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केन्द्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता,प्रदेश में और तेज होगी विकास की गति
केंद्र की ओर से मध्य प्रदेश सरकार को (mp government) 5727.44 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश को 5727.44 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होगी। बता दें कि अगले माह 10 जनवरी को लाडली बहना योजना (ladli behna yojana) की राशि जारी होनी है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किश्त के रूप में 72,961.21 करोड़ रूपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त की स्वीकृति दे दी है। आज जारी की गई किश्त 10 जनवरी 2024 को राज्यों को देय कर हस्तांतरण और 11 दिसंबर 2023 को पहले जारी की गई 72,961.21 करोड़ रुपये की किश्त के अतिरिक्त है। मध्यप्रदेश को दिसम्बर 2023 के लिये केन्द्रीय करों और शुल्कों की कुल प्राप्ति 5727.44 करोड़ रूपये मिलेंगे। गौरतलब है कि कि आगामी त्यौहारों के सीजन और नववर्ष को मद्देनजर, केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण उपायों और बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकारों की मदद के लिए 72,961.21 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त को स्वीकृति दी है।

25 दिसंबर को होगा मप्र सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह
मप्र में 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी लेकिन मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाई गई (madhya pradesh cabinet)। मंत्रियों को शपथ नहीं दिलाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में कुछ अलग प्रयोग करने की योजना तैयार कर रही है (mp cabinet)। नए चेहरों को भाजपा इस बार के मंत्रिमंडल में मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन बार मंत्री बन चुके नेताओं के इस खाली बैठने की उम्मीद जताई जा रही है। जो विधायक दूसरी अथवा तीसरी बार लगातार चुनाव जीत कर आए हैं और उन्हे अब तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है ऐसे नेताओं पर भाजपा का फोकस ज्यादा है। इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को भी भाजपा ज्यादा महत्व दे रही है। गौरतलब है कि साल 2020 में जब भाजपा की सरकार बनी थी जब क्षेत्रीय और जातीय समीकरण बिगड़ गया था जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में काफी असंतोष भी देखने को मिला। हांलाकि भाजपा संगठन की तरफ से भरपाई कर कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया था लेकिन इस बार की परिस्थितियां अलग हैं। केन्द्रीय नेत्रृत्व चाहता है कि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले और सभी वर्गों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिले जिससे किसी प्रकार के असंतोष के लिए जगह न बचे। दरअसल साल 2024 में लोकसभा चुनाव होना है और भारतीय जनता पार्टी इस बार एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने की योजना बना रही है यही कारण है कि भाजपा सभी क्षेत्रों और सभी जातियों को लेकर चलने का मास्टर प्लान तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि छिंदवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों से एक मंत्री बनाया जाएगा। छिंदवाड़ा से भाजपा का एक भी विधायक नहीं है इसलिए वहां कि जनता को एक भी मंत्री नहीं मिल पाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाने की योजना तैयार की गई है। तब तक भाजपा का केन्द्रीय नेत्रित्व वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर दिल्ली बुला रहा है और उन्हे बता रहा है कि इस बार आपको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा,आपके लिए पार्टी ने अलग भूमिका तैयार कर रखी है।

मप्र सरकार पर वित्तीय संकट,कई योजनाओं पर लगा ब्रेक
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 जीतने के लिए शिवराज सरकार (shivraj government) ने सरकारी खजाना खोल दिया था। अब खजाना खाली हो गया है। मध्य प्रदेश पर 3.31 लाख करोड़ का लोन है और अब केवल 15000 करोड़ की लिमिट बची है। नतीजा सरकार ने मध्य प्रदेश के 38 विभागों द्वारा संचालित योजनाओं पर रोक लगा दिए। मध्य प्रदेश शासन (mp government) के वित्त विभाग ने 38 विभागों की योजनाओं पर रोक लगाते हुए, निर्देशित किया है कि सभी विभाग राजस्व संग्रहण के काम को प्राथमिकता पर रखें। जिन योजनाओं पर रोक लगाई गई है, उनमें नगरीय प्रशासन विभाग की महाकाल परिसर विकास योजना, मेट्रो ट्रेन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा संचालित तीर्थ दर्शन योजना भी शामिल है। इसके अलावा अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त कर दी गई है। गृह विभाग के अंतर्गत थानों के सुदृढ़ीकरण, परिवहन विभाग की ग्रामीण परिवहन नीति के क्रियान्वयन, खेल विभाग के खेलो इंडिया एमपी, सहकारिता विभाग की मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना, लोक निर्माण विभाग की विभागीय संपत्तियों के संधारण, स्कूल शिक्षा विभाग की निशुल्क पाठ्य सामग्री के प्रदाय, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटाप प्रदाय, एनसीसी के विकास एवं सुदृढीकरण, जनजातीय कार्य विभाग टंट्या भील मंदिर के जीणोद्धार, उच्च शिक्षा विभाग की योजना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नए आईटी पार्क की स्थापना, विमानन विभाग की भू-अर्जन के लिए मुआवजा, ग्रामीण विकास विभाग की पीएम सड़क योजना में निर्मित सड़कों का नवीनीकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण सहित अन्य योजनाओं में व्यय बिना वित्त विभाग की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंतिम संस्कार हेतु मदद वाली योजना भी बंद मध्य प्रदेश के अपंजीकृत निर्माण मजदूरों को अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि नहीं दी जाएगी। नई राज्य सरकार ने नौ साल पहले शिवराज सरकार के समय बनाई योजना, जिसमें अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनकी दुर्घटना में मृत्यु पर तीन हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता एवं एक लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रविधान था, इसे भी बंद कर दिया है। मध्य प्रदेश श्रम विभाग के अंतर्गत कार्यरत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल ने चार दिसंबर 2014 को मंडल में अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा देने की योजना जारी की थी जिसमें निर्माण श्रमिकों को उनकी मृत्यु पर तीन हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, निर्माण कार्य के दौरान घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रुपये एवं दुर्घटना में स्थाई अपंगता आने पर 75 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रविधान था। 13 जनवरी 2017 में इस योजना में बदलाव कर प्रविधान किया गया था कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये एवं दुर्घटना में स्थाई अपंगता आने पर दो लाख रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी। अब यह योजना पूरी तरह बंद कर दी गई है।

दिल्ली में मध्य प्रदेश भवन का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने किया लोकार्पण
दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार का सर्वसुविधायुक्त "मध्य प्रदेश भवन" 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो गया है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की उपस्थिति में किया।