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मिशन 23 के बाद 24 को फतह करने की तैयारी,बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक में तैयार करेगी मास्टर प्लान
मप्र विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भाजपा उत्साहित है (mp bjp)। और यही कारण है कि इस उत्साह को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को लगातार ब्यस्त रखना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी हारी हुई सीटों की समीक्षा भी करने वाली है। यही कारण है कि भाजपा ने पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की है। बैठक का नेत्रृत्व विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा करेंगे। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी 51% वोट शेयर के लक्ष्य को हासिल करने की योजना को अमली जामा पहनाने का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को एक कुशल संगठक माना जाता है जिनके नेत्रृत्व में भाजपा 28 विधानसभा चुनाव में 19 सीट जीती थी उसके बाद नगरीय निकाय के चुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज की थी और फिर विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 विधानसभा सीटों में जीत दर्ज कर सभी राजनीतिक पंडितों को गलत साबित कर दिया। अब भाजपा मिशन 2024 की ओर बढ़ चुकी है इसी लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को फिर से काम पर लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी मास्टर प्लान बनाने में अभी से जुट गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात
सोमवार को कैबिनेट का विस्तार होने के बाद मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व सीएम ने पुष्प गुच्छ देकर वर्तमान सीएम का पूरी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गौरतलब है कि डॉ. मोहन यादव का जब पहली बार सीएम बनाने के लिए नाम प्रस्तावित किया गया था तब भी डॉ. मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज के निवास पर सबसे पहले पहुंचे थे और उनके पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लिया था। गौरतलब है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान करीब 17 साल से ज्यादा मप्र के मुख्यमंत्री रहे हैं और सरकार चलाने का उन्हे काफी अनुभव है यही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पूर्व सीएम से मुलाकात करने पहुंचते रहते हैं जिससे समय-समय पर उनसे रायसुमारी कर सरकार को और बेहतर ढंग से चलाने की सीख ली जा सके।

'शिव' युग खत्म 'मोहन' युग में एमपी राम राज की रखेगा नींव
मप्र की मोहन सेना (mohan cabinet) तैयार हो चुकी है। राजभवन में 29 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। कुल मिला कर 18 साल के बिखरे रायते पर भारतीय जनता पार्टी ने झाडू मार दिया है और एक नए सीएम के साथ नए मंत्रियों की टीम तैयार की गई (mp cabinet)। सपोर्ट के लिए दो उप मुख्यमंत्री भी सरकार में बनाए गए हैं। जिस प्रकार का मंत्रिमंडल तैयार किया गया है उससे लोग चौक जरुर गए हैं। नए मंत्रिमंडल में पुराने मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को स्थान दिया गया है जिसमें तीन सिंधिया खेमे के हैं और पार्टी के स्थापित कार्यकर्ता विश्वास सारंग शामिल हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह और गोपाल भार्गव की मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई है। नई टीम में युवा और अनुभवियों का तालमेल बिठाया गया है। कैलाश विजयवर्गीय को एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं पहली बार के विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि प्रहलाद पटेल को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार से यह साफ हो गया है कि शिवराज युग का समापन कर दिया गया है। उनके जितने भी करीबी थे उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

मुखबिर की खबर पर मुहर,आज होगी मोहन मंत्रिमंडल की शपथ,20 दिसंबर को मुखबिर ने प्रकाशित की थी खबर
मप्र सरकार के मंत्रिमंडल (mp cabinet) का शपथ ग्रहण समारोह आज अरीब 3.30 मिनट पर राजभवन में आयोजित किया जा रहा है। इसकी जनकारी Mukhbirmp.com ने 20 दिसंबर को अपने पाठकों को दी थी। गौरतलब है कि 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव और दो उप मुख्यत्रियों ने शपथ ली थी। तब से लगातार मंत्रिमंडल को लेकर कयासों का दौर चल रहा है। न्यूज चैनलों के माध्यम से रोजाना मंत्रिमंडल के शपथ की खबरें चलाई जा रही थी लेकिन इन सबसे अलग मुखबिर ने 20 दिसंबर को तय तारीख बताई थी आखिरकार उस खबर पर मुहर लगी और आज मोहन कैबिनेट का शपर ग्रहण होने जा रहा है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में 28 से 30 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है। मंत्रिमंडल में कुछ चौकाने वाले चेहरे भी देकने को मिलने वाले हैं। जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेनी है उन्हे गुप्त रुप से देर रात फोन पर जानकारी दे दी गई है। फिलहाल सभी जानकारियां गुप्त रखी जा रही हैं।

