#madhya Pradesh
Total published stories tagged under #madhya Pradesh: 337

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात कर दी मंत्रियों की सूची
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) का आज विस्तार होने जा रहा है। इस विस्तार को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी कि आखिर वह कौन दिन और कौन सा वक्त होगा जब मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) अपने कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। लगातार दो दिनों तक दिल्ली में हुए मंथन के बाद मंत्रियों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को कल फिर बुलाया गया था और देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (amit shah) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को मंत्रियों की सूची सौंपी है। फिलहाल भाजपा की तरफ से यह कोई नहीं बता पा रहा कि कितने मंत्री शपथ ले रहे हैं (mp cabinet) और कौन-कौन नेता मंत्री बन रहे हैं। विधायकों को फोन करके गुप्त रूप से सूचित किया जा रहा है कि 3:30 पर उनको राजभवन में शपथ लेने के लिए पहुंचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में करीब 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। सभी लोकसभा सीटों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा छिंदवाड़ा को छोड़कर क्योंकि छिंदवाड़ा में भाजपा का एक भी विधायक नहीं जीत पाया है।

मुखबिर की खबर पर मुहर,आज होगी मोहन मंत्रिमंडल की शपथ,20 दिसंबर को मुखबिर ने प्रकाशित की थी खबर
मप्र सरकार के मंत्रिमंडल (mp cabinet) का शपथ ग्रहण समारोह आज अरीब 3.30 मिनट पर राजभवन में आयोजित किया जा रहा है। इसकी जनकारी Mukhbirmp.com ने 20 दिसंबर को अपने पाठकों को दी थी। गौरतलब है कि 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव और दो उप मुख्यत्रियों ने शपथ ली थी। तब से लगातार मंत्रिमंडल को लेकर कयासों का दौर चल रहा है। न्यूज चैनलों के माध्यम से रोजाना मंत्रिमंडल के शपथ की खबरें चलाई जा रही थी लेकिन इन सबसे अलग मुखबिर ने 20 दिसंबर को तय तारीख बताई थी आखिरकार उस खबर पर मुहर लगी और आज मोहन कैबिनेट का शपर ग्रहण होने जा रहा है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में 28 से 30 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है। मंत्रिमंडल में कुछ चौकाने वाले चेहरे भी देकने को मिलने वाले हैं। जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेनी है उन्हे गुप्त रुप से देर रात फोन पर जानकारी दे दी गई है। फिलहाल सभी जानकारियां गुप्त रखी जा रही हैं।

कांग्रेस की हार का बड़ा कारण,सर्वे एजेंसियों ने दावेदारों से डील कर कमलनाथ को दी गलत रिपोर्ट
मप्र विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है। और कांग्रेस पार्टी (mp congress) को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार में सबसे बड़ा हाथ कमलनाथ (kamal nath) द्वारा कराए गए उम्मीदवारों के लिए सर्वे रहा है। एक गुप्त रिपोर्ट के मुताबिक कमलनाथ ने मप्र से बाहर अलग-अलग स्टेट की सर्वे एजेंसियों को प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में मजबूत दावेदारों का सर्वे करने का ठेका दिया था। इन सर्वे एजेंशियों ने कमलनाथ के साथ डबल क्रास किया। इन सर्वे एजेंसियों ने ना सिर्फ कमलनाथ से सर्वे के नाम पर पैसे लिया बल्किन इन एजेंसियों ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के संभावित दावेदारों की लिष्ट तैयार कर उनसे संपर्क किया और उनके पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए उनसे मोटी रकम वसूल की। कमलनाथ ने उन्ही को टिकट दिया जिन्हे सर्वे एजेंसियों ने मजबूत कैंडिडेट बताया। यही कारण है कि कमलनाथ को पूरा विश्वास था कि उन्होने मजबूत उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है और वो चुनाव में जीत दर्ज करेंगे। नतीजा ये निकला कि भाजपा के अभेद्य किले को भेदने निकले कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवारों ने कमलनाथ और कांग्रेस की लुटिया डुबो कर रख दी। इस बात में कोई सक नहीं कि भाजपा ने जोरदार तरीके से किलेबंदी की थी जिसमें मोदी की गारंटी और लाड़ली बहनों का विश्वास शामिल था। ऐसे में उनका सामना करने के लिए कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे और भाजपा ने उन्हे चारों खाने चित्त कर दिया।

