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19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच कमलनाथ के करीबी विधायक ने बड़ा दावा किया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 फरवरी को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी और कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। बीजेपी का अभी राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है और यह माना जा रहा है कि अधिवेशन समाप्त होने के बाद कमलनाथ अपने बेटे नकुकलनाथ के साथ बीजेपी ज्वाइन करेंगे। कमलनाथ के साथ 10 से 12 विधायक और एक मेयर भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हांलाकि कमलनाथ को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ हमेशा साथ खड़े रहे है, ऐसा व्यक्ति बीजेपी के साथ कैसे जा सकता है। गौरतलब है कि कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वो राज्यसभा जाना चाहते थे. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अशोक सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया. कमलनाथ की 'नाराजगी' तब भी देखने को मिली जब वो अशोक सिंह के नामांकन में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, जब पार्टी ने अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया था तो कमलनाथ ने अशोक सिंह को शुभकामनाएं दी थीं। यहां ये भी जानना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ही कांग्रेस का सीएम चेहरा था। लेकिन पार्टी को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट
मिशन 2024 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने बंपर भर्तियां निकाल दी हैं (mp bjp)। बीजेपी की निकली भर्ती की विशेश बात यह है कि कांग्रेस से आने वाले नेताओं को विशेश छूट का लाभ मिलेगा (congress mp)। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है और उस नारे को सत्य साबित करने के लिए बीजेपी ने भर्ती अभियान शुरु कर दिया हैं। गांव-गांव चलो अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी टोला और मोहल्ला में विशेश पहचान और वर्चश्व रखने वालों को पार्टी में शामिल करने का अभियान चलाया है तो वहीं शहरी क्षेत्रों में बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल किया जा रहा है। दरअसल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में हुई भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस हाई कमान को भी दिया गया था जिस कांग्रेस की तरब से अस्वीकार कर दिया गया था। तभी से कांग्रेस पार्टी में भगवान राम पर आस्था रखने वाले नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरु कर दिया। कांग्रेस के कुछ नेताओं का तो यहां तक कहना है कि उनका कांग्रेस पार्टी में दम घुट रहा था क्योंकि वो कांग्रेस में रह कर भगवान राम का खुल कर नाम भी नहीं ले पा रहे थे। यही कारण है कि अब वो भाजपा में शामिल हो रहे हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की तरफ से आने वाले नेताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती चली जा रही है। पता चला है कि जबलपुर से भी कांग्रेस के एक दिग्गज नेता भाजपा में शामिल होने वाले हैं और उनको भाजपा जबलपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। भाजपा का भर्ती अभियान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। भाजपा की तरफ से कांग्रेस के ऐसे नेताओं की सूची तैयार की जा रही है जो ब्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्रों में दमखम रखते हों और उनसे भाजपा को नुकसान हो। ऐसे कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के लिए अलग से रणनीति तैयार की जा रही है। हालाकि भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी का संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को बनाया गया है जो तोड़ फोड़ के मामले में काफी माहिर माने जाते हैं। भाजपा ने जब भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को किसी अभियान का जिम्मा सौंपा है तो वो पार्टी को निराश नहीं करते हैं। साल 2020 में जब आपरेशन लोटस हुआ और कांग्रेस की सरकार धराशाही हो गई थी तब भी उस पूरे अभियान के प्रमुख कर्ता धरता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही थे। यानि यह स्पष्ट हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले ही भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की ऐसी घेराबंदी कर देना चाहती है जिससे उन्हे मजबूत उम्मीदवार न मिल पाएं।