आसमान में मंत्रिमंडल के बादल घुमड़ने वाले हैं और मंत्रियों के नाम ओले की तरह झड़ने वाले हैं...
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) के साथ दो डिप्टी सीएम ने शपथ ले ली। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा (mp cabinet) लेकिन हफ्ते भर बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए। दो दिवसीय दिल्ली दौरा किया नड्डा,अमित शाह और मोदी से मिले लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल की सूची को अव अब तक तैयार नहीं कर पाए हैं। वहीं एमपी की बात करें तो लोगों के सब्र का बांध फूट रहा है। वाट्सेप ग्रुपों में अलग-अलग सूचियां वायरल हो रही हैं मानो मीडिया कर्मियों को मोहन यादव ने पहले ही सूचित कर दिया है कि वो किसको मंत्रिमंडल में शामिल कर रहे हैं। जबकि सच्चाई तो यही है कि अभी तक उनको खुद भी नहीं मालूम है कि उनके मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होने वाला है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि आसमान में मंत्रियों को लेकर बादल घुमड़ने लडे हैं और मंत्रियों के नाम पर ओलों की बारिश होने वाली है। फिलहाल तो सबकुछ कयासों पर ही चल रहा है। अब तो बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित चुप होकर बैठ गए हैं लेकिन कुछ छुटभैया पत्रकार इन दिनों भोपाल में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं जो बरसात के मेढक की तरह अलग-अलग सीजनों में दिखाई पड़ते हैं सरकार बनाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। आजकल उन्ही छुटभैया पत्रकारों का हर तरफ जलजला भी देखने को मिलता है। सम्मान के साथ हर वो चीज उनको उपलब्ध हो जाती है जो इंसान को जरुरी होती है। तो फिलहाल ऐसे छुटभैया पत्रकारों की न्यूजों से बच कर रहिए।

केन्द्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता,प्रदेश में और तेज होगी विकास की गति
केंद्र की ओर से मध्य प्रदेश सरकार को (mp government) 5727.44 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश को 5727.44 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होगी। बता दें कि अगले माह 10 जनवरी को लाडली बहना योजना (ladli behna yojana) की राशि जारी होनी है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किश्त के रूप में 72,961.21 करोड़ रूपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त की स्वीकृति दे दी है। आज जारी की गई किश्त 10 जनवरी 2024 को राज्यों को देय कर हस्तांतरण और 11 दिसंबर 2023 को पहले जारी की गई 72,961.21 करोड़ रुपये की किश्त के अतिरिक्त है। मध्यप्रदेश को दिसम्बर 2023 के लिये केन्द्रीय करों और शुल्कों की कुल प्राप्ति 5727.44 करोड़ रूपये मिलेंगे। गौरतलब है कि कि आगामी त्यौहारों के सीजन और नववर्ष को मद्देनजर, केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण उपायों और बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकारों की मदद के लिए 72,961.21 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि की अतिरिक्त किश्त को स्वीकृति दी है।

फूफा के सीएम बनते ही भतीजी के दिन फिरे,दिया जा रहा स्पेशल ट्रीटमेंट
शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में तैनात सहायक प्रोफेसर डा. प्रज्ञा यादव (pragya yadav) इन दिनों सुर्खियों में हैं। रिश्ते में उनके फूफा डा. मोहन यादव (mohan yadav) अब मुख्यमंत्री हैं। फूफा के मुख्यमंत्री बनते ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भतीजी डा. प्रज्ञा यादव की सुख सुविधा की चिंता सताने लगी। निर्णय लिया गया है कि डा. प्रज्ञा को जो आवास आवंटित किया गया है, उसकी साज-सज्जा व मरम्मत कराई जाए। इसमें करीब 20 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। शहडोल में में विश्वविद्यालय परिसर स्थित शहीद पार्क के ठीक सामने उन्हें आवास आवंटित किया गया है, जिसे अब जर्जर घोषित करके हाउसिंग बोर्ड से मरम्मत कराई जा रही है। आवश्यक तोड़-फोड़ और रंगरोगन का काम शुरू हो चुका है। प्रयास यह है कि जितनी जल्दी हो सके, इस मकान को चकाचक कर दिया जाए। यह भी बता दें कि विश्वविद्यालय में डा. प्रज्ञा यादव की नियुक्ति डा. मोहन यादव के उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुई थी। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, इसलिए इसकी मरम्मत कराई जा रही है। इसमें समय तो लगेगा ही। तब तक डा. प्रज्ञा को दूसरी जगह शिफ्ट होने को कहा गया है। अभी इसका अंदाजा नहीं है कि कितना खर्च आएगा, लेकिन 20 लाख रुपये से ऊपर खर्च होने की संभावना है।

पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजेन्द्र शुक्ला
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) के साथ दिल्ली दौरे पर गए। इस दौरान उन्होने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) ,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) से मुलाकात की। तीनों नेताओं का यह दिल्ली दौरा मप्र की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। इस वक्त मप्र में हर ब्यक्ति की जुवान पर एक ही नाम है कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक आज मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की सूची पर अंतिम मुहर लगवा ली है। अब शपथ का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरों के लिया जाएगा। बांकी नए चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात सामने आ रही है। इस बार की विधानसभा में बहुत से ऐसे नेता हैं जो तीसरी अथवा चौथी बार जीत कर आए हैं और वो सभी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। सभी नेताओं को खुश नहीं किया जा सकता लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ऐसे नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता है जो लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मेहनत कर सकें।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी के सांसदों को दिल्ली में दिया भोज
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने गुरुवार को प्रदेश के सांसदगण से रात्रिभोज पर प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की (madhya pradesh mp)। मध्य प्रदेश भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda), पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश (shiv prakash), भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष,विष्णुदत्त शर्मा (vd sharma) और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद (hitanand) भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के लगभग 26 सांसद शामिल हुए। कार्यक्रम में विकसित भारत संकल्प यात्रा के समन्वय, भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रदेश में क्रियान्वयन और भारत सरकार के समक्ष लंबित प्रदेश से जुड़े विषयों पर संसदीय क्षेत्रवार चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसदों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुष्पगुच्छ, शाल, शिवलिंग और अन्य उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दी और प्रदेश के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि गुरुवार को विधानसभा सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा मंत्रिमंडल के विस्तार के लाए हुआ है। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल की सूची को अंतिम रुप देंगे।

पूर्व सीएम शिवराज की पिक्चर खत्म,दक्षिण भारत में पार्टी के लिए करेंगे काम
भारतीय जनता पार्टी फर्ष से अर्ष तक लेकर जाती है तो अर्ष से फर्ष में भी पहुंचाना जानती है। यही हाल पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) का हुआ है। दरअसल मप्र में शिवराज विरोधी लहर थी उस बीच भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित किए बगैर मोदी की 'गारंटी' पर चुनाव लड़ा। नतीजा ये निकला कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आई। लेकिन पूर्व सीएम शिवराज यह साबित करने में जुट गए कि मोदी की गारंटी नहीं बल्कि उनके द्वारा लांच की गई लाड़ली बहना योजना के कारण प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनी है। यहीं से पूर्व सीएम शिवराज और केन्द्रीय नेत्रृत्व के बीच अहम की लड़ाई शुरु हो गई। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान आए दिन लाड़ली बहनों के साथ वीडियो जारी करवाते और महिलाओं के रोने की तस्वीर वायरल करवाते। केन्द्रीय नेत्रृत्व ने सबकुछ भांप लिया। और मर्ज बढ़ने से पहले उसका उपचार करने की योजना तैयार कर ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आनन-फानन में शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाया गया और वहां शिवराज सिंह चौहान का दक्षिण भारत के लिए टिकट कटवा दिया गया। शिवराज सिंह चौहान से कहा गया कि आप संगठन मजबूत करने के लिए अभ्यस्त नेता हैं लिहाजा आप दक्षिण भारत जाइए और पार्टी के संगठन को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाइए। आखिर में शिवराज सिंह चौहान ने भी कह दिया कि पार्टी का काम ही उनके लिए मिशन है। पार्टी जो काम और भूमिका देगी वो पूरी करुंगा

प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए बनेगा मार्केट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों की बैठक कर उन्हे निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रदेश के सभी निकायों में मछली, मटन की बिक्री के लिए मार्केट बनाया जाना चाहिए (meat market)। मुख्यमंत्री ने मार्केट के निर्माण होने तक शेड की व्यवस्था कराने का भी निर्देश जारी किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ लेते ही खुले में मीट मटन बिकने पर सख्ती से ऐक्शन लेने का निर्देश जारी किया था जिसके बाद प्रशासनिक अमला हर्कत में आया जिसके चलते बहुत से ब्यापारियों की दुकानें बंद हो गई और वो बेरोजगार हो गए। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होने वैकल्पिक ब्यवस्था की है जिससे किसी भी ब्यापारी को समस्या न हो और नियम के अनुसार मीट मटन की दुकानें भी संचालित हों सकें और किसी को समस्या भी न हो। फिलहाल मुख्यमंत्री के नए निर्देश के बाद प्रशासन नई ब्यवस्थाएं करने में जुट गया है।

बीमार 'अस्पताल की सर्जरी' में जुटे डॉ. मोहन यादव
प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। इस बात के सबूत आए दिन न्यूज चैनल और अखबारों में प्रकाशित होती रहती है। प्रदेश के सभी अस्पताल चिकित्सकों और सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और मरीज परेशान हो रहे हैं। अब प्रदेश की कमान डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) के हाथ है लिहाजा अब वो प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की सर्जरी कर उन्हे एक बार फिर चलने योग्य बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री राजधानी के सबसे प्रमुख अस्पताल हमीदिया में औचक निरीक्षण पर निकले। यह बात और है कि यह निरीक्षण महज एक औपचारिकता मात्र निकला लेकिन इस दौरान मरीजों के परिजनों से मुख्यमंत्री मिले उन्हे गले लगा कर जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने उन्हें संवाल दिया वो जरुर काबिले तखरीफ है। सीएम बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहले कॉलेज गए उसके बाद उनका दौरा अस्पताल में हुआ उससे यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री बीमार पड़े अस्पताल और शिक्षा के मंदिरों का इलाज करने का मूड बना रहे हैं। डॉ. यादव इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री थे और नई शिक्षा नीति (new education policy) को सबसे पहले एमपी में लागू कर उन्होने रिकार्ड भी बनाया था।