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों को दिया एमपी चुनाव की जीत का मंत्र
दिल्ली में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में शामिल हुए मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (mp assembly elections) में भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों और बूथ प्रबंधन की कुशलता से मिले अब तक के सर्वाधिक जनाधार के बारे में जानकारी अन्य पदाधिकारियों से साझा की। इस मौके पर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में संगठन द्वारा किए गये विभिन्न नवाचारों के साथ प्रत्येक बूथ पर 51% वोटशेयर पाने की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेत्रृत्व में प्रदेश के सभी बूथों को डिजिटल करने से लेकर त्रिदेव बनाने की प्रक्रिया चुनाव में काफी असरदार रही है। जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर प्रवास किया और बूथों को मजबूत करने से लेकर केन्द्र सरकार द्वारा संचालित गरीब कल्याण की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम किया उसी का परिणाम है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज की। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने न केवल बूथों को डिजिटल किया बल्कि पन्ना प्रभारी और अर्ध पन्ना प्रभारियों की नियुक्ति कर जीत की आधार शिला रखी। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का विधानसभा चुनाव। के दौरान एक और नवाचार देखने को मिला जिसके तहत उन्होने कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक कर उनके साथ खाना खाया जिससे कार्यकर्ताओं में छोटे और बड़े का भेदभाव भी खत्म हुआ। टिफिन बैठक में सभी कार्यकर्ता अपने घर से खाना लेकर आते थे और एकदूसरे के साथ खाते थे इससे कार्यकर्ताओं के बीच का भेदभाव खत्म करने में काफी मदद मिली। उसके बाद प्रदेश में जब मोदी की गारंटी चली तो प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा की गई मेहनत का फल मिला और भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की।

आसमान में मंत्रिमंडल के बादल घुमड़ने वाले हैं और मंत्रियों के नाम ओले की तरह झड़ने वाले हैं...
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) के साथ दो डिप्टी सीएम ने शपथ ले ली। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा (mp cabinet) लेकिन हफ्ते भर बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए। दो दिवसीय दिल्ली दौरा किया नड्डा,अमित शाह और मोदी से मिले लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल की सूची को अव अब तक तैयार नहीं कर पाए हैं। वहीं एमपी की बात करें तो लोगों के सब्र का बांध फूट रहा है। वाट्सेप ग्रुपों में अलग-अलग सूचियां वायरल हो रही हैं मानो मीडिया कर्मियों को मोहन यादव ने पहले ही सूचित कर दिया है कि वो किसको मंत्रिमंडल में शामिल कर रहे हैं। जबकि सच्चाई तो यही है कि अभी तक उनको खुद भी नहीं मालूम है कि उनके मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होने वाला है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि आसमान में मंत्रियों को लेकर बादल घुमड़ने लडे हैं और मंत्रियों के नाम पर ओलों की बारिश होने वाली है। फिलहाल तो सबकुछ कयासों पर ही चल रहा है। अब तो बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित चुप होकर बैठ गए हैं लेकिन कुछ छुटभैया पत्रकार इन दिनों भोपाल में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं जो बरसात के मेढक की तरह अलग-अलग सीजनों में दिखाई पड़ते हैं सरकार बनाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। आजकल उन्ही छुटभैया पत्रकारों का हर तरफ जलजला भी देखने को मिलता है। सम्मान के साथ हर वो चीज उनको उपलब्ध हो जाती है जो इंसान को जरुरी होती है। तो फिलहाल ऐसे छुटभैया पत्रकारों की न्यूजों से बच कर रहिए।

केन्द्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता,प्रदेश में और तेज होगी विकास की गति
केंद्र की ओर से मध्य प्रदेश सरकार को (mp government) 5727.44 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश को 5727.44 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होगी। बता दें कि अगले माह 10 जनवरी को लाडली बहना योजना (ladli behna yojana) की राशि जारी होनी है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किश्त के रूप में 72,961.21 करोड़ रूपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त की स्वीकृति दे दी है। आज जारी की गई किश्त 10 जनवरी 2024 को राज्यों को देय कर हस्तांतरण और 11 दिसंबर 2023 को पहले जारी की गई 72,961.21 करोड़ रुपये की किश्त के अतिरिक्त है। मध्यप्रदेश को दिसम्बर 2023 के लिये केन्द्रीय करों और शुल्कों की कुल प्राप्ति 5727.44 करोड़ रूपये मिलेंगे। गौरतलब है कि कि आगामी त्यौहारों के सीजन और नववर्ष को मद्देनजर, केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण उपायों और बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकारों की मदद के लिए 72,961.21 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त को स्वीकृति दी है।

