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संविदा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर,सरकार ने बनाया खास प्लान
मप्र में संविदा कर्मचारियों (samvida workers) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (anganwadi workers) समेत कई वर्ग के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश के आयुष्मान भारत “निरामयम” में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अन्य संविदा कर्मियों को शामिल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यों की एक समिति गठित की गई है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी। इसके तहत हर परिवार को इलाज के लिए हर साल पांच लाख रुपये तक दिए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारी/कार्यकर्ता, संविदा कर्मियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत “निरामयम” में शामिल किये जाने के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सदस्य होंगे। समिति प्रदेश के शासकीय कर्मचारी/कार्यकर्ता / संविदा कर्मियों को आयुष्मान भारत “निरामयम” प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत, पूर्व में स्वीकृत पात्र श्रेणियों में सम्मिलित हितग्राहियों के अतिरिक्त, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी सहायिका, मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, कोटवार एवं संविदा कर्मियों को प्रतिवर्ष, प्रति परिवार, 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी।दरअसल, हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों, आंगनबाड़ी, आशा-ऊषा कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कोटवार सहित अन्य कर्मचारियों के संवर्ग को भी आयुष्मान कार्ड का लाभ देने का फैसला किया है , इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश भी जारी किए जा चुके है। इसके तहत इन सभी कर्मियों को प्रतिवर्ष प्रति परिवार 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत किया गया है।खास बात ये है कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पूर्व में स्वीकृत पात्र श्रेणियों में इन नई श्रेणियों को भी शामिल किया गया है।आयुष्मान योजना में कुछ परिवारों को अपात्र भी घोषित किया गया है। योजना का लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य गत तीन वर्षों में से किसी भी वर्ष में आयकर दाता हो। परिवार का कोई सदस्य किसी अन्य शासकीय योजना से नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता हो या जिस परिवार का कोई सदस्य शासकीय कर्मचारी होने के साथ-साथ राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने के लिए पात्र हो वह इसका लाभ नहीं ले सकता है। शासकीय कर्मचारी के उपचार पर होने वाले संभावित व्यय की प्रतिपूर्ति स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रविधानित कर की जाएगी।

शासकीय कर्मचारियों को एक से पांच तारीख तक वेतन नहीं मिला तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारायों (government employees) को एक से पांच तारीख के अंदर वेतन नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। समस्त आहरण संवितरण कार्यालयों के प्रत्येक शासकीय सेवक का मासिक वेतन आगामी माह की 05 तारीख तक न होने की स्थिति में, विलंब के लिये संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी की जबावदेही होगी। शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश के बावजूद यह देखने में आ रहा है कि कुछ कार्यालयों द्वारा संदर्भित पत्र में दिये गये निर्देशों की अवहेलना की जाकर जा रही है। मासिक वेतन का नियत समत पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप शासकीय सेवकों के वेतन में अनावश्यक विलंब की स्थिति निर्मित हो रही है। इसके अतिरिक्त अधिकाशं कार्यालय उनके अधीनस्थ अधिकारियों / कर्मचारियों का मासिक वेतन स्टॉप सैलरी पेमेंट के माध्यम अथवा विलंब से आहरित करते हैं, किन्तु स्टॉप सैलरी पेमेंट एवं विलंब से भुगतान के संबंध में, उसका कारण एवं सक्षम स्वीकृति संलग्न नही की जाती है, जिससे त्रुटिपूर्ण भुगतान एवं वित्तीय अनियमितता / गबन की स्थिति बन रही है। स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस के 02 दिवस पूर्व समस्त प्रकार के वेतन देयक पारित किये जाने हेतु कोषालय में ऑनलाईन प्रेषित किया जाना है।

एमपी के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वृद्धि
मप्र के संविदा कर्मचारियों (samvida workers) के लिए बड़ी खबर है, Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वेतन वृद्धि होने जा रही है। प्रदेश सरकार अब शासकीय कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों (samvida) के वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते में वृद्धि कर रही है। ताकि प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का लाभ मिल सके। मध्य प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और एरियर भी दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने अब शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की जाएगी और कर्मचारियों को एरियर भी दिया जाएगा।प्रदेश में 750000 शासकीय कर्मचारी हैं और 250000 संविदा कर्मचारी हैं। अब उनके वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन की जा रही है। वित्त विभाग ने बताया कि इन कर्मचारियों को पिछला महंगाई भत्ता और एरियर भी देना होगा। बता दे की कर्मचारियों की महंगाई भत्ते में 8% की वृद्धि की जाने के लिए कहा गया है। मध्य प्रदेश सरकार में अभी कर्मचारियों को 42% महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। और केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2024 से 50% महंगाई भत्ता दिया जाएगा। आपको जानकारी लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और केंद्र के कर्मचारियों के बीच 8% महंगाई भत्ते का अंतर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। लेकिन कर्मचारियों को इसका भुगतान नहीं किया गया।