'की' वोटर्स के हाथ से खुलेगा मोदी सरकार का ताला,विधानसभा सत्र के बाद मोहन सरकार गांव-गांव में करेगी रात्रि विश्राम
जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी अभी लोकसभा चुनाव को लेकर बैठकें कर रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी धरातल में उतर चुकी है। भाजपा के नेताओं में गांव में डेरा डाल दिया है और मिशन 2024 को फतह करने के लिए जी जीन लगा रहे हैं। (gaon chalo abhiyan) भारतीय जनता पार्टी ने अब पन्ना और अर्ध पन्ना प्रभारियों से भी नीचे उतरते हुए की वोटरों को अपने टारगेट पर लिया है। की वोटर भाजपा की तरफ से उन्हे कहा जाता है जो गांव मोहल्ले में चर्चित लोग हों। वो किसी भी जाति वर्ग अथवा धर्म के लोग हो सकते हैं। ऐसे की वोटरों को भाजपा के पदाधिकारियों के द्वारा पहले सम्मानित किया जाता है और फिर उन्हे भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया जाता है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गांव के टोला मोहल्ले में ऐसा कोई ब्यक्ति होता है जिसका प्रभाव जनता के बीच होता है यानि उसी के हाथ में उस गली मोहल्ले के वोटरों की चाभी होती है। मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी शहर और गांव का ऐसा कोई कोना नहीं छोड़ना चाहती जहां पर भाजपा के वोटर न हों। अभी तक इस अभियान में भारतीय जनता पार्टी का संगठन अकेले चल रहा है लेकिन विधानसभा का सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक भी गांव में रात्रि विश्राम करेंगे। इस अभियान के तहत एक नेता किसी एक गांव में जाएगा और पूरे 24 घंटे तक उसी गांव में चाय पर चर्चा,खाने पर चर्चा अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित कर उस गांव की जनता को मोदी सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं को बताएगा और उन्हे प्रेरित कर भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए कहेगा। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ड़ॉ. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि भाजपा जनता के घर पर पहुंचती है। उनका सुख और दुख सुनती है उसी से जनता का झुकाव भाजपा की तरफ होता है। और कांग्रेस पार्टी सिर्फ बातें और ट्विटर पर ही सीमित है अज भी कांग्रेस में सामंतवाद के अलावा कुछ और नहीं है। कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि जनता घर बैठे उन्हे जिताएगी इसी लिए आज उनकी यह दशा हो रही है। लेकिन भाजपा अपने काम पर विश्वास रखती है यही कारण है कि जब वोटर ईवीएम तक पहुंचता है तो उनकी उंगली कमल के बटन पर ही जाती है और कांग्रेस कहती है कि ईवीएम की हैकिंग हो रही है जबकि उसके पीछे भाजपा के नेताओं की मेहनत और मोदी की योजनाएं हैं और कुछ नहीं है। (lok sabha elections)

आवन गांव के घर-घर घूमे प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,चाय,मटर और स्वल्पाहार पर की चर्चा,बताई मोदी सरकार की योजना
भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश भर में गांव-गांव चलो अभियान (gaon chalo abhiyan) शुरु किया गया है। अभियान के तहत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) के गढ़ राघौवगढ़ पहुंचे जहां पर वो 24 गंटे रुके। प्रदेश अध्यक्ष का यह अभियान गांव की जनता और भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर डोज की तरह साबित हो रहा था। जिस नेता को गांव के लोग टीवी पर अथवा अखबार पर देखने को पाते थे उस नेता को आवन गांव के लोगों ने अपने बीच पाकर दिल से स्वागत किया। इस अभियान में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की सहजता और सरलता जिस प्रकार से देखने को मिली। प्रदेश अध्यक्ष जिस गली निकलते उस गली के हर घर में वो बड़ों से मिलते और केन्द्र के मोदी सरकार की ना सिर्फ जानकारी देते बल्कि ये भी पूछ रहे थे कि योजनाओं का लाभ मिल रहा है अथवा नहीं। बड़े तो बड़े प्रदेश अध्यक्ष के पास बच्चे पहुंच रहे थे उन्हे भी वो पुचकार रहे थे। भोपाल से आवन गांव तक के सफर में प्रदेश अध्यक्ष का दर्जन भर स्थानों पर स्वागत हुआ। देर रात प्रदेश अध्यक्ष आवन गांव पहुंचे जहां पर उन्होने भगवान बालाजी के दर्शन किया और फिर चौपाल लगाई। इसके बाद गांव के कई स्थानों बैठक कर खाट पर भी चौपाल लगाई। रात 11 बजे गांव में अलाव जलाई तो सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे और उनसे बूथ को मजबूत करने पर चर्चा की। सुबह की शुरुआत योगा से हुई और फिर कार्यकर्ता के निवास पर प्रदेश अध्यक्ष ने स्वल्पाहार किया जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष एक बार फिर गांव के भ्रमण पर निकले और दीवार लेखन कर फिर एक बार मोदी सरकार का नारा दिया। आवन गांव में प्रदेश अध्यक्ष करीब 24 घंटे रुके और दौरान गांव के हर घर में उन्होने पहुंचने का प्रयास करते हुए लोगों को फिर भाजपा सरकार लाने का संकल्प दिलाया। प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल और अन्य पदाधिकारी भी पूरे अभियान में शामिल रहे।

