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शासकीय कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा,होली के चलते एक मार्च को मिलेगा वेतन
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा,होली के चलते एक मार्च को मिलेगा वेतन

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है (mp government employees)। प्रदेश की मोहन सरकार इस बार मार्च महीने की सैलिरी पहले ही कर्मचारियों के खाते में जनरेट कर देगी (mohan government)। गौरतलब है कि मार्च महीने में आठ तारीख को महाशिवरात्रि है और होली सहित अन्य पर्व भी हैं। जिसको देखते हुए लाड़ली बहना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों को भी सैलिरी का बड़ा तोहफा देने का काम करने जा रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर बड़ा निर्देश दिया गया है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी आरडी चौधरी ने जिले के सभी आहरण संवितरण अधिकारियों से 27 फरवरी तक वेतन देयक जनरेट करने का अनुरोध किया है। कोषालय अधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित तारीख तक अनिवार्य रुप से वेतन देयक जनरेट कर दें। जिससे एक मार्च को शत प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जा सके। समय पर वेतन जनरेट न करने से मार्च की प्रथम तारीख को वेतन दिया जाना संभव नहीं हो पाएगा। जिन अधिकारी कर्मचारियों का वेतन किसी कारण वश रोका गया है उन्हे छोड़ कर शेष सभी के वेतन देयक जनरेट करने के निर्देश सख्ती से जारी किए गए हैं।

24/2/202416843
शासकीय कर्मचारियों के लिए अंतरिम बजट में मोहन की सौगात,4% डीए और मंहगाई राहत देने का लिया संकल्प
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों के लिए अंतरिम बजट में मोहन की सौगात,4% डीए और मंहगाई राहत देने का लिया संकल्प

लगभग दो महीने पुरानी डा. मोहन यादव की सरकार ने 1,45, 229 करोड़ रुपये का पहला अंतरिम बजट (interim budget) यानी लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया। भाजपा के मिशन 370 को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस अंतरिम बजट में ' मोदी की गारंटी और विकसित मध्य प्रदेश' की झलक दिखाई दे रही है, जिसमें समाज के सभी वर्गो के विकास और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र को अमलीजामा पहनाने का प्रयास अंतरिम बजट में किया गया है। मोदी की चार जाति गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण के लिए भरसक प्रयत्न किए गए हैं। कर्मचारियों और पेंशनर के लिए चार प्रतिशत डीए और महंगाई राहत का प्रविधान किया गया है। एक अप्रैल से 31 जुलाई तक के लिए महिलाओं की लाड़ली बहना (ladli behna) और अन्य योजनाओं के लिए 9438 करोड़ का प्रविधान किया गया है। किसानों को ब्याजरहित ऋण देने और स्थाई विद्युत पंप पर अनुदान देने के लिए कृषक मित्र योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए 9593 करोड़ रुपये किसान कल्याण विभाग को दिए गए हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्वादन पर प्रतिलीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सड़क, औद्योगिक कारिडोर निर्माण और एक्सप्रेस वे को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी को 4098 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि ठेकेदारों के लंबित भुगतान पूरा कर नई परियोजनाओं के काम को तेज किया जा सके। स्वस्थ मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए एयर एंबूलेंस सेवा आरंभ की जाएगी। युवा वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पीएम एक्सीलेंस कालेज का निर्माण सभी जिलों में किया जाएगा। केरल की तरह पर्यटन क्षेत्र से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए पांच पर्यटन केंद्रो तक हेलीकाप्टर चलाने की तैयारी मोहन सरकार ने अंतरिम बजट में की है। आदिवासी विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए 23 जिलों में प्रधानमंत्री जनमन योजना को जमीन पर उतारने के लिए अनुसूचित जनजाति कल्याण के बजट में 7500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। गरीब परिवार की महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मिलने वाली प्रसूति सहायता योजना के लिए 2024-25 के अंतरिम बजट (लेखानुदान) में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।श्रमिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अंतरिम बजट में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने समान प्राथमिकता दी है। शहरी विकास के लिए 6143 और गांव के विकास के लिए 6314 करोड़ रुपये चार महीने में खर्च किए जाएंगे।

