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गौ पालकों के लिए खुशखबरी,बढ़ेगी राशि और मानदेय,कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) में बड़ा फैसला लिया गया है। सड़क में दिखने वाले गौ वंशों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) कैबिनेट में अलग से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गो पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखें , इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती हैं तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए। साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेजें थपथपाकर स्वागत किया। मंत्री परिषद के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। पशु पालन मंत्री लखन पटेल (lakhan patel) ने कहा कि वो शीघ्र ही गौशाला संचालकों (cow farmers) को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं। बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।

मंत्रियों के विभाग बंटवारें में संशय जारी,बड़े कद के नेता बना रहे मलाईदार विभाग का दबाव
मप्र में तीन दिसंबर को मतगणना हुई और 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने दो सहियोगियों के साथ शपथ ली। उसके बाद 25 दिसंबर को 29 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। पांच दिन बीतने के बाद भी डॉ. मोहन यादव अब तक मंत्रियों को विभागों का बंटवारा नहीं कर पाए हैं (mp cabinet)। शपथ लेने के दौराना माना जा रहा था कि अगले ही दिन मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया जाएगा लेकिन वो दिन अब तक नसीब नहीं हुआ। यहां तक कि दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं उन्हे भी कोई विभाग नहीं दिया गया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अचानक दिल्ली बुलाया गया है तो कयासों का दौर फिर तेज हो गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक अन औपचारिक कैबिनेट की बैठक बुलाई थी जिसमें उन्होने मंत्रियों से उनके इंट्रेष्ट वाले विभाग पूछे थे। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय,और प्रहलाद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पसंद के विभाग बताए तो सीएम मोहन यादव हैरत में पड़ गए और आखिर में उन्होने गेंद केन्द्रीय नेत्रृत्व के पाले में डाल दी। यानि मतलब साफ है कि मंत्रियों के विभाग बंटवारों में भी केन्द्र की ही महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। लिहाजा अब मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने के कारम लोग कयास जरुर लगा रहे हैं कि विभागों का बंटवारा हो जाएगा लेकिन स्थितियों को देखते हुए साफ नजर आ रहा है कि अब अगले साल ही मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो पाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात
सोमवार को कैबिनेट का विस्तार होने के बाद मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व सीएम ने पुष्प गुच्छ देकर वर्तमान सीएम का पूरी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गौरतलब है कि डॉ. मोहन यादव का जब पहली बार सीएम बनाने के लिए नाम प्रस्तावित किया गया था तब भी डॉ. मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज के निवास पर सबसे पहले पहुंचे थे और उनके पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लिया था। गौरतलब है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान करीब 17 साल से ज्यादा मप्र के मुख्यमंत्री रहे हैं और सरकार चलाने का उन्हे काफी अनुभव है यही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पूर्व सीएम से मुलाकात करने पहुंचते रहते हैं जिससे समय-समय पर उनसे रायसुमारी कर सरकार को और बेहतर ढंग से चलाने की सीख ली जा सके।

'शिव' युग खत्म 'मोहन' युग में एमपी राम राज की रखेगा नींव
मप्र की मोहन सेना (mohan cabinet) तैयार हो चुकी है। राजभवन में 29 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। कुल मिला कर 18 साल के बिखरे रायते पर भारतीय जनता पार्टी ने झाडू मार दिया है और एक नए सीएम के साथ नए मंत्रियों की टीम तैयार की गई (mp cabinet)। सपोर्ट के लिए दो उप मुख्यमंत्री भी सरकार में बनाए गए हैं। जिस प्रकार का मंत्रिमंडल तैयार किया गया है उससे लोग चौक जरुर गए हैं। नए मंत्रिमंडल में पुराने मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को स्थान दिया गया है जिसमें तीन सिंधिया खेमे के हैं और पार्टी के स्थापित कार्यकर्ता विश्वास सारंग शामिल हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह और गोपाल भार्गव की मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई है। नई टीम में युवा और अनुभवियों का तालमेल बिठाया गया है। कैलाश विजयवर्गीय को एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं पहली बार के विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि प्रहलाद पटेल को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार से यह साफ हो गया है कि शिवराज युग का समापन कर दिया गया है। उनके जितने भी करीबी थे उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