कांग्रेस में फिर बीजेपी ने लगाई सेंध,लीगल सेल के अध्यक्ष शशांक शेखर बीजेपी में हुए शामिल
कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर लगातार जारी है। अब कांग्रेस के एक और महत्वपूर्ण नेता कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष और पूर्व महाअधिवक्ता शशांक शेखर (shashank shekhar)ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और ज्वाइनिंग टोली के प्रमुख डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra),उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और विधायक संजय पाठक (sanjay pathak) की मौजूदगी में थामा उन्होने बीजेपी की सदस्यता ली। पता चला है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं। कई नेता बीजेपी का दामन थामना चाहते हैं। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में ज्वाइनिंग कमेटी बनाई गई है जो अच्छे लोगों को बीजेपी में लाने का काम करती है। पीएम मोदी ने भी कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखा है और उसी सपने को सार्थक करते हुए भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भाजपा में लगातार शामिल करवा रही है।

कांग्रेस मुक्त भारत,कांग्रेस युक्त भाजपा,कांग्रेस के सैकड़ों लोग एकसाथ भाजपा में हुए शामिल
कांग्रेस पार्टी से पलायल का दौर लगातार जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm modi) ने जिस प्रकार से कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है उसी को चरितार्थ करने के लिए भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल करने का सिलसिला शुरु कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू (jagat bahadur singh), डिण्डौरी जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष अंजू जितेन्द्र ब्यौहार, सिंगरौली जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह, डिण्डौरी के पूर्व जिला अध्यक्ष बीरेन्द्र बिहारी शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, पूर्व जनपद सदस्य, यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी सहित समाज सेवियों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इन सभी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,प्रहलाद पटेल और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा का अंगवस्त्र पहना कर ज्वाइनिंग कराई (mp bjp)। गौरतलब है कि जीतू पटवारी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ली है।

हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लाष्ट पर क्या बोल गए मुख्यमंत्री मोहन यादव
हरदा की ब्लास्ट वाली पटाखा फैक्ट्री में बुधवार को दूसरे दिन भी मलबा हटाया जा रहा है (harda blast)। मध्यप्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 11 लोगों की मौत हो गई। 217 लोग घायल हो गए, इनमें फैक्ट्री के 51 मजदूर शामिल हैं। 73 लोग हरदा, इंदौर, भोपाल और नर्मदापुरम के अस्पतालों में भर्ती हैं (harda firecracker factory blast)। इतनी दुखद घटना के बाद बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस के दो महापौर सहित कई पार्षदों की ज्वाइनिंग कराई गई। इस दौरान सीएम मोहन यादव (cm mohan yadav) ने नए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि घटना दुखद है लेकिन सरकार जो कर सकती थी सरकार ने किया। लेकिन मुख्यमंत्री ने जो चौकाने वाली बात कही वो ये है कि ऐसी घटना पर किसी का वश नहीं है। सवाल इस बात का उठता है कि रिहायशी क्षेत्रों में पटाखा फैक्ट्री लगाने के लिए अनुमति कौन देता है। क्या अनुमति देते समय मौके का मुआयना नहीं किया जाता है। और फिर घटना के बात सरकार ये कह कर इति श्री कर लेती है कि सरकार की तरफ से जो कुछ हो सकता है सरकार ने सबकुछ किया। लेकिन मुख्यमंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान कि घटना पर किसी का बस नही है।