12/2/20249398
शासकीय कर्मचारियों के दबाव में मोहन सरकार,रिटायरमेंट सीमा 65 करने पर फंसी सरकार,शिक्षकों ने दी धमकी
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों के दबाव में मोहन सरकार,रिटायरमेंट सीमा 65 करने पर फंसी सरकार,शिक्षकों ने दी धमकी

शासकीय सेवकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने के मामले में अब प्रदेश की मोहन सरकार (mohan government) फंसती नजर आ रही है। दरअसल शासकीय सेवकों (mp government employees) की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष की जाती है तो चयनित शिक्षकों की नियुक्ति पर असर पड़ेगा। एक तरफ सरकारी नौकरी नहीं निकल रही है, युवा बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में राज्य की मोहन सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 62 से बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी कर रही है। इधर, इस फैसले से चयनित शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि चार सालों से हम नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में यदि सरकार ऐसा कुछ फैसला लेती है तो चयन के बावजूद हम बाहर हो जाएंगे। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित उम्मीदवार इस कवायद से चिंतित हैं। मंत्रालय में मौजूद सूत्रों के अनुसार सरकार रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने जा रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित शिक्षकों का कहना है कि चयनित होने के बावजूद हम नियुक्ति-पत्र का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में पुराने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने से उनके हाथ में आया यह अवसर भी खत्म हो जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के चयनित उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि सरकार ने कुछ साल पहले ही सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 की थी। इस प्रकार से सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से शिक्षित युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है, वहीं बेरोजगारों की लिस्ट बढ़ती जा रही है। इससे चयनित शिक्षक जिन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, वो बेहद चिंतित है। उनका कहना है कि यदि सरकार ऐसा करती है तो चयन के बावजूद हमारे हाथ से सरकारी नौकरी का मौका निकल जाएगा। हजारों चयनित शिक्षकों में से कई ओवरएज हो जाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार बार-बार आयु ही बढ़ाती रहेगी तो युवाओं का भविष्य अंधकार में आ जाएगा। सेवानिवृत्ति की आयु पहले की तरह 60 साल करना चाहिए। प्रदेश में 2018 तक सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 साल थी. 2018 की विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने जून 2018 से इसे बढ़ाकर 62 साल कर दिया था. अब 6 साल बाद फिर से सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी की जा रही है. आयु सीमा बढ़ाए जाने का सरकार को वित्तीय लाभ भी होगा. दरअसल, वित्तीय स्थिति ठीक ना होने से सेवानिवृत्ति पर शासन को एक मुश्त भुगतान की राशि भी कर्मचारियों को नहीं देनी पड़ेगी। उधर इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने वित्त विभाग से अभिमत मांगा है। वित्त विभाग से पूछा गया है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से विभाग की वित्तीय स्थिति पर क्या फर्क पड़ेगा। हांलाकि सरकार अब अपने फैसले पर ही विचार कर रही है क्योंकि आगे लोकसभा चुनाव है और अगर प्रदेश का युवा सरकार के फैसले से नाराज हुआ तो लोकसभा चुनाव में काफी दिक्कतें आ सकती हैं।

6/2/2024972
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा,लंबित मानदेय की मिली सौगात
भोपाल

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा,लंबित मानदेय की मिली सौगात

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (anganwadi workers) को मध्य प्रदेश सरकार (mp government) ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने 3 महीने के लंबित मानदेय भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए 207 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी गई है। यह राशि अनुसूचित जनजाति उप योजना से लिए जायेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भुगतान को विशेष प्रकरण मानते हुए अनुसूचित जाति उप योजना की राशि से मानदेय दिया जाएगा। इसे लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि लंबे समय से आगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय भुगतान की मांग कर रही थी। राज्य

5/2/2024508
युवाओं को रोजगार देने के बजाय एमपी सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 करने की तैयारी में, सरकार के पास नहीं पैसे
भोपाल

युवाओं को रोजगार देने के बजाय एमपी सरकार शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 करने की तैयारी में, सरकार के पास नहीं पैसे

