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रीवा,सतना,अनूपपुर,जबलपुर और छिंदवाड़ा के हजारों कांग्रेसियों ने थामा बीजेपी का दामन
भोपाल

रीवा,सतना,अनूपपुर,जबलपुर और छिंदवाड़ा के हजारों कांग्रेसियों ने थामा बीजेपी का दामन

लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) से पहले कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर लगातार जारी है। गुरुवार को हजारों की संख्या में रीवा,सतना,अनूपपुर जबलपुर और छिंदवाड़ा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। भाजपा में ज्वाइन करने वाले नेताओं में पूर्व विधायक और जिला पंचायत अध्यक्षों सहित अलग- अलग तरह के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ली है। ज्वाइनिंग कमेटी के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक करीब 15 हजार कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। और यह आंकड़ा ठीक इसके डबल होने की उम्मीद जताई जा रही है। होली के बाद एक बार फिर ज्वाइनिंग का दौर शुरु होगा जिसमें हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार जीतू पटवारी (jitu patwari) के पीसीसी चीफ बनने के बाद ऐसा पहला मौका है जब कांग्रेस के कार्यकर्ता इतनी बड़ी संख्या में बीजेपी का रुख कर रहे हैं। इस पलायन का कारण भी जीतू पटवारी ही बताए जा रहे हैं क्योंकि उनके पीसीसी चीफ बनने के बाद कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है इसके अलावा पार्टी का सत्ता में नहीं आना भी कांग्रेस से पलायन बड़ा कारण बताया जा रहा है।

21/3/2024319
कांग्रेस केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक,18 सीटों पर अब तक तय नहीं हो पाए उम्मीदवार
भोपाल

कांग्रेस केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक,18 सीटों पर अब तक तय नहीं हो पाए उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी से चुनावी तैयारियों में पिछड़ी कांग्रेस केन्द्रीय चुनाव समिति (congress working committee) की बैठक दिल्ली में आयोजित होने जा रही है जिसमें एमपी के लिए 18 उम्मीदवारों का ऐलान किया जाना है। कांग्रेस अब तक दस उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है 18 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन किया जाना है। एक सीट खजुराहो कांग्रेस पार्टी ने अपने सहयोगी दल समाजवादी पार्टी को दिया है। अब तक हुई बैठकों में कांग्रेस को मजबूत प्रत्याशी नहीं मिले जिसके कारण पार्टी 18 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करने में नाकाम रही है। कांग्रेस पार्टी को विंध्य में भी उम्मीदवारों को लेकर काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। सतना छोड़ अन्य सीटों पर कांग्रेस अब भी उम्मीदवारों की खोज करने में लगी हुई है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी रीवा से विधायक अभय मिश्रा की पत्नी नीलम मिश्रा को टिकट दे सकती है। ऐसी स्थिति में रीवा का मुकाबला का त्रिकोणीय होने वाला है। सतना में भी मुकाबला त्रिकोणीय होने की बात सामने आ रही है।

18/3/202496
धर्म से बात न बने तो जातियों को अलग कर सत्ता तक पहुंचा जा सकता है,ऐसा सोचते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता
भोपाल

धर्म से बात न बने तो जातियों को अलग कर सत्ता तक पहुंचा जा सकता है,ऐसा सोचते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता

मिशन 2024 की तैयारियों में जुटी भाजपा और कांग्रेस में इन दिनों जनता के दिल तक उतरने के लिए मुद्दों की तलाश है। भाजपा का स्टैंड तो क्लियर है राम मंदिर और हिंदुत्व लेकिन कांग्रेस अब तक अपना चुनावी एजेंडा तय नहीं कर पाई कि चुनाव में जाकर वो भाजपा का काउंटर कैसे करेगी। ऐसे में शुक्रवार को कांग्रेस का एक कार्यकर्ता पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (jitu patwari) के पास टिकट की चाहत लिए पहुंचता है। जीतू पटवारी कहते हैं कि युवा वर्ग चुनाव लड़ने का इच्छुक है अच्छी बात है लेकिन चुनावी समर में जब उतरोगे तो भाजपा के बड़े मुद्दों का काउंटर कैसे करोगे। ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता का जवाब आता है कि भाजपा धर्म की और भगवा की बात करती है जो जनता को पसंद आती है। इसकी काट यही है कि हम लगातार जातियों की बात करें। जाति आधारित जनगणना की बात करे। अलग-अलग वर्गों के पास जाएं बार-बार उनके पिछड़े होने का अहसास दिलाएं और बताएं की जातियों की जनगणना होने से सभी जातियों की संख्या क्लियर हो जाएगी और उससे विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। मतलब साफ है कि कांग्रेस के पास भाजपा का काउंटर करने के लिए कुछ नहीं बचा तो डिवाइड एंड रुल की पॉलिसी पर कांग्रेस काम करने लगी मतलब फूट डालो और शासन करो की रणनीति पर कगंग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है। राहुल गांधी भी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हर जगह अपने संबोधन में जाति आधारित जनगणना कराने की बात करते हैं। सत्ता पाने के लिए जब धर्म का मुद्दा काम नहीं आया तो कांग्रेस ने जातियों का सहारा लेना शुरु कर दिया है।