फूफा के सीएम बनते ही भतीजी के दिन फिरे,दिया जा रहा स्पेशल ट्रीटमेंट
शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में तैनात सहायक प्रोफेसर डा. प्रज्ञा यादव (pragya yadav) इन दिनों सुर्खियों में हैं। रिश्ते में उनके फूफा डा. मोहन यादव (mohan yadav) अब मुख्यमंत्री हैं। फूफा के मुख्यमंत्री बनते ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भतीजी डा. प्रज्ञा यादव की सुख सुविधा की चिंता सताने लगी। निर्णय लिया गया है कि डा. प्रज्ञा को जो आवास आवंटित किया गया है, उसकी साज-सज्जा व मरम्मत कराई जाए। इसमें करीब 20 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। शहडोल में में विश्वविद्यालय परिसर स्थित शहीद पार्क के ठीक सामने उन्हें आवास आवंटित किया गया है, जिसे अब जर्जर घोषित करके हाउसिंग बोर्ड से मरम्मत कराई जा रही है। आवश्यक तोड़-फोड़ और रंगरोगन का काम शुरू हो चुका है। प्रयास यह है कि जितनी जल्दी हो सके, इस मकान को चकाचक कर दिया जाए। यह भी बता दें कि विश्वविद्यालय में डा. प्रज्ञा यादव की नियुक्ति डा. मोहन यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुई थी। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, इसलिए इसकी मरम्मत कराई जा रही है। इसमें समय तो लगेगा ही। तब तक डा. प्रज्ञा को दूसरी जगह शिफ्ट होने को कहा गया है। अभी इसका अंदाजा नहीं है कि कितना खर्च आएगा, लेकिन 20 लाख रुपये से ऊपर खर्च होने की संभावना है।

पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजेन्द्र शुक्ला
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) के साथ दिल्ली दौरे पर गए। इस दौरान उन्होने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) ,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) से मुलाकात की। तीनों नेताओं का यह दिल्ली दौरा मप्र की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। इस वक्त मप्र में हर ब्यक्ति की जुवान पर एक ही नाम है कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक आज मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की सूची पर अंतिम मुहर लगवा ली है। अब शपथ का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरों के लिया जाएगा। बांकी नए चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात सामने आ रही है। इस बार की विधानसभा में बहुत से ऐसे नेता हैं जो तीसरी अथवा चौथी बार जीत कर आए हैं और वो सभी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। सभी नेताओं को खुश नहीं किया जा सकता लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ऐसे नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता है जो लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मेहनत कर सकें।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी के सांसदों को दिल्ली में दिया भोज
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने गुरुवार को प्रदेश के सांसदगण से रात्रिभोज पर प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की (madhya pradesh mp)। मध्य प्रदेश भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (shiv prakash), भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष,विष्णुदत्त शर्मा (vd sharma) और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद (hitanand) भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के लगभग 26 सांसद शामिल हुए। कार्यक्रम में विकसित भारत संकल्प यात्रा के समन्वय, भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रदेश में क्रियान्वयन और भारत सरकार के समक्ष लंबित प्रदेश से जुड़े विषयों पर संसदीय क्षेत्रवार चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसदों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुष्पगुच्छ, शाल, शिवलिंग और अन्य उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दी और प्रदेश के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि गुरुवार को विधानसभा सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा मंत्रिमंडल के विस्तार के लाए हुआ है। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल की सूची को अंतिम रुप देंगे।

