्म हो जाएगी। यह सब होगा संपदा-2 सॉफ्टवेयर में, जिसे एक अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसके लागू होते ही आमजन को प्रॉपर्टी से जुड़ी दुविधा का समाधान मिलना संभव होगा। इसमें वेब जीआइएस की मदद से मोबाइल पर ही प्रॉपर्टी की गाइडलाइन की दर देखी जा सकेगी और साथ ही सर्च, ई-रजिस्ट्रेशन, सर्च एंड सर्टिफाइड कॉपी भी आसान हो जाएगी। प्रदेश के पंजीयन महानिरीक्षक एम सेलवेंद्रम ने बताया कि अभी तक ट्रायल चल रहा था, अब लागू करेंगे। इससे रजिस्ट्री आसानी से होगी। गवाहों की जरूरत नहीं, आधार से फोटो और नाम लिए जाएंगे। चार विभागों हाउसिंग बोर्ड, उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमएसएमई को रजिस्ट्रार के अधिकार मिलेंगे, ताकि प्रॉपर्टी को बैंक में बंधक बनाने में परेशानी न हो। प्रॉपर्टी की आइडी होने से स्टाम्प शुल्क की चोरी रुकेगी और लंबी-चौड़ी लिखा-पढ़ी भी कम होगी। एक क्लिक पर संपत्ति की रजिस्ट्री की जानकारी मिल जाएगी। इससे बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी। ईओडब्ल्यू, आयकर विभाग सहित लोकायुक्त को सेपरेट लिंक मिलेगा। ये संपत्ति की जांच कर सकेंगे। रजिस्ट्री के बाद नगर निगम को मैसेज जाएगा, जिससे नामांतरण आसान होगा (mp news)। शुल्क की गणना भी होगी।

ये सफाई है,संदेश है या ढकोसला है,ये हाल है भाजपा के नेताओं का
इस बात में कोई सक नहीं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) ने स्वच्छता के मामले में देश भर में क्रांति लाई है। लेकिन पीएम मोदी की मुहिम का जब भाजपा के नेता मजाक उड़ाते हैं तो बात अलग हो जाती है। दरअसल 22 जनवरी को भगवान राम की गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है (ram mandir pratishtha)। उसके पहले भाजपा की तरफ से देश के सभी मंदिरों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन जिस प्रकार से इंदौर में तस्वीर देखने को मिली उससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा के नेता सफाई कम मजाक ज्यादा उड़ा रहे हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री और एक मंत्री के साथ इंदौर के महापौर सूट बूट पहन कर सफाई करते नजर आ रहे हैं। तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि सारे नेता एक साथ हाथ में झाडू लेकर खड़े हैं सामने कुछ पत्ते तस्वीर खिंचवाने के लिए रखवाए गए हैं। सफाई करने वाले नेताओं में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मंत्री तुलसीराम सिलावाट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मधु वर्मा, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी सफाई अभियान में सभागिता की। ये सभी नेता अन्नपूर्णा मंदिर, में सफाई कर रहे थे।