वीडी शर्मा बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष,संगठन में होंगी जल्द नई नियुक्तियां,लोकसभा प्रभारी और संयोजक भी होंगे नियुक्त
मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी मध्यप्रदेश भाजपा (mp bjp) जल्द ही लोकसभा प्रभारी और संयोजकों की नियुक्ति करने जा रही है। इसके अलावा भाजपा के संगठन में बदलाव की भी खबर मिल रही है। दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई पदाधिकारी विधायक और मंत्री बन चुके हैं जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के संगठन में कई ऐसे पद हैं जो रिक्त हैं। भाजपा में परंपरा रही है कि एक ब्यक्ति एक पद यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी जल्द ही अपने संगठन में बदलाव करने वाली है। लेकिन इस बीच खबर ये भी है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) इसी प्रकार से अपने पद में बने रहेंगे। जिस प्रकार से वो विधानसभा चुनाव में थे। दरअसल वीडी शर्मा के नेतृत्व में ही भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था और प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी ने फिर से सरकार बनाई है। वीडी शर्मा ने प्रदेश में जितने भी पार्टी से जुड़े अभियान चलाए वो सभी सक्सेज हुए और उसी का नतीजा था कि पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर चुनाव लड़े। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जिस प्रकार से पार्टी को मजबूत किया है उसका लाभ पार्टी लोकसभा चुनाव में भी उठाना चाहती है। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बीजेपी इसी प्रकार से अध्यक्ष पद पर बनाए रखना चाहती है। इस बात में कोई सक नहीं कि विधानसभा चुनाव खत्म होते ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा लोकसभा चुनाव में जुट गए थे और उनके प्रवास भी लगातार शुरु हो गए हैं। अब उन्ही के नेतृत्व में गांव चलो अभियान बीजेपी ने शुरु किया है जिसमें भाजपा के नेता और पदाधिकारी 24 घंटे गांव में बिताएंगे। मतलब साफ है कि इस अभियान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी अपने बूथों को मजबूत करना चाहती है। खास कर उन बूथों को जहां पर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कम वोट मिले हैं। भाजपा की ओर से उन बूथों की सूची भी तैयार की गई है। विधानसभा वार भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार बूथों की लिष्ट अब भी तैयार कर रहे हैं। मतलब साफ है कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार से कांग्रेस को मौका नहीं देना चाहती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पहले ही कह दिया है कि अबकी बार 29 के पार। यानि प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों को भाजपा ने जीतने का लक्ष्य बना लिया है। इस चुनाव में भाजपा छिंदवाड़ा सीट में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है।

लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने किए प्रभारी नियुक्त
मिशन 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने 23 राज्यों के चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। विधानसभा चुनाव में एमपी में केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (bhupendra yadav) और अश्विनी वैष्णव (ashwini vaishnaw) को प्रभारी नियुक्त किया गया था। फिलहाल इस सूची में मप्र के प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है लेकिन यह माना जा रहा है कि अगली सूची में भाजपा एमपी के प्रभारी की भी नियुक्ति कर देगी। सूची में दिलचश्प यह है कि एमपी के किसी भी नेता को किसी राज्य का दायित्व नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि अगली सूची में एमपी से किसी नेता को किसी राज्य की जवाबदारी दी जा सकती है।