16/3/2024103
सुरेश पचौरी के बीजेपी में शामिल होते ही एमपी कांग्रेस में 'दिग्विजय' बाद हावी
भोपाल

सुरेश पचौरी के बीजेपी में शामिल होते ही एमपी कांग्रेस में 'दिग्विजय' बाद हावी

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कांग्रेस नेता आधारित पार्टी है। जहां नेताओं के जयकारे लगाए जाते हैं न कि पार्टी के समर्थन में जयकारे लगाए जाते हैं। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी (suresh pachouri) ने अपने कई समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सुरेश पचौरी के कांग्रेस छोड़ने पर पार्टी के नेताओं को पछतावा तो दूर की बात है बल्कि कांग्रेस पार्टी में जश्न का माहौल है। क्योंकि सुरेश पचौरी के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस में मैदान खाली हो गया। एक के बाद एक कांटे कांग्रेस के खुद निकलते चले गए ऐसे में मैदान खाली देख कांग्रेस पार्टी में दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) के समर्थकों ने अपना आधिपत्य स्थापित करना शुरु कर दिया। इन दिनों एमपी कांग्रेस में पूर्व सीएम दिग्विजय खेमे का बोलबाला देखने को मिल रहा है। ऐसे में जो दिग्विजय समर्थक नहीं हैं अथवा उनके खेमे के नहीं हैं वो अपनी ही पार्टी में बेगाना सा महसूस करने लगे हैं। पार्टी में अब भी ऐसे कई प्रतिभाशाली और मेहनती वर्कर हैं जो पार्टी के लिए काम तो करना चाहते हैं लेकिन दिग्विजय वाद हावी होने के कारण वो पार्टी में काम नहीं कर पा रहे हैं। कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ता आते हैं तो उन्हे बैठने के लिए स्थान भी नहीं मिलता जिसके कारण वो पार्टी कार्यालय के बाहर चाय की दुकान में भटकते हुए अक्शर देखे जाते हैं। जीतू पटवारी को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया लेकिन वो अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। जिस दिन से जीतू पटवारी को पार्टी की कमान मिली है उस दिन से कांग्रेस में लगातार पलायन का दौर जारी है। एक के बाद एक बड़े नेता कांग्रेस का हाथ छोड़ कर फूल का दामन थामते चले जा रहे हैं। कुल मिला कर कांग्रेस पार्टी इस समय अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है। पार्टी की स्थिति सुधरना तो दूर लगातार नए-नए खेमे पनपते चले जा रहे हैं और जो नेता खेमेबाजी करने में सक्षम नहीं हैं वो दिग्विजय सिंह के सामने माथा टेकने के लिए मजबूर हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और कांग्रेस कार्यालय में किसी प्रकार की चुनावी रौनक देखने को अब तक नहीं मिल रही है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि टीवी डिवेट में बैठने के लिए कांग्रेस में प्रवक्ता तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी प्रवक्ताओं को भी डिबेट करने में मजा नहीं आ रहा है।

15/3/2024176
कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल,पूछ रही सवाल क्या गारंटी है टिकट मिला तो आप अंत तक टिके रहेंगे
भोपाल

कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल,पूछ रही सवाल क्या गारंटी है टिकट मिला तो आप अंत तक टिके रहेंगे