60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा
मोहन सरकार (mohan government मजदूरों को 60 की उम्र के बाद पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है बहुत जल्दी घोषणा होने वाली है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (prahlad patel) ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है। प्रहलाद पटेल ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दिया जाना निश्चित किया जा रहा है। कितनी पेंशन दी जाएगी इस पर अभी विचार होना शेष है। इसके लिए विचार विमर्श का चल रहा है बहुत जल्दी प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टीम पूरी तरह से प्रदेश के विकास कार्य में जुड़ चुकी है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विभागीय समीक्षा के दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लेकर कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि 60 की उम्र के बाद मजदूर में काम करने की क्षमता घट जाती है ऐसे में उनके शारीरिक श्रम को ध्यान में रखते हुए पेंशन की योजना बनाई जा रही है। श्री पटेल का कहना था कि मजदूरों के संबंध में प्रावधानों और निर्णय में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। मजदूरों के पंजीयन निरस्त होने की स्थिति में अनुविभागीय आधिकारिक के यहां होने वाली अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। श्रम मंत्री का कहना है कि गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से होने वाली परेशानी से बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। कहा गया है की अपील का प्रावधान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या श्रम बोर्ड के समक्ष विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 45 वर्ष की उम्र के बाद बीमा योजना में कर करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जनकल्याण संबल योजना तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए सरकार का खुलेगा खजाना,जल्द मिलेगा डीए
राज्य सरकार फरवरी में आने वाले वोट एंड अकाउंट (लेखानुदान) में कर्मचारियों को 7 से 8 प्रतिशत तक डीए (mp government employees DA) बढ़ाए जाने का वित्तीय प्रावधान करने जा रही है। दरअसल, मार्च 2025 तक कर्मचारियों का डीए 14% तक बढ़ाए जाने का की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद यह 56% हो जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024,25 में 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। अभी राज्य के 7.50 लाख कर्मचारियों को 42% डीए मिल रहा है। जो केंद्रीय कर्मचारियों को मिल रहे 46% से 04% कम है। हालांकि इस भुगतान के लिए की विश्व विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री और सचिवालय को भेज दिया है। जिस पर मंजूरी मिलना बाकी है। गौरतलब है कि मप्र विधानसभा चुनाव होने की वजह से चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। इसलिए एक जुलाई 2023 से लंबित 4% प्रतिशत लंबित डीए का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस बड़े हुए दिए का भुगतान किया जाता है तो यह खर्च 1280 करोड़ रुपये होगी। इसराज को फिलहाल अभी वोट एंड अकाउंट में शामिल नहीं किया गया है।

स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर ने फिर लहराया पर्चम,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति से हुए सम्मानित
स्वच्छ सर्वेक्षण के मामलज में इंदौर लगातार नंबर एक बना हुआ है। इसी कड़ी में इंदौर को लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण (swachh survekshan) की रैकिंग में नंबर वन आने पर राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू (droupadi murmu) के द्वारा सम्मानित किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी रहे उपस्थित थे। गौरतलब है कि स्वच्छता सर्वेक्षण हर वर्ष आयोजित किया जाता है जिसमें देश के विभिन्न शहर शामिल होते हैं। लेकिन इंदौर एक लौता शहर है जो स्वच्छता के मामले में लगातार नंबर वन बना हुआ है। इस मामले में मप्र के अन्य शहरों को भी अलग-अलग श्रेणी में शामिल किया गया है और उनको रेटिंग अंक भी दिए गए हैं।

संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की उप मुख्यमंत्री से मुलाकात
संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति (sanyukt brahmin samajik kalyan samiti) के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पं मनोज रावत (manoj rawat) के नेत्रृत्व में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) से मुलाकात ही। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने ब्राह्मण समाज की मातृशक्ति को परशुराम कल्याण बोर्ड एवं सामान्य कल्याण बोर्ड के गठन में प्रतिनिधित्व देने के लिए डिप्टी सीएम के निवास पर बैठक कर चर्चा करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज मात्रृशक्ति को भी समाज में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास रत है। उप मुख्यमंत्री ने संगठन के सदस्यों की बात को ध्यान से सुना और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि यह एक अच्छा काम है। इस संगठन की ओर से आने वाले समय में उज्जैन में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का सम्मान किया जाएगा।

अतिथि शिक्षकों को तत्काल निकालने का आदेश जारी
एमपी के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों (guest teachers) को लेकर एक आदेश जारी हुआ है जिसके तहत अगर किसी स्कूल में स्थाई शिक्षक की पूर्ति हो जाती है तो अतिथि शिक्षक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार के आदेश अलग-अलग जिलों में जारी किए जा रहे हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचनालय से आयोजित VC दिनांक 08 जनवरी 2024 में दिए निर्देश के अनुक्रम में स्वीकृत पदों पर नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से यदि शिक्षक उपस्थित हो चुके हैं और उस पद के विरुद्ध अतिथि शिक्षक भी कार्यरत है तो ऐसे अतिथि शिक्षकों को तत्काल GFMS पोर्टल से हटाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। अगर कोई अतिथि शिक्षक नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से पद पूर्ति के बाद भी कार्यरत पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि शिक्षक का मानदेय संबंधित संस्था प्रमुख तथा संकुल प्राचार्य के वेतन से काट कर भुगतान किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा (mp government teachers)।