60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा
मोहन सरकार (mohan government मजदूरों को 60 की उम्र के बाद पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है बहुत जल्दी घोषणा होने वाली है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (prahlad patel) ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है। प्रहलाद पटेल ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दिया जाना निश्चित किया जा रहा है। कितनी पेंशन दी जाएगी इस पर अभी विचार होना शेष है। इसके लिए विचार विमर्श का चल रहा है बहुत जल्दी प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टीम पूरी तरह से प्रदेश के विकास कार्य में जुड़ चुकी है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विभागीय समीक्षा के दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लेकर कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि 60 की उम्र के बाद मजदूर में काम करने की क्षमता घट जाती है ऐसे में उनके शारीरिक श्रम को ध्यान में रखते हुए पेंशन की योजना बनाई जा रही है। श्री पटेल का कहना था कि मजदूरों के संबंध में प्रावधानों और निर्णय में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। मजदूरों के पंजीयन निरस्त होने की स्थिति में अनुविभागीय आधिकारिक के यहां होने वाली अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। श्रम मंत्री का कहना है कि गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से होने वाली परेशानी से बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। कहा गया है की अपील का प्रावधान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या श्रम बोर्ड के समक्ष विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 45 वर्ष की उम्र के बाद बीमा योजना में कर करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जनकल्याण संबल योजना तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए सरकार का खुलेगा खजाना,जल्द मिलेगा डीए
राज्य सरकार फरवरी में आने वाले वोट एंड अकाउंट (लेखानुदान) में कर्मचारियों को 7 से 8 प्रतिशत तक डीए (mp government employees DA) बढ़ाए जाने का वित्तीय प्रावधान करने जा रही है। दरअसल, मार्च 2025 तक कर्मचारियों का डीए 14% तक बढ़ाए जाने का की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद यह 56% हो जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024,25 में 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। अभी राज्य के 7.50 लाख कर्मचारियों को 42% डीए मिल रहा है। जो केंद्रीय कर्मचारियों को मिल रहे 46% से 04% कम है। हालांकि इस भुगतान के लिए की विश्व विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री और सचिवालय को भेज दिया है। जिस पर मंजूरी मिलना बाकी है। गौरतलब है कि मप्र विधानसभा चुनाव होने की वजह से चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। इसलिए एक जुलाई 2023 से लंबित 4% प्रतिशत लंबित डीए का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस बड़े हुए दिए का भुगतान किया जाता है तो यह खर्च 1280 करोड़ रुपये होगी। इसराज को फिलहाल अभी वोट एंड अकाउंट में शामिल नहीं किया गया है।

अतिथि शिक्षकों को तत्काल निकालने का आदेश जारी
एमपी के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों (guest teachers) को लेकर एक आदेश जारी हुआ है जिसके तहत अगर किसी स्कूल में स्थाई शिक्षक की पूर्ति हो जाती है तो अतिथि शिक्षक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार के आदेश अलग-अलग जिलों में जारी किए जा रहे हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचनालय से आयोजित VC दिनांक 08 जनवरी 2024 में दिए निर्देश के अनुक्रम में स्वीकृत पदों पर नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से यदि शिक्षक उपस्थित हो चुके हैं और उस पद के विरुद्ध अतिथि शिक्षक भी कार्यरत है तो ऐसे अतिथि शिक्षकों को तत्काल GFMS पोर्टल से हटाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। अगर कोई अतिथि शिक्षक नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से पद पूर्ति के बाद भी कार्यरत पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि शिक्षक का मानदेय संबंधित संस्था प्रमुख तथा संकुल प्राचार्य के वेतन से काट कर भुगतान किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा (mp government teachers)।