बीजेपी के पोस्टरों से गायब होंगे 'मामा' मोहन युग की ओर आगे बढ़ेगी बीजेपी
मप्र बीजेपी ने अब तय कर दिया है कि 'मामा' राज खत्म हो चुका है। इसकी बानगी के तौर पर पहले सीएम पद की कुर्सी छीनी गई उसके बाद उन्हे एमपी में कोई जिम्मेदारी देने के बजाय साउथ में सक्रिय होने का निर्देश जारी किया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब एमपी बीजेपी हर पोस्टर से पूर्व सीएम को हटाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल 18 साल तक एमपी में सीएम रहे मामा ने अन्य किसी नेता को एमपी बीजेपी में पनपने नहीं दिया यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के दौरान मोदी के सहारे ही चलना पड़ता है। लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को भी पूर्व सीएम ने केन्द्र सरकार की बगैर अनुमति के शुरु किया था जो आज मोहन सरकार (mohan government) के लिए समस्य बन चुकी है हर महीने सरकार को 1500 करोड़ से ऊपर का बजट लाड़ली बहना योजना के लिए बनाना पड़ रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार लाड़ली बहना योजना की फरवरी में मिलने वाली किस्त के लिए राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यही कारण है कि सरकार को फिर कर्ज लेना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के द्वारा अनेकों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें सरकार को प्रतिमाह हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सरकार लगातार कर्ज के बोझ में दबती चली जा रही है। इसी लिए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने तय किया है कि मामा द्वारा शुरु की गई योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जाना चाहिए। उसके पहले पोस्टर बैनर से गायब करने की योजना है जिससे लोगों को ज्यादा भनक न लगने पाए। प्रदेश की जनता के मन में मोहन यादव को जगह दिलाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक नए युग की शुरुआत की जा सके। (mp bjp)

बीजेपी का कुशल फीडबैक मजबूत संगठन की रख रहा आधारशिला,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी की टीम मिशन 24 की तैयारियों में जुटी
भारतीय जनता पार्टी का संगठन ही पार्टी की जीत का आधार होता है (mp bjp)। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) न सिर्फ शुभंगर नेता हैं बल्कि एक कुशल संगठक भी माने जाते हैं। और इसकी बानगी साल 2020 के उप चुनाव में देखने को मिली जहां 28 विधानसभा सीटों में 19 पर पार्टी ने फतह हासिल कर जीत का पर्चम लहराया। उसके बाद असल परीक्षा तो तब हुई जब 2023 विधानसभा चुनाव में हर तरफ से यही खबरें आ रही थी कि इस बार प्रदेश में भाजपा के खिलाफ माहौल है। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन सभी अफवाहों को नजरअंदाज करते हुए संगठन को मजबूत और एकजुट कर चुनाव लड़ा नतीजा यह रहा है कि भारतीय जनता पार्टी 163 सीटें जीत कर प्रचंड बहुमत से फिर सरकार बनाने में कामयाब हो गई। इन सभी में प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका के साथ प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल (ashish agrawal) का भी रोल अहम रहा है। संगठन की सूचना का जिस प्रकार से प्रसार करने का जिम्मा उन्होने उठाया वो भी देखते ही बन रहा था। विधानसभा चुनाव खत्म होते ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। उनके साथ ही प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी अब पीछे मुड़ कर नहीं देखना चाहते बल्कि आगे और क्या बेहतर हो सकता है उसकी बात करने लगे हैं। आशीष अग्रवाल इन दिनों मीडिया कर्मियों से ही सलाह लेते नजर आते हैं कि वो अपने काम को और कैसे बेहतर बना सकते हैं। आशीष अग्रवाल की एक खूबी है कि वो अपनी तुलना किसी से किए बगैर अपना खुद का उदाहरण काम के तौर पर पेश करना चाहते हैं। इस लिए वो सीनियर पत्रकार हो अथवा जूनियर किसी में भेद किए बगैर हमेशा पूछते नजर आते हैं कि उनके काम में और क्या सुधार हो सकता है। बीजेपी मीडिया सेंटर में 22 जनवरी को भगवान राम के स्थापना दिवस के मौके पर जब कार्यक्रम आयोजित किया गया था तो उस दौरान भी आशीष अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से कई बार बात करते नजर आए। हांलाकि उन्होने यह तो नहीं बताया कि उन दोनों के बीच बात क्या हो रही थी लेकिन यह समझ जरुर आता है कि प्रदेश मीडिया प्रभारी अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं। जिस प्रकार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एक बार फिर बूथों को मजबूत करने में जुट गए हैं और कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की अलग-अलग रणनीति पर काम कर रहे हैं ठीक उसी प्रकार बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी मीडिया सेंटर को फिर मजबूत करने में जुट गए हैं। जिससे पार्टी की बात को जनता को मीडिया के माध्यम से ठीक तरीके से पहुंचाया जा सके।