आसमान में मंत्रिमंडल के बादल घुमड़ने वाले हैं और मंत्रियों के नाम ओले की तरह झड़ने वाले हैं...
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) के साथ दो डिप्टी सीएम ने शपथ ले ली। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा (mp cabinet) लेकिन हफ्ते भर बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए। दो दिवसीय दिल्ली दौरा किया नड्डा,अमित शाह और मोदी से मिले लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल की सूची को अव अब तक तैयार नहीं कर पाए हैं। वहीं एमपी की बात करें तो लोगों के सब्र का बांध फूट रहा है। वाट्सेप ग्रुपों में अलग-अलग सूचियां वायरल हो रही हैं मानो मीडिया कर्मियों को मोहन यादव ने पहले ही सूचित कर दिया है कि वो किसको मंत्रिमंडल में शामिल कर रहे हैं। जबकि सच्चाई तो यही है कि अभी तक उनको खुद भी नहीं मालूम है कि उनके मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होने वाला है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि आसमान में मंत्रियों को लेकर बादल घुमड़ने लडे हैं और मंत्रियों के नाम पर ओलों की बारिश होने वाली है। फिलहाल तो सबकुछ कयासों पर ही चल रहा है। अब तो बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित चुप होकर बैठ गए हैं लेकिन कुछ छुटभैया पत्रकार इन दिनों भोपाल में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं जो बरसात के मेढक की तरह अलग-अलग सीजनों में दिखाई पड़ते हैं सरकार बनाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। आजकल उन्ही छुटभैया पत्रकारों का हर तरफ जलजला भी देखने को मिलता है। सम्मान के साथ हर वो चीज उनको उपलब्ध हो जाती है जो इंसान को जरुरी होती है। तो फिलहाल ऐसे छुटभैया पत्रकारों की न्यूजों से बच कर रहिए।

25 दिसंबर को होगा मप्र सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह
मप्र में 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी लेकिन मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाई गई (madhya pradesh cabinet)। मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में कुछ अलग प्रयोग करने की योजना तैयार कर रही है (mp cabinet)। नए चेहरों को भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन बार मंत्री बन चुके नेताओं के इस खाली बैठने की उम्मीद जताई जा रही है। जो विधायक दूसरी अथवा तीसरी बार लगातार चुनाव जीत कर आए हैं और उन्हे अब तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है ऐसे नेताओं पर भाजपा का फोकस ज्यादा है। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को भी भाजपा ज्यादा महत्व दे रही है। गौरतलब है कि साल 2020 में जब भाजपा की सरकार बनी थी जब क्षेत्रीय और जातीय समीकरण बिगड़ गया था जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में काफी असंतोष भी देखने को मिला। हांलाकि भाजपा संगठन की तरफ से भरपाई कर कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया था लेकिन इस बार की परिस्थितियां अलग हैं। केन्द्रीय नेत्रृत्व चाहता है कि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले और सभी वर्गों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिले जिससे किसी प्रकार के असंतोष के लिए जगह न बचे। दरअसल साल 2024 में लोकसभा चुनाव होना है और भारतीय जनता पार्टी इस बार एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने की योजना बना रही है यही कारण है कि भाजपा सभी क्षेत्रों और सभी जातियों को लेकर चलने का मास्टर प्लान तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि छिंदवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों से एक मंत्री बनाया जाएगा। छिंदवाड़ा से भाजपा का एक भी विधायक नहीं है इसलिए वहां कि जनता को एक भी मंत्री नहीं मिल पाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाने की योजना तैयार की गई है। तब तक भाजपा का केन्द्रीय नेत्रित्व वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर दिल्ली बुला रहा है और उन्हे बता रहा है कि इस बार आपको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा,आपके लिए पार्टी ने अलग भूमिका तैयार कर रखी है।