संविदा कर्मियों से वोट लेने के बाद भूली भाजपा की सरकार,खुद को ठगा महसूस कर रहे संविदा कर्मी
विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chluhan) ने जमकर पंचायतें लगाईं और खूब घोषणाएं की। ऐसा लगा कि अब प्रदेश में संविदा कल्चर (samvida teachers) समाप्त हो जाएगा और पहले की तरह सबकुछ ठीक हो जाएगा। और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बातों में आ कर संविदा कर्मियों (samvida) ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जमकर वोटिंग की। वोटिंग का प्रतिशत इतना बढ़ा की जिस भाजपा को लोग कह रहे थे कि इस बार किसी भी सूरत में सरकार नहीं बनेगी उसी भाजपा ने प्रदेश में प्रचंड बहुमत प्राप्त कर फिर से सरकार बना ली। सरकार बनते ही भाजपा ने पहले मुख्यमंत्री बदला और जब मुख्यमंत्री बदला तो संविदा कर्मियों की किस्मत भी बदल गई। जिस प्रकार से तत्कालीन सीएम शिवराज ने संविदा महा पंचायत में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की वो कुछ नहीं हुआ। अब संविदा कर्मी फिर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। ग्रेड-पे के नाम पर सभी संविदा कर्मियों को ठग लिया गया और उनसे वोट भी ले लिया गया है। मांगे पूरी नहीं होने के बाद संविदा कर्मियों स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को इंदौर में ज्ञापन सौंपा है। जहां उन्होने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि उन्हे अगस्त के महीने से बढ़ा हुआ वेतन देने की बात कही गई थी जो आज तक पूरी नहीं हुई है।

मप्र में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन,मिलेगी 100 फीसदी सैलिरी,वित्त मंत्री ने लिखा पत्र
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) ने ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नवनियुक्त शिक्षकों को 100% वेतन और दो वर्ष परिवीक्षा अवधि मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है (mp government teachers)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं। पत्र में लिखा है कि, श्रीमती काजल सकतावत तथा समस्त नवनियुक्ति शिक्षक संघ, स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय के द्वारा प्राप्त पत्र मूलतः संलग्न प्रेषित है। जिसमें उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं दो वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान करने की घोषणा की थी। अतः उपरोक्त के आलोक में स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं 02 वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान किये जाने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।

सरकारी कर्मचारियों की CM से DA में बढ़ोतरी की मांग,DA नहीं बढ़ने से नाराज कर्मचारी
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी न होने को लेकर राज्य के कर्मचारी संघ में नाराजगी देखने को मिल रही है (dearness allowance), राज्य के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तरफ से लगातार यह आश्वासन दिया जा रहा था कि उनके DA में नए साल तक बढ़ोतरी की जाएगी लेकिन साल 2024 भी शुरू हो गया और लगभग 5-6 दिन बीत चुके हैं और शासकीय कर्मचारियों को अभी तक मोहन यादव (mohan yadav) सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है। कर्मचारी संगठन के महंगाई भत्ते में हो रही देरी के कारण राजकीय कर्मचारियों की CM डॉ मोहन यादव के प्रति नाराजगी बहुत तेजी से बढ़ रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर पिछले दिनों वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ऑफिस भेजा गया था जिस पर आखिरी फैसला नवनियुक्त CM डॉ मोहन यादव को लेना है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर राज्य कर्मचारियों के साथ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से DA को 4% बढ़ाने की डिमांड रख रहे हैं। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने DA और अन्य भत्तों को बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी है। राज्य कर्मचारी सहित तृतीय वर्ग के कर्मचारियों को लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ पदोन्नति, मकान किराया और वाहन भत्ते को बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों को अंतिम महंगाई भत्ता जुलाई माह में मिला था जिसके अब 6 महीने बाद तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ते सहित अन्य भत्तों में वृद्धि का इंतजार है। अभी पिछले दिनों तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ द्वारा CM डॉ मोहन यादव और मुख्य सचिव वीराना को पत्र लिखा गया था जिसमें महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ DR में बढ़ोतरी करने वाली घोषणाओं को पूरा करने की मांग की है। वर्तमान में कर्मचारियों को 7वे वेतन आयोग के अनुसार 42% महंगाई भत्ता मिलता है जिसको जुलाई 2023 से नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जानी है।