आर्थिक तंगी से जूझ रही मध्य प्रदेश की मोहन सरकार (mp government) ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने का प्लान तैयार किया है। बताया जा रहा है कि मोहन यादव (mohan yadav) सरकार इस बार प्रदेश के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 3 साल बढ़ाकर 65 साल कर सकती है। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति ने शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में एकरूपता लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 साल से बढ़ाकर 65 साल करने पर शासन विचार करे। (mp government employees) मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा लाए गए संकल्प पत्र 2023 में मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र में एकरूपता लाने का भी बिंदु शामिल था। राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने अपने पत्र में इस बिंदु का भी हवाला दिया है। उन्होंने लिखा है कि मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में एकरूपता लाई जाए। उन्होंने लिखा है कि सरकार को शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ानी चाहिए क्योंकि पदोन्नति नहीं होने की वजह से सरकारी विभागों में कैडर गड़बड़ा गया है और कई विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। प्रदेश में 2018 तक सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 साल थी। 2018 की विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने जून 2018 से इसे बढ़ाकर 62 साल कर दिया था। अब 6 साल बाद फिर से सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 साल करने की तैयारी की जा रही है। आयु सीमा बढ़ाए जाने का सरकार को वित्तीय लाभ भी होगा। दरअसल, वित्तीय स्थिति ठीक ना होने से सेवानिवृत्ति पर शासन को एक मुश्त भुगतान की राशि भी कर्मचारियों को नहीं देनी पड़ेगी। उधर इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने वित्त विभाग से अभिमत मांगा है। वित्त विभाग से पूछा गया है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से विभाग की वित्तीय स्थिति पर क्या फर्क पड़ेगा। हांलाकि रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर कर्मचारी दो खेमे में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए 60 वर्ष की आयु के बाद काम करना और रोज आफिस जाना मुस्किल होता है।

5/2/20241588
कर्मचारी हितैषी नहीं है प्रदेश की मोहन सरकार,कर्मचारियों के डीए पर भारी पड़ रही लाड़ली बहना योजना
भोपाल

कर्मचारी हितैषी नहीं है प्रदेश की मोहन सरकार,कर्मचारियों के डीए पर भारी पड़ रही लाड़ली बहना योजना

प्रदेश में जब भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री बदला तो लोगों को लगा था कि अब कुछ नया देखने को मिलेगा। सिर्फ बात नहीं बल्कि काम भी होगा। लेकिन लोगों की उन उम्मीदों पर अब पानी फिरना शुरु हो गया है। दरअसल लंबे समय से शासकीय कर्मचारियों (mp government employees) को उम्मीद थी कि उनका डीए मोहन सरकार (mohan government) जरुर देगी लेकिन नई सरकार का गठन होने के बाद कई कैबिनेट की बैठकें हो चुकी हैं लेकिन एक भी कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार में शासकीय कर्मचारियों के डीए पर चर्चा नहीं हुई। मंत्रालय में मौजूद सूत्रों की मानें तो निकट भविष्य में फिलहाल कर्मचारियों को डीए मिलने की किसी प्रकार की कोई संभावना नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) को नहीं है लेकिन वो कर्मचारियों के विषय पर बात करने के लिए किसी प्रकार से तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की बात आती है तो सरकार मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार के पास फिलहाल बजट नहीं है जिसके कारण वो डीए नहीं दे पाएंगे। दरअसल कर्मचारियों के डीए के आड़े लाड़ली बहना योजना आ रही है। राज्य सरकार पर लाड़ली बहना योजना की हर महीने मिलने वाली किस्त इतनी भारी पड़ रही है कि अन्य विकास के बारे में मुख्यमंत्री मोहन यादव सोच ही नहीं पा रहे हैं। इसके उलट बात करें तो केन्द्र सरकार अपने कर्मचारियों को 46 फीसदी मंहगाई भत्ता दे रही है और प्रदेश के शासकीय कर्मचारी सिर्फ 42 फीसदी ही मंहगाई भत्ता पा रहे हैं। खबर ये भी है कि केन्द्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर केन्द्रीय कर्मचारियों का चार फीसदी मंहगाई भत्ता बढ़ाने वाली है। मतलब साफ है कि केन्द्र सरकार मप्र के शासकीय कर्मचारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। मोहन सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों की अनदेखी के चलते नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लेकिन कर्मचारी सरकार के खिलाफ जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।