लाड़ली बहना योजना की राशि पर संशय,फरवरी में कैसे आएगी राशि
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (umang singhar) ने लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होने कहा है कि लाड़ली बहना योजना बंद" करने का अंदेशा सही निकल रहा है। सरकार के लिए योजना में पैसे देने का संकट सामने खड़ा है!प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद जनवरी की 8वीं किस्त के लिए 1,596 करोड़ रुपए का इंतजाम बड़ी मुश्किल से हो पाया है, 10 जनवरी को तो लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए की राशि जैसे तैसे आ जाएगी लेकिन, फरवरी की किस्त को लेकर विभाग बेहद परेशान और असमंजस में है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने वित्त विभाग से फरवरी की किस्त जारी करने के लिए बजट मांगा है। जबकि, वित्त विभाग ने 38 से अधिक योजनाओं में बिना अनुमति वित्तीय आहरण पर पहले ही रोक लगा दी गई है। यह आरोप नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्विटर के माध्यम से लगाया है। हालाकि विधानसभा सत्र के दौरान इस योजना को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवाब देते हुए कहा था कि पूर्व से जो भी योजनाएं संचालित हो रहीं हैं उन किसी भी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा।

विधानसभा में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन,नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों के प्रटोकाल पर उठाया सवल
मप्र वाधानसभा (mp vidhan sabha) में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम ओम बिड़ला (om birla) के अलाव उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाले प्रबोधन कार्यक्रम में नए चुन कर आए विधायकों को विधानसभा की बारीकियों के बारे में बताया जाना है। प्रबोधन के माध्यम से विधायकों को सदन में सवाल करने की ट्रेनिंग भी दी जानी है। प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने (umang singhar) कुछ गंभीर बातें कही हैं। उन्होने कहा कि अब विधायक विधानसभा में सवाल लगाते हैं तो अधिकारी कर्मचारी ठीक तरीके से जवाब नहीं देते। कुछ भी गलत जानकारी भेज देते हैं और उसी गलत जानकारी को संबंधित विभाग के मंत्री विधानसभा में प्रस्तुत कर देते हैं। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधायकों के प्रटोकाल में भी काफी लापरवाही बरती जा रही है। जातने विधायक आते हैं वो अपने क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधि हैं लिहाजा उनको सम्मान मालना जरुरी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ने भी प्रबोधन कार्यक्रम में विधायकों की सुख सुविधा के मामले का प्रबोधन में उल्लेख किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जो पुराने विधायक विश्राम गृह हैं वो अनुपयोगी हो चुके हैं लिहाजा अब उनकी जगह पर नए विधायक विश्राम गृह का निर्माण किया जाना चाहिए। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने सहस्त्र स्वीकार करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो मांग की है उसका पालन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