कोई बात नहीं बीमारी आती है चली जाती है,सीएम मोहन यादव ने मरीज को बंधाया ढाढ़स
प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) हर क्षेत्र में सक्रिय नजर आने लगे हैं। मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा फोकस चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भोपाल के हमीदिया अस्पताल का दौरा किया और वहां की स्थिति को समझने का प्रयास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार देर रात कड़कड़ाती ठंड में फिर अस्पताल की तरफ रुख कर दिया। इस बार मुख्यमंत्री ने सुल्तानिया कैंसर अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में पहुंच कर मरीजों से मुलाकात की। लेकिन इस बीच जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने एक-एक मरीज से मुलाकात कर उनका न सिर्फ हालचाल जाना बल्कि मरीजों को ढाढ़स भी बंधवाया। एक मरीज के पास मुख्यमंत्री यादव पहुंचे जो बुजुर्ग ता और कैंसर पीड़ित था। मुख्यमंत्री ने उस मरीज से हालचार पूछते हुए उसकी बीमारी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे कैंसर है। डॉ. यादव को अपने पास देख उस मरीज का दर्द बाहर आ गया और वो रोने लगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने उस मरीज के आंसू पोछते हुए कहा कि कोई बात नहीं बीमारी आती जाती रहती है कैंसर भी आपरेशन से ठीक हो जाएगा। वो डॉक्टर से जाकर बात करेंगे। उसके बाद जब मुख्यमंत्री अपने आवास के लिए निकले तो कुछ मुस्लिम महिलाएं सड़क पर बैठी हुई मिली। मुख्यमंत्री ने अपना काफिला वहीं पर रुकवा दिया और उनसे हाल चाल पूछते हुए कहा कि आप कहां की हैं और यहां क्या कर रही हैं। अगर कोई समस्य है तो बताइए उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. यादव लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और यथा संभव मदद भी करने का प्रयास कर रहे हैं।

पूर्व सीएम शिवराज की पिक्चर खत्म,दक्षिण भारत में पार्टी के लिए करेंगे काम
भारतीय जनता पार्टी फर्ष से अर्ष तक लेकर जाती है तो अर्ष से फर्ष में भी पहुंचाना जानती है। यही हाल पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) का हुआ है। दरअसल मप्र में शिवराज विरोधी लहर थी उस बीच भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित किए बगैर मोदी की 'गारंटी' पर चुनाव लड़ा। नतीजा ये निकला कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आई। लेकिन पूर्व सीएम शिवराज यह साबित करने में जुट गए कि मोदी की गारंटी नहीं बल्कि उनके द्वारा लांच की गई लाड़ली बहना योजना के कारण प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनी है। यहीं से पूर्व सीएम शिवराज और केन्द्रीय नेत्रृत्व के बीच अहम की लड़ाई शुरु हो गई। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान आए दिन लाड़ली बहनों के साथ वीडियो जारी करवाते और महिलाओं के रोने की तस्वीर वायरल करवाते। केन्द्रीय नेत्रृत्व ने सबकुछ भांप लिया। और मर्ज बढ़ने से पहले उसका उपचार करने की योजना तैयार कर ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आनन-फानन में शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाया गया और वहां शिवराज सिंह चौहान का दक्षिण भारत के लिए टिकट कटवा दिया गया। शिवराज सिंह चौहान से कहा गया कि आप संगठन मजबूत करने के लिए अभ्यस्त नेता हैं लिहाजा आप दक्षिण भारत जाइए और पार्टी के संगठन को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाइए। आखिर में शिवराज सिंह चौहान ने भी कह दिया कि पार्टी का काम ही उनके लिए मिशन है। पार्टी जो काम और भूमिका देगी वो पूरी करुंगा

मप्र और छग की विधानसभा में आज से 'ठाकुर' राज
भारतीय जनता पार्टी ने मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज कर सरकार बना ली है (assembly elections)। दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी ने चौकाने वाला निर्णय भी लिया है। छत्तीसगढ़ में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे सबसे सीनियर नेता डॉ. रमन सिंह (Raman Singh) को छत्तीसगढ़ विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उसी प्रकार एमपी में सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे चलने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Toma) rको मप्र विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यानि इससे यह तय हो गया है कि अब मप्र और छत्तीसगढ़ की विधानसभाओं में ठाकुरों का ही राज चलेगा। इस प्रकार का संयोग भी पहली बार देखने को मिला है। एमपी विधानसभा में ज्यादातर पंतित विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं और छत्तीसगढ़ में अभी तक चार विधानसभा अध्यक्ष बने और हर बार अलग-अलग वर्ग के अध्यक्ष बनाए गए हैं और इस बार भी वह प्रक्रिया लगातार जारी है।