2/2/2024252
60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा
भोपाल

60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा

मोहन सरकार (mohan government मजदूरों को 60 की उम्र के बाद पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है बहुत जल्दी घोषणा होने वाली है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (prahlad patel) ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है। प्रहलाद पटेल ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दिया जाना निश्चित किया जा रहा है। कितनी पेंशन दी जाएगी इस पर अभी विचार होना शेष है। इसके लिए विचार विमर्श का चल रहा है बहुत जल्दी प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टीम पूरी तरह से प्रदेश के विकास कार्य में जुड़ चुकी है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विभागीय समीक्षा के दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लेकर कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि 60 की उम्र के बाद मजदूर में काम करने की क्षमता घट जाती है ऐसे में उनके शारीरिक श्रम को ध्यान में रखते हुए पेंशन की योजना बनाई जा रही है। श्री पटेल का कहना था कि मजदूरों के संबंध में प्रावधानों और निर्णय में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। मजदूरों के पंजीयन निरस्त होने की स्थिति में अनुविभागीय आधिकारिक के यहां होने वाली अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। श्रम मंत्री का कहना है कि गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से होने वाली परेशानी से बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। कहा गया है की अपील का प्रावधान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या श्रम बोर्ड के समक्ष विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 45 वर्ष की उम्र के बाद बीमा योजना में कर करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जनकल्याण संबल योजना तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

13/1/2024600
एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए सरकार का खुलेगा खजाना,जल्द मिलेगा डीए
भोपाल

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए सरकार का खुलेगा खजाना,जल्द मिलेगा डीए

राज्य सरकार फरवरी में आने वाले वोट एंड अकाउंट (लेखानुदान) में कर्मचारियों को 7 से 8 प्रतिशत तक डीए (mp government employees DA) बढ़ाए जाने का वित्तीय प्रावधान करने जा रही है। दरअसल, मार्च 2025 तक कर्मचारियों का डीए 14% तक बढ़ाए जाने का की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद यह 56% हो जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024,25 में 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। अभी राज्य के 7.50 लाख कर्मचारियों को 42% डीए मिल रहा है। जो केंद्रीय कर्मचारियों को मिल रहे 46% से 04% कम है। हालांकि इस भुगतान के लिए की विश्व विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री और सचिवालय को भेज दिया है। जिस पर मंजूरी मिलना बाकी है। गौरतलब है कि मप्र विधानसभा चुनाव होने की वजह से चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। इसलिए एक जुलाई 2023 से लंबित 4% प्रतिशत लंबित डीए का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस बड़े हुए दिए का भुगतान किया जाता है तो यह खर्च 1280 करोड़ रुपये होगी। इसराज को फिलहाल अभी वोट एंड अकाउंट में शामिल नहीं किया गया है।

12/1/202414096
मप्र में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन,मिलेगी 100 फीसदी सैलिरी,वित्त मंत्री ने लिखा पत्र
भोपाल

मप्र में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन,मिलेगी 100 फीसदी सैलिरी,वित्त मंत्री ने लिखा पत्र

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) ने ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नवनियुक्त शिक्षकों को 100% वेतन और दो वर्ष परिवीक्षा अवधि मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है (mp government teachers)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं। पत्र में लिखा है कि, श्रीमती काजल सकतावत तथा समस्त नवनियुक्ति शिक्षक संघ, स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय के द्वारा प्राप्त पत्र मूलतः संलग्न प्रेषित है। जिसमें उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं दो वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान करने की घोषणा की थी। अतः उपरोक्त के आलोक में स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं 02 वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान किये जाने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।

8/1/2024699
सरकारी कर्मचारियों की CM से DA में बढ़ोतरी की मांग,DA नहीं बढ़ने से नाराज कर्मचारी
भोपाल

सरकारी कर्मचारियों की CM से DA में बढ़ोतरी की मांग,DA नहीं बढ़ने से नाराज कर्मचारी