एमपी में नया कैलेंडर होगा लागू,68 साल पहले PM नेहरु ने करवया था बंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने फिर पुराने कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार की है। अब नया कैलेंडर (new calendar) विक्रम संवत (vikram samvat) के रुप में लागू होगा। गौरतलब है कि बीते 68 सालों से यहां शक संवत का शासकीय कैलेंडर चलता था। अब एक बार फिर से मध्य प्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार कर ली है। राज्य के संस्कृति विभाग ने यह कैलेंडर छपवा लिए हैं। शक संवत नहीं, मध्य प्रदेश में फिर होगा विक्रम संवत का शासकीय कलेंडर, 68 साल पहले पीएम नेहरु ने लागू की थी अंग्रेजी व्यवस्था मध्य प्रदेश में नवगठित डॉ. मोहन यादव की सरकार ने एक बार फिर से शासकीय कलेंडर में विक्रम संवत को मान्यता दी है. मध्य प्रदेश में शदियों से विक्रम संवत को ही मान्यता मिलती रही है, लेकिन आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने पुरानी व्यवस्था को बदल कर अंग्रेजी व्यवस्था लागू कर दी थी. इसी व्यवस्था के तहत विक्रम संवत को भी दरकिनार कर शक संवत लागू किया गया था। डॉ. मोहन यादव की सरकार ने शपथ लेने के साथ ही इस व्यवस्था को बदलने का फैसला किया और अब नए कलेंडर छप कर तैयार हो गए हैं. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश पत्र के मुताबिक अब नया शासकीय कैलेंडर अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नहीं होगा. बल्कि इसे विक्रम संवत के तहत तैयार किया गया है. इसमें विक्रम संवत की तिथियां और व्रत त्यौहार भी दिए गए हैं. बता दें कि उज्जैन के राजा सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत शुरू किया था. सैकड़ों सालों तक इसी संवत को पूरा देश मानता था। मध्यप्रदेश का सरकारी कैलेंडर भी विक्रम संवत के अनुसार प्रिंट होता था. यह व्यवस्था आजादी के बाद 1949 तक रही. साल 1955 मे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक आदेश के तहत विक्रम संवत को हटा दिया था. उन्हीं इसके स्थानों पर अंग्रेजों द्वारा पोषित शक संवत को महत्व दिया था. तब से आज 68 साल बाद तक यही कैलेंडर प्रकाशित होता आ रहा है. अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत को एक बार फिर से मध्यप्रदेश के शासकीय कैलेंडर के तौर पर लागू करने के आदेश दिए हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक संस्कृति विभाग ने नए कैलेंडर छपवा लिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद न्याय प्रिय राजा सम्राट विक्रमादित्य में काफी प्रेरित हैं. वह उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए भी राजा विक्रमादित्य के इतिहास से जुड़े संदर्भों पर काफी काम कर चुके हैं. उन्होंने विक्रमादित्य के नाट्य मंचन का आयोजन भी कराया था, जिसे पूरे देशभर में खूब सराहा गया. उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश के पाठ्यक्रम में राजा विक्रमादित्य को शामिल किया गया।

संविदा कर्मियों से वोट लेने के बाद भूली भाजपा की सरकार,खुद को ठगा महसूस कर रहे संविदा कर्मी
विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chluhan) ने जमकर पंचायतें लगाईं और खूब घोषणाएं की। ऐसा लगा कि अब प्रदेश में संविदा कल्चर (samvida teachers) समाप्त हो जाएगा और पहले की तरह सबकुछ ठीक हो जाएगा। और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बातों में आ कर संविदा कर्मियों (samvida) ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जमकर वोटिंग की। वोटिंग का प्रतिशत इतना बढ़ा की जिस भाजपा को लोग कह रहे थे कि इस बार किसी भी सूरत में सरकार नहीं बनेगी उसी भाजपा ने प्रदेश में प्रचंड बहुमत प्राप्त कर फिर से सरकार बना ली। सरकार बनते ही भाजपा ने पहले मुख्यमंत्री बदला और जब मुख्यमंत्री बदला तो संविदा कर्मियों की किस्मत भी बदल गई। जिस प्रकार से तत्कालीन सीएम शिवराज ने संविदा महा पंचायत में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की वो कुछ नहीं हुआ। अब संविदा कर्मी फिर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। ग्रेड-पे के नाम पर सभी संविदा कर्मियों को ठग लिया गया और उनसे वोट भी ले लिया गया है। मांगे पूरी नहीं होने के बाद संविदा कर्मियों स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को इंदौर में ज्ञापन सौंपा है। जहां उन्होने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि उन्हे अगस्त के महीने से बढ़ा हुआ वेतन देने की बात कही गई थी जो आज तक पूरी नहीं हुई है।

मप्र में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन,मिलेगी 100 फीसदी सैलिरी,वित्त मंत्री ने लिखा पत्र
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) ने ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नवनियुक्त शिक्षकों को 100% वेतन और दो वर्ष परिवीक्षा अवधि मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है (mp government teachers)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं। पत्र में लिखा है कि, श्रीमती काजल सकतावत तथा समस्त नवनियुक्ति शिक्षक संघ, स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय के द्वारा प्राप्त पत्र मूलतः संलग्न प्रेषित है। जिसमें उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं दो वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान करने की घोषणा की थी। अतः उपरोक्त के आलोक में स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं 02 वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान किये जाने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।