प्रसूताओं का 'मोहन' सरकार ने छोड़ा साथ,56 करोड़ रुपये देना बांकी,भटकने को मजबूर प्रसूताएं
मप्र की तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) ने मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना (mukhyamantri prasuti yojana) शुरु की थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को शायद मोहन सरकार भूल गई है। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की 35 हजार प्रसूताओं के 55 जिलों में 56 करोड़ रुपये अटके पड़े हैं। पिछले तीन माह से इन्हे राशि नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली राशि का बजट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को अक्टूबर से नहीं मिला है। जिसके कारण प्रदेश भर के जिला अस्पताल कार्यालय में प्रसूताओं की सहायता राशि के लिए प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित हो गए हैं। भोपाल में करीब 385,नर्मदापुरम में 1050 और बैतूल में 1346 प्रकरण लंबित हैं इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिलों की हालत है। प्रसूताओं के परिजन राशि के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं। और अधिकारी उन्हे बजट आने पर राशि खाते में डालने का आश्वासन दे रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रसूति सहायता योजना शुरु की थी। इसमें सरकारी अस्पताल में प्रसव पर महिला को 16 हजार रुपये दिये जाते हैं। योजना के तहत प्रसव से पहले पोषण के लिए चार हजार और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये जच्चा-बच्चा के लिए मिलते हैं। प्रदेश में कुपोषण को दूर करने और हाई रिस्क महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए शिवराज सरकार ने प्रसूता सहायता योजना शुरु की थी। इसमें जच्चा-बच्चा के लिए लड्डू सहित अन्य पोषण आहार दिया जाता है।

शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा
मोहन सरकार ने सरकारी खजाना खोलने का मन बना लिया है और अब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर उनको नए साल का उपहार देने वाले हैं (madhya pradesh government)। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने मध्य प्रदेश के तकरीबन 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा करने का फैसला कर लिया है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव भी तैयार कर दिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक CM डॉ. मोहन यादव द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने से राज्य सरकार को भारी बजट तैयार करना पड़ सकता है (mp government employees)। नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की कभी भी घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। आने वाले नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। और साल 2024 में CM डॉ. मोहन यादव राज्य के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उपहार देने वाले हैं। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई के महीने में ही बढ़ाया जाता है। राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वित्त विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दिया है अब इंतजार है तो बस CM मोहन यादव की घोषणा का। मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी कर्मचारियों को वर्तमान में 42% महँगाई भत्ता राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी यानी की 42 फ़ीसदी से बढ़ाकर 4 फ़ीसदी करने की घोषणा सीएम यादव करने वाले हैं। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पहले ही 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 46 फ़ीसदी कर दिया गया है इसके बाद राज्य में भी DA में बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन के समक्ष रखा था पर विधानसभा चुनाव की निकटता के कारण प्रस्ताव को मंजूरी देने में देरी हुई इसलिए अब इस प्रस्ताव को पुनः वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी करने पर राज्य सरकार को 480 करोड़ो रुपए का बोझ झेलना पड़ सकता है।

नए साल में शासकीय कर्मचारियों को सीएम मोहन यादव की सौगात,पहली तारीख को मिलेगा वेतन
मध्य प्रदेश के समस्त कर्मचारियों (mp government officers) के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों को नए साल के पहले दिन ही सैलिरी दी जाए। भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह ने जिला अधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक माह की एक तारीख को सभी शासकीय सेवकों को वेतन का भुगतान किया जाएगा। सभी कार्यालय को प्रत्येक शासकीय सेवकों का मासिक वेतन आगामी माह की 5 तारीख तक ना होने की स्थिति में विलंब के लिए संबधित अधिकारियों की जवाबदेही होगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों को नए साल के पहले ही दिन सैलरी मिलनी चाहिए। निर्देश में यह भी बताया गया है कि सही तारीख पर सही प्रकार के वेतन को पारित करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने आधिकांश कार्यालयों के अधिकारियों को वेतन विलंब और स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी दी है, ताकि स्थिति में सुधार किया जा सके और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। मध्यप्रदेश में वेतन को लेकर कर्मचारियों ने अपने नाराजगी को जाहिर किया है। इसको लेकर राजधानी भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी किए हैं। नए साल के शुभ अवसर पर कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी खुश खुशखबरी दी है कि अब कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन मिलेगा। विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपनी जिम्मेदारियां को बहुत अच्छे से निभा रहे हैं और वह एक-एक करके सभी पहलुओं को सुलझा भी रहे हैं।