कांग्रेस पार्टी जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। मंगलवार को कांग्रेस के दस नामों की जारी सूची में स्पष्ट नजर आया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के पास आज उम्मीदवारों का अकाल पड़ चुका है (congress lok sabha candidate list) । कांग्रेस पार्टी ने दस उम्मीदवारों में तीन वर्तमान विधायकों को चुनावी मैदान में उतारा है उससे यह तस्वीर साफ हो गई कि कांग्रेस में उम्मीदवारों का अकाल पड़ गया है। हार के डर से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह,विवेक तन्खा सहित कई नेताओं ने चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है। ऊपर से कांग्रेस जिन नेताओं पर दांव लगाने का सोचती है वही नेता अगले दिन भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस नेत्रृत्व ने जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह और सागर से अरुणोदय को भी लोकसभा में उतारने की रणनीति बनाई थी लेकिन इन दोनों नेताओं ने ऐन मौके पर कांग्रेस का हाथ छोड़ फूल का दामन थाम लिया। दिल्ली में जब कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक हुई तो सबसे पहले यही सवाल उठा कि जिन नेताओं को वो टिकट देंगे उनकी मैदान में टिके रहने की क्या गारंटी है। पिछले एक हफ्ते से कांग्रेस का केन्द्रीय नेत्रृत्व लगातार अपने नेताओं को फोन करके सवाल कर रहा है कि चुनाव लड़ने की इच्छा है क्या? और अगर पार्टी आपको टिकट देती है तो क्या आप चुनाव मैदान में डटे रहेंगे। इस प्रकार के कई सवाल कांग्रेस नेत्रृत्व द्वारा संभावित दावेदारों से किए जा रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की कमर तोड़ने का पूरी तरह से मन बना लिया है। वो लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कराते जा रहे हैं इसी लिए पूरी कांग्रेस में खलबली मची हुई है। कांग्रेस पार्टी में बचे खुचे नेताओं को सक की नजर से देखा जा रहा है। कोई भी नेता एक दूसरे पर विश्वास नहीं कर रहा है।

12/3/2024148
कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका,सुरेश पचौरी सहित आधा दर्जन नेता बीजेपी में हुए शामिल
भोपाल

कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका,सुरेश पचौरी सहित आधा दर्जन नेता बीजेपी में हुए शामिल

मप्र में राहुल गांधी के जाते ही कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस नेताओं में चार बार राज्यसभा सांसद रहे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी (suresh pachouri) ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। सुरेश पचौरी के साथ, विशाल पटेल,गजेंद्र सिंह राजू खेड़ी,संजय शुक्ला,अर्जुन पलिया,आलोक चंसोरिया,कैलाश मिश्रा,योगेश शर्मा,अतुल शर्मा,सुभाष यादव,दिनेश ढिमोले ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इन सभी नेताओं को जॉइनिंग कमेटी के संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) भाजपा में लेकर आए हैं। ज्वानिंग के दौरान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,सीएम मोहन यादव,पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान,मंत्री कैलाश विजय वर्गीय मौजूद रहे। भाजपा की सदस्यता लेने के बाद सुरेश पचौरी ने कहा कि जिस प्रकार से भगवान राम के स्थापना दिवस के निमंत्रण को कांग्रेस ने अस्वीकार कर दिया था उसके बाद से ही वो आहत चल रहे थे। साथ में सुरेश पचौरी ने ये भी कहा कि पहले वाली कांग्रेस अब नहीं रही। और यही कारण है कि उन्होने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। सुरेश पचौरी ने कहा कि यूं ही कोई वेबफा नहीं होता। कुछ तो कारण रहे होंगे वेवफा होने के।

9/3/2024527
19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक
भोपाल

19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच कमलनाथ के करीबी विधायक ने बड़ा दावा किया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 फरवरी को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी और कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। बीजेपी का अभी राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है और यह माना जा रहा है कि अधिवेशन समाप्त होने के बाद कमलनाथ अपने बेटे नकुकलनाथ के साथ बीजेपी ज्वाइन करेंगे। कमलनाथ के साथ 10 से 12 विधायक और एक मेयर भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हांलाकि कमलनाथ को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ हमेशा साथ खड़े रहे है, ऐसा व्यक्ति बीजेपी के साथ कैसे जा सकता है। गौरतलब है कि कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वो राज्यसभा जाना चाहते थे. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अशोक सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया. कमलनाथ की 'नाराजगी' तब भी देखने को मिली जब वो अशोक सिंह के नामांकन में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, जब पार्टी ने अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया था तो कमलनाथ ने अशोक सिंह को शुभकामनाएं दी थीं। यहां ये भी जानना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ही कांग्रेस का सीएम चेहरा था। लेकिन पार्टी को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