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी न होने को लेकर राज्य के कर्मचारी संघ में नाराजगी देखने को मिल रही है (dearness allowance), राज्य के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तरफ से लगातार यह आश्वासन दिया जा रहा था कि उनके DA में नए साल तक बढ़ोतरी की जाएगी लेकिन साल 2024 भी शुरू हो गया और लगभग 5-6 दिन बीत चुके हैं और शासकीय कर्मचारियों को अभी तक मोहन यादव (mohan yadav) सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है। कर्मचारी संगठन के महंगाई भत्ते में हो रही देरी के कारण राजकीय कर्मचारियों की CM डॉ मोहन यादव के प्रति नाराजगी बहुत तेजी से बढ़ रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर पिछले दिनों वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ऑफिस भेजा गया था जिस पर आखिरी फैसला नवनियुक्त CM डॉ मोहन यादव को लेना है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर राज्य कर्मचारियों के साथ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से DA को 4% बढ़ाने की डिमांड रख रहे हैं। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने DA और अन्य भत्तों को बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी है। राज्य कर्मचारी सहित तृतीय वर्ग के कर्मचारियों को लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ पदोन्नति, मकान किराया और वाहन भत्ते को बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों को अंतिम महंगाई भत्ता जुलाई माह में मिला था जिसके अब 6 महीने बाद तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ते सहित अन्य भत्तों में वृद्धि का इंतजार है। अभी पिछले दिनों तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ द्वारा CM डॉ मोहन यादव और मुख्य सचिव वीराना को पत्र लिखा गया था जिसमें महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ DR में बढ़ोतरी करने वाली घोषणाओं को पूरा करने की मांग की है। वर्तमान में कर्मचारियों को 7वे वेतन आयोग के अनुसार 42% महंगाई भत्ता मिलता है जिसको जुलाई 2023 से नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जानी है।

6/1/2024172
शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा
भोपाल

शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा

मोहन सरकार ने सरकारी खजाना खोलने का मन बना लिया है और अब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर उनको नए साल का उपहार देने वाले हैं (madhya pradesh government)। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने मध्य प्रदेश के तकरीबन 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा करने का फैसला कर लिया है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव भी तैयार कर दिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक CM डॉ. मोहन यादव द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने से राज्य सरकार को भारी बजट तैयार करना पड़ सकता है (mp government employees)। नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की कभी भी घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। आने वाले नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। और साल 2024 में CM डॉ. मोहन यादव राज्य के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उपहार देने वाले हैं। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई के महीने में ही बढ़ाया जाता है। राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वित्त विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दिया है अब इंतजार है तो बस CM मोहन यादव की घोषणा का। मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी कर्मचारियों को वर्तमान में 42% महँगाई भत्ता राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी यानी की 42 फ़ीसदी से बढ़ाकर 4 फ़ीसदी करने की घोषणा सीएम यादव करने वाले हैं। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पहले ही 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 46 फ़ीसदी कर दिया गया है इसके बाद राज्य में भी DA में बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन के समक्ष रखा था पर विधानसभा चुनाव की निकटता के कारण प्रस्ताव को मंजूरी देने में देरी हुई इसलिए अब इस प्रस्ताव को पुनः वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी करने पर राज्य सरकार को 480 करोड़ो रुपए का बोझ झेलना पड़ सकता है।

1/1/20241939
नए साल में शासकीय कर्मचारियों को सीएम मोहन यादव की सौगात,पहली तारीख को मिलेगा वेतन
भोपाल

नए साल में शासकीय कर्मचारियों को सीएम मोहन यादव की सौगात,पहली तारीख को मिलेगा वेतन

मध्य प्रदेश के समस्त कर्मचारियों (mp government officers) के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों को नए साल के पहले दिन ही सैलिरी दी जाए। भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह ने जिला अधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक माह की एक तारीख को सभी शासकीय सेवकों को वेतन का भुगतान किया जाएगा। सभी कार्यालय को प्रत्येक शासकीय सेवकों का मासिक वेतन आगामी माह की 5 तारीख तक ना होने की स्थिति में विलंब के लिए संबधित अधिकारियों की जवाबदेही होगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों को नए साल के पहले ही दिन सैलरी मिलनी चाहिए। निर्देश में यह भी बताया गया है कि सही तारीख पर सही प्रकार के वेतन को पारित करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने आधिकांश कार्यालयों के अधिकारियों को वेतन विलंब और स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी दी है, ताकि स्थिति में सुधार किया जा सके और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। मध्यप्रदेश में वेतन को लेकर कर्मचारियों ने अपने नाराजगी को जाहिर किया है। इसको लेकर राजधानी भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी किए हैं। नए साल के शुभ अवसर पर कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी खुश खुशखबरी दी है कि अब कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन मिलेगा। विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपनी जिम्मेदारियां को बहुत अच्छे से निभा रहे हैं और वह एक-एक करके सभी पहलुओं को सुलझा भी रहे हैं।

30/12/20237846
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