17/2/2024328
बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट
भोपाल

बीजेपी ने निकाली बंपर भर्तियां,कांग्रेस से आने वालों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट

मिशन 2024 फतह करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने बंपर भर्तियां निकाल दी हैं (mp bjp)। बीजेपी की निकली भर्ती की विशेश बात यह है कि कांग्रेस से आने वाले नेताओं को विशेश छूट का लाभ मिलेगा (congress mp)। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया है और उस नारे को सत्य साबित करने के लिए बीजेपी ने भर्ती अभियान शुरु कर दिया हैं। गांव-गांव चलो अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी टोला और मोहल्ला में विशेश पहचान और वर्चश्व रखने वालों को पार्टी में शामिल करने का अभियान चलाया है तो वहीं शहरी क्षेत्रों में बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल किया जा रहा है। दरअसल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में हुई भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस हाई कमान को भी दिया गया था जिस कांग्रेस की तरब से अस्वीकार कर दिया गया था। तभी से कांग्रेस पार्टी में भगवान राम पर आस्था रखने वाले नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरु कर दिया। कांग्रेस के कुछ नेताओं का तो यहां तक कहना है कि उनका कांग्रेस पार्टी में दम घुट रहा था क्योंकि वो कांग्रेस में रह कर भगवान राम का खुल कर नाम भी नहीं ले पा रहे थे। यही कारण है कि अब वो भाजपा में शामिल हो रहे हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की तरफ से आने वाले नेताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती चली जा रही है। पता चला है कि जबलपुर से भी कांग्रेस के एक दिग्गज नेता भाजपा में शामिल होने वाले हैं और उनको भाजपा जबलपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। भाजपा का भर्ती अभियान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। भाजपा की तरफ से कांग्रेस के ऐसे नेताओं की सूची तैयार की जा रही है जो ब्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्रों में दमखम रखते हों और उनसे भाजपा को नुकसान हो। ऐसे कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के लिए अलग से रणनीति तैयार की जा रही है। हालाकि भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी का संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को बनाया गया है जो तोड़ फोड़ के मामले में काफी माहिर माने जाते हैं। भाजपा ने जब भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को किसी अभियान का जिम्मा सौंपा है तो वो पार्टी को निराश नहीं करते हैं। साल 2020 में जब आपरेशन लोटस हुआ और कांग्रेस की सरकार धराशाही हो गई थी तब भी उस पूरे अभियान के प्रमुख कर्ता धरता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही थे। यानि यह स्पष्ट हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले ही भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की ऐसी घेराबंदी कर देना चाहती है जिससे उन्हे मजबूत उम्मीदवार न मिल पाएं।

13/2/2024145
कांग्रेस में फिर बीजेपी ने लगाई सेंध,लीगल सेल के अध्यक्ष शशांक शेखर बीजेपी में हुए शामिल
भोपाल

कांग्रेस में फिर बीजेपी ने लगाई सेंध,लीगल सेल के अध्यक्ष शशांक शेखर बीजेपी में हुए शामिल

कांग्रेस पार्टी में पलायन का दौर लगातार जारी है। अब कांग्रेस के एक और महत्वपूर्ण नेता कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष और पूर्व महाअधिवक्ता शशांक शेखर (shashank shekhar)ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) और ज्वाइनिंग टोली के प्रमुख डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra),उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और विधायक संजय पाठक (sanjay pathak) की मौजूदगी में थामा उन्होने बीजेपी की सदस्यता ली। पता चला है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं। कई नेता बीजेपी का दामन थामना चाहते हैं। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में ज्वाइनिंग कमेटी बनाई गई है जो अच्छे लोगों को बीजेपी में लाने का काम करती है। पीएम मोदी ने भी कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखा है और उसी सपने को सार्थक करते हुए भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भाजपा में लगातार शामिल करवा रही है।

8/2/2024139
असम में राहुल गांधी पर हुए हमले के विरोध में भोपाल में मौन धरना
भोपाल

असम में राहुल गांधी पर हुए हमले के विरोध में भोपाल में मौन धरना

जहां एक ओर पूरा देश राम मय है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन (mp congress protest) का रास्ता अपना रखा है। दरअसल राहुल गांधी (rahul gandhi) की भारत जोड़ो न्याय यात्रा (bharat jodo nyay yatra) पर असम में हमला होने का आरोप लगाया जा रहा है। लिहाजा कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में भोपाल में मौन प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता हाथ में काली पट्टी बांधकर बैठे। कांग्रेस का यह धरना भोपाल के रोशनपुरा में आयोजित किया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

23/1/2024124
बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात
भोपाल

बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात

विधासभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को पीसीसी चीफ पद से बड़ी बेरहमी के साथ हटा कर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान थमा दी ग ई। और कांग्रेस ने कमलनाथ को यह सीधे तौर पर बता दिया कि 'तुमसे ने हो पाएगा' कमलनाथ लिधानसभा के सत्र में भी उपस्थित नहीं हुए थे,विधायक पद की शपथ भी उन्होने नहीं ली थी। भाजपा के नेता आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ को पार्टी ने जिस प्रकार अध्यक्ष पद से निकाला है उसी से वो नाराज हैं। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए। कमलनाथ अब भोपाल आ चुके हैं। और उनके आने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कमलनाथ के निवास पहुंचे और उनसे काफी देर तक बंद कमरे में बात की। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि कमलनाथ जीतू पटवारी से खुश नहीं हैं। माना यह भी जा रहा है कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद अब कमलनाथ का एमपी कांग्रेस में किसी प्रकार का हस्तक्षेप भी नहीं रहेगा। फिलहाल चुनाव में करारी हार के चलते अब कमलनाथ को जीवन के आखिरी दौर में फिर से अपनी जमीन तैयार करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है।

7/1/2024188
कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी भंग होने के बाद भी कुछ लतमार कार्यालय छोड़ने के लिए नहीं हो रहे तैयार
भोपाल

कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी भंग होने के बाद भी कुछ लतमार कार्यालय छोड़ने के लिए नहीं हो रहे तैयार

मप्र प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग हुए कई दिन बीच चुके हैं लेकिन कांग्रेस के कुछ ऐसे पदाधिकारी हैं तो अपना अधिकार जमाते हुए अब भी प्रदेश कार्यालय में आ जाते हैं (congress working committee)। ऐसे पदाधिकारियों में एक तथाकथित पत्रकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का समन्वयक भी शामिल है। जिसके नेम प्लेट को भी तोड़ कर फेंक दिया गया लेकिन वो हैं कि अब भी कांग्रेस कार्यालय में अपना अधिकार जमाने के लिए आ जाते हैं। पूर्व अध्यक्ष की तरफ से इन्हे तीन लाख की सैलिरी पर रखा गया था और इनका काम था प्रवक्ताओं की जासूसी करना। इतने तक तो ठीक था लेकिन इन्होने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को अपना गुलाम समझ लिया था। अपनी धुन पर ये प्रवक्ताओं को नचाने का काम करने लगे थे। एक प्रवक्ता ने तो इनका ऐसे दामन थामा था कि वो उनका पल्लू ही नहीं छोड़ते थे। जो प्रवक्ता इनकी बात नहीं मानता था उसको स्क्रीन से बाहर कर दिया जाता था यानि कि उसको डिवेट नहीं दी जाती थी। दिल्ली से आए इन महाशय को बड़ा पत्रकार भी कहा जाता है मतगणना से पहले तक तो ये इतने आत्मविश्वास से भरे थे कि फोन लगा कर लोगों को धमकियां देने का काम करने लगे थे कि हमारी सरकार आ रही है हमारे हिसाब से ही काम करो नहीं तो ठिकाने लगा दिया जाएगा। इनका रुतवा इतना ज्यादा था कि कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष भी इनकी जी हुजूरी करने के लिए मजबूर थे। मतगणना के पहले तक ये कमलनाथ को कहते थे कि हुजूर हमारी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ बन रही है और करीब 180 सीटें लेकर कांग्रेस आ रही है। सुनने में आया है कि जब प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी भंग हुई तो इनके कक्ष में रखे नेम प्लेट को किसी कार्यकर्ता ने तोड़ कर फेंक दिया लेकिन ये इतने बेशर्म हैं कि जब तक नई कार्यकारिणी नहीं आ जाती तब तक तो वो कार्यालय आ ही सकते हैं।

